राजस्थान सिर्फ अपनी पगड़ी, अपनी पोशाक और अपने खान-पान के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यह अपने ट्रेडिशनल गहनों के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब हंसली इतनी ट्रेंड में हुआ करती थी कि राजस्थान का लगभग हर व्यक्ति इसे पहनता था। समय के साथ इसका ट्रेंड थोड़ा कम ज़रूर हुआ, लेकिन अब वह दौर एक बार फिर लौट आया है।

आज फिर से इस गहने को बड़े शौक से पसंद किया जा रहा है। हंसली गले में पहना जाने वाला एक खास गहना होता है, जिसे राजस्थान की ट्रेडिशनल ज्वेलरी में बेहद खास माना जाता है और यह राजस्थान की महिलाओं की शान कहा जाता है। आज के समय में हंसली सिर्फ एक ट्रेडिशनल जूलरी नहीं रही, बल्कि यह फैशन की दुनिया में एक बड़ा ट्रेंड बन चुकी है, और इसी ट्रेंड को देखते हुए फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल आपके लिए लेकर आया है कुछ ऐसी खास जानकारियाँ, जिन्हें पढ़ने के बाद आप खुद को हंसली को दोबारा पहनने से रोक नहीं पाएँगे।
आखिर हंसली होती क्या है?
हंसली आमतौर पर एक मोटी, गोल और सख़्त हार जैसी होती है, जिसे गले के बिल्कुल पास पहना जाता है। यह कुछ-कुछ चोकर की तरह दिखाई देती है। पहले इसे ज़्यादातर चांदी से बनाया जाता था, लेकिन अब यह सोने, ब्रास और आर्टिफ़िशियल मटेरियल में भी मिलने लगी है। जितनी सुंदर और शाइनी हंसली होती है, पहनने में भी यह उतनी ही शानदार लगती है। इसे इस तरह से खास डिज़ाइन में तैयार किया जाता है कि यह पहनने वाले को एक अलग ही रॉयल फील देती है। अब तो हंसली को ब्लू स्टोन और इनसेट पत्थरों के साथ भी बनाया जाने लगा है, जो अलग ही तरह से चमक बिखेरते हैं।
ट्रेडिशनल लुक की शान
बहुत से लोग यह मानते हैं कि हंसली को सिर्फ राजस्थान की ट्रेडिशनल घाघरा-चोली या कुर्ता-पायजामा के साथ ही पहना जाता है, लेकिन आज के समय में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अब लोग हंसली को शर्ट और स्कर्ट के साथ भी, बिल्कुल ऑक्सीडाइज़ ज्वेलरी की तरह कैरी करना पसंद कर रहे हैं। वहीं राजस्थान में आज भी शादी-विवाह और फेस्टिवल के मौकों पर हंसली को उसी शौक और गर्व के साथ पहना जाता है। यहाँ यह गहना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

मॉडर्न फैशन में हंसली
समय के साथ-साथ जहाँ राजस्थान के लोग बदले हैं, वहीं यहाँ के गहनों और परंपराओं में भी बदलाव आया है। ठीक उसी तरह हंसली ने भी खुद को समय के साथ बदला है, और इसीलिए आज की लड़कियाँ और महिलाएँ हंसली को सिर्फ साड़ी, सूट या लहंगे के साथ ही नहीं, बल्कि इंडो-वेस्टर्न ड्रेसेज़ के साथ भी बड़े स्टाइल से कैरी कर रही हैं। यहाँ तक कि इंडो-वेस्टर्न आउटफिट के साथ हंसली एकदम परफेक्ट मैच हो जाती है, इसी वजह से इसे पहनना आजकल बहुत पसंद किया जा रहा है। सिंपल आउटफिट के साथ हंसली पहनते ही पूरा लुक स्टेटमेंट लुक बन जाता है और उसमें एक खूबसूरत मॉडर्न टच भी आ जाता है।
ब्राइडल लुक में हंसली
राजस्थानी ब्राइडल लुक में हंसली की अपनी एक खास जगह है, क्योंकि यहाँ की ट्रेडिशन में इसे बहुत महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि आज महिलाएँ दोबारा अपनी शादी में हंसली पहनना पसंद करने लगी हैं। खासकर पोशाक के साथ हंसली पहनने का ट्रेंड फिर से ज़ोर पकड़ रहा है। भारी लहंगे और दुपट्टे के साथ पहनी गई हंसली दुल्हन के लुक को रॉयल और ग्रेसफुल बना देती है। इसे पहनने के बाद दुल्हन को एक पूरी तरह से रॉयल राजस्थानी प्रिंसेस जैसा फील आता है, जो उसके ब्राइडल लुक को और भी खास बना देता है।
क्यों है हंसली आज भी ट्रेंड में?
हंसली की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह ट्रेडिशन और फैशन का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। यह सिर्फ राजस्थान के कल्चर से जुड़ी हुई नहीं होती, बल्कि इसे पहनने वाले को एक यूनिक और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी भी देती है, जो पूरे लुक को अलग ही तरह से निखार कर सामने लाती है। एक समय ऐसा भी था जब हंसली पुरुषों में भी काफ़ी लोकप्रिय हुआ करती थी, लेकिन आज यह ज़्यादा तर महिलाओं की पहली पसंद बन चुकी है। भले ही पुरुष अब इसे पहले जितना न पहनते हों, लेकिन महिलाओं के बीच इसका क्रेज़ आज भी पूरी तरह छाया हुआ है।
राजस्थान की हंसली सिर्फ एक गहना नहीं हैं, बल्कि राजस्थान की हिस्ट्री, ट्रेडिशन और मॉडन फैशन का मिक्सचर है। यही वजह है कि बदलते फैशन के बावजूद हंसली आज भी उतनी ही खास और ट्रेंडिंग बनी हुई है।