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त्रिपुरा का उनाकोटी: जहां पहाड़ों पर उकेरे गए हैं देवताओं के चेहरे!

Unakoti

पूर्वोत्तर भारत का राज्य त्रिपुरा अपने शांत माहौल और हरियाली के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां एक ऐसी जगह भी है जिसके बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं। Unakoti नाम की यह जगह अपने विशाल पत्थर के बने चेहरों और मूर्तियों के लिए मशहूर है। पहली बार देखने पर यह किसी फिल्म का सेट या किसी विदेशी स्थल जैसा लगता है। यही वजह है कि कई लोग इसे भारत का “अंगकोर वाट” भी कहते हैं

क्या है उनाकोटी नाम के पीछे की कहानी

‘उनाकोटी’ नाम अपने आप में काफी दिलचस्प है। इसका मतलब होता है “एक करोड़ से एक कम”। इसके पीछे एक पुरानी कहानी सुनाई जाती है कि भगवान शिव एक बार यहां से गुजर रहे थे और उनके साथ कई देवी-देवता भी थे। उन्होंने सबको सुबह तक आगे बढ़ने के लिए कहा, लेकिन बाकी सभी सोते रह गए। गुस्से में आकर शिव ने सभी को पत्थर का बना दिया। कहा जाता है कि यहां 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां हैं, यानी एक करोड़ से एक कम, इसलिए इसका नाम उनाकोटी पड़ा।

पत्थरों पर बने विशाल चेहरे सबसे बड़ी खासियत

उनाकोटी की सबसे खास बात यहां बने विशाल पत्थर के चेहरे हैं, जो पहाड़ियों को काटकर बनाए गए हैं। इनमें भगवान शिव का चेहरा सबसे बड़ा और आकर्षक माना जाता है, जिसे “उनाकोटेश्वर काल भैरव” कहा जाता है। यह चेहरा इतना बड़ा है कि इसे देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि इसे किस तरह बनाया गया होगा। इसके अलावा भी यहां कई देवी-देवताओं की आकृतियां बनी हुई हैं, जो अलग-अलग जगहों पर फैली हुई हैं।

जंगल और पहाड़ों के बीच बसा यह अनोखा स्थल

उनाकोटी किसी शहर के बीच में नहीं, बल्कि घने जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित है। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे आप किसी अलग ही दुनिया में आ गए हों। चारों तरफ हरियाली, बहता पानी और चट्टानों पर बनी आकृतियां इस जगह को और खास बना देती हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले लोग सिर्फ मूर्तियां ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक माहौल का भी पूरा आनंद लेते हैं।

इतिहास या रहस्य? आज भी साफ नहीं है सच्चाई

उनाकोटी के बारे में सबसे बड़ी बात यह है कि इसके निर्माण को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं है। कुछ लोग इसे 7वीं से 9वीं सदी के बीच का मानते हैं, जबकि कुछ इसे उससे भी पुराना बताते हैं। यह भी साफ नहीं है कि इसे किसने बनवाया और इतने बड़े पैमाने पर यह काम कैसे हुआ। यही वजह है कि यह जगह आज भी इतिहास और रहस्य दोनों का मिश्रण बनी हुई है।

पर्यटकों के लिए क्यों बन रहा है नया आकर्षण

पिछले कुछ सालों में उनाकोटी धीरे-धीरे टूरिस्ट्स के बीच लोकप्रिय हो रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोग इसके बारे में जानने लगे हैं। खासकर जो लोग नई और अलग जगहों की तलाश में रहते हैं, उनके लिए यह जगह काफी खास बन गई है। हालांकि अभी भी यहां भीड़ कम होती है, जिससे इसका असली अनुभव बना रहता है।

पहुंचना थोड़ा मुश्किल, लेकिन अनुभव यादगार

उनाकोटी तक पहुंचना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह बड़े शहरों से दूर है। लेकिन जो लोग यहां तक पहुंचते हैं, वे इस अनुभव को लंबे समय तक याद रखते हैं। सीढ़ियों और रास्तों से गुजरते हुए जब आप इन विशाल मूर्तियों तक पहुंचते हैं, तो हर कदम पर कुछ नया देखने को मिलता है।

उनाकोटी उन जगहों में से है, जहां इतिहास, रहस्य और प्रकृति तीनों एक साथ नजर आते हैं। इसे भारत का अंगकोर वाट कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां की भव्यता और रहस्य किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय स्थल से कम नहीं है। अगर आप कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो यह जगह आपकी लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

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