Rajasthan Yatra: 12 दिन में राजस्थान और उज्जैन की यात्रा
अगर आप लंबे समय से राजस्थान के किले, उदयपुर की झीलें, जयपुर की खूबसूरती, खाटू श्याम जी के दर्शन और उज्जैन के महाकाल को एक ही यात्रा में देखने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन अलग-अलग जगहों के लिए ट्रेन, होटल, खाना और लोकल गाड़ी का इंतजाम सोचकर रुक जाते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है।
इस बार सोलापुर और आसपास के शहरों से निकलने वाली एक खास Yatra में ये सारी जगहें एक साथ घूमने का मौका मिल रहा है। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी की भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के तहत “डिवाइन राजस्थान विद खाटू श्याम जी एंड उज्जैन यात्रा” नाम से यह खास Yatra 21 अक्टूबर 2026 को सोलापुर से शुरू होगी।
कुल 11 रात और 12 दिनों की इस यात्रा में राजस्थान के कई प्रसिद्ध शहरों के साथ खाटू श्याम जी और उज्जैन के ज्योतिर्लिंगों को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि ट्रेन से सफर, ठहरने की व्यवस्था, खाना, स्थानीय घूमना और यात्रा बीमा जैसी कई सुविधाएं एक ही पैकेज में दी जा रही हैं। यानी अलग-अलग बुकिंग का झंझट कम और पूरी Yatra पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से।
21 अक्टूबर से शुरू होगी यह खास Yatra, जानिए कितने दिन का है पूरा सफर
यह Yatra 21 अक्टूबर 2026 को सोलापुर स्टेशन से शुरू होगी और कुल 11 रात और 12 दिनों तक चलेगी। भारत गौरव योजना के तहत तैयार किए गए इस टूर का मकसद सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना नहीं है, बल्कि एक पूरे धार्मिक और सांस्कृतिक सर्किट को एक साथ दिखाना है। इस वजह से इसमें राजस्थान के ऐतिहासिक शहरों से लेकर प्रसिद्ध मंदिरों और उज्जैन के धार्मिक स्थलों तक को शामिल किया गया है।
लंबी छुट्टी लेकर अलग-अलग टिकट और होटल बुक करने के बजाय यात्री एक तय पैकेज के साथ यह Yatra कर सकते हैं। यात्रा का कार्यक्रम पहले से तय होने की वजह से यह उन लोगों के लिए भी सुविधाजनक हो सकता है जो खुद पूरी ट्रिप की योजना बनाने के बजाय तैयार पैकेज में घूमना पसंद करते हैं।
भारत गौरव ट्रेन से क्यों अलग है यह सफर?
भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, इतिहास और धार्मिक स्थलों से जोड़ने वाले पर्यटन कार्यक्रमों के लिए चलाया जाता है। इसी कड़ी में यह Yatra तैयार की गई है, जिसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्थान एक ही यात्रा में शामिल हैं।
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आम तौर पर अगर कोई परिवार उदयपुर, अजमेर, पुष्कर, जोधपुर, जयपुर, खाटू श्याम जी और उज्जैन घूमना चाहे तो उसे अलग-अलग ट्रेन, होटल, बस और स्थानीय वाहन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इस पैकेज में इन व्यवस्थाओं का बड़ा हिस्सा आईआरसीटीसी की तरफ से किया जा रहा है। इसलिए यह Yatra खासकर उन परिवारों और यात्रियों के लिए दिलचस्प हो सकती है जो लंबी धार्मिक-सांस्कृतिक यात्रा को व्यवस्थित तरीके से करना चाहते हैं।
उदयपुर में झीलों के साथ शुरू होगा राजस्थान का खूबसूरत हिस्सा
इस Yatra में राजस्थान का एक बड़ा आकर्षण उदयपुर है, जिसे झीलों की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां यात्रियों को सिटी पैलेस, जगदीश मंदिर, नाथद्वारा मंदिर और स्टैच्यू ऑफ बिलीफ जैसे प्रमुख स्थानों को देखने का मौका मिलेगा। उदयपुर की खासियत सिर्फ उसके महलों में नहीं बल्कि झीलों, पुरानी गलियों और राजस्थानी वास्तुकला में भी देखने को मिलती है।
अगर आप पहली बार राजस्थान जा रहे हैं तो इस Yatra का उदयपुर वाला हिस्सा आपको एक अलग तरह का अनुभव दे सकता है, क्योंकि यहां धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहें भी देखने को मिलेंगी।
नाथद्वारा और स्टैच्यू ऑफ बिलीफ भी होंगे सफर का हिस्सा
