Nongkhyllem Wildlife Sanctuary Destination Latest Travel

Nongkhyllem Wildlife Sanctuary: मेघालय का खूबसूरत जंगल

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मेघालय का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में बादलों से ढके पहाड़, झरने, हरी-भरी वादियां और खूबसूरत गांव आते हैं। लेकिन इस राज्य में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहाँ घूमने का अनुभव आम टूरिस्ट स्पॉट्स से बिल्कुल अलग है। यहां न बड़े बाजारों की भीड़ मिलेगी और न ही हर कदम पर घूमने वालों का शोर। इसके बजाय आपको मिलेंगे घने जंगल, बहती नदियां, पेड़ों के बीच से आती पक्षियों की आवाजें और प्रकृति को करीब से देखने का मौका। मेघालय के री-भोई जिले में स्थित Nongkhyllem Wildlife Sanctuary ऐसी ही एक जगह है। यह उन लोगों के लिए खास है, जिन्हें जंगलों में घूमना, बर्डवॉचिंग करना और वन्यजीवों के बारे में जानना पसंद है। यहां क्लाउडेड लेपर्ड जैसे दुर्लभ जानवरों का प्राकृतिक घर है और कई तरह के खूबसूरत पक्षी भी पाए जाते हैं। हालांकि, यह कोई ऐसा पर्यटन स्थल नहीं है जहां बिना तैयारी के पहुंचकर हर जगह घूम लिया जाए। यहां जाने से पहले परमिट, स्थानीय नियमों और रास्तों की जानकारी लेना जरूरी है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary कहां है और क्यों है खास? Nongkhyllem Wildlife Sanctuary मेघालय के री-भोई जिले में स्थित है। इसका क्षेत्रफल करीब 29.5 वर्ग किलोमीटर है। यह नोंगपोह के आसपास के इलाके में पड़ता है और गुवाहाटी से शिलॉन्ग जाने वाले रास्ते के पास होने के कारण यहां पहुंचने की योजना बनाई जा सकती है। हालांकि, मुख्य हाईवे से पास होना और अभयारण्य के अंदर तक आसानी से पहुंच पाना दो अलग बातें हैं। जंगल के रास्तों और प्रवेश की स्थिति के बारे में पहले जानकारी लेना बेहतर रहता है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary की सबसे बड़ी खासियत यहां की जैव विविधता है। यहां अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे, पक्षी, स्तनधारी जीव और सरीसृप पाए जाते हैं। घने जंगलों और नदी के आसपास के इलाकों में कई जीवों को रहने के लिए अनुकूल जगह मिलती है। यही वजह है कि यह क्षेत्र वन्यजीवों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण पर काम करने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अभयारण्य को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास पहचान मिली है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की 2018–19 की मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवैल्यूएशन रिपोर्ट में इसे पूर्वोत्तर भारत के बेहतर प्रबंधित संरक्षित क्षेत्रों में सबसे ऊंची रेटिंग मिली थी। इसे 79.17 प्रतिशत स्कोर के साथ ‘वेरी गुड’ श्रेणी में रखा गया था। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी जंगल को सुरक्षित रखना सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं होती। इसके लिए आसपास रहने वाले समुदायों का सहयोग, जंगलों की निगरानी और वन्यजीवों के प्राकृतिक घर को बचाए रखना भी जरूरी है। यहां के जंगलों में क्या खास है? Nongkhyllem Wildlife Sanctuary का जंगल केवल दूर से देखने वाली हरियाली नहीं है। यहां अलग-अलग तरह के पेड़, बांस के झुरमुट, झाड़ियां और नदी के आसपास उगने वाली वनस्पति मिलती है। कुछ हिस्सों में घने पेड़ों की छतरी जैसी बनावट दिखाई देती