North Western Railway: तकनीकी कार्य के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित, रेगुलेट और देरी से चलेंगी ये ट्रेनें
North Western Railway द्वारा जोधपुर मंडल के राइकाबाग–जैसलमेर रेलखंड पर फुलेरा–मारवाड़ बीछड़ी स्टेशनों के मध्य तकनीकी कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। इस दौरान ट्रैक मेंटेनेंस और जरूरी तकनीकी सुधार कार्य किए जाएंगे, जिसके चलते रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, यह कार्य रेल संरक्षा और संचालन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ब्लॉक अवधि के दौरान कुछ ट्रेनों को निर्धारित समय से विलंब से चलाया जाएगा, जबकि कुछ रेल सेवाओं को रेगुलेट (नियंत्रित) किया जाएगा।
देरी से चलने वाली ट्रेनें (North Western Railway)
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 14703 जैसलमेर–लालगढ़ रेल सेवा दिनांक 25 जून 2026 को जैसलमेर से अपने निर्धारित समय से लगभग 4 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी। इस बदलाव का असर आगे के स्टेशनों पर भी देखने को मिलेगा और यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लग सकता है।
इसी तरह, ट्रेन संख्या 74844 भगत की कोठी–जैसलमेर रेल सेवा भी 25 जून 2026 को भगत की कोठी स्टेशन से अपने निर्धारित समय से लगभग 2 घंटे की देरी से रवाना होगी। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले समय-सारणी की पुष्टि कर लें।
रेगुलेट की जाने वाली ट्रेनें
रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से नियंत्रित कर चलाया जाएगा ताकि तकनीकी कार्य के दौरान ट्रैक सुरक्षा बनी रहे।
ट्रेन संख्या 20491 जैसलमेर–साबरमती रेल सेवा, जो 25 जून 2026 को जैसलमेर से रवाना होगी, यह सेवा जैसलमेर–मारवाड़ बीछड़ी स्टेशनों के बीच लगभग 30 मिनट तक रेगुलेट रहेगी। इससे ट्रेन की गति सीमित रहेगी और
(North Western Railway) यह नियंत्रित होकर आगे बढ़ेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 20486 साबरमती–जैसलमेर रेल सेवा, जो उसी दिन साबरमती से प्रस्थान करेगी, यह जोधपुर–फुलेरा खंड के बीच लगभग 1 घंटे तक रेगुलेट रहेगी। इस कारण यह ट्रेन अपने गंतव्य तक सामान्य समय से विलंब से पहुंचेगी।
रेलवे का उद्देश्य और अपील
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीकी कार्य भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। ट्रैक की मजबूती, सिग्नल सिस्टम की जांच और अन्य तकनीकी सुधार कार्यों के चलते यह ब्लॉक लिया जा रहा है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और संभावित देरी को
(North Western Railway) ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेनों की नवीनतम स्थिति की जानकारी प्राप्त करते रहें।
यात्रियों पर प्रभाव
इस तकनीकी ब्लॉक के कारण जैसलमेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों को समय प्रबंधन में बदलाव करना पड़ सकता है।
रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यह कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद रेल संचालन और अधिक सुचारू और सुरक्षित हो जाएगा।
राइकाबाग–जैसलमेर रेलखंड राजस्थान के उन प्रमुख मार्गों में से एक
राइकाबाग–जैसलमेर रेलखंड राजस्थान के उन प्रमुख मार्गों में से एक है, जहां रोज़ाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। हालांकि इस रूट पर यात्रियों की संख्या मौसम और पर्यटन सीजन के अनुसार बदलती रहती है। सामान्य दिनों में इस लाइन पर स्थानीय यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की अच्छी आवाजाही रहती है, जबकि पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) में जैसलमेर जाने वाले पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
अनुमान के अनुसार, इस रेलखंड से प्रतिदिन औसतन 5,000 से 10,000 यात्री यात्रा करते हैं, जो ट्रेन सेवाओं और विशेष ट्रेनों के चलने पर और बढ़ सकता है। जैसलमेर एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा जोधपुर, मारवाड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी दैनिक आवागमन के लिए इसी रेल लाइन पर निर्भर रहते हैं।
इस प्रकार यह रेलखंड न केवल यात्री परिवहन का महत्वपूर्ण साधन है, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन के लिए भी अत्यंत अहम भूमिका निभाता है।





