Amrit Bharat Station Scheme: अब सफर होगा Airport जैसा
रेल से यात्रा करने वाले लोगों ने पिछले कुछ सालों में बड़े बदलाव देखे हैं। पहले स्टेशन सिर्फ ट्रेन पकड़ने और उतरने की जगह होते थे, लेकिन अब उन्हें आधुनिक सुविधाओं से सजाया जा रहा है। इस बदलाव के सबसे बड़े हिस्से में Amrit Bharat Station Scheme का योगदान है।
इस योजना के तहत देश भर के छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को नया रूप दिया जा रहा है ताकि यात्रियों का सफर आसान, आरामदायक और यादगार बन सके। आज कई स्टेशनों पर नए वेटिंग हॉल, लिफ्ट-एस्केलेटर, चौड़े फुटओवर ब्रिज, बेहतर पार्किंग, साफ टॉयलेट और डिजिटल सुविधाएँ दिखने लगी हैं—ऐसे में रेलवे स्टेशन किसी छोटे एयरपोर्ट जैसा अनुभव देने लगे हैं।
क्या है Amrit Bharat Station Scheme?
Amrit Bharat Station Scheme की शुरुआत भारतीय रेलवे ने स्टेशनों के समग्र विकास के उद्देश्य से की है। योजना का खास पहलू यह है कि हर स्टेशन की ज़रूरत के हिसाब से उसका डिजाइन तैयार किया जाता है—यानी हर स्टेशन समान नहीं बनेगा। शहर की स्थानीय ज़रूरतों और यात्री प्रवाह के अनुसार सुविधाएँ विकसित की जाएँगी ताकि स्टेशन न सिर्फ यात्री सुविधा का केन्द्र बने, बल्कि शहर के सार्वजनिक जीवन का भी सकारात्मक हिस्सा बन सके। रेल मंत्रालय के अनुसार इस योजना में अब तक करीब 1,337 से अधिक स्टेशनों को चुना गया है; कुछ का काम पूरा हो चुका है और बाकी पर तेजी से निर्माण चल रहा है।
स्टेशनों पर क्या-क्या बदल रहा है?
योजना के तहत सबसे बड़ा परिवर्तन स्टेशन बिल्डिंग और प्लेटफॉर्म के स्वरूप में दिख रहा है। पुराने छोटे वेटिंग एरियाज की जगह बड़े, आरामदायक हॉल बनाए जा रहे हैं ताकि अधिक भीड़ में भी यात्रियों को परेशानी न हो। साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है—आधुनिक टॉयलेट, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छ प्लेटफॉर्म यात्रियों के अनुभव को बेहतर बना रहे हैं। साथ ही कई स्टेशनों पर रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं ताकि बुज़ुर्ग, बच्चे और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा हो।
‘One Station One Product’ से मिलेगा स्थानीय कारोबार को बढ़ावा
इस योजना में One Station One Product (OSOP) को भी शामिल किया गया है। इसके तहत स्टेशन पर ऐसे स्टॉल बनाए जा रहे हैं जहाँ स्थानीय कलाकार, शिल्पकार और छोटे व्यापारी अपने क्षेत्रीय उत्पाद बेच सकें—हस्तशिल्प, स्थानीय मिठाई, कपड़े या पारंपरिक सामान। इससे यात्रियों को स्थानीय संस्कृति जानने का मौका मिलेगा और छोटे कारोबारियों की आमदनी बढ़ेगी।
अब तक कितने स्टेशन तैयार हो चुके हैं?