उदयपुर के साथ नाथद्वारा को भी इस Yatra में शामिल किया गया है। नाथद्वारा भगवान श्रीनाथजी के प्रसिद्ध मंदिर के लिए जाना जाता है और देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इसके साथ स्टैच्यू ऑफ बिलीफ भी आकर्षण का हिस्सा है, जो भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यानी एक ही पड़ाव में धार्मिक आस्था और आधुनिक पर्यटन स्थल दोनों देखने को मिलेंगे। अगर आप मंदिरों के साथ आसपास की खास जगहों को देखना पसंद करते हैं तो यह हिस्सा आपकी Yatra को और खास बना सकता है।
अजमेर और पुष्कर में धर्म और इतिहास दोनों का अनुभव
राजस्थान की इस Yatra में अजमेर और पुष्कर भी शामिल हैं। अजमेर में प्रसिद्ध अजमेर दरगाह और पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर तथा पुष्कर झील देखने का अवसर मिलेगा। दोनों शहर एक-दूसरे से अलग तरह का अनुभव देते हैं।
अजमेर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है, जबकि पुष्कर अपने मंदिर, झील और पुराने बाजारों के लिए खास है। यहां पहुंचकर आपको राजस्थान का वह हिस्सा देखने को मिलेगा जहां अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और पुरानी संस्कृति की झलक एक साथ दिखाई देती है। यही वजह है कि इस Yatra में अजमेर और पुष्कर को शामिल करना इसे सिर्फ मंदिरों की यात्रा नहीं रहने देता।
जोधपुर में दिखेगा राजस्थान का असली शाही अंदाज
इसके बाद Yatra आपको जोधपुर की तरफ लेकर जाएगी, जिसे सन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यहां मेहरानगढ़ किला और उम्मेद भवन पैलेस जैसे प्रसिद्ध स्थान देखने को मिलेंगे।
मेहरानगढ़ किला अपनी ऊंची पहाड़ी पर बनी विशाल संरचना और राजस्थानी इतिहास के लिए जाना जाता है, जबकि उम्मेद भवन अपनी भव्यता और शाही वास्तुकला के कारण आकर्षण का केंद्र है। जो लोग पुराने किले, महल और राजघरानों से जुड़ी वास्तुकला देखना पसंद करते हैं, उनके लिए जोधपुर वाला पड़ाव इस Yatra का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
जयपुर में हवा महल से लेकर बिरला मंदिर तक घूमने का मौका
राजस्थान की Yatra जयपुर के बिना पूरी हो ही नहीं सकती और इस पैकेज में गुलाबी नगरी को भी शामिल किया गया है। जयपुर में सिटी पैलेस, हवा महल और बिरला मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों को देखने का कार्यक्रम है। हवा महल की जालीदार खिड़कियां और अलग वास्तुकला जयपुर की पहचान बन चुकी हैं, जबकि सिटी पैलेस शहर के राजसी इतिहास की झलक देता है।
दूसरी तरफ बिरला मंदिर का शांत वातावरण इस पूरे घूमने वाले कार्यक्रम में थोड़ा सुकून वाला अनुभव जोड़ता है। अगर आप पहली बार जयपुर जा रहे हैं तो यहां घूमते समय अपने लिए थोड़ा समय निकालकर स्थानीय बाजार और राजस्थानी खाने का भी अनुभव लेना अच्छा रहेगा, हालांकि इसके लिए टूर के तय समय का ध्यान रखना जरूरी होगा।
खाटू श्याम जी के दर्शन होंगे इस Yatra का बड़ा धार्मिक पड़ाव
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में खाटू श्याम जी का नाम सबसे पहले लिया जाता है और यह Yatra आपको रींगस के रास्ते खाटू श्याम जी मंदिर तक भी लेकर जाएगी। बाबा श्याम के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
पैकेज में इस धार्मिक स्थल को शामिल किए जाने से उन यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ जाती है जो राजस्थान घूमने के साथ खाटू श्याम जी के दर्शन भी करना चाहते हैं। मंदिर में भीड़ और दर्शन के समय को देखते हुए टूर मैनेजर के निर्देशों और तय समय का पालन करना जरूरी होगा, क्योंकि ग्रुप यात्रा में किसी एक यात्री की देरी का असर पूरे कार्यक्रम पर पड़ सकता है।
अब राजस्थान से उज्जैन की तरफ बढ़ेगी Yatra
राजस्थान के कई शहरों की सैर के बाद इस Yatra का अगला बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में होगा। यात्रियों को उज्जैन ले जाया जाएगा, जो देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में गिना जाता है।
यहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन इस पैकेज के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक हैं। लंबे समय से महाकाल के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के लिए यह पड़ाव खास हो सकता है, क्योंकि राजस्थान के लंबे पर्यटन कार्यक्रम के साथ मध्य प्रदेश का यह धार्मिक शहर भी उसी यात्रा में शामिल हो रहा है।
महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी पैकेज में शामिल
