1 अक्टूबर से Pink Card के बिना Delhi Bus में Free सफर मना
पिंक टिकट की जगह अब स्मार्ट कार्ड से होगा मुफ्त बस सफर, जानिए कौन बनवा सकता है कार्ड, आवेदन का तरीका, जरूरी दस्तावेज और कार्ड से जुड़े सभी जरूरी नियम। अगर आप दिल्ली में बस से रोज कॉलेज, ऑफिस, बाजार या किसी दूसरे काम के लिए जाती हैं, तो आने वाले दिनों में आपके सफर का तरीका थोड़ा बदलने वाला है। Pink Card अभी तक बस में चढ़ने के बाद कंडक्टर से मिलने वाली गुलाबी पर्ची लेकर महिलाएं मुफ्त यात्रा करती थीं। लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म होने जा रही है। दिल्ली परिवहन निगम यानी DTC ने कागज वाली पिंक टिकट व्यवस्था को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया है। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से मुफ्त बस यात्रा के लिए Pink Card जरूरी होगा। यानी अगर आपके पास कार्ड नहीं है, तो सिर्फ महिला यात्री होने के आधार पर कागज वाली पिंक टिकट लेकर मुफ्त सफर नहीं किया जा सकेगा और सामान्य किराया देना पड़ सकता है। इस बदलाव का मकसद मुफ्त बस यात्रा को कागज से हटाकर डिजिटल व्यवस्था में लाना है। अब बस में सफर करते समय कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन पर कार्ड टैप करना होगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक अब तक 18.5 लाख से ज्यादा Pink Card जारी किए जा चुके हैं। 1 अक्टूबर से आखिर क्या बदल जाएगा? अभी तक दिल्ली की DTC और क्लस्टर बसों में पात्र महिला यात्रियों को कंडक्टर की तरफ से पिंक टिकट दिया जाता है। टिकट पर किराया शून्य होता है और इसी के आधार पर मुफ्त सफर की सुविधा मिलती है। अब Pink Card इस पूरी प्रक्रिया की जगह लेगा। 1 अक्टूबर से पात्र यात्री को बस में चढ़ने के बाद अपना कार्ड कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा। कार्ड की जानकारी मशीन में दर्ज होगी और मुफ्त यात्रा की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी होगी। सबसे जरूरी बात यह है कि 1 अक्टूबर के बाद अगर कोई पात्र महिला कार्ड के बिना बस में सफर करती है, तो उसे सामान्य यात्री की तरह टिकट खरीदना पड़ सकता है। इसलिए आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय कार्ड पहले ही बनवा लेना बेहतर रहेगा। Pink Card क्या है? Pink Card एक स्मार्ट कार्ड है जो नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी NCMC तकनीक पर आधारित है। इसे खास तौर पर दिल्ली की पात्र महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया है। इस कार्ड की शुरुआत मार्च 2026 में हुई थी। पुराने कागज के टिकट की जगह कार्ड इस्तेमाल करने से यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा सकता है। सरकार की तरफ से इसे मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था को ज्यादा डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की कोशिश के रूप में बताया गया है। कार्ड का इस्तेमाल करते समय आपको बस में कोई अलग पर्ची लेने की जरूरत नहीं होगी। कार्ड को मशीन पर टैप करना होगा और यात्रा की प्रक्रिया वहीं दर्ज हो जाएगी। Pink Card किसे मिलेगा यह कार्ड? Pink Card दिल्ली की पात्र महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए है। हालिया जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी महिला और ट्रांसजेंडर व्यक्ति, जिनकी उम्र कम से कम 5 साल है, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान दिल्ली में निवास का प्रमाण जरूरी है। आधार जैसे पहचान दस्तावेज और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर आवेदन की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा सकता है। अलग-अलग आवेदन माध्यम पर मांगे जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी में बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन करते समय अधिकृत केंद्र या पोर्टल की ताजा जानकारी देखना सही रहेगा। अगर आपका पहचान दस्तावेज दिल्ली के बाहर का पता दिखाता है, तो आवेदन करने से पहले पात्रता जरूर जांच लें। सिर्फ दिल्ली में रोज काम करने या पढ़ने से अपने आप मुफ्त बस यात्रा की पात्रता साबित नहीं होती। कार्ड बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए? कार्ड बनवाने से पहले अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखना अच्छा रहेगा। आम तौर पर पहचान और दिल्ली में निवास से जुड़ा दस्तावेज मांगा जाता है। आधार कार्ड और आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर आवेदन प्रक्रिया में उपयोगी रहेगा। ऑनलाइन आवेदन करने वालों को मोबाइल पर OTP मिल सकता है, इसलिए मोबाइल नंबर चालू होना जरूरी है। अगर आवेदन के दौरान फोटो या दूसरे दस्तावेज मांगे जाते हैं, तो उनकी साफ कॉपी अपने पास रखें। एक बात ध्यान रखने वाली है कि अलग-अलग चरणों में कार्ड की प्रक्रिया और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी बदली जा सकती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति को दस्तावेज देने के बजाय अधिकृत केंद्र से ही आवेदन करवाएं। ऑफलाइन कार्ड बनवाना है तो क्या करना होगा? अगर आपको ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है तो Pink Card ऑफलाइन भी बनवाया जा सकता है। इसके लिए अधिकृत DTC केंद्र, संबंधित सरकारी कार्यालय या निर्धारित कार्ड वितरण केंद्रों पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र पर जाकर आपको अपना पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज देना होगा। मोबाइल नंबर का सत्यापन OTP के जरिए किया जा सकता है। सत्यापन पूरा होने के बाद कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सरकार ने कार्ड वितरण के लिए कई केंद्र बनाए हैं ताकि महिलाओं को सिर्फ एक जगह जाकर लंबी लाइन में न लगना पड़े। मई में DTC से जुड़ी जानकारी में 73 केंद्रों के जरिए कार्ड जारी होने की बात सामने आई थी और बाद में वितरण केंद्रों की व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया। इसलिए अपने इलाके के नजदीकी अधिकृत केंद्र की जानकारी पहले पता कर लेना अच्छा रहेगा।Pink Card घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? अगर आप मोबाइल से काम आसानी से कर लेती हैं तो Pink Card के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के दौरान आपको अपनी पहचान और मोबाइल से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होती है। सबसे पहले अधिकृत आवेदन माध्यम पर जाएं और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद जरूरी पहचान संबंधी जानकारी भरें और OTP से सत्यापन पूरा करें। आवेदन सफल होने के बाद आपको पंजीकरण या आवेदन से जुड़ी रसीद मिल सकती है। कार्ड प्राप्त करने के लिए आगे दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई दिक्कत आए तो किसी अनजान व्यक्ति