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दिल्ली-एनसीआर में आज Railway से सफर करने वाले यात्रियों के लिए दिन काफी मुश्किल भरा रहा। मंगलवार की सुबह नई दिल्ली और गाजियाबाद के बीच एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद दिल्ली का पूरा Railway नेटवर्क प्रभावित हो गया।

इस हादसे का असर सिर्फ एक-दो ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 110 से ज्यादा यात्री ट्रेनों के संचालन पर इसका असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है और कई लोकल ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इस Railway Update का असर उन यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ा जो आज दिल्ली, गाजियाबाद, आनंद विहार, नई दिल्ली या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले थे।

इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत से दिल्ली आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी इसका असर देखने को मिला है। गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-नई दिल्ली राजधानी, अमृत भारत एक्सप्रेस, सप्त क्रांति एक्सप्रेस और कई दूसरी महत्वपूर्ण ट्रेनें देरी से चल रही हैं। अगर आप भी आज Railway से यात्रा करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें। इस समय दिल्ली और गाजियाबाद के बीच Railway ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य नहीं है और स्थिति लगातार बदल रही है।

गाजियाबाद के पास मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतरे

Railway अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह नई दिल्ली और गाजियाबाद के बीच एक मालगाड़ी के छह लोडेड वैगन पटरी से उतर गए। यह हादसा दिल्ली-हावड़ा मुख्य Railway रूट पर हुआ, जो देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। इस रूट पर हर दिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां चलती हैं।

हादसे की सबसे राहत वाली बात यह रही कि इसमें किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, मालगाड़ी के डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद Railway ट्रैक पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई। ट्रैक को साफ करने और पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही Railway के वरिष्ठ अधिकारी और DRM स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बहाली का काम तेजी से शुरू किया गया, लेकिन इस तरह के बड़े हादसे के बाद Railway ट्रैक को दोबारा सुरक्षित बनाने में समय लगता है। जब तक ट्रैक पूरी तरह जांच के बाद फिट घोषित नहीं किया जाता, तब तक ट्रेनों को सामान्य गति से चलाना संभव नहीं होता। यही वजह है कि दिल्ली-गाजियाबाद सेक्शन में कई ट्रेनों को रोककर चलाया गया और कुछ ट्रेनों को दूसरे रास्तों से भेजने का फैसला लिया गया।

110 से ज्यादा यात्री ट्रेनें हुईं प्रभावित

इस Railway हादसे का असर काफी बड़ा रहा। जानकारी के अनुसार, 110 से ज्यादा यात्री ट्रेनें किसी न किसी रूप में प्रभावित हुईं। इनमें कुछ ट्रेनें देर से चल रही हैं, कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है और कई ट्रेनों का संचालन रद्द करना पड़ा है।

दिल्ली का Railway नेटवर्क देश के कई बड़े शहरों को जोड़ता है। गाजियाबाद, आनंद विहार और नई दिल्ली से होकर रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की रुकावट का असर बहुत दूर तक जाता है।

किसी ट्रेन के 20-30 मिनट लेट होने से लेकर कई घंटों की देरी तक की स्थिति सामने आई। लंबी दूरी की कई ट्रेनों के यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर से पहुंच रहे हैं। वहीं, कुछ यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग ट्रेन भी छूट गई।

Railway अधिकारियों की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी ट्रेन की जानकारी लगातार चेकते रहें, क्योंकि ट्रैक की स्थिति के अनुसार ट्रेन के समय और रूट में बदलाव किया जा सकता है।

हमसफर और राजधानी जैसी बड़ी ट्रेनें भी हुईं प्रभावित

इस हादसे का असर कई बड़ी और महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा है। इनमें गोरखपुर से आनंद विहार आने वाली हमसफर एक्सप्रेस भी शामिल है। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे 1 मिनट की देरी से चल रही थी।

वहीं, आनंद विहार से गोरखपुर जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस भी चोला स्टेशन के पास लगभग 54 मिनट की देरी से चलती हुई दर्ज की गई। यानी आने और जाने वाली दोनों सेवाओं पर Railway ट्रैक की समस्या का असर पड़ा।

