Nongkhyllem Wildlife Sanctuary: मेघालय का खूबसूरत जंगल
मेघालय का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में बादलों से ढके पहाड़, झरने, हरी-भरी वादियां और खूबसूरत गांव आते हैं। लेकिन इस राज्य में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहाँ घूमने का अनुभव आम टूरिस्ट स्पॉट्स से बिल्कुल अलग है। यहां न बड़े बाजारों की भीड़ मिलेगी और न ही हर कदम पर घूमने वालों का शोर। इसके बजाय आपको मिलेंगे घने जंगल, बहती नदियां, पेड़ों के बीच से आती पक्षियों की आवाजें और प्रकृति को करीब से देखने का मौका।
मेघालय के री-भोई जिले में स्थित Nongkhyllem Wildlife Sanctuary ऐसी ही एक जगह है। यह उन लोगों के लिए खास है, जिन्हें जंगलों में घूमना, बर्डवॉचिंग करना और वन्यजीवों के बारे में जानना पसंद है। यहां क्लाउडेड लेपर्ड जैसे दुर्लभ जानवरों का प्राकृतिक घर है और कई तरह के खूबसूरत पक्षी भी पाए जाते हैं। हालांकि, यह कोई ऐसा पर्यटन स्थल नहीं है जहां बिना तैयारी के पहुंचकर हर जगह घूम लिया जाए। यहां जाने से पहले परमिट, स्थानीय नियमों और रास्तों की जानकारी लेना जरूरी है।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary कहां है और क्यों है खास?
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary मेघालय के री-भोई जिले में स्थित है। इसका क्षेत्रफल करीब 29.5 वर्ग किलोमीटर है। यह नोंगपोह के आसपास के इलाके में पड़ता है और गुवाहाटी से शिलॉन्ग जाने वाले रास्ते के पास होने के कारण यहां पहुंचने की योजना बनाई जा सकती है। हालांकि, मुख्य हाईवे से पास होना और अभयारण्य के अंदर तक आसानी से पहुंच पाना दो अलग बातें हैं। जंगल के रास्तों और प्रवेश की स्थिति के बारे में पहले जानकारी लेना बेहतर रहता है।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary की सबसे बड़ी खासियत यहां की जैव विविधता है। यहां अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे, पक्षी, स्तनधारी जीव और सरीसृप पाए जाते हैं। घने जंगलों और नदी के आसपास के इलाकों में कई जीवों को रहने के लिए अनुकूल जगह मिलती है। यही वजह है कि यह क्षेत्र वन्यजीवों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण पर काम करने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
इस अभयारण्य को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास पहचान मिली है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की 2018–19 की मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवैल्यूएशन रिपोर्ट में इसे पूर्वोत्तर भारत के बेहतर प्रबंधित संरक्षित क्षेत्रों में सबसे ऊंची रेटिंग मिली थी। इसे 79.17 प्रतिशत स्कोर के साथ ‘वेरी गुड’ श्रेणी में रखा गया था।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी जंगल को सुरक्षित रखना सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं होती। इसके लिए आसपास रहने वाले समुदायों का सहयोग, जंगलों की निगरानी और वन्यजीवों के प्राकृतिक घर को बचाए रखना भी जरूरी है।
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यहां के जंगलों में क्या खास है?
