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अद्भुत वास्तुकला को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं खजुराहो के मंदिर

खजुराहो इस स्थान को मध्य प्रदेश का सम्मान माना जाता है। यह वही स्थान है जहां आपको विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों से समृद्ध मंदिरों का समूह देखने को मिलता है। मध्य प्रदेश का खजुराहो भारत के प्राचीन कालीन इतिहास को बखूबी बयां करता है। खजुराहो के मंदिरों के समूह का निर्माण आज से लगभग 1300 साल पहले हुआ था। मंदिरों पर बनाई गई कलाकृतियां यह दर्शाती हैं कि हमारा भारत आज से हजार साल पहले भी कितना मॉडर्न (modern) था। कहते हैं मॉडर्निटी (modernity) कपड़ों से नहीं आती, मॉडर्निटी सोच में होनी चाहिए और वही मॉडर्निटी आज से हजार साल पहले के भारत के लोगों में भी थी। जिसके कारण भारत उस समय दुनिया में सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। आईए जानते हैं खजुराहो के मन्दिर समूहों के बारे में।

खजुराहो की मूर्तियाँ (sculptures of khajuraho)

1. कंदरिया मंदिर (Kandariya Temple)

2. चित्रगुप्त मंदिर (Chitragupta Temple)

3. विश्वनाथ मन्दिर(Vishwanath Temple)

कैसे पहुंचे खजुराहो?(How to reach khajuraho)

खजुराहो में कहां ठहरे? (Where to stay in Khajuraho?)

खजुराहो की मूर्तियाँ (sculptures of khajuraho)

खजुराहो में आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम (Archaeological Museum) है, जहां आपको कई सारे छोटे बड़े मंदिरों का समूह देखने को मिलेंगे। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम के इस एरिया को पश्चिमी मंदिर समूह के नाम से भी जाना जाता है। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम में जैसे ही आप इंटर करेंगे आपको बहुत ही खूबसूरत से गार्डन से होकर गुजर कर जाना होगा। यहाँ के प्रमुख मंदिरों में कंदरिया मंदिर, मतंगेश्वर मंदिर, लक्ष्मण मन्दिर, विश्वनाथ मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर और विष्णु गुप्त मंदिर का नाम आता है।

1. कंदरिया मंदिर (Kandariya Temple)

कंदरिया मंदिर यहां की सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। जो यहां की सबसे ऊंची और बड़ी मंदिर है। यह यहां की इकलौती ऐसा मंदिर जिसके दो तोरण प्रवेश द्वार हैं। साथ ही साथ यह मंदिर इसलिए भी और खास हो जाता है क्योंकि यहां के दीवारों पर काम कला को प्रदर्शित करती हुई कुछ मूर्तियां उकेरी गई हैं। यहां के दीवारों में आपको शिकार करते हुए लोगों की, मूर्तियों नाचते हुए लोगों की, हाथियों और घोड़ों की और भी न जाने कई प्रकार की मूर्तियां के उकेरी गई हैं। इस मंदिर का निर्माण चंदेल वंश के राजा विद्याधर ने करवाया था।
इस मंदिर को कंदरिया महादेव के नाम से भी जाना जाता है।

2. चित्रगुप्त मंदिर (Chitragupta Temple)

बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कंदरिया महादेव मंदिर के निर्माण से भी पहले हुआ था। इस मंदिर में कंदरिया महादेव मंदिर से अलग तरह की नकाशियां की गई हैं। इस मंदिर में जगह-जगह दीवारों पर विष्णु जी की कलाकृतियों को उकेरा गया है। साथ हीं आपको इस मंदिर में अन्य देवी देवताओं की छोटी-छोटी मूर्तियां भी देखने को मिलेंगी। अगर आप इस मंदिर के अंदर जाएंगे तो अंदर मंडप भी देखने को मिलेगा। साथ ही आपको चित्रगुप्त जी की मूर्ति भी देखने को मिलेगी। यह खजुराहो का इकलौता ऐसा मंदिर है जो कि सूर्य भगवान को समर्पित मंदिर है।

3. विश्वनाथ मन्दिर(Vishwanath Temple)

कंदरिया मंदिर और चित्रगुप्त मंदिर के ठीक सामने स्थित है- विश्वनाथ मंदिर। इस मंदिर का नाम विश्वनाथ मंदिर इसलिए है, क्योंकि इस मंदिर में एक शिवलिंग है। जिसके कारण इसको विश्वनाथ महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि सन 1002 में राजा धन द्वारा शिव मार्केटेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया गया था। इस मंदिर के ठीक सामने नंदी की प्रतिमा विराजमान है।

  • इसके अलावा खजुराहो के इस मंदिरों की श्रृंखला में लक्ष्मण मंदिर, विष्णु गुप्त मंदिर और मतंगेश्वर मंदिर भी शामिल हैं। मतंगेश्वर मंदिर में शिवरात्रि के दौरान आपको काफी भीड़ देखने को मिलेगी।

कैसे पहुंचे खजुराहो?(How to reach khajuraho)
खजुराहो पहुंचने के लिए खजुराहो का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन खजुराहो रेलवे स्टेशन है। जो कि मुख्य शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। साथ ही खजुराहो में खजुराहो का एक हवाई अड्डा भी है। लेकिन यहां सिर्फ दिल्ली से एक फ्लाइट आती है। अगर आप बाय रोड खजुराहो जाना चाहते हैं तो यह भी एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। खजुराहो सड़क मार्ग के द्वारा देश के अन्य भागों से बहुत हीं अच्छे तरीके से कनेक्ट है।

खजुराहो में कहां ठहरे? (Where to stay in Khajuraho?)

खजुराहो में ठहरने के लिए बहुत सारे ऑप्शंस हैं। आप यहां होम स्टेज, रिजॉर्ट, हॉस्टल आदि देख सकते हैं। आप अपने बजट के हिसाब से अपने स्टे के लिए ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं। यहां आपको हर प्राइस रेंज में होटल और हॉस्टल्स में रूम मिल जाएंगे।

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