उज्जैन पहुंचने के बाद Yatra में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी अवसर दिया गया है। भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में इन दोनों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस वजह से यह पैकेज सिर्फ राजस्थान घूमने वालों के लिए नहीं बल्कि धार्मिक यात्रा में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए भी खास बन जाता है।
हालांकि इतने कम समय में कई शहरों को कवर करने वाली Yatra में कार्यक्रम काफी व्यस्त रह सकता है, इसलिए यात्रियों को आराम के साथ-साथ समय का भी ध्यान रखना होगा।
सोलापुर के अलावा इन 9 स्टेशनों से भी पकड़ सकते हैं ट्रेन
इस Yatra की एक खास सुविधा यह है कि सिर्फ सोलापुर के यात्रियों को ही ट्रेन पकड़ने की जरूरत नहीं है। बोर्डिंग और उतरने के लिए कुल 10 प्रमुख स्टेशन दिए गए हैं। इनमें सोलापुर के साथ कुर्डुवाडी, दौंड, पुणे, लोनावला, कल्याण, वसई रोड, सूरत, वडोदरा और रतलाम शामिल हैं।
इसका मतलब है कि महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में रहने वाले यात्री अपने नजदीकी निर्धारित स्टेशन से इस Yatra में शामिल हो सकते हैं। टिकट बुक करते समय अपने बोर्डिंग स्टेशन को ध्यान से चुनना जरूरी है, ताकि यात्रा के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।
750 यात्री कर सकेंगे इस खास ट्रेन में सफर
इस भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन में करीब 750 यात्रियों के सफर करने की क्षमता बताई गई है। यात्रियों की अलग-अलग जरूरत और बजट को देखते हुए तीन श्रेणियां रखी गई हैं। सबसे कम कीमत वाला विकल्प स्लीपर श्रेणी है, इसके बाद 3 एसी और फिर 2 एसी की सुविधा दी गई है।
यानी अगर आप कम बजट में पूरी Yatra करना चाहते हैं तो स्लीपर विकल्प देख सकते हैं, जबकि ज्यादा आराम के लिए 3 एसी या 2 एसी का चुनाव किया जा सकता है। सीटों की संख्या अलग-अलग श्रेणियों में सीमित होने की वजह से बुकिंग करते समय अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करना बेहतर रहेगा।
स्लीपर में कितने रुपये का है पूरा पैकेज?
इकॉनमी यानी स्लीपर श्रेणी में एक व्यक्ति का पैकेज करीब 18,670 रुपये रखा गया है। अगर कोई यात्री कन्फर्म लोअर बर्थ चाहता है तो इसके लिए करीब 19,170 रुपये का किराया बताया गया है। 5 से 11 साल की उम्र के बच्चों के लिए पैकेज करीब 17,320 रुपये है।
इस कीमत में सिर्फ ट्रेन का सफर नहीं बल्कि पैकेज के तहत दी जाने वाली दूसरी सुविधाएं भी शामिल हैं। इसलिए अपनी Yatra का कुल खर्च निकालते समय यह देखना जरूरी है कि पैकेज में क्या-क्या शामिल है और किन चीजों के लिए आपको अलग से पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
3 AC और 2 AC वालों के लिए कितनी है कीमत?
अगर आप थोड़ा ज्यादा आराम चाहते हैं तो स्टैंडर्ड 3 एसी श्रेणी में एक व्यक्ति का किराया करीब 29,200 रुपये बताया गया है। कन्फर्म लोअर बर्थ के साथ यह करीब 30,200 रुपये हो जाता है, जबकि 5 से 11 साल के बच्चे का किराया करीब 27,610 रुपये है। वहीं कम्फर्ट 2 एसी श्रेणी में एक व्यक्ति का पैकेज करीब 38,040 रुपये है।
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कन्फर्म लोअर बर्थ के साथ यह करीब 39,540 रुपये और बच्चे के लिए करीब 36,140 रुपये बताया गया है। लंबी Yatra होने की वजह से परिवार अपनी सुविधा, बजट और सोने की पसंद के हिसाब से श्रेणी चुन सकते हैं।
पैकेज में 33 प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान
इस Yatra के पैकेज में रेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करीब 33 प्रतिशत की विशेष रियायत का उल्लेख किया गया है। पैकेज की कीमतें इस छूट को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
इसका मतलब यह है कि यात्रियों को ट्रेन, ठहरने, भोजन और घूमने जैसी कई सेवाओं को अलग-अलग बुक करने के बजाय एक पैकेज के रूप में भुगतान करना है। फिर भी बुकिंग से पहले आईआरसीटीसी की आधिकारिक जानकारी में अंतिम कीमत, उपलब्धता और शामिल सुविधाओं की जांच जरूर कर लेनी चाहिए, क्योंकि पैकेज की शर्तें और उपलब्धता बदल सकती हैं।
पैकेज में होटल से लेकर खाना तक क्या-क्या मिलेगा?