रेल मंत्रालय की ताजा जानकारी के मुताबिक Amrit Bharat Station Scheme के तहत अब तक लगभग 180 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है। कई और स्टेशन हाल ही में यात्रियों के लिए खोले गए हैं—केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ प्रमुख स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इन स्टेशनों पर नई बिल्डिंग, बेहतर लाइटिंग, चौड़े प्लेटफॉर्म और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएँ मिलने लगी हैं।
हाल ही में नए रूप में तैयार हुए स्टेशन
कुछ हालिया उदाहरणों में केरल के अंगमाली फॉर कालडी, फेरोक, नीलांबुर रोड और त्रिपुनिथुरा स्टेशन शामिल हैं। मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा, तमिलनाडु का मांबलम, आंध्र प्रदेश का निदादावोलु जंक्शन और तेलंगाना का रामागुंडम स्टेशन भी अब आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार हैं। इन जगहों पर यात्रियों को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आरामदायक माहौल मिल रहा है।
दिव्यांग और बुज़ुर्ग यात्रियों का भी रखा गया खास ध्यान
नई योजना में समावेशिता पर जोर है—व्हीलचेयर रैंप, ब्रेल साइनेज, अलग टॉयलेट, लिफ्ट और आसान एंट्री-एग्जिट जैसी सुविधाएँ कई स्टेशनों पर लागू की जा रही हैं ताकि वृद्ध और दिव्यांग यात्रियों को कोई कठिनाई न हो।
रेलवे बजट में भी बड़ा इज़ाफ़ा
स्टेशनों के विकास के पीछे सरकार ने बड़ा निवेश किया है। रेलवे बजट का आकार पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है—साल 2014–15 का रेलवे बजट लगभग ₹32,300 करोड़ था, जो अब 2025–26 में ₹2.52 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इसी बढ़े बजट की वजह से स्टेशन विकास, नई तकनीक और यात्रियों की सुविधाओं पर तेजी से काम हो पा रहा है।
दिल्ली के स्टेशन भी बदल रहे हैं
![]()
दिल्ली में भी कई स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है—नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हज़रत निज़ामुद्दीन, आनंद विहार, दिल्ली कैंट, सफदरजंग, बिजवासन, तिलक ब्रिज, सब्जी मंडी और नरेला जैसे स्टेशन आधुनिक बनाए जा रहे हैं। कई जगहों पर नया स्टेशन भवन तैयार हो चुका है और बाकी पर अंतिम चरण के काम जारी हैं।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा स्टेशनों पर काम
यदि संख्या की बात करें तो महाराष्ट्र सबसे आगे है—यहाँ 132 स्टेशनों को Amrit Bharat Station Scheme के तहत चुना गया है। अकोला, अहमदनगर, भुसावल, नासिक रोड, सोलापुर, परेल, कांजुरमार्ग और विक्रोली जैसे स्टेशन शामिल हैं। मुंबई क्षेत्र में लोकल यातायात को ध्यान में रखकर फुटओवर ब्रिज चौड़े किए जा रहे हैं, नए वेटिंग हॉल बन रहे हैं और यात्रियों की आवाजाही आसान करने पर काम चल रहा है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी तेजी से काम
Amrit Bharat Station Scheme के तहत उत्तर प्रदेश में 157 और बिहार में 98 स्टेशनों को चुना गया है। अयोध्या धाम, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर जैसे बड़े स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं का विकास चल रहा है। तीर्थयात्री और पर्यटक आने वाले स्थानों पर विशेष विकास पर जोर दिया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल और गुजरात की तस्वीर भी बदल रही है
![]()
Amrit Bharat Station Scheme के तहत पश्चिम बंगाल में 102 और गुजरात में 87 स्टेशन इस योजना का हिस्सा हैं। हावड़ा, सियालदह, नई जलपाईगुड़ी, अहमदाबाद, सूरत और सोमनाथ जैसे स्टेशनों पर बेहतर कनेक्टिविटी, पार्किंग और आधुनिक सुविधाएँ बनाई जा रही हैं।
राजस्थान, झारखंड और कर्नाटक भी पीछे नहीं
Amrit Bharat Station Scheme के तहत राजस्थान के 85, झारखंड के 57 और कर्नाटक के 61 स्टेशनों पर काम चल रहा है। जयपुर, जोधपुर, टाटानगर, रांची, बेंगलुरु कैंट, मैसूर और हुबली जैसे स्टेशन योजनाअंतर्गत विकसित किए जा रहे हैं।
हरियाणा और छत्तीसगढ़ में भी मिलेंगी नई सुविधाएँ
