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Rajasthan Yatra: 12 दिन में राजस्थान और उज्जैन की यात्रा

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अगर आप लंबे समय से राजस्थान के किले, उदयपुर की झीलें, जयपुर की खूबसूरती, खाटू श्याम जी के दर्शन और उज्जैन के महाकाल को एक ही यात्रा में देखने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन अलग-अलग जगहों के लिए ट्रेन, होटल, खाना और लोकल गाड़ी का इंतजाम सोचकर रुक जाते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। इस बार सोलापुर और आसपास के शहरों से निकलने वाली एक खास Yatra में ये सारी जगहें एक साथ घूमने का मौका मिल रहा है। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी की भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के तहत “डिवाइन राजस्थान विद खाटू श्याम जी एंड उज्जैन यात्रा” नाम से यह खास Yatra 21 अक्टूबर 2026 को सोलापुर से शुरू होगी। कुल 11 रात और 12 दिनों की इस यात्रा में राजस्थान के कई प्रसिद्ध शहरों के साथ खाटू श्याम जी और उज्जैन के ज्योतिर्लिंगों को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि ट्रेन से सफर, ठहरने की व्यवस्था, खाना, स्थानीय घूमना और यात्रा बीमा जैसी कई सुविधाएं एक ही पैकेज में दी जा रही हैं। यानी अलग-अलग बुकिंग का झंझट कम और पूरी Yatra पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से। 21 अक्टूबर से शुरू होगी यह खास Yatra, जानिए कितने दिन का है पूरा सफर यह Yatra 21 अक्टूबर 2026 को सोलापुर स्टेशन से शुरू होगी और कुल 11 रात और 12 दिनों तक चलेगी। भारत गौरव योजना के तहत तैयार किए गए इस टूर का मकसद सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना नहीं है, बल्कि एक पूरे धार्मिक और सांस्कृतिक सर्किट को एक साथ दिखाना है। इस वजह से इसमें राजस्थान के ऐतिहासिक शहरों से लेकर प्रसिद्ध मंदिरों और उज्जैन के धार्मिक स्थलों तक को शामिल किया गया है। लंबी छुट्टी लेकर अलग-अलग टिकट और होटल बुक करने के बजाय यात्री एक तय पैकेज के साथ यह Yatra कर सकते हैं। यात्रा का कार्यक्रम पहले से तय होने की वजह से यह उन लोगों के लिए भी सुविधाजनक हो सकता है जो खुद पूरी ट्रिप की योजना बनाने के बजाय तैयार पैकेज में घूमना पसंद करते हैं। भारत गौरव ट्रेन से क्यों अलग है यह सफर? भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, इतिहास और धार्मिक स्थलों से जोड़ने वाले पर्यटन कार्यक्रमों के लिए चलाया जाता है। इसी कड़ी में यह Yatra तैयार की गई है, जिसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्थान एक ही यात्रा में शामिल हैं। आम तौर पर अगर कोई परिवार उदयपुर, अजमेर, पुष्कर, जोधपुर, जयपुर, खाटू श्याम जी और उज्जैन घूमना चाहे तो उसे अलग-अलग ट्रेन, होटल, बस और स्थानीय वाहन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इस पैकेज में इन व्यवस्थाओं का बड़ा हिस्सा आईआरसीटीसी की तरफ से किया जा रहा है। इसलिए यह Yatra खासकर उन परिवारों और यात्रियों के लिए दिलचस्प हो सकती है जो लंबी धार्मिक-सांस्कृतिक यात्रा को व्यवस्थित तरीके से करना चाहते हैं। उदयपुर में झीलों के साथ शुरू होगा राजस्थान का खूबसूरत हिस्सा इस Yatra में राजस्थान का एक बड़ा आकर्षण उदयपुर है, जिसे झीलों की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां यात्रियों को सिटी पैलेस, जगदीश मंदिर, नाथद्वारा मंदिर और स्टैच्यू ऑफ बिलीफ जैसे प्रमुख स्थानों को देखने का मौका मिलेगा। उदयपुर की खासियत सिर्फ उसके महलों में नहीं बल्कि झीलों, पुरानी गलियों और राजस्थानी वास्तुकला में भी देखने को मिलती है। अगर आप पहली बार राजस्थान जा रहे हैं तो इस Yatra का उदयपुर वाला हिस्सा आपको एक अलग तरह का अनुभव दे सकता है, क्योंकि यहां धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहें भी देखने को मिलेंगी। नाथद्वारा और स्टैच्यू ऑफ बिलीफ भी होंगे सफर का हिस्सा उदयपुर के साथ नाथद्वारा को भी इस Yatra में शामिल किया गया है। नाथद्वारा भगवान श्रीनाथजी के प्रसिद्ध मंदिर के लिए जाना जाता है और देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ स्टैच्यू ऑफ बिलीफ भी आकर्षण का हिस्सा है, जो भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यानी एक ही पड़ाव में धार्मिक आस्था और आधुनिक पर्यटन स्थल दोनों देखने को मिलेंगे। अगर आप मंदिरों के साथ आसपास की खास जगहों को देखना पसंद करते हैं तो यह हिस्सा आपकी Yatra को और खास बना सकता है। अजमेर और पुष्कर में धर्म और इतिहास दोनों का अनुभव राजस्थान की इस Yatra में अजमेर और पुष्कर भी शामिल हैं। अजमेर में प्रसिद्ध अजमेर दरगाह और पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर तथा पुष्कर झील देखने का अवसर मिलेगा। दोनों शहर एक-दूसरे से अलग तरह का अनुभव देते हैं। अजमेर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है, जबकि पुष्कर अपने मंदिर, झील और पुराने बाजारों के लिए खास है। यहां पहुंचकर आपको राजस्थान का वह हिस्सा देखने को मिलेगा जहां अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और पुरानी संस्कृति की झलक एक साथ दिखाई देती है। यही वजह है कि इस Yatra में अजमेर और पुष्कर को शामिल करना इसे सिर्फ मंदिरों की यात्रा नहीं रहने देता। जोधपुर में दिखेगा राजस्थान का असली शाही अंदाज इसके बाद Yatra आपको जोधपुर की तरफ लेकर जाएगी, जिसे सन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यहां मेहरानगढ़ किला और उम्मेद भवन पैलेस जैसे प्रसिद्ध स्थान देखने को मिलेंगे। मेहरानगढ़ किला अपनी ऊंची पहाड़ी पर बनी विशाल संरचना और राजस्थानी इतिहास के लिए जाना जाता है, जबकि उम्मेद भवन अपनी भव्यता और शाही वास्तुकला के कारण आकर्षण का केंद्र है। जो लोग पुराने किले, महल और राजघरानों से जुड़ी वास्तुकला देखना पसंद करते हैं, उनके लिए जोधपुर वाला पड़ाव इस Yatra का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। जयपुर में हवा महल से लेकर बिरला मंदिर तक घूमने का मौका राजस्थान की Yatra जयपुर के बिना पूरी हो ही नहीं सकती और इस पैकेज में गुलाबी नगरी को भी शामिल किया गया है। जयपुर में सिटी पैलेस, हवा महल और बिरला मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों को देखने का कार्यक्रम है। हवा महल की जालीदार खिड़कियां और अलग वास्तुकला जयपुर की पहचान बन चुकी हैं, जबकि सिटी पैलेस शहर के राजसी इतिहास की झलक देता है। दूसरी तरफ बिरला मंदिर का शांत वातावरण इस पूरे घूमने वाले कार्यक्रम में थोड़ा सुकून वाला अनुभव जोड़ता है।