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सागौन के पेड़ों से घिरा कॉर्बेट झरना क्यों है.. इतना खास

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर शहर से लगभग 25 किलोमीटर और कालाढूंगी से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर रामनगर राजमार्ग पर स्थित है एक ऐसा झरना, जो चारों तरफ घने जंगल से घिरा हुआ है। सागौन पेड़ों के बीचो-बीच स्थित यह झरना मानो अपने शोर से सभी पर्यटकों को अपनी ओर बुला रहा हो। 66 फीट (22 मीटर) की ऊंचाई से गिरता कॉर्बेट झरना प्रकृति की एक ऐसी अनोखी देन लगता है, जिसे देखना और महसूस करना हर कोई चाहेगा। चारों तरफ पंछियों की मधुर आवाज मानो दिल और दिमाग दोनों को चिंता-मुक्त कर रही हो। झरने का कल-कल बहता पानी, जो पत्थरों से टकराकर मानो एक अलग ही प्रकार का संगीत बुन रहा हो और मन को एक अलग ही तरह की शांति पहुंचा रहा हो। साथ ही, वन विभाग की ओर से यहां हाइकिंग और कैंपिंग की व्यवस्था भी है, जिसे करके आप अपने बचपन को एक बार दोबारा जी सकते हैं। प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य को देख (या सुन) कर जितने भी नेचर लवर हैं, वे खुद को यहां आने से रोक ही नहीं पाएंगे। झरने की मध्यम-मध्यम आवाज और आपके मन का शोर जिस प्रकार धीरे-धीरे शांत होता जाएगा और झरने की आवाज तेज होती जाएगी, मानो आपको एक अलग ही दुनिया में पहुंचा देगी।

 कॉर्बेट झरना क्यों है इतना खास

चारों तरफ वातावरण से घिरा यह कार्बेट झरना और यहां की शांति भंग करता पंछियों का संगीत, साथ ही जंगल से आने वाली ठंडी व शुद्ध हवा न केवल हमारे मस्तिष्क को, बल्कि हमारे मन को अपने वातावरण में ढाल रही हो। यही कारण है कि इस डेस्टिनेशन पर दिन-प्रतिदिन पर्यटकों की भीड़ बढ़ती जा रही है। ट्रेकिंग करते लोग, साइक्लिंग करते लोग, झरने के पास बैठकर प्रकृति की आवाज़ों को सुनकर अपने मन को शांति पहुँचाते हुए लोग — मानो यहां एक अनोखा अनुभव ले रहे हों। और क्योंकि यह रामनगर के होटलों व रिसॉर्ट्स से दूर है, इस कारण यहां आपको शहर की व्यस्तता का एहसास बिल्कुल भी नहीं होगा

 कॉर्बेट फॉल्स जाने का सबसे अच्छा समय

हर तरफ हरियाली और पंछियों से भरा हुआ यह कार्बेट फॉल्स गर्मियों में भी उतना ही सुहाना लगता है जितना कि सर्दियों में। वैसे तो आप बारिश के मौसम को छोड़कर यहाँ कभी भी आ सकते हैं, पर मार्च से लेकर अप्रैल और अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक का समय विज़िट करने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।
बारिश के मौसम में आप यहाँ इसलिए नहीं आ सकते क्योंकि यह उस समय बंद रहता है, और साथ ही आसपास के कई ऐसे टूरिस्ट प्लेस भी बारिश में बंद रहते हैं। इसका कारण यह है कि बारिश के समय लैंडस्लाइड होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है और बारिश के दौरान निकलने वाले जीव-जंतु, जो कि जहरीले भी हो सकते हैं, बाहर आ जाते हैं, जिनसे हमें खतरा भी हो सकता है। इसी कारण बारिश के मौसम में ज़्यादातर ऐसी जगहें बंद रहती है।

 फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल की ओर से पांच सुझाव

• क्योंकि यह एरिया पेड़-पौधों से घिरा हुआ है, इसलिए यहां आपको छोटे-मोटे कीड़े-मकोड़े, मच्छर आदि मिलेंगे ही, तो आप अपनी पूरी तैयारी के साथ ही यहां जाएँ।
• साथ ही, यहां ट्रैकिंग, कैंपिंग, साइक्लिंग जैसी एक्टिविटीज होती हैं, तो आप अपने कपड़े ट्रैक के अनुसार पहनकर या रखकर ले जाएँ।
• यहां पार्किंग की भी सुविधा उपलब्ध है, तो अगर आप अपनी गाड़ी से यहां जा रहे हैं तो निश्चिंत होकर जाएँ।
• कार्बेट फॉल्स के अलावा आप यहां कॉर्बेट पार्क, रामनगर, हनुमान धाम, गर्जिया देवी मंदिर, नैनीताल, भीमताल, भुजियाघाट, भवाली आदि भी जा सकते हैं।
• कार्बेट फॉल्स की टिकट्स प्रति व्यक्ति 150 रुपए थी। साथ ही, अगर आप यहां फोटोज और वीडियो बनाना चाहते हैं तो आपको अलग से चार्ज देना होगा।

कैसे पहुंचे कॉर्बेट फॉल्स

• बाय रोड – दिल्ली से रामनगर की दूरी 253 किलोमीटर है) कॉर्बेट फाँल रामनगर से सिर्फ 25 किलोमीटर, कालाढुंगी से 4 किलोमीटर और हल्द्वानी से 27 किलोमीटर की दूरी पर है।
• रामनगर से कॉर्बेट फाँल केवल 25 किलोमीटर दूर है। दिल्ली या किसी भी शहर से रामनगर तक ट्रेन से आया जा सकता है । उसके बाद बाय रोड टैक्सी या बस लेकर कॉर्बेट फाँल तक आराम से पहुंचा जा सकता है। सभी प्रमुख जगहों से रामनगर के लिए ट्रेन , प्राइवेट वाहन या बस हर वक्त उपलब्ध रहती हैं। आप हल्द्वानी या काठगोदाम रेलवे स्टेशन से भी बस या टैक्सी लेकर कॉर्बेट फाँल तक पहुँच सकते हैं।
• किसी भी शहर से पंतनगर हवाई अड्डे तक हवाई मार्ग से आया जा सकता है । उसके बाय रोड टैक्सी या बस लेकर कॉर्बेट फाँल पहुंचा जा सकता है।

 कार्बेट फॉल्स में करने के लिए एंटरटेनमेंट ट्रिप्स

• आप यहाँ जाकर कैंपिंग कर सकते हैं, जिससे करने में आपको बहुत मज़ा आएगा।
• साथ ही आप यहाँ घंटों शांति से बैठकर झरने और आसपास आ रही पंछियों की आवाज़ों को सुनकर अपने मन को शांत कर सकते हैं।
• आप यहाँ पर ट्रैकिंग करने का मज़ा उठा सकते हैं।

• साथ ही आप इस पूरे कॉर्बेट फॉल्स को साइक्लिंग से भी नाप सकते हैं। पथरीले ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर साइकिल चलाना खुद में ही एक एडवेंचर हो जाता है, जो आपकी ट्रिप में एक अलग ही जोश भर देगा।
• आपको यहाँ एक छोटी-सी कैंटीन भी मिल जाएगी, जहाँ से आप स्नैक्स और खाने के कई व्यंजन लेकर खा सकते हैं।

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