Amrit Bharat Station Scheme के तहत हरियाणा के 34 और छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों पर भी Amrit Bharat के तहत सुविधाएँ दी जा रही हैं—अंबाला कैंट, गुरुग्राम, रायपुर, बिलासपुर जैसे स्टेशन इसके हिस्से हैं।
स्टेशनों पर मिलने वाली नई सुविधाएँ
अब बड़े स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी कॉन्कोर्स बिल्डिंग बन रही हैं जहाँ यात्री आराम से बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकें। स्टेशन और मेट्रो/बस/टैक्सी जैसी दूसरी परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर काम चल रहा है ताकि यात्री एक ही जगह से आसानी से आगे जा सकें। बेहतर पार्किंग, कैफे, फूड कोर्ट और डिजिटल डिस्प्ले अब आम चीज़ें बन रही हैं।
डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर
भारतीय रेलवे डिजिटल सुविधाएँ तेजी से बढ़ा रहा है—मोबाइल ऐप, डिजिटल सूचना बोर्ड, वाई-फाई, सीसीटीवी और बेहतर सुरक्षा प्रणालियाँ अब कई स्टेशनों पर मिल रही हैं। इससे टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी और यात्रियों की सुविधा सरल हुई है।
ग्रीन स्टेशन बनाने पर भी काम
पर्यावरण के लिहाज़ से भी कदम उठाए जा रहे हैं—कई स्टेशन सोलर पैनल से बिजली जुटा रहे हैं, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं और कचरा प्रबंधन पर ज़ोर दिया जा रहा है। इससे ऊर्जा बचत और स्वच्छता में मदद मिल रही है। (Amrit Bharat Station Scheme)
काम आसान नहीं, फिर भी तेजी से बढ़ रहा है
![]()
स्टेशन का पुनर्विकास चुनौतीपूर्ण काम है क्योंकि रोज़ाना हजारों यात्री और ट्रेन संचालन चलता रहता है। पुराने प्लेटफॉर्म, पाइपलाइन और बिजली लाइनों को बदलना पड़ता है और कई बार हेरिटेज या पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रियाएँ भी समय लेती हैं। इसके बावजूद रेलवे लगातार काम आगे बढ़ा रहा है ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। (Amrit Bharat Station Scheme)
आने वाले समय में और बदल जाएगी भारतीय रेलवे
सरकार का लक्ष्य सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है—छोटे शहरों और कस्बों के स्टेशन भी आधुनिक बनाए जा रहे हैं। जब यह योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी तो स्टेशन सिर्फ ट्रेनों का ठिकाना नहीं रहेंगे, बल्कि शहर की पहचान और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र बनेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
FiveColorsOfTravel की ओर से कुछ खास सुझाव
- Amrit Bharat से विकसित किसी स्टेशन से यात्रा का अनुभव ज़रूर लें।
- स्टेशन पर थोड़ा पहले पहुँचें ताकि नई सुविधाओं जैसे वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट और डिजिटल डिस्प्ले का आराम से इस्तेमाल कर सकें।
- One Station One Product (OSOP) स्टॉल पर जाकर स्थानीय हस्तशिल्प या खाने-पीने की चीज़ें खरीदें—इससे स्थानीय कलाकारों का सहयोग होगा।
- मोबाइल से टिकट बुक करने के लिए रेलवे के आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करें—लाइनों से बचाव रहेगा।
- स्टेशन पर साफ-सफाई बनाए रखें और कचरा डस्टबिन में ही डालें।
- लिफ्ट, रैंप जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय बुज़ुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को प्राथमिकता दें।
- यदि आपका शहर भी योजना में शामिल है तो नए स्टेशन की जानकारी पहले से देख लें ताकि सफर के दौरान नई सुविधाओं का पूरा फायदा उठा सकें।
भारतीय रेलवे का यह बदलाव केवल नई इमारतों तक सीमित नहीं है—यह यात्रियों के पूरे सफर को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। जब देश के अधिकतर स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो जाएंगे, तब ट्रेन का सफर और अधिक आरामदायक, सुरक्षित और यादगर बनेगा। यही वजह है कि Amrit Bharat Station Scheme को भारतीय रेलवे की एक प्रमुख और असरदार पहल माना जा रहा है।