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary का जंगल केवल दूर से देखने वाली हरियाली नहीं है। यहां अलग-अलग तरह के पेड़, बांस के झुरमुट, झाड़ियां और नदी के आसपास उगने वाली वनस्पति मिलती है। कुछ हिस्सों में घने पेड़ों की छतरी जैसी बनावट दिखाई देती है, जबकि दूसरे इलाकों में जंगल का स्वरूप थोड़ा खुला नजर आ सकता है।
यहां साल सहित कई तरह के पेड़ पाए जाते हैं। जंगल के कुछ हिस्सों में बांस भी काफी मात्रा में मिलता है। बांस और घनी झाड़ियां कई छोटे जीवों, कीड़ों और पक्षियों के लिए रहने और छिपने की जगह बनाती हैं। जंगल की यह विविधता पूरे प्राकृतिक तंत्र को बनाए रखने में मदद करती है।
अगर आप फोटोग्राफी करते हैं, तो यहां सिर्फ बड़े जानवरों की तस्वीरें लेने पर ध्यान न दें। पेड़ों की छाल, पत्तियों पर बैठी छोटी तितलियां, बांस के बीच से आती रोशनी और जंगल की जमीन पर उगने वाले पौधे भी अच्छे फोटो के विषय बन सकते हैं।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary घूमने का असली मजा तभी है, जब आप यहां की प्रकृति को जल्दी-जल्दी देखने के बजाय थोड़ा समय देकर समझें। जंगल में हर चीज तुरंत नजर नहीं आती। कई बार कुछ देर शांत खड़े रहने पर पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं या पेड़ों के बीच हलचल दिखाई देती है।
क्लाउडेड लेपर्ड से लेकर हाथियों तक, वन्यजीवों की दुनिया
इस अभयारण्य की पहचान यहां पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों से भी है। इनमें क्लाउडेड लेपर्ड यानी बादली तेंदुआ खास आकर्षण है। इसके शरीर पर बादलों जैसे निशान होते हैं, जिनकी वजह से इसे यह नाम मिला है। यह घने जंगलों में रहने वाला एक शर्मीला शिकारी है और आम पर्यटक को इसका दिखाई देना बिल्कुल भी तय नहीं है।
यहां के जंगलों और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र में एशियाई हाथियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीय तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिरण और दूसरे स्तनधारी जीव इस इलाके की जैव विविधता का हिस्सा हैं। कुछ प्रजातियां इतनी छिपकर रहती हैं कि उन्हें देखने के लिए विशेषज्ञों को भी कैमरा ट्रैप और लंबे समय तक निगरानी का सहारा लेना पड़ता है।
यह समझना जरूरी है कि Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में आने का मतलब यह नहीं कि आपको हर जानवर दिखाई देगा। जंगल कोई चिड़ियाघर नहीं है, जहां जानवर तय जगह पर मिलें। वन्यजीवों को देखने की संभावना मौसम, समय, उनके प्राकृतिक व्यवहार और उस दिन की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
यहां वेस्टर्न हूलॉक गिब्बन जैसे प्राइमेट्स और दूसरे बंदर भी इस क्षेत्र की वन्यजीव विविधता का हिस्सा हैं। गिब्बन पेड़ों पर रहने वाले जीव हैं और उनकी आवाज जंगल में दूर तक सुनाई दे सकती है। इनके अलावा कई छोटे स्तनधारी जीव, गिलहरियां और दूसरे वन्यजीव भी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका निभाते हैं।
यात्रा के दौरान किसी जानवर के करीब जाने, उसे खाना खिलाने या उसकी तस्वीर के लिए उसे परेशान करने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही आपके और वन्यजीवों, दोनों के लिए बेहतर है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary
पक्षियों को देखने के शौकीनों के लिए खास जगह
अगर आपको पक्षियों को देखना और उनकी आवाज पहचानना पसंद है, तो Nongkhyllem Wildlife Sanctuary आपके लिए एक दिलचस्प जगह हो सकती है। यहां हॉर्नबिल सहित कई तरह के जंगल में रहने वाले पक्षी पाए जाते हैं। यह क्षेत्र पक्षियों की विविधता के लिए जाना जाता है और बर्डवॉचिंग में रुचि रखने वालों के लिए खास महत्व रखता है।
