Saheli Card: Delhi Bus में Free Travel का नया नियम
Delhi की बसों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए 4 अक्टूबर 2026 से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अगर आप रोज DTC या Cluster Bus से आती-जाती हैं, तो आपने अब तक मिलने वाले गुलाबी कागजी Ticket के बारे में जरूर सुना होगा। कई सालों से यही छोटा-सा Pink Ticket महिलाओं के लिए मुफ्त Bus यात्रा की पहचान बन चुका था। बस में चढ़िए, Conductor से Ticket लीजिए और बिना किराया दिए अपनी मंजिल तक पहुंच जाइए। लेकिन अब यह तरीका बदल गया है।
अब मुफ्त Bus यात्रा के लिए सिर्फ महिला होना काफी नहीं है। आपके पास Saheli Smart Card होना जरूरी है। यानी जिस गुलाबी कागजी Ticket को लेकर Delhi की बसों में रोजाना लाखों यात्राएं होती थीं, उसकी जगह अब Digital Card ने ले ली है। अगर आपके पास वैध Saheli Card नहीं है, तो सामान्य यात्री की तरह Bus का किराया देना पड़ सकता है।
यह बदलाव सिर्फ Ticket बदलने की बात नहीं है। इसके साथ Delhi में रहने वाली महिलाओं, खासकर किराए पर रहने वाली और दूसरे राज्यों से आकर काम करने वाली महिलाओं के लिए कई सवाल भी खड़े हुए हैं। आखिर यह Card क्या है? किसे मिलेगा? कैसे बनेगा? क्या इससे Metro भी मुफ्त चलेगी? और अगर Card नहीं बना तो Bus में क्या होगा? आइए पूरी बात आसान भाषा में समझते हैं।
गुलाबी Ticket का दौर खत्म, अब Card से होगी मुफ्त Bus यात्रा
अक्टूबर 2019 में Delhi में महिलाओं के लिए मुफ्त Bus यात्रा की शुरुआत हुई थी। उस समय Bus में महिला यात्री को Conductor की तरफ से गुलाबी रंग का कागजी Ticket दिया जाता था। इस Ticket के लिए महिला यात्री से किराया नहीं लिया जाता था और सरकार Bus Operator को योजना के तहत Subsidy देती थी।
कई साल तक यही व्यवस्था चलती रही। रोज Bus से काम पर जाने वाली महिलाओं, घरेलू कामगारों, छात्राओं और दूसरी यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी काम की रही। लेकिन अब कागजी Ticket की जगह Saheli Smart Card को जरूरी कर दिया गया है। 4 अक्टूबर 2026 से बिना Saheli Card के महिलाओं और Transgender यात्रियों को मुफ्त Bus यात्रा नहीं मिलेगी। उन्हें सामान्य किराया देकर Ticket लेना होगा।
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यानी अब Bus में चढ़ते समय सिर्फ यह उम्मीद करना कि Conductor Pink Ticket दे देगा, काफी नहीं होगा। मुफ्त सफर के लिए आपके पास वैध Saheli Card होना चाहिए।
आखिर क्या है Saheli Smart Card?
Saheli कोई साधारण पहचान पत्र नहीं है। यह National Common Mobility Card यानी NCMC व्यवस्था पर आधारित Smart Card है। इसका मकसद महिलाओं और Transgender यात्रियों को Delhi की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देना है और साथ ही इस पूरी व्यवस्था को Digital बनाना है।
इस Card पर यात्री की Photo और एक व्यक्तिगत QR Code जैसी जानकारी जुड़ी होती है। इससे Card को किसी दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल करने की संभावना कम होती है। Card दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और इसकी वैधता पांच साल बताई गई है।
पहली बार Saheli Card बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं बताया गया है। लेकिन अगर Card खो जाता है या खराब हो जाता है, तो दूसरा Card बनवाने के लिए शुल्क देना पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह शुल्क 59 रुपये, GST सहित, रखा गया है।
Saheli Card से Bus में क्या मिलेगा?
