Ganesh Chaturthi पर Delhi-NCR के ये Pandal जरूर देखें
Ganesh Chaturthi का नाम आते ही आंखों के सामने सबसे पहले बप्पा की खूबसूरत मूर्ति, फूलों से सजे Pandal, ढोल की आवाज और “गणपति बप्पा मोरया” से गूंजता हुआ माहौल आने लगता है। इस त्योहार में कुछ ऐसा अपनापन है कि कुछ दिनों के लिए पूरा माहौल भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा हुआ नजर आता है।
जब Ganesh Chaturthi की बात होती है, तो मुंबई की याद आना भी स्वाभाविक है। मुंबई में गणपति उत्सव जिस तरह पूरे शहर को अपने रंग में रंग देता है, बड़े-बड़े Pandal, बप्पा के दर्शन के लिए उमड़ती भीड़ और हर तरफ उत्सव का माहौल इसे खास बना देते हैं। लेकिन ऐसे माहौल का आनंद लेने के लिए आपको मुंबई जाने की जरूरत नहीं है।
Delhi-NCR में भी Ganesh Chaturthi के दौरान कई खूबसूरत और खास Pandal सजाए जाते हैं, जहां आपको बप्पा के दर्शन के साथ वही उत्साह, भक्ति और त्योहार की रौनक देखने को मिल सकती है। अगर इस Ganesh Chaturthi पर आप भी Delhi-NCR के गणेश Pandal घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं।
2026 में कब है गणेश चतुर्थी?
साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है। इसके साथ ही गणेशोत्सव की शुरुआत होगी और अलग-अलग जगहों पर स्थानीय परंपरा के अनुसार बप्पा की स्थापना और पूजा-अर्चना की जाएगी। अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को पड़ रही है।
Delhi में गणेश चतुर्थी मुंबई की तरह हर जगह एक ही अंदाज में नहीं मनाई जाती। अलग-अलग इलाकों में स्थानीय समितियां और समुदाय अपने तरीके से उत्सव आयोजित करते हैं। कहीं Pandal की सजावट खास आकर्षण होती है, तो कहीं भजन, आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। यही वजह है कि अगर आप सिर्फ पूजा के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्सव का माहौल देखने के लिए जा रहे हैं, तो Pandal घूमना आपके लिए अच्छा अनुभव हो सकता है।
1. Delhi Ka Raja – Kirti Nagar
Delhi में गणपति उत्सव की बात हो और कीर्ति नगर के Delhi Ka Raja का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है। यह आयोजन कई सालों से यहां गणपति उत्सव से जुड़ा रहा है और कीर्ति नगर में गणपति दर्शन के लिए लोगों की अच्छी भीड़ देखने को मिलती है। पिछले आयोजन की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Delhi Ka Raja का Pandal SD Public School के सामने, कीर्ति नगर इलाके में लगाया गया था।
2025 के आयोजन से जुड़ी जानकारी में इसे श्री गुरु रामदास मार्ग के पास बताया गया था। इसलिए 2026 में जाने से पहले स्थान की ताजा जानकारी जरूर जांच लें। कीर्ति नगर में गणपति उत्सव की अपनी एक अलग पहचान है।
यहां आपको सिर्फ मूर्ति के दर्शन नहीं मिलते, बल्कि आसपास पूरा उत्सव वाला माहौल दिखाई देता है। शाम के समय रोशनी, भजन, आरती और भक्तों की आवाजाही इस जगह को और खास बना देती है।
यहां क्या देखने को मिल सकता है?
Delhi Ka Raja में सबसे पहला आकर्षण गणपति बप्पा की मूर्ति ही होती है। इसके अलावा Pandal की सजावट, रोशनी और आसपास होने वाले धार्मिक कार्यक्रम भी लोगों को आकर्षित करते हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो शाम के समय जाना आपको ज्यादा अच्छा लग सकता है, क्योंकि उस समय सजावट और रोशनी का पूरा असर दिखाई देता है।
लेकिन यही समय सबसे ज्यादा भीड़ वाला भी हो सकता है। इसलिए अगर आपका मुख्य उद्देश्य आराम से दर्शन करना है, तो बहुत ज्यादा भीड़ वाले समय से बचना बेहतर रहेगा।
Delhi Ka Raja के लिए कैसे जाएं?
कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशन इस इलाके के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। अगर आप मेट्रो से जा रहे हैं तो यह तरीका निजी गाड़ी लेकर जाने की तुलना में ज्यादा आसान पड़ सकता है, खासकर त्योहार के दिनों में।
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गणेश उत्सव के दौरान सड़क पर भीड़ बढ़ सकती है और आसपास पार्किंग की जगह मिलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सिर्फ गाड़ी से जाने पर निर्भर रहने के बजाय मेट्रो को भी विकल्प में रखें।
2. Lal Bagh Ka Raja – Delhi
मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के नाम से शायद ही कोई अनजान हो। Delhi में भी Lal Bagh Ka Raja नाम से गणपति महोत्सव का आयोजन होता है और इसकी अपनी अलग पहचान बन चुकी है। यहां एक जरूरी बात ध्यान देने वाली है।
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और पुराने वीडियो में Lal Bagh Ka Raja को NSP यानी नेताजी सुभाष प्लेस से जोड़ा जाता है। लेकिन 2026 के लिए Lal Bagh Ke Raja Trust Delhi की आधिकारिक वेबसाइट पर आयोजन का स्थान DDA Ground, संत निरंकारी समागम स्थल के पास, बुराड़ी, Delhi बताया गया है।
इसलिए इस साल सिर्फ पुराने वीडियो देखकर NSP पहुंचने के बजाय जाने से पहले आयोजन की ताजा जानकारी जरूर जांचें। यानी अगर आपकी लिस्ट में Lal Bagh Ka Raja है, तो 2026 में बुराड़ी वाले आयोजन की जानकारी खास तौर पर ध्यान में रखें।
Lal Bagh Ka Raja में क्या खास है?
Lal Bagh Ke Raja Trust Delhi के मुताबिक इस आयोजन की शुरुआत 2015 में हुई थी। इसका उद्देश्य गणपति महोत्सव को भक्ति, सेवा और सामाजिक जुड़ाव से जोड़ना रहा है। ट्रस्ट की जानकारी के अनुसार पहले इसके आयोजन नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा में भी हुए हैं और बाद में बड़े आयोजन के लिए बुराड़ी में जगह चुनी गई।
2026 के आयोजन के लिए ट्रस्ट ने कई दिनों के कार्यक्रम की जानकारी दी है, जिसमें भजन, कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रवचन और प्रसाद जैसे आयोजन शामिल हैं। इसलिए अगर आपको ऐसा Ganesh Pandal पसंद है जहां सिर्फ दर्शन ही नहीं बल्कि कई दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम देखने को मिलें, तो इसे अपनी सूची में रखा जा सकता है।
यहां जाने से पहले क्या ध्यान रखें?
बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ सामान्य दिनों से काफी ज्यादा होती है। इसलिए अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं, खासकर बच्चों या बुजुर्गों के साथ, तो पहले से अपनी यात्रा की योजना बना लेना अच्छा रहेगा।
किस दिन कौन-सा कार्यक्रम है, यह पहले देख लें। अगर आपका उद्देश्य सिर्फ दर्शन है तो कार्यक्रम वाली भीड़ के मुकाबले किसी शांत समय को चुनना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। अगर आप किसी खास भजन, प्रवचन या सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए जा रहे हैं, तो उसका समय पहले जरूर जांच लें।
3. Indirapuram और Delhi-NCR के Ganpati आयोजन
Delhi के साथ-साथ आसपास का NCR भी गणेश उत्सव के दौरान काफी सक्रिय हो जाता है। खासकर गाजियाबाद और इंदिरापुरम जैसे इलाकों में अलग-अलग सोसाइटी और स्थानीय समुदाय गणपति उत्सव आयोजित करते हैं। इसलिए अगर आप Delhi की सीमा से थोड़ा बाहर जाने में सहज हैं, तो इंदिरापुरम और आसपास के इलाकों के स्थानीय गणपति आयोजनों को भी देख सकते हैं।
लेकिन यहां एक बात साफ समझना जरूरी है। हर स्थानीय आयोजन को किसी एक बड़े और स्थायी नाम वाले Pandal की तरह नहीं देखा जा सकता। सोसाइटी और स्थानीय समितियों के आयोजन की जगह और समय हर साल बदल सकते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी पुराने वीडियो में दिखाई गई जगह को देखकर सीधे वहां पहुंचने के बजाय उस साल की ताजा जानकारी जरूर जांचें।
अगर आपका उद्देश्य बड़े Pandal की बजाय स्थानीय माहौल देखना है, तो ऐसे आयोजन ज्यादा दिलचस्प भी लग सकते हैं। यहां आपको मोहल्ले के लोग मिलकर पूजा करते, आरती करते और उत्सव मनाते दिखाई देंगे। यही गणेशोत्सव की खूबसूरती है कि हर जगह उसका तरीका थोड़ा अलग होता है।
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Delhi में Ganesh Pandal घूमने का सही तरीका क्या है?