Railway

राजेंद्र नगर से नई दिल्ली आने वाली तेजस राजधानी एक्सप्रेस को भी इस स्थिति के कारण डायवर्ट किया गया। राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेन का रूट बदलना बताता है कि Railway प्रशासन के सामने स्थिति कितनी गंभीर थी।

इसके अलावा बापूधाम मोतिहारी से आनंद विहार आने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 48 मिनट की देरी से चल रही थी। अगरतला से आने वाली तेजस एक्सप्रेस भी लगभग 1 घंटे 16 मिनट लेट थी।

मुजफ्फरपुर से आनंद विहार आने वाली सप्त क्रांति एक्सप्रेस करीब 1 घंटे 8 मिनट की देरी से चल रही थी। दानापुर से आने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस लगभग 40 मिनट लेट चल रही थी।

रक्सौल से आनंद विहार आने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब 33 मिनट की देरी से चल रही थी। सियालदह से आने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही थी।

देहरादून से आनंद विहार आने वाली वंदे भारत ट्रेन और भागलपुर से आनंद विहार आने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस को भी Railway प्रशासन की ओर से रेगुलेट किया गया।

कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट की गईं

हादसे के बाद Railway ने ट्रैक को खाली करने और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया। खासकर गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच चलने वाली कई EMU और MEMU ट्रेनों पर इसका असर पड़ा। गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-साहिबाबाद, दिल्ली-गाजियाबाद और नई दिल्ली-गाजियाबाद के बीच चलने वाली कुछ लोकल सेवाएं पूरी तरह रद्द कर दी गईं।

लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को भी उनके सामान्य रास्ते से हटाकर दूसरे Railway रूट से भेजा गया। राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और महाबोधि एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को भी डायवर्ट किया गया।

ट्रेन डायवर्ट होने का मतलब है कि ट्रेन अपने सामान्य रास्ते के बजाय किसी दूसरे उपलब्ध Railway रूट से आगे बढ़ती है। ऐसे में यात्रा का समय बढ़ सकता है और ट्रेन अपने निर्धारित स्टेशन पर देर से पहुंच सकती है। यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि Railway में किसी बड़े हादसे के बाद ट्रेन का लाइव स्टेटस कुछ समय के अंतराल पर बदल सकता है। इसलिए स्टेशन पहुंचने से पहले एक बार नहीं, बल्कि लगातार अपडेट चेक करना बेहतर है।

दिल्ली का मौसम भी बना परेशानी की दूसरी वजह

ट्रेन हादसे के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर का मौसम भी यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

सुबह से ही कई इलाकों में बारिश और ऐसे में जिन यात्रियों की ट्रेन पहले ही लेट है, उन्हें Railway स्टेशन तक पहुंचने में भी अतिरिक्त समय लग सकता है। खासकर गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम से स्टेशन जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक की स्थिति को ध्यान में रखकर घर से निकलना चाहिए।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश जारी रह सकती है। तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना सोच-समझकर बनानी चाहिए। अगर आपकी ट्रेन कई घंटे लेट चल रही है, तो सिर्फ Railway स्टेशन पर पहुंचकर इंतजार करने के बजाय पहले ट्रेन का लाइव स्टेटस देखना ज्यादा बेहतर है।

Railway ट्रैक की बहाली का काम लगातार जारी

हादसे के बाद Railway की टीमें लगातार ट्रैक को सामान्य करने में लगी हुई हैं। पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बों को हटाना, ट्रैक की जांच करना और Railway लाइन को सुरक्षित बनाना एक लंबी प्रक्रिया होती है।

सबसे पहले दुर्घटनास्थल को सुरक्षित किया जाता है। इसके बाद पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम किया जाता है। फिर ट्रैक, सिग्नल और आसपास के Railway सिस्टम की जांच की जाती है। जब तक अधिकारियों को यह भरोसा नहीं हो जाता कि ट्रैक पर ट्रेन सुरक्षित तरीके से चल सकती है, तब तक सामान्य संचालन शुरू नहीं किया जाता।

दिल्ली-हावड़ा Railway रूट पर ट्रेनों की संख्या काफी ज्यादा है। इसलिए एक सेक्शन में हुई छोटी सी समस्या का असर कई दूसरे स्टेशनों और रूटों तक पहुंच सकता है।

इसी वजह से Railway प्रशासन को कई ट