सबसे जरूरी बात यही है कि Saheli Card का इस्तेमाल Delhi की DTC और Cluster Buses में मुफ्त यात्रा के लिए किया जाएगा। इसमें AC और Non-AC बसें भी शामिल हैं। यानी Cardधारक महिला को सामान्य Bus किराया नहीं देना होगा।
Bus में चढ़ने के बाद Card को Conductor की Electronic Ticket Machine पर Tap किया जाएगा। इसके बाद Machine से शून्य रुपये वाली यात्रा की पर्ची निकल सकती है। इस तरह सरकार के पास यह Digital Record भी रहेगा कि किस Card से कितनी यात्राएं की गईं।
यही वह बदलाव है जो पुराने Pink Ticket और Saheli Card के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है। पहले कागजी Ticket के जरिए यात्रा का हिसाब रखा जाता था, जबकि अब पूरी प्रक्रिया Digital Record से जुड़ रही है।
क्या Saheli Card से Metro भी मुफ्त चलेगी?
यह सवाल बहुत सी महिलाओं के मन में है और इसका जवाब साफ समझना जरूरी है। Saheli Card NCMC आधारित होने के कारण दूसरे परिवहन साधनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Metro या RRTS की यात्रा भी मुफ्त हो जाएगी।
Delhi Metro में Saheli Card का इस्तेमाल सामान्य NCMC Card की तरह किया जा सकता है। इसके लिए Card में पैसा होना जरूरी होगा और यात्रा का तय किराया आपके Balance से कटेगा।
इसी तरह Namo Bharat या RRTS में भी Card का इस्तेमाल भुगतान के लिए किया जा सकता है, लेकिन वहां महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए यह बात याद रखें कि Saheli Card की मुफ्त यात्रा वाली सुविधा Delhi की DTC और Cluster Buses के लिए है, Metro या RRTS के लिए नहीं।
2019 के Pink Ticket से 2026 के Digital Card तक
महिलाओं की मुफ्त Bus यात्रा Delhi की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लेकर आई थी। जब यह योजना 2019 में शुरू हुई, तब बसों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत बताई गई थी। बाद के वर्षों में यह हिस्सेदारी बढ़कर 42 प्रतिशत के आसपास पहुंचने की बात सामने आई।
इस योजना का एक बड़ा फायदा कम आय वाली महिलाओं को मिला। रोज Bus से काम पर जाने वाली महिला के लिए रोज का किराया बचना महीने के आखिर में बड़ी रकम बन सकता है। उपलब्ध अध्ययन के अनुसार कुछ महिलाओं को इस योजना से करीब 2,300 रुपये तक की मासिक बचत होने लगी।
अब सरकार इसी व्यवस्था को Digital बनाने की तरफ बढ़ रही है। पुराने कागजी Ticket की जगह Saheli Card लाने के पीछे मुख्य तर्क यह है कि लाभ सीधे पात्र व्यक्ति से जुड़ा रहे और Subsidy के इस्तेमाल का Digital Record तैयार हो सके।
कागजी Ticket व्यवस्था पर सवाल क्यों उठे?
कागजी Ticket की व्यवस्था लंबे समय तक चलती रही, लेकिन इसके साथ Ticketों की संख्या, Record और Subsidy के हिसाब-किताब को लेकर सवाल भी उठते रहे। 2025 के बाद इस व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और फर्जी Ticketों को लेकर चर्चा तेज हुई।
सरकार की तरफ से Digital व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी विकल्प के तौर पर आगे बढ़ाया गया। विचार यह था कि हर पात्र महिला की पहचान Digital तरीके से दर्ज हो और मुफ्त यात्रा का लाभ उसी व्यक्ति को मिले जिसके नाम पर Card जारी हुआ है।
इसी सोच के तहत Saheli Card को सामने लाया गया। मार्च 2026 में इसके Launch के बाद Card बनवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और अलग-अलग चरणों में समयसीमा बढ़ाई गई। आखिरकार अक्टूबर 2026 से इसे मुफ्त यात्रा के लिए जरूरी कर दिया गया।
Saheli Card बनवाने के लिए कौन पात्र है?