अगर आप इस बार तीन-चार जगहों पर गणपति दर्शन करने की सोच रहे हैं, तो इसे एक ही दिन में पूरा करने की कोशिश न करें। गणेश उत्सव के दिनों में भीड़, ट्रैफिक और कार्यक्रमों के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाने में अनुमान से ज्यादा समय लग सकता है। बेहतर है कि आप पहले से दो या तीन जगह चुनें और उनके बीच की दूरी देखकर प्लान बनाएं।
अगर आप सिर्फ फोटो या वीडियो बनाने के लिए जा रहे हैं तो शाम की रोशनी आपको अच्छी लगेगी। लेकिन अगर दर्शन आपका मुख्य उद्देश्य है तो कम भीड़ वाला समय चुनना ज्यादा आरामदायक रहेगा।
Pandal में जाने से पहले क्या-क्या लेकर जाएं?
गणपति दर्शन के लिए निकलते समय बहुत ज्यादा सामान लेकर जाना ठीक नहीं रहता। भीड़ में सामान संभालना मुश्किल हो सकता है। आप अपने साथ कुछ जरूरी चीजें रख सकते हैं।
- अगर काफी देर तक लाइन में खड़ा होना पड़े तो पानी सबसे जरूरी चीजों में से एक है। छोटी और आसानी से संभाली जा सकने वाली बोतल रखना बेहतर है।
- फोन आजकल जरूरी है, खासकर अगर आप रास्ता देखने, परिवार से संपर्क करने या जरूरी जानकारी के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन दर्शन के दौरान लगातार फोन निकालने के बजाय जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें।
- अगर आप लंबे समय तक बाहर रहने वाले हैं और फोटो-वीडियो भी बनाते हैं, तो Power Bank साथ रखना काम आ सकता है। लेकिन इसे सुरक्षित जगह पर रखें ताकि भीड़ में गिरने या किसी को चोट लगने का खतरा न हो।
- बहुत बड़ा बैग लेकर जाने से बचें। छोटा बैग आसानी से संभल जाता है और भीड़ में परेशानी भी कम होती है। अगर आपको नियमित रूप से कोई दवा लेनी पड़ती है, तो उसे भूलकर न जाएं। बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं तो उनकी जरूरत की चीजें पहले से रख लें।
- यह बात बहुत जरूरी है क्योंकि बड़े Ganesh Pandal में सुरक्षा जांच हो सकती है। बिना जरूरत बड़ी वस्तुएं, बहुत बड़ा बैग या ऐसी चीजें न लेकर जाएं जिनकी वहां अनुमति न हो। अगर आयोजकों की तरफ से किसी वस्तु को प्रतिबंधित किया गया है, तो उसे साथ लेकर जाने की कोशिश न करें।
- इसके अलावा बहुत ज्यादा नकद रखने से भी बचें। जितनी जरूरत हो उतना ही रखें और बाकी भुगतान के लिए फोन में जरूरी सुविधा पहले से तैयार रखें। महंगे गहने पहनकर बहुत भीड़ वाले आयोजन में जाना भी जरूरी नहीं है। त्योहार का आनंद लेने के लिए साधारण और आरामदायक कपड़े ज्यादा बेहतर रहते हैं।
कपड़े कैसे पहनें?
Ganesh Pandal घूमने के लिए सबसे जरूरी चीज फैशन नहीं, आराम है। अगर आपको लंबे समय तक लाइन में खड़ा होना पड़ सकता है तो आरामदायक कपड़े और जूते पहनें। बहुत ऊंची हील या ऐसे जूते पहनकर न जाएं जिनमें ज्यादा चलने पर परेशानी हो।
अगर परिवार के साथ जा रहे हैं तो बच्चों को भी आरामदायक कपड़े और जूते पहनाएं। बारिश की संभावना हो तो छोटी छतरी या हल्की रेनकोट जैसी चीज भी काम आ सकती है, क्योंकि सितंबर में मौसम कभी भी बदल सकता है।
बच्चों के साथ Ganesh Pandal जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को बड़े Pandal में लेकर जाना अच्छा अनुभव हो सकता है, लेकिन भीड़ में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। बच्चे का हाथ पकड़कर रखें। अगर बच्चा छोटा है तो उसके कपड़ों की जेब में माता-पिता का फोन नंबर लिखकर रखना एक अतिरिक्त सावधानी हो सकती है। भीड़ में बच्चे को अकेले आगे न जाने दें।
अगर कहीं बहुत ज्यादा भीड़ दिखाई दे रही है तो सिर्फ Pandal के अंदर जाने के लिए बच्चे को उस भीड़ में धकेलने से बचें। दर्शन बाद में भी किए जा सकते हैं, लेकिन बच्चे की सुरक्षा सबसे पहले है।
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बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं तो क्या करें?