लंबी Yatra की सबसे बड़ी चिंता होती है कि इतने शहरों में होटल और खाने की व्यवस्था कैसे होगी। इस पैकेज में यात्रियों के लिए बजट होटलों में डबल, ट्रिपल या चार लोगों के साथ ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है।
खाने की बात करें तो ट्रेन में पेंट्री के जरिए शाकाहारी भोजन और होटलों में भी भोजन की व्यवस्था पैकेज का हिस्सा है। स्थानीय दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने के लिए बस की सुविधा भी दी जाएगी। यानी यात्रियों को हर शहर में अलग से टैक्सी खोजने और होटल ढूंढने की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।
ट्रेन में सुरक्षा और टूर मैनेजर की सुविधा भी रहेगी
ग्रुप में होने वाली Yatra में समय और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इस पैकेज में आईआरसीटीसी टूर मैनेजर की सुविधा दी जा रही है, जो यात्रियों को यात्रा के कार्यक्रम और स्थानीय घूमने के समय के बारे में जानकारी देगा।
ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और आपात स्थिति के लिए जरूरी इंतजाम भी बताए गए हैं। साथ ही यात्रा बीमा को भी पैकेज में शामिल किया गया है। फिर भी यात्रियों को अपनी जरूरी दवाइयां, पहचान पत्र और दूसरी व्यक्तिगत चीजें खुद संभालकर रखनी चाहिए।
लोअर बर्थ चाहिए तो पहले से ध्यान रखें
अगर आप लंबी Yatra में नीचे वाली सीट पर सोना चाहते हैं तो इसके लिए अलग विकल्प दिया गया है। पैकेज की जानकारी के अनुसार कन्फर्म लोअर बर्थ के लिए अतिरिक्त राशि देनी होगी।
रात में सोने के समय लोअर बर्थ का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि दिन के समय सीट व्यवस्था ट्रेन के नियमों के अनुसार रहेगी। जिन यात्रियों को लोअर बर्थ जरूरी चाहिए, उन्हें बुकिंग से पहले उपलब्ध विकल्प और संबंधित नियमों की जानकारी ले लेनी चाहिए।
टिकट की बुकिंग कैसे करें?
इस Yatra की बुकिंग आईआरसीटीसी की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट के जरिए की जा सकती है। वेबसाइट पर भारत गौरव ट्रेन वाले विकल्प में जाकर टूर का नाम या टूर कोड WZBG75 खोजा जा सकता है।
इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 की यात्रा, अपनी श्रेणी और यात्रियों की संख्या चुनकर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होने की जानकारी दी गई है, इसलिए अगर आप इस Yatra में जाने का मन बना रहे हैं तो उपलब्धता और बुकिंग की अंतिम शर्तें समय रहते जांच लेना बेहतर होगा।
बुकिंग से पहले किन बातों की जांच जरूर करें?
किसी भी लंबी Yatra के लिए सिर्फ किराया देखकर बुकिंग नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले यह देख लें कि आपके चुने हुए पैकेज में भोजन, होटल, बस, दर्शन और स्थानीय घूमने की कौन-कौन सी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके बाद बोर्डिंग स्टेशन, कमरे में कितने लोगों के साथ ठहरना है और बच्चों का किराया जैसी जानकारी भी ध्यान से पढ़ें। साथ ही रद्द करने, तारीख बदलने और भुगतान से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। इससे यात्रा के दौरान किसी तरह का भ्रम या अतिरिक्त खर्च होने की संभावना कम होगी।
12 दिन की Yatra के लिए क्या सामान लेकर जाएं?