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात Delhi के पते की है। उपलब्ध नियमों के अनुसार Saheli Card बनवाने के लिए Delhi की Permanent Resident होना जरूरी है और Aadhaar Card पर Delhi का पता दर्ज होना चाहिए।
यही नियम उन महिलाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है जो Delhi में सालों से रह रही हैं लेकिन उनके Aadhaar Card पर अभी भी उनके गांव या शहर का पता दर्ज है।
मान लीजिए कोई महिला Bihar, Uttar Pradesh, Jharkhand या West Bengal से Delhi आकर पिछले कई सालों से यहां नौकरी कर रही है। वह Delhi में किराए के घर में रहती है, रोज Bus से काम पर जाती है और परिवार का खर्च चलाने में मदद करती है। लेकिन अगर उसके Aadhaar पर Delhi का पता नहीं है, तो उसके लिए Saheli Card बनवाना आसान नहीं होगा।
यहीं से इस योजना को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा शुरू होती है।
प्रवासी महिलाओं के लिए क्यों बड़ी है यह परेशानी?
Delhi में बड़ी संख्या में महिलाएं घरेलू काम, सिलाई-कढ़ाई, दुकानों, Factories, छोटे कारोबार और दूसरे कामों से जुड़ी हैं। इनमें से कई महिलाएं दूसरे राज्यों से आकर Delhi में रहती हैं।
इन महिलाओं के लिए Bus सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं है। कई बार यही उनका सबसे सस्ता और सबसे भरोसेमंद परिवहन विकल्प होता है। अगर रोज Bus का किराया देना पड़े, तो महीने का खर्च काफी बढ़ सकता है।
पुराने Pink Ticket में ऐसी महिलाओं को Delhi का निवासी होने का अलग प्रमाण देने की जरूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन अब Saheli Card के लिए पता जुड़ा होने की शर्त एक नया अंतर पैदा करती है।
यही वजह है कि प्रवासी महिलाओं के लिए वैकल्पिक पता प्रमाण या स्थानीय निवास से जुड़े दस्तावेजों को लेकर चर्चा हो रही है।
Saheli Card Online कैसे बनवाएं?
जिन महिलाओं के पास अभी Saheli Card नहीं है, उनके लिए Online आवेदन का विकल्प भी बताया गया है। इसके लिए संबंधित आधिकारिक Portal पर जाकर पहले अपना Mobile Number और जरूरी जानकारी दर्ज करनी होती है।
इसके बाद Mobile पर आने वाले OTP के जरिए सत्यापन किया जाता है। Aadhaar आधारित e-KYC की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक Receipt और QR Code Generate होता है। इसके बाद तय केंद्र पर जाकर Card प्राप्त किया जा सकता है।
यहां एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आवेदन करते समय वही Mobile Number इस्तेमाल करना बेहतर है जो Aadhaar से जुड़ा हो, क्योंकि सत्यापन के दौरान OTP की जरूरत पड़ सकती है।
Offline Saheli Card कैसे मिलेगा?
अगर Online आवेदन करने में परेशानी हो रही है, तो Offline केंद्र से भी Saheli Card बनवाने की सुविधा बताई गई है। इसके लिए अधिकृत NCMC केंद्र, DTC Depot, SDM या DM कार्यालय और कुछ जनसेवा केंद्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आवेदक को अपना मूल Aadhaar Card और Aadhaar से जुड़ा Mobile Phone साथ ले जाना चाहिए। केंद्र पर पहचान का सत्यापन किया जा सकता है और Photo लेकर Card जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
Delhi में इस काम के लिए कई अधिकृत केंद्र बनाए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि किसी भी केंद्र पर जाने से पहले उसका वर्तमान दर्जा और उपलब्धता जांच लेना बेहतर रहेगा, ताकि बेवजह Line में समय न खराब हो।
Card बनवाते समय किन चीजों का ध्यान रखें?