बुजुर्गों के लिए लंबी लाइन सबसे बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए जाने से पहले यह पता कर लें कि वहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था है या नहीं। अगर ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो कम भीड़ वाले समय पर जाने की कोशिश करें।
बहुत देर तक खड़े रहने की जरूरत पड़े तो बीच-बीच में बैठने या आराम करने की जगह देख लें। किसी भी धार्मिक आयोजन में सबसे जरूरी बात यह है कि दर्शन के चक्कर में अपनी या अपने साथ आए व्यक्ति की परेशानी को नजरअंदाज न करें।
फोटो और वीडियो बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें
आजकल गणपति Pandal की सजावट इतनी खूबसूरत होती है कि लोग फोटो और वीडियो बनाना पसंद करते हैं। यह ठीक है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दर्शन के लिए लगी लाइन को सिर्फ वीडियो बनाने के लिए रोकें नहीं।
किसी दूसरे व्यक्ति के सामने लगातार फोन रखकर उसका दर्शन खराब न करें। अगर फोटोग्राफी या वीडियो बनाने पर रोक हो तो उस नियम का पालन करें। और सबसे जरूरी बात, बप्पा के सामने कुछ मिनट फोन नीचे रखकर सिर्फ दर्शन भी करिए। हर चीज को कैमरे में कैद करना जरूरी नहीं होता। कुछ पल सिर्फ अपने लिए भी रखिए।
भीड़ में सबसे ज्यादा किस चीज का ध्यान रखें?
भीड़ में अपना फोन, पर्स और जरूरी सामान संभालकर रखें। बच्चों और बुजुर्गों को अपने पास रखें। अगर आपके साथ कई लोग हैं तो मिलने की जगह पहले तय कर लें। भीड़ में नेटवर्क की समस्या होने पर भी यह काम आ सकता है।
किसी से बिछड़ जाएं तो घबराकर भीड़ में इधर-उधर भागने के बजाय पहले तय की गई जगह पर मिलने की कोशिश करें। अगर किसी जगह भीड़ बहुत ज्यादा हो जाए तो धक्का-मुक्की करने के बजाय थोड़ा पीछे हटना बेहतर है।
Ganesh Chaturthi सिर्फ सजावट देखने का त्योहार नहीं
गणेश चतुर्थी के दौरान बड़े-बड़े Pandal और खूबसूरत सजावट लोगों को अपनी ओर खींचती है। लेकिन इसके पीछे सबसे जरूरी चीज आस्था और सामुदायिक भागीदारी है। कई जगह लोग मिलकर पूजा करते हैं, प्रसाद बांटते हैं, भंडारा लगाते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
यही वजह है कि किसी Ganesh Pandal में जाना सिर्फ घूमने जैसा अनुभव नहीं होता। आपको अलग-अलग परिवारों, समुदायों और इलाकों के लोगों को एक साथ त्योहार मनाते हुए देखने का मौका मिलता है। Delhi जैसे शहर में, जहां हर राज्य और हर समुदाय के लोग रहते हैं, यह अनुभव और भी खास हो जाता है।
पर्यावरण का भी रखें ध्यान
गणपति उत्सव के दौरान सजावट और भीड़ के बीच पर्यावरण का ध्यान रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। जहां कूड़ेदान उपलब्ध हों, वहीं कचरा डालें। फूल, प्लास्टिक की बोतल या खाने का पैकेट सड़क पर न छोड़ें।
अगर आयोजक पर्यावरण अनुकूल पूजा सामग्री या मूर्ति से जुड़ी कोई व्यवस्था बता रहे हों, तो उसका सम्मान करें। प्रसाद लेते समय जरूरत से ज्यादा न लें और खाना बर्बाद न करें। त्योहार तभी खूबसूरत लगता है जब उसके बाद जगह पहले जैसी साफ भी दिखाई दे।
Delhi में Pandal घूमने वालों के लिए एक छोटा-सा प्लान
अगर आप पहली बार Pandal घूमने जा रहे हैं तो एक आसान तरीका अपनाया जा सकता है। सबसे पहले अपनी पसंद की दो या तीन जगह चुनें। फिर उनके सही पते और उस दिन के कार्यक्रम की जानकारी देखें।
