Delhi में BRICS Bazaar 2026: 18 देशों की कला और हस्तशिल्प
Delhi में चल रहा BRICS Bazaar सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों की कला, कारीगरी और संस्कृति को करीब से देखने का मौका है। 18 देशों के कलाकारों और कारीगरों की मौजूदगी इसे खास बनाती है। अगर आपको हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और कुछ अलग तरह की चीजें देखना पसंद है, तो यह जगह आपके लिए काफी दिलचस्प हो सकती है। Delhi में इन दिनों ब्रिक्स समिट की वजह से काफी हलचल है, लेकिन इसी माहौल के बीच एक ऐसी जगह भी है जहां राजनीति और बैठकों से अलग कला और संस्कृति को सामने रखा गया है।
BRICS Bazaar 2026 का आयोजन नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम एंड हस्तकला अकादमी में किया जा रहा है, जहां भारत के साथ-साथ ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प देखने को मिल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां चीजों को सिर्फ सजाकर रखा नहीं गया है, बल्कि कई जगहों पर कारीगर अपनी कला और बनाने की प्रक्रिया से भी लोगों को परिचित करा रहे हैं। यानी यहां घूमते हुए आपको यह समझने का मौका मिलता है कि किसी खूबसूरत हस्तनिर्मित चीज के पीछे कितनी मेहनत और कितनी पुरानी परंपरा जुड़ी होती है।
BRICS Bazaar 2026 कब और कहां लगाया गया है?
BRICS Bazaar 2026 का आयोजन 10 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। इसका आयोजन National Crafts Museum & Hastkala Academy, Bhairon Marg, Pragati Maidan, New Delhi में हो रहा है। यह वही इलाका है जहां से भारत मंडपम भी ज्यादा दूर नहीं है और इसी वजह से इस पूरे क्षेत्र में ब्रिक्स से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार संग्रहालय का मुख्य प्रवेश भैरों मार्ग की तरफ है और नजदीकी मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन है, जिसे पहले प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन के नाम से जाना जाता था।
BRICS Bazaar 2026 की जरूरी जानकारी
कार्यक्रम: BRICS Bazaar 2026
तारीख: 10 सितंबर से 15 सितंबर 2026
जगह: National Crafts Museum & Hastkala Academy
पता: भैरों मार्ग, प्रगति मैदान, नई Delhi
नजदीकी मेट्रो: सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन
आयोजन: Ministry of Textiles और Ministry of External Affairs
खास आकर्षण: अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, कारीगर, कला प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
आज 15 सितंबर होने की वजह से यह आयोजन का आखिरी दिन है। अगर आप इसे देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आज ही जाना बेहतर रहेगा, क्योंकि कार्यक्रम 15 सितंबर तक ही है।
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BRICS Bazaar में आखिर देखने को क्या मिलेगा?