Saheli Card बनवाने से पहले अपने Aadhaar Card की जानकारी अच्छी तरह जांच लें। खास तौर पर नाम, पता और Mobile Number में कोई गलती न हो। अगर Aadhaar पर Delhi का पता नहीं है, तो पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी स्थिति में Card के लिए पात्रता बनती है या नहीं।
आवेदन की Receipt और QR Code को संभालकर रखें। अगर आपको किसी केंद्र पर Card लेने के लिए बुलाया जाता है, तो वही जानकारी काम आ सकती है।
इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति को अपना Aadhaar Number, OTP या Bank से जुड़ी जानकारी बिल्कुल न दें। सरकारी योजना के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहे हैं, इसलिए सिर्फ अधिकृत माध्यम से ही आवेदन करें।
Bus में अब मुफ्त सफर कैसे होगा?
मान लीजिए आपके पास वैध Saheli Card है और आप DTC Bus में चढ़ती हैं। अब पहले की तरह Conductor से गुलाबी कागजी Ticket लेने के बजाय Card को Electronic Ticket Machine पर Tap कराया जाएगा।
Machine Card को पहचानने के बाद मुफ्त यात्रा दर्ज करेगी। इसके बाद यात्रा की पुष्टि के लिए पर्ची मिल सकती है। इस पूरी प्रक्रिया में यात्री से सामान्य किराया नहीं लिया जाएगा।
यानी आपकी मुफ्त Bus यात्रा जारी रहेगी, लेकिन उसका तरीका बदल गया है। पहले हाथ में गुलाबी कागज आता था, अब आपके पास Digital Card होगा।
बिना Saheli Card के Bus में क्या होगा?
अगर आप पात्र होने के बावजूद Saheli Card नहीं बनवा पाती हैं, तो 4 अक्टूबर 2026 के बाद सिर्फ महिला होने के आधार पर पुराने तरीके से मुफ्त यात्रा मिलने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
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ऐसी स्थिति में आपको सामान्य यात्री की तरह तय किराया देना पड़ सकता है। इसलिए अगर आप रोज Bus से सफर करती हैं, तो Card बनवाने की प्रक्रिया को टालना आपके लिए महंगा पड़ सकता है।
खासकर उन महिलाओं को समय रहते अपनी पात्रता और आवेदन की स्थिति जांच लेनी चाहिए जिनका रोज का आना-जाना Bus पर निर्भर है।
बसों में ETM Machine पर बढ़ा दबाव
नई व्यवस्था का असर सिर्फ यात्रियों पर ही नहीं पड़ा है। Bus Conductorों के काम करने का तरीका भी बदल गया है। पहले Conductor सामान्य यात्रियों के Ticket काटने के साथ महिलाओं को गुलाबी कागजी Ticket दे देते थे।
अब Saheli Card को Machine पर Tap करना पड़ता है। यानी सामान्य यात्रियों के Ticket काटने के साथ Cardधारक महिलाओं की यात्रा भी Machine में दर्ज करनी पड़ती है।
भीड़ के समय अगर एक साथ कई महिलाएं Bus में चढ़ती हैं, तो यह प्रक्रिया कुछ समय ले सकती है। अगर Machine या Network में परेशानी हो जाए तो स्थिति और मुश्किल हो सकती है। यही वजह है कि कई लोग Bus के दरवाजे पर अलग Card Reader लगाने की मांग कर रहे हैं।
क्या Bus में अलग Card Reader की जरूरत है?
अगर आपने Delhi Metro में सफर किया है तो आपने देखा होगा कि यात्री खुद Card Gate पर Tap करके अंदर जाते हैं। इसी तरह की व्यवस्था अगर बसों में भी हो, तो Saheli Card को लेकर Conductor पर पड़ने वाला अतिरिक्त काम कम किया जा सकता है।
Bus के दरवाजे पर Card Reader होने से महिला यात्री खुद Card Tap कर सकती हैं। Conductor को हर यात्री का Card अलग से Machine पर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि बसों में इस तरह की व्यवस्था लागू करना Metro Station की तुलना में अलग चुनौती है, क्योंकि बसें लगातार सड़क पर चलती हैं और अलग-अलग जगह रुकती हैं। फिर भी भविष्य में Digital व्यवस्था को आसान बनाने के लिए इस तरह के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
शुरुआत में क्यों हो रहा है यात्रियों और Conductorों में भ्रम?