हॉर्नबिल अपनी बड़ी चोंच और सिर पर बने खास उभार के कारण आसानी से पहचाने जाते हैं। इनके अलावा जंगल में कठफोड़वा, बुलबुल, तीतर और कई दूसरे पक्षियों की प्रजातियां भी मिलती हैं। कुछ पक्षियों को देखने के लिए पेड़ों की ऊंची शाखाओं पर ध्यान देना पड़ता है, जबकि कुछ जंगल की जमीन के करीब नजर आ सकते हैं।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में बर्डवॉचिंग के लिए सुबह का समय अच्छा विकल्प हो सकता है। इस समय जंगल में पक्षियों की आवाजें सुनना और उन्हें पहचानने की कोशिश करना अपने आप में एक अच्छा अनुभव है। लेकिन बाहर निकलने से पहले यह जरूर पता करें कि उस दिन किस रास्ते पर जाने की अनुमति है और क्या किसी गाइड को साथ लेना जरूरी है।
अगर आपके पास दूर से तस्वीर लेने वाला कैमरा या दूरबीन है, तो उसे साथ ले जा सकते हैं। पक्षियों को देखने के लिए तेज आवाज करने, बार-बार सीटी बजाने या उन्हें पास बुलाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा पड़ सकती है।
ध्यान रखें कि बर्डवॉचिंग के लिए धैर्य सबसे जरूरी है। हर बार दुर्लभ पक्षी दिखाई दे, ऐसा नहीं होता। कई बार किसी पक्षी की आवाज सुनना या उसे पेड़ों के बीच थोड़ी देर के लिए देख पाना भी यादगार अनुभव बन जाता है।
नदियां, घाटियां और जंगल का प्राकृतिक माहौल
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary की प्राकृतिक बनावट इसे और खास बनाती है। इस इलाके में पहाड़ी ढलान, घाटियां और नदी के आसपास के हिस्से मिलते हैं। उमतरेव नदी और उसकी सहायक जलधाराएं इस क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पानी के आसपास का इलाका कई तरह के जीवों और पौधों को सहारा देता है।
जंगल में बहते पानी की आवाज, ऊंचे पेड़ों की छाया और आसपास की हरियाली आपको शहर की भागदौड़ से अलग माहौल का अनुभव करा सकती है। हालांकि, यहां हर जगह नदी के किनारे जाने या मनचाही जगह पर रुकने की अनुमति हो, यह जरूरी नहीं है। सुरक्षा और वन विभाग के नियमों को ध्यान में रखकर ही घूमना चाहिए।
अगर आपको प्रकृति की फोटोग्राफी पसंद है, तो जंगल के अलग-अलग हिस्सों में रोशनी और छाया के बदलाव को कैमरे में कैद कर सकते हैं। बारिश के बाद हरियाली और भी गहरी दिखाई दे सकती है, लेकिन उस समय रास्ते फिसलन भरे भी हो सकते हैं।
यहां घूमते हुए नदी या जंगल में प्लास्टिक, खाने के रैपर और दूसरी चीजें न छोड़ें। जंगल का साफ रहना सिर्फ देखने में अच्छा लगने की बात नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले जीवों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary घूमने का सही समय
मेघालय में बारिश का मौसम काफी असरदार होता है, इसलिए यात्रा का समय चुनते हुए मौसम का ध्यान रखना चाहिए। आम तौर पर अक्टूबर से अप्रैल के बीच यात्रा की योजना बनाना सुविधाजनक हो सकता है। इन महीनों में मानसून के मुकाबले बारिश कम होने की संभावना रहती है, हालांकि मौसम अचानक बदल सकता है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary
नवंबर से फरवरी के बीच तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की जैकेट या गर्म कपड़े काम आते हैं। अगर आपका मुख्य उद्देश्य पक्षियों को देखना है, तो स्थानीय गाइड या वन विभाग से उस समय की गतिविधियों और मौसम के हिसाब से सलाह ले सकते हैं।
जून से सितंबर तक मानसून के दौरान इस इलाके में बारिश, कीचड़ और फिसलन की समस्या बढ़ सकती है। जंगल के रास्ते कठिन हो सकते हैं और कुछ जगहों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय में यात्रा करने से पहले प्रवेश की स्थिति और स्थानीय मौसम की जानकारी लेना खास तौर पर जरूरी है।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary के लिए कोई भी मौसम चुनें, यात्रा से पहले वन विभाग से यह जरूर पूछें कि अभयारण्य में प्रवेश उपलब्ध है या नहीं, किस रास्ते से जाना है और क्या किसी विशेष अनुमति की जरूरत है। केवल इंटरनेट पर लिखे मौसम के आधार पर अपनी यात्रा तय न करें।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary कैसे पहुंचें?