BRICS Bazaar की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता है। यहां आपको सिर्फ भारतीय हस्तशिल्प नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों की पारंपरिक कलाओं को भी एक ही जगह देखने का मौका मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस Bazaar में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों से जुड़े 40 से ज्यादा कलाकार, डिजाइनर और क्रिएटिव उद्यम शामिल हैं और करीब 18 देशों की कला एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को जगह दी गई है। यानी अगर आपको यह जानने में रुचि है कि भारत के बाहर दूसरे देशों में पारंपरिक कला किस तरह बनाई जाती है, तो यह जगह काफी अच्छी है।
यहां आपको अलग-अलग तरह की पारंपरिक कारीगरी देखने को मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर चीन की Suzhou embroidery, इंडोनेशिया की पारंपरिक बुनाई, नाइजीरिया की लकड़ी और calabash कला तथा दक्षिण अफ्रीका की Zulu leather craft जैसी कलाओं को भी प्रदर्शित किया गया है। इस तरह का Bazaar Delhi में इसलिए भी अलग लगता है क्योंकि यहां एक ही जगह पर अलग-अलग देशों की कला को देखकर उनकी संस्कृति को समझने का मौका मिलता है।
सिर्फ सामान देखने नहीं, कारीगरों को काम करते हुए भी देखिए
अगर आप BRICS Bazaar जाने वाले हैं तो मेरी सलाह रहेगी कि सिर्फ दुकानों और स्टॉल को देखकर आगे न बढ़ें। जहां कारीगर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हों, वहां कुछ समय जरूर रुकिए। किसी कढ़ाई को तैयार करने में कितना समय लगता है, किसी लकड़ी के सामान पर डिजाइन कैसे बनाया जाता है या किसी पारंपरिक कला को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कैसे पहुंचाया जाता है—इन चीजों को सामने से देखना अपने आप में अलग अनुभव होता है।
इस Bazaar में craft demonstrations और कला से जुड़े प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ सामान दिखाना नहीं, बल्कि लोगों को इन परंपराओं और उनके पीछे काम करने वाले कलाकारों से जोड़ना भी है। और यही इस कार्यक्रम को सामान्य खरीदारी वाले मेले से थोड़ा अलग बनाता है।
18 देशों की कला को एक जगह देखने का अनुभव
सोचिए, एक तरफ भारत की पारंपरिक कारीगरी है और दूसरी तरफ किसी दूसरे देश से आई हुई कला। दोनों की तकनीक अलग हो सकती है, रंग अलग हो सकते हैं और इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी अलग हो सकती है, लेकिन दोनों के पीछे अपने-अपने समाज और इतिहास की कहानी जुड़ी होती है। BRICS Bazaar में इसी सांस्कृतिक विविधता को एक जगह लाने की कोशिश की गई है।
यहां घूमते हुए आपको महसूस होगा कि हस्तशिल्प केवल सजावट या खरीदारी की चीज नहीं है। कई जगहों पर यह किसी समुदाय की पहचान, किसी इलाके की परंपरा और कई पीढ़ियों की मेहनत से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से अगर आप कला, संस्कृति, इतिहास या यात्रा से जुड़ा कंटेंट पसंद करते हैं, तो यह Bazaar आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।
भारत के हस्तशिल्प को भी मिला है खास स्थान
हालांकि BRICS Bazaar का फोकस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर है, लेकिन भारत की अपनी हस्तशिल्प परंपराएं भी इसमें अहम हिस्सा हैं। भारत में हर राज्य की अपनी अलग कारीगरी है। कहीं कपड़े पर कढ़ाई की परंपरा है, कहीं मिट्टी का काम प्रसिद्ध है, कहीं लकड़ी की नक्काशी तो कहीं धातु का काम। ऐसे आयोजनों में इन कलाओं को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का मौका मिलता है।
मंत्रालय की जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में भारत की पारंपरिक हस्तशिल्प परंपराओं को भी सामने रखा जा रहा है और भारतीय कारीगरों को अपने उत्पाद दिखाने, प्रदर्शित करने और बेचने का मंच मिल रहा है। इसलिए अगर आप कुछ खरीदना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि केवल कीमत देखकर फैसला न करें। जिस चीज को खरीद रहे हैं, उसके पीछे की कला और उसे बनाने वाले कारीगर के बारे में भी जानें।
यहां खरीदारी का अनुभव बाकी मेलों से कैसे अलग हो सकता है?