मेट्रो से जाने की संभावना हो तो पहले स्टेशन तय करें। जरूरी सामान छोटा रखें। आरामदायक कपड़े और जूते पहनें। सबसे जरूरी बात यह है कि पूरे दिन का कार्यक्रम इतना टाइट न रखें कि एक जगह से दूसरी जगह भागते रहना पड़े। गणपति उत्सव में जल्दबाजी से ज्यादा अच्छा है कि आप एक जगह आराम से समय बिताएं।
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इस बार इन 3 जगहों को अपनी लिस्ट में रख सकते हैं
अगर आप Delhi-NCR में गणपति उत्सव देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपकी शुरुआती सूची में ये नाम हो सकते हैं।
पहला — Delhi Ka Raja, Kirti Nagar
कीर्ति नगर का चर्चित गणपति आयोजन, जहां पिछले वर्षों में भव्य दर्शन और उत्सव का माहौल देखने को मिला है। 2026 के आयोजन का सही स्थान और समय जाने से पहले आयोजकों की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।
दूसरा — Lal Bagh Ka Raja, Delhi
2026 के लिए उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोजन बुराड़ी के DDA Ground, संत निरंकारी समागम स्थल के पास हो रहा है। पुरानी पोस्ट और वीडियो में NSP का नाम मिलने के कारण जाने से पहले स्थान की पुष्टि जरूर करें।
तीसरा — Indirapuram और आसपास के स्थानीय Ganpati आयोजन
Delhi-NCR के स्थानीय आयोजन भी देखे जा सकते हैं, लेकिन इनके स्थान और कार्यक्रम की जानकारी जाने से पहले जरूर जांचें।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- फोन, थोड़ा पानी, Power Bank और जरूरी दवाइयां पर्याप्त हैं। बड़ा बैग और बिना जरूरत का सामान लेकर भीड़ में जाने से बचें।
- दर्शन के लिए लाइन में खड़ा होना या काफी चलना पड़ सकता है। इसलिए दिखावे से ज्यादा आराम को प्राथमिकता दें।
- अगर साथ में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं तो उनके हिसाब से समय और जगह चुनें। बहुत ज्यादा भीड़ हो तो इंतजार करना बेहतर है।
- फोटो और वीडियो जरूर बनाएं, लेकिन पूरे समय कैमरा हाथ में लेकर न घूमें। दूसरों की पूजा और दर्शन में भी परेशानी न हो, इसका ध्यान रखें।
- प्रसाद का पैकेट, पानी की बोतल या कोई भी कचरा वहीं न छोड़ें। गणपति बप्पा के उत्सव में शामिल होने का मतलब सिर्फ दर्शन करना नहीं, बल्कि आसपास की जगह और दूसरे लोगों का भी ध्यान रखना है।
गणेश चतुर्थी के दिनों में Delhi का माहौल बाकी दिनों से थोड़ा अलग होता है। सड़कों पर भक्ति के गीत सुनाई देते हैं, जगह-जगह सजावट दिखाई देती है और शाम होते ही Pandal में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।
अगर आप इस बार गणपति बप्पा के दर्शन के साथ Delhi की इस उत्सवी रौनक को करीब से देखना चाहते हैं, तो Delhi Ka Raja, Lal Bagh Ka Raja और आसपास के स्थानीय आयोजनों को अपनी लिस्ट में रख सकते हैं।
बस एक बात याद रखें। Pandal जाने से पहले 2026 की ताजा तारीख, स्थान, समय और कार्यक्रम की जानकारी जरूर जांच लें, क्योंकि पुराने सोशल मीडिया वीडियो में दिखाई गई जगह इस साल भी वही हो, यह जरूरी नहीं है।
खासकर Lal Bagh Ka Raja के मामले में 2026 का आधिकारिक आयोजन बुराड़ी में बताया गया है, जबकि पुराने पोस्टों में NSP का नाम मिलता है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए जाएं, उत्सव का आनंद लें, लेकिन भीड़, सामान, बच्चों और आसपास की सफाई का ध्यान रखना न भूलें।
गणपति बप्पा मोरया! 🙏