किसी भी नई व्यवस्था के लागू होने पर शुरुआती दिनों में लोगों को नियम समझने में थोड़ा समय लगता है। Saheli Card के मामले में भी कुछ जगहों पर यात्रियों और Conductorों के बीच भ्रम की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।
कुछ महिलाएं अब भी पुराने Pink Ticket की उम्मीद कर रही हैं, जबकि Conductorों को Card आधारित व्यवस्था के अनुसार Ticketing करनी है। Machine में तकनीकी परेशानी होने पर भी स्थिति और उलझ सकती है।
इसलिए यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे Card की स्थिति पहले से जांच लें और यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर किराया देने के लिए भी तैयार रहें।
एक नजर में समझिए Bus, Metro और RRTS का नियम
Saheli Card को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम इस बात पर है कि क्या एक ही Card से हर जगह मुफ्त यात्रा की जा सकती है। ऐसा नहीं है।
DTC और Cluster Buses में पात्र Cardधारक महिलाओं और Transgender यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। Delhi Metro में Card का इस्तेमाल भुगतान के लिए हो सकता है, लेकिन किराया देना होगा। इसी तरह RRTS में भी Card का इस्तेमाल सामान्य भुगतान माध्यम की तरह किया जा सकता है।
इसलिए Saheli Card को मुफ्त यात्रा का Card समझने के बजाय इसे NCMC आधारित ऐसा Card समझना बेहतर है जिसमें मुफ्त Bus यात्रा का विशेष लाभ जुड़ा हुआ है।
पांच साल तक चलेगा Saheli Card
एक बार जारी होने के बाद Saheli Card की वैधता पांच साल बताई गई है। इसका मतलब यह है कि पात्र महिला को हर कुछ महीने में नया Card बनवाने की जरूरत नहीं होगी।
अगर Card खो जाए या खराब हो जाए तो Duplicate Card की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में शुल्क लग सकता है। इसलिए Card को ATM या दूसरे जरूरी Card की तरह सुरक्षित रखना बेहतर है।
अगर Card किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लग जाता है, तो Photo और व्यक्तिगत जानकारी के कारण उसका गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिल सकती है।
क्या Digital व्यवस्था से फायदा भी होगा?
इस बदलाव को सिर्फ परेशानी के नजरिए से देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। Digital Saheli Card से सरकार के पास यात्रा से जुड़ा ज्यादा व्यवस्थित Record तैयार हो सकता है।
किस लाभार्थी को Card जारी हुआ, कितनी यात्राएं हुईं और Subsidy का इस्तेमाल किस तरह हुआ, इन चीजों का Digital हिसाब रखना कागजी Ticketों की तुलना में आसान हो सकता है।
अगर System ठीक तरीके से काम करता है और यात्रियों को Card आसानी से मिल जाता है, तो लंबे समय में यह व्यवस्था ज्यादा व्यवस्थित हो सकती है। लेकिन इसके लिए आवेदन प्रक्रिया आसान होना, Card केंद्रों पर भीड़ कम होना और बसों में Machineों का ठीक से काम करना बेहद जरूरी है।
असली चुनौती Card नहीं, पहुंच की है
Saheli Card को लेकर सबसे बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि Card Digital है या कागजी। असली सवाल यह है कि जरूरतमंद महिला तक यह Card कितनी आसानी से पहुंचेगा।
Delhi में रहने वाली किसी महिला के लिए अगर Card बनवाने में कई चक्कर लगाने पड़ें, केंद्र पर लंबी Line लगे या दस्तावेजों के कारण आवेदन अटक जाए, तो Digital व्यवस्था का फायदा कम हो जाएगा।
खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए दिन में कई घंटे Line में लगना आसान नहीं होता। इसलिए आवेदन केंद्रों की संख्या, काम करने का समय और प्रक्रिया की सरलता इस योजना की सफलता में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Delhi की महिलाओं के लिए अब क्या करना चाहिए?
