भारत विविधताओं का देश है यहां कई जाति, धर्म, संप्रदाय के लोग रहते हैं और अपनी परंपराओं का पिटारा लेकर चलते हैं। कई समाज, संप्रदाय के लोग तो बस इसलिए उन परंपराओं को फॉलो करते हैं या मानते हैं क्योंकि वह परंपरा उनकी की पीढ़ियां निभाती चली आ रही हैं। पहले दादा फिर पिता और फिर उनके द्वारा इन परंपराओं को अपने घर के सभी पर्वों और उत्सवों में जगह दी जाती है। लेकिन जैसा की विदित है हमारा देश जनजातियों का भी गढ़ है।
भारत के कोने-कोने में जन जातियां निवास करती हैं। इनकी परम्पराएं लोगों से अलग-थलग होती हैं, जो हमने आज से पहले न कभी सुनी होती हैं न ही देखी होती हैं। ऐसी ही एक परंपरा है सबसे प्यारे हमारे राज्य झारखंड की। यहां पर एक उरांव जनजाति है, जिसमें होता यह है की शादी तो सामान्य तरीके से होती है जैसे हम देखते आ रहे हैं लेकिन इस जनजाति में एक परंपरा यह है की दूल्हा यहां दुल्हन की मांग तो भरता है लेकिन एक दिन बाद ही उसको धुल देता है। है न बड़ी अजीब चीज जो किसी को भी हैरान कर देती है।(झारखंड की उरांव जनजाति)