है, जबकि दूसरे इलाकों में जंगल का स्वरूप थोड़ा खुला नजर आ सकता है। यहां साल सहित कई तरह के पेड़ पाए जाते हैं। जंगल के कुछ हिस्सों में बांस भी काफी मात्रा में मिलता है। बांस और घनी झाड़ियां कई छोटे जीवों, कीड़ों और पक्षियों के लिए रहने और छिपने की जगह बनाती हैं। जंगल की यह विविधता पूरे प्राकृतिक तंत्र को बनाए रखने में मदद करती है। अगर आप फोटोग्राफी करते हैं, तो यहां सिर्फ बड़े जानवरों की तस्वीरें लेने पर ध्यान न दें। पेड़ों की छाल, पत्तियों पर बैठी छोटी तितलियां, बांस के बीच से आती रोशनी और जंगल की जमीन पर उगने वाले पौधे भी अच्छे फोटो के विषय बन सकते हैं। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary घूमने का असली मजा तभी है, जब आप यहां की प्रकृति को जल्दी-जल्दी देखने के बजाय थोड़ा समय देकर समझें। जंगल में हर चीज तुरंत नजर नहीं आती। कई बार कुछ देर शांत खड़े रहने पर पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं या पेड़ों के बीच हलचल दिखाई देती है। क्लाउडेड लेपर्ड से लेकर हाथियों तक, वन्यजीवों की दुनिया इस अभयारण्य की पहचान यहां पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों से भी है। इनमें क्लाउडेड लेपर्ड यानी बादली तेंदुआ खास आकर्षण है। इसके शरीर पर बादलों जैसे निशान होते हैं, जिनकी वजह से इसे यह नाम मिला है। यह घने जंगलों में रहने वाला एक शर्मीला शिकारी है और आम पर्यटक को इसका दिखाई देना बिल्कुल भी तय नहीं है। यहां के जंगलों और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र में एशियाई हाथियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीय तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिरण और दूसरे स्तनधारी जीव इस इलाके की जैव विविधता का हिस्सा हैं। कुछ प्रजातियां इतनी छिपकर रहती हैं कि उन्हें देखने के लिए विशेषज्ञों को भी कैमरा ट्रैप और लंबे समय तक निगरानी का सहारा लेना पड़ता है। यह समझना जरूरी है कि Nongkhyllem Wildlife Sanctuary में आने का मतलब यह नहीं कि आपको हर जानवर दिखाई देगा। जंगल कोई चिड़ियाघर नहीं है, जहां जानवर तय जगह पर मिलें। वन्यजीवों को देखने की संभावना मौसम, समय, उनके प्राकृतिक व्यवहार और उस दिन की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। यहां वेस्टर्न हूलॉक गिब्बन जैसे प्राइमेट्स और दूसरे बंदर भी इस क्षेत्र की वन्यजीव विविधता का हिस्सा हैं। गिब्बन पेड़ों पर रहने वाले जीव हैं और उनकी आवाज जंगल में दूर तक सुनाई दे सकती है। इनके अलावा कई छोटे स्तनधारी जीव, गिलहरियां और दूसरे वन्यजीव भी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका निभाते हैं। यात्रा के दौरान किसी जानवर के करीब जाने, उसे खाना खिलाने या उसकी तस्वीर के लिए उसे परेशान करने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही आपके और वन्यजीवों, दोनों के लिए बेहतर है। Nongkhyllem Wildlife Sanctuary पक्षियों को देखने के शौकीनों के लिए खास जगह अगर आपको पक्षियों को देखना और उनकी आवाज पहचानना पसंद है, तो Nongkhyllem Wildlife Sanctuary आपके लिए एक दिलचस्प जगह हो सकती है। यहां हॉर्नबिल सहित कई तरह के जंगल में रहने वाले पक्षी पाए जाते हैं। यह क्षेत्र पक्षियों की विविधता के लिए जाना जाता है और बर्डवॉचिंग में रुचि रखने वालों के लिए खास महत्व रखता है। हॉर्नबिल अपनी बड़ी चोंच और सिर पर बने खास उभार के कारण आसानी से पहचाने जाते हैं। इनके अलावा