किसी सामान्य मेले में अक्सर हमारा ध्यान जल्दी-जल्दी स्टॉल देखने और पसंद की चीज खरीदने पर रहता है। लेकिन BRICS Bazaar में थोड़ा समय लेकर घूमना ज्यादा अच्छा रहेगा। किसी सामान को देखकर तुरंत यह मत सोचिए कि यह सिर्फ सजावट की चीज है।
पहले यह देखिए कि इसे बनाया कैसे गया है, किस सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और क्या यह हाथ से बनाया गया है। कई बार किसी छोटी-सी चीज में भी बहुत ज्यादा मेहनत छिपी होती है। अगर आप हस्तशिल्प खरीदते हैं तो विक्रेता या कारीगर से उसके बारे में पूछ सकते हैं। इससे आपको चीज की बेहतर समझ मिलेगी और खरीदारी भी ज्यादा सोच-समझकर होगी।
BRICS Bazaar में फोटो और वीडियो बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें
इस तरह के आयोजनों में फोटो और वीडियो बनाना स्वाभाविक है, खासकर जब सजावट इतनी आकर्षक हो। लेकिन BRICS Bazaar में हर जगह कैमरा निकालकर शूट करने से पहले आसपास के निर्देश जरूर देख लें। किसी कारीगर की काम करते हुए तस्वीर लेना हो तो पहले अनुमति मांग लेना बेहतर है। खासकर जब आप किसी व्यक्ति का क्लोज-अप या उसके काम की प्रक्रिया रिकॉर्ड कर रहे हों।
नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम की सामान्य जानकारी में फोटोग्राफी की अनुमति का उल्लेख है, लेकिन संग्रहालय के नियमों में flash photography और प्रदर्शित वस्तुओं को छूने से मना किया गया है। इसलिए इवेंट के दौरान भी वहां लगे निर्देशों को प्राथमिकता देना सबसे सही रहेगा। Flash का इस्तेमाल न करें, खासकर संग्रहालय की कलाकृतियों के आसपास।
अगर बच्चों के साथ जा रहे हैं तो क्या ध्यान रखें?
अगर आप बच्चों के साथ BRICS Bazaar देखने जा रहे हैं तो उन्हें सिर्फ खरीदारी के लिए न ले जाएं। यह उनके लिए अलग-अलग देशों की कला और भारत की हस्तशिल्प परंपरा को समझने का अच्छा मौका हो सकता है।
बच्चों को समझाएं कि किसी वस्तु को बिना अनुमति हाथ नहीं लगाना है। संग्रहालय की आधिकारिक गाइडलाइन में भी प्रदर्शित वस्तुओं को न छूने और परिसर में शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है। भीड़ में बच्चों का हाथ पकड़कर चलें और उन्हें स्टॉल के बीच अकेले न छोड़ें।
BRICS Bazaar में कितना समय लेकर जाना चाहिए?
अगर आप केवल जल्दी से घूमकर निकलना चाहते हैं तो एक से डेढ़ घंटे में मुख्य हिस्से देख सकते हैं। लेकिन अगर आप कारीगरों की कला देखना चाहते हैं, अलग-अलग देशों के स्टॉल ध्यान से देखना चाहते हैं और संग्रहालय का वातावरण भी महसूस करना चाहते हैं, तो दो से तीन घंटे आराम से रखिए।
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नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम की सामान्य गैलरी टाइमिंग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है और यह मंगलवार से रविवार खुलता है। हालांकि BRICS Bazaar की विशेष गतिविधियों के समय अलग हो सकते हैं, इसलिए जाने से पहले कार्यक्रम की ताजा सूचना देख लेना बेहतर है।
यहां पहुंचने का सबसे आसान तरीका क्या है?
Delhi के अलग-अलग हिस्सों से आने वालों के लिए मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। आप सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से आ सकते हैं। नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यही इसका नजदीकी मेट्रो स्टेशन है। मेट्रो से उतरने के बाद आपको आगे ऑटो या पैदल जाने का विकल्प मिल सकता है। अगर आप अपनी कार से आ रहे हैं तो निकलने से पहले पार्किंग की स्थिति जरूर देख लें। संग्रहालय की वेबसाइट के अनुसार मुख्य प्रवेश भैरों मार्ग की ओर है और वहां वैलेट पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। लेकिन किसी बड़े आयोजन के दिन केवल कार पर निर्भर रहने के बजाय मेट्रो ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकती है।
BRICS Bazaar में क्या-क्या लेकर जाना चाहिए?