इस अभयारण्य की यात्रा के लिए गुवाहाटी और शिलॉन्ग दोनों को शुरुआती ठिकाने के रूप में देखा जा सकता है। आपकी यात्रा कहां से शुरू हो रही है, सड़क की स्थिति कैसी है और अभयारण्य के किस प्रवेश बिंदु तक जाना है, इसके हिसाब से सफर का समय बदल सकता है।
हवाई मार्ग: गुवाहाटी का लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस यात्रा के लिए एक प्रमुख विकल्प है। वहां से टैक्सी लेकर नोंगपोह की ओर जाया जा सकता है। यात्रा बुक करने से पहले ड्राइवर को अपने अंतिम गंतव्य और प्रवेश बिंदु के बारे में स्पष्ट जानकारी दें।
रेल मार्ग: गुवाहाटी रेलवे स्टेशन देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा है। ट्रेन से गुवाहाटी पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से नोंगपोह और आगे के इलाके की यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। बस या शेयरिंग टैक्सी की उपलब्धता समय और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
सड़क मार्ग: गुवाहाटी और शिलॉन्ग से री-भोई जिले की ओर सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। लेकिन हाईवे से पास होने का मतलब यह नहीं कि अभयारण्य का मुख्य हिस्सा भी हाईवे से आसानी से पहुंच में होगा। अंदर जाने वाले रास्ते उबड़-खाबड़ हो सकते हैं और हर निजी गाड़ी को प्रवेश की अनुमति मिले, यह जरूरी नहीं है।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary के लिए गाड़ी तय करते समय पहले स्थानीय वन विभाग से प्रवेश बिंदु की पुष्टि करें। किसी ड्राइवर या ऑनलाइन पोस्ट से मिली पुरानी जानकारी पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय उसी दिन की सड़क और परमिट संबंधी जानकारी ले लें।
परमिट और जंगल में प्रवेश के जरूरी नियम
इस यात्रा की सबसे जरूरी तैयारी है प्रवेश से जुड़ी जानकारी लेना। अभयारण्य के सभी हिस्से सामान्य पर्यटकों के लिए खुले हों, ऐसा जरूरी नहीं है। परमिट, गाइड और वाहन से जुड़े नियम समय के साथ बदल सकते हैं।
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यात्रा तय करने से पहले नोंगपोह के संबंधित वन विभाग कार्यालय से संपर्क करके पूछें कि प्रवेश के लिए कौन-सी अनुमति चाहिए, आवेदन कहां करना है और क्या किसी स्थानीय गाइड को साथ लेना अनिवार्य है। पहचान पत्र साथ रखें और अनुमति मिलने से पहले जंगल के अंदर जाने की योजना न बनाएं।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary एक संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र है, इसलिए यहां शोर करना, जानवरों को खाना खिलाना, पौधों को नुकसान पहुंचाना या कचरा छोड़ना सही नहीं है। तेज संगीत बजाने से बचें और तय रास्तों पर ही चलें। अगर वन विभाग किसी हिस्से में जाने से मना करे, तो उस निर्देश का पालन करें।
यहां खाने-पीने की दुकानों या दूसरी सुविधाओं की उपलब्धता की गारंटी नहीं है। इसलिए पानी, जरूरी दवाइयां और हल्का स्नैक साथ रखना समझदारी है। लेकिन खाना या प्लास्टिक का कचरा जंगल में न छोड़ें और किसी भी तरह का कैंप लगाने से पहले अनुमति जरूर लें। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary
यहां घूमते समय क्या-क्या कर सकते हैं?