क्योंकि यह Yatra करीब 12 दिनों की है और इसमें राजस्थान के कई शहरों के साथ उज्जैन भी शामिल है, इसलिए बहुत ज्यादा सामान ले जाने की जरूरत नहीं है। हल्के और आरामदायक कपड़े, अच्छे चलने वाले जूते, एक छोटा बैग, जरूरी दवाइयां, पहचान पत्र और मोबाइल चार्जर जैसी चीजें जरूर रखें।
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राजस्थान में दिन के समय गर्मी और धूप महसूस हो सकती है, जबकि अक्टूबर के अंत में सुबह-शाम कुछ जगहों पर मौसम सुहावना हो सकता है। इसलिए कपड़े चुनते समय पूरे सफर के मौसम को ध्यान में रखना समझदारी होगी।
मंदिरों की Yatra है तो कपड़ों का भी रखें ध्यान
इस Yatra में कई धार्मिक स्थल शामिल हैं, इसलिए मंदिर जाने के लिए आरामदायक और सभ्य कपड़े रखना अच्छा रहेगा। मंदिरों में प्रवेश के नियम हर जगह अलग हो सकते हैं, इसलिए वहां के स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
लंबे समय तक पैदल चलने की संभावना को देखते हुए ऐसे कपड़े और जूते रखें जिनमें आपको परेशानी न हो। खासकर खाटू श्याम जी, महाकालेश्वर और दूसरे धार्मिक स्थलों पर भीड़ के दौरान सामान को संभालकर रखना जरूरी है।
क्या यह Yatra परिवार के लिए सही हो सकती है?
इस पैकेज का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें धार्मिक और पर्यटन दोनों तरह की जगहों को एक साथ शामिल किया गया है। अगर परिवार में कुछ लोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों में जाना चाहते हैं और कुछ लोग किले, महल और शहर देखना चाहते हैं, तो इस तरह की Yatra दोनों तरह की रुचियों को एक साथ पूरा कर सकती है।
दूसरी तरफ 12 दिनों में कई जगहें कवर होने के कारण कार्यक्रम व्यस्त भी रह सकता है। इसलिए जो लोग बहुत आराम से एक शहर में दो-तीन दिन बिताना पसंद करते हैं, उनके लिए स्वतंत्र यात्रा ज्यादा अलग अनुभव दे सकती है।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- 12 दिन की यात्रा के लिए सामान हल्का रखें। हर शहर में सामान लेकर घूमना परेशानी वाला हो सकता है। जरूरी कपड़े, दवाइयां, पहचान पत्र, चार्जर और रोजमर्रा की चीजें रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा सामान लेकर न चलें।
- आरामदायक जूते जरूर रखें। इस Yatra में किले, मंदिर और पर्यटन स्थलों पर काफी पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए नए या असुविधाजनक जूतों के बजाय पहले से पहने हुए आरामदायक जूते साथ रखें।
- मंदिरों के लिए अलग छोटा बैग रखें। मोबाइल, पर्स, पानी और जरूरी सामान रखने के लिए छोटा बैग काफी सुविधाजनक रहेगा। मंदिरों में सामान ले जाने से जुड़े स्थानीय नियम पहले देख लें और कीमती चीजें कम से कम रखें।
- टूर मैनेजर का समय ध्यान से फॉलो करें। यह ग्रुप Yatra है, इसलिए ट्रेन या बस के तय समय से देर होने पर अगला पड़ाव छूट सकता है। हर जगह पहुंचते ही वापस आने का समय नोट कर लें और अपनी घड़ी में अलार्म लगा लें।
- बुकिंग से पहले पैकेज की पूरी शर्तें पढ़ें। किराया देखकर तुरंत टिकट बुक करने के बजाय यह जरूर जांचें कि आपके पैकेज में होटल, भोजन, स्थानीय बस, बीमा और दूसरी सुविधाएं किस तरह शामिल हैं। अंतिम भुगतान से पहले आईआरसीटीसी की आधिकारिक जानकारी से कीमत और उपलब्धता की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर यह Yatra उन यात्रियों के लिए एक दिलचस्प विकल्प है जो एक ही सफर में राजस्थान के किले और महल, उदयपुर की झीलें, अजमेर और पुष्कर के धार्मिक स्थल, खाटू श्याम जी और उज्जैन के ज्योतिर्लिंग देखना चाहते हैं।
21 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा सोलापुर से शुरू होगी और रास्ते में महाराष्ट्र तथा गुजरात के कई प्रमुख स्टेशनों से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की सुविधा दी गई है। इस पैकेज में ट्रेन, होटल, भोजन, स्थानीय घूमने की व्यवस्था और यात्रा बीमा जैसी सुविधाएं शामिल होने की वजह से यात्रियों को अलग-अलग बुकिंग का काम कम करना पड़ेगा।
हालांकि अंतिम बुकिंग से पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध सीट, किराया, यात्रा कार्यक्रम और पैकेज की शर्तों को जरूर देख लें। अगर आप लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक जगहों को एक साथ देखने का प्लान बना रहे हैं, तो यह Yatra आपके लिए देखने लायक पैकेज हो सकती है।