अगर आप इस तरह के event में जा रहे हैं तो छोटी-छोटी चीजें काफी काम आती हैं। अपना पहचान पत्र जरूर रखें। अगर प्रवेश के समय पहचान या सुरक्षा जांच की जरूरत पड़े तो परेशानी नहीं होगी। फोन की बैटरी पूरी करके जाएं। यहां फोटो और वीडियो बनाने में फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। इसलिए निकलने से पहले फोन चार्ज कर लें।
Power Bank साथ रखें। अगर आप लंबे समय तक रुकने वाले हैं तो Power Bank काफी काम आएगा। पानी की छोटी बोतल रखें। Delhi का मौसम सितंबर में पूरी तरह ठंडा नहीं होता। बाहर से आते-जाते समय पानी साथ रखना उपयोगी रहेगा। हालांकि संग्रहालय की गैलरी के अंदर खाने-पीने की चीजें ले जाने से पहले वहां के निर्देश जरूर देखें। संग्रहालय की सामान्य गाइडलाइन में galleries के अंदर eatables की अनुमति नहीं है। आरामदायक जूते पहनें।
यह सबसे जरूरी चीजों में से एक है। ऐसे Bazaar में आप सोचते हैं कि बस थोड़ी देर घूमना है, लेकिन एक स्टॉल से दूसरे स्टॉल तक जाते-जाते काफी चलना पड़ सकता है। इसलिए नए या बहुत ज्यादा असहज जूते पहनकर न जाएं।
BRICS Bazaar में क्या चीजें नहीं लेकर जानी चाहिए?
सुरक्षा जांच को देखते हुए बहुत बड़ा बैग या जरूरत से ज्यादा सामान लेकर जाना समझदारी नहीं है। आप जितना हल्का सामान रखेंगे, उतना आराम से घूम पाएंगे। इन बातों का ध्यान रखें—बहुत बड़ा या भारी बैग न लेकर जाएं, अनावश्यक सामान घर पर ही छोड़ दें, कोई ऐसी वस्तु न रखें जिसे सुरक्षा जांच में रोका जा सकता है, महंगे और जरूरत से ज्यादा सामान साथ न रखें, गैलरी के अंदर खाने-पीने की चीजें लेकर न जाएं, किसी कलाकृति या प्रदर्शित सामान को हाथ न लगाएं, बिना अनुमति किसी कारीगर का क्लोज-अप वीडियो न बनाएं, Flash का इस्तेमाल न करें और बच्चों को प्रदर्शनी की वस्तुओं से दूर रखें।
अगर खरीदारी करनी है तो एक छोटी सी बात याद रखें
BRICS Bazaar देखकर अगर आपको कोई हस्तनिर्मित चीज पसंद आ जाए तो सिर्फ bargain करने के बारे में न सोचें। हस्तशिल्प और मशीन से बने सामान में काफी अंतर होता है। एक कारीगर किसी चीज को बनाने में घंटों या कई दिन लगा सकता है।
इसलिए अगर कीमत आपके बजट में है और चीज आपको सच में पसंद है, तो कारीगर की मेहनत को ध्यान में रखते हुए खरीदारी करना ज्यादा अच्छा है। साथ ही, अगर कोई महंगी वस्तु खरीद रहे हैं तो उसके बारे में पूछें—सामग्री क्या है, इसे कैसे बनाया गया है और इसे संभालकर कैसे रखना है। इससे आपकी खरीदारी सिर्फ यादगार नहीं होगी, बल्कि आप उस कला को भी थोड़ा बेहतर समझ पाएंगे।
क्या यह सिर्फ कला प्रेमियों के लिए है?
नहीं। अगर आपको यात्रा पसंद है, अलग-अलग संस्कृतियों के बारे में जानना अच्छा लगता है या आप Delhi में हर बार कुछ नया explore करना चाहते हैं, तो BRICS Bazaar आपके लिए भी अच्छा विकल्प है। खासकर उन लोगों के लिए जो Delhi के सामान्य shopping malls और बड़े बाजारों से अलग कुछ देखना चाहते हैं, यह जगह ज्यादा अनुभव वाली लग सकती है।
यहां घूमते हुए आपको खरीदारी के साथ-साथ संस्कृति, कला और कारीगरों की मेहनत देखने को मिलती है। और अगर आप content creator हैं तो आपके लिए भी यहां काफी visual material हो सकता है—रंगीन सजावट, हस्तशिल्प, कारीगरों का काम और अलग-अलग देशों की कला। बस शूट करते समय वहां के नियम और कलाकारों की privacy का ध्यान रखें।
BRICS Bazaar और National Crafts Museum को एक साथ देखने का फायदा
अगर आप पहली बार National Crafts Museum जा रहे हैं तो सिर्फ Bazaar देखकर वापस न लौटें। म्यूजियम खुद भी भारतीय हस्तशिल्प और लोक परंपराओं को समझने के लिए काफी खास जगह है। यहां Folk and Tribal Gallery, Textile Gallery, Village Complex और अलग-अलग craft galleries हैं।
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आधिकारिक जानकारी के अनुसार संग्रहालय का पूरा परिसर भारतीय गांव और पारंपरिक कारीगरी की भावना को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसलिए अगर समय हो तो BRICS Bazaar के साथ संग्रहालय के बाकी हिस्से भी देख सकते हैं। इससे आपकी पूरी यात्रा सिर्फ एक event देखने तक सीमित नहीं रहेगी।
आज 15 सितंबर को जाना है तो इन बातों का रखें ध्यान
आज BRICS Bazaar 2026 का आखिरी दिन है। इसलिए अगर आप आज जाने का सोच रहे हैं तो बहुत देर से निकलने के बजाय समय रहते पहुंचना बेहतर रहेगा। अंतिम दिन लोगों की संख्या बढ़ सकती है, खासकर अगर event सोशल मीडिया पर ज्यादा चर्चा में रहा हो।
साथ ही, निकलने से पहले कार्यक्रम के प्रवेश और समय की ताजा जानकारी जरूर देख लें। क्योंकि सामान्य National Crafts Museum की gallery timing सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, लेकिन किसी विशेष कार्यक्रम की entry व्यवस्था अलग हो सकती है।
Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव
- इस तरह के Bazaar में काफी घूमना पड़ता है। छोटा बैग रखें और केवल जरूरी सामान ही साथ ले जाएं।
- फोटो के लिए अच्छा दिखना जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है कि आप आराम से दो-तीन घंटे घूम सकें।
- फोटो-वीडियो बनाते समय फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। पानी की छोटी बोतल भी साथ रखना अच्छा रहेगा।
- किसी चीज को बिना पूछे न छुएं और किसी कारीगर की तस्वीर या वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेना बेहतर है। संग्रहालय की वस्तुओं के साथ खास सावधानी रखें और Flash से बचें।
- पहले पूरा Bazaar घूमकर देखिए, फिर जो चीज सच में पसंद आए उसे खरीदिए। खासकर हस्तनिर्मित सामान लेते समय उसकी कारीगरी, सामग्री और उपयोग के बारे में जरूर पूछें।
Delhi में होने वाले कई आयोजन कुछ घंटों की भीड़ और तस्वीरों तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन BRICS Bazaar थोड़ा अलग अनुभव देता है। यहां घूमते हुए आपको यह समझ आता है कि अलग-अलग देशों की संस्कृति कितनी अलग होते हुए भी कला और कारीगरी लोगों को एक-दूसरे के करीब ला सकती है। 18 देशों की कला, अलग-अलग परंपराएं, कारीगरों की मेहनत और भारतीय हस्तशिल्प को एक जगह देखना अपने आप में खास अनुभव है।
अगर आप Delhi में रहते हैं और आपको travel, culture, handicrafts और unique experiences पसंद हैं, तो इस Bazaar को अपनी Delhi वाली सूची में जरूर शामिल कर सकते हैं। और अगर आज यानी 15 सितंबर को जाने का प्लान है, तो ज्यादा देर न करें—क्योंकि यह BRICS Bazaar 2026 का आखिरी दिन है।