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में घूमने का मुख्य अनुभव जंगल और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में समझना है। यहां गाइड की मदद से वॉक या बर्डवॉचिंग की सुविधा उपलब्ध हो तो उसका लाभ लिया जा सकता है। कौन-से रास्ते खुले हैं और कितनी दूरी तक जाना संभव है, इसकी जानकारी पहले लेनी चाहिए।
गाइडेड फॉरेस्ट वॉक: अगर वन विभाग अनुमति देता है, तो स्थानीय गाइड के साथ जंगल में पैदल घूमना अच्छा अनुभव हो सकता है। गाइड आपको पेड़-पौधों, पक्षियों की आवाजों और आसपास के प्राकृतिक वातावरण के बारे में जानकारी दे सकता है।
बर्डवॉचिंग: दूरबीन साथ लेकर पक्षियों को देखने की कोशिश करें। सुबह का समय इसके लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन सही समय और स्थान स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी: जंगल के दृश्य, पेड़-पौधे और पक्षियों की तस्वीरें ले सकते हैं। फ्लैश का इस्तेमाल करने से बचें और तस्वीर लेने के लिए जानवरों के पास जाने की कोशिश न करें।
स्थानीय संस्कृति को जानना: आसपास के खासी समुदायों की जीवनशैली और प्रकृति से जुड़े उनके अनुभवों को समझने का मौका मिले, तो स्थानीय लोगों से सम्मानपूर्वक बातचीत करें। उनकी अनुमति के बिना तस्वीरें न लें और गांवों में घूमते समय स्थानीय परंपराओं का ध्यान रखें।
याद रखें, Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में घूमने का उद्देश्य केवल ज्यादा से ज्यादा जगहें देखना नहीं, बल्कि जंगल को समझना और उसकी सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाना भी है।
आसपास कहां घूम सकते हैं?
अगर आप इस अभयारण्य के साथ मेघालय की कुछ और जगहें भी देखना चाहते हैं, तो अपनी यात्रा में नोंगपोह, उमियम झील और शिलॉन्ग को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।
नोंगपोह: यह री-भोई जिले का प्रमुख कस्बा है। यहां से यात्रा की तैयारी, जरूरी सामान खरीदने और स्थानीय परिवहन के बारे में जानकारी लेने में मदद मिल सकती है। रात रुकने की जगह चुनते समय पहले उपलब्धता और सुविधाओं की पुष्टि कर लें।
उमियम झील: शिलॉन्ग की ओर जाने वाले रास्ते में स्थित उमियम झील अपनी खूबसूरत प्राकृतिक बनावट के लिए जानी जाती है। मौसम अच्छा हो तो झील के आसपास कुछ समय बिताया जा सकता है। बोटिंग या दूसरी गतिविधियों की उपलब्धता स्थानीय नियमों और मौसम पर निर्भर करेगी।
शिलॉन्ग: मेघालय की राजधानी में पुलिस बाजार, वार्ड्स लेक और डॉन बॉस्को म्यूजियम जैसे लोकप्रिय स्थान देखे जा सकते हैं। अगर आपके पास अतिरिक्त समय है, तो यहां एक या दो दिन बिताने की योजना बनाई जा सकती है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary
मावफलांग सेक्रेड ग्रोव: यह खासी समुदाय की प्रकृति से जुड़ी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां जाने पर स्थानीय नियमों का सम्मान करना जरूरी है। पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने या जंगल से कुछ तोड़कर ले जाने से बचें।
इन जगहों को एक ही यात्रा में शामिल करने से पहले दूरी, सड़क की स्थिति और उपलब्ध समय को ध्यान में रखें। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में प्रवेश की अनुमति और घूमने का समय तय होने के बाद ही बाकी जगहों का कार्यक्रम बनाना ज्यादा आसान रहेगा।
ईको-टूरिज्म और जंगल को बचाने की जरूरत
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary जैसे क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बन सकते हैं। गाइड, वाहन चालक, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को इससे फायदा मिल सकता है। लेकिन जंगलों में पर्यटन बढ़ाते समय यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि प्राकृतिक वातावरण पर ज्यादा दबाव न पड़े।