अगर आप Delhi में रहती हैं और DTC या Cluster Bus से नियमित सफर करती हैं, तो सबसे पहले यह देखिए कि आप Saheli Card के लिए पात्र हैं या नहीं। उसके बाद Aadhaar पर दर्ज पता और Mobile Number की जानकारी जांच लें।
अगर आप पात्र हैं तो आवेदन में ज्यादा देरी न करें। Card मिलने के बाद पहली कुछ यात्राओं में Card को सुरक्षित रखें और यह समझ लें कि Bus में उसे Machine पर कैसे इस्तेमाल करना है।
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और अगर आप दूसरे राज्य से आकर Delhi में रह रही हैं, लेकिन Aadhaar पर Delhi का पता नहीं है, तो अपनी स्थिति के बारे में अधिकृत केंद्र से जानकारी लेना सबसे बेहतर रहेगा।
पुराना Pink Ticket भले चला गया, सुविधा का मकसद वही है
Delhi की बसों में गुलाबी कागजी Ticket अब बीते दौर की चीज बनता जा रहा है। उसकी जगह Saheli Card ने ले ली है। लेकिन इस बदलाव के पीछे मूल विचार महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना और उनके यात्रा खर्च को कम करना ही है।
फर्क सिर्फ इतना है कि पहले इस सुविधा की पहचान एक छोटे-से गुलाबी कागज से होती थी और अब वही सुविधा Digital Card से जुड़ गई है। आने वाले समय में यह व्यवस्था कितनी सफल होती है, यह सिर्फ सरकार या Machine तय नहीं करेगी। इसका असली पैमाना यह होगा कि Delhi की एक आम महिला अपने घर से काम तक जाने के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कितनी आसानी से कर पाती है।
अगर Card आसानी से बनता है, Bus में Machine ठीक चलती है और पात्र महिलाओं को बिना परेशानी मुफ्त यात्रा मिलती है, तो यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन अगर दस्तावेज, पता या तकनीकी दिक्कतें ज्यादा बढ़ीं, तो सबसे ज्यादा परेशानी उन्हीं महिलाओं को होगी जिनके लिए Bus सबसे जरूरी साधन है।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- Card बनवाने में आखिरी समय का इंतजार न करें। अगर आप Delhi में रहती हैं और रोज Bus से सफर करती हैं, तो Saheli Card की पात्रता और आवेदन की स्थिति पहले ही जांच लें। आखिरी समय में केंद्रों पर भीड़ बढ़ सकती है।
- Aadhaar की जानकारी पहले जांच लें। Card बनवाने से पहले अपने Aadhaar Card में नाम, पता और Mobile Number की जानकारी देख लें। खासकर अगर आप Delhi में किराए पर रहती हैं, तो पते से जुड़ी पात्रता को जरूर समझें।
- Card और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें। Saheli Card को Purse में ऐसे रखें कि वह खोए नहीं। आवेदन की Receipt या QR Code मिला है तो उसकी जानकारी भी संभालकर रखें।
- Bus में थोड़ा अतिरिक्त समय रखें। नई व्यवस्था में भीड़ के समय Card Tap करने या Machine से पर्ची निकलने में थोड़ा समय लग सकता है। खासकर Office या परीक्षा के लिए निकलते समय कुछ अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर रहेगा।
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं। Card बनवाने के नाम पर अगर कोई व्यक्ति आपसे Aadhaar OTP, Bank जानकारी या दूसरी निजी जानकारी मांगता है तो सावधान रहें। आवेदन सिर्फ अधिकृत माध्यम और केंद्र से ही करें।