अप्रैल 2025 में जारी एक कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मेघालय में अभयारण्य के आसपास ईको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 23.60 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिला था। प्रस्तावित सुविधाओं में रिसॉर्ट, जानकारी देने वाला केंद्र, कैनोपी स्काईवॉक और वॉटर स्पोर्ट्स जोन शामिल थे।
हालांकि, किसी प्रोजेक्ट की घोषणा या ठेका मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी सुविधाएं बनकर तैयार हो चुकी हैं या पर्यटकों के लिए खुल गई हैं। यात्रा से पहले यह पता कर लें कि कौन-सी सुविधाएं वास्तव में चालू हैं और क्या उनके लिए अलग बुकिंग की जरूरत है।
पर्यटन तभी लंबे समय तक फायदेमंद हो सकता है, जब जंगल और वहां रहने वाले जीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। घूमने आने वाले लोग भी इसमें योगदान दे सकते हैं—कचरा न फैलाकर, स्थानीय नियमों का पालन करके और प्राकृतिक जगहों को बिना नुकसान पहुंचाए।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
इस यात्रा की योजना बनाते समय कुछ छोटी बातें आपके अनुभव को बेहतर बना सकती हैं। सबसे पहले, परमिट और प्रवेश की जानकारी पहले से लें। जंगल तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति पूछें और उसी हिसाब से वाहन तय करें। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary
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आरामदायक कपड़े और मजबूत जूते पहनें। बारिश की संभावना हो तो हल्का रेनकोट रखें। मौसम के हिसाब से गर्म कपड़े भी साथ रख सकते हैं, खासकर सुबह और शाम के लिए। जंगल में कीड़े-मकोड़ों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतें और स्थानीय गाइड से पूछें कि उस मौसम में किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।
मोबाइल नेटवर्क हर जगह अच्छा मिले, यह जरूरी नहीं है। इसलिए अपने ड्राइवर, गाइड और रहने की जगह से जुड़ी जानकारी पहले से संभालकर रखें। किसी को अपनी यात्रा का कार्यक्रम बता देना भी अच्छा रहता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि यहां किसी खास जानवर को देखने की उम्मीद लेकर ही न जाएं। जंगल में हर दिन अलग होता है। हो सकता है आपको कोई दुर्लभ पक्षी दिखाई दे, या फिर पूरा समय पेड़ों, आवाजों और हरियाली के बीच बिताने का मौका मिले। दोनों ही अनुभव इस यात्रा को खास बना सकते हैं।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- परमिट की जानकारी पहले लें। नोंगपोह के संबंधित वन विभाग कार्यालय से संपर्क करके प्रवेश, गाइड और वाहन के नियमों की पुष्टि करें। बिना अनुमति जंगल में प्रवेश करने की कोशिश न करें।
- सुबह का समय चुनें। बर्डवॉचिंग और जंगल के प्राकृतिक माहौल का आनंद लेने के लिए सुबह का समय अच्छा हो सकता है। निकलने से पहले स्थानीय गाइड से सही समय पूछ लें।
- जूते और कपड़े सोच-समझकर चुनें। मजबूत, आरामदायक जूते पहनें। बारिश की संभावना हो तो रेनकोट और जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़े साथ रखें।
- पानी और जरूरी सामान साथ रखें। जंगल के अंदर दुकानों या दूसरी सुविधाओं पर निर्भर न रहें। पीने का पानी, जरूरी दवाइयां और हल्का स्नैक साथ रखें और सारा कचरा वापस लेकर आएं।
- जंगल और स्थानीय लोगों का सम्मान करें। तेज आवाज न करें, जानवरों को खाना न खिलाएं, पौधों को नुकसान न पहुंचाएं और तय रास्तों पर ही चलें। स्थानीय समुदायों से बातचीत करते समय उनकी परंपराओं और निजी जगह का सम्मान करें।
Nongkhyllem Wildlife Sanctuary उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जो मेघालय को सिर्फ लोकप्रिय झरनों और पहाड़ी नजारों तक सीमित नहीं रखना चाहते। यहां की यात्रा में तैयारी, धैर्य और प्रकृति के प्रति सम्मान सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। अगर आप नियमों का ध्यान रखते हुए जाते हैं, तो इस जंगल की शांति और जैव विविधता को करीब से समझने का मौका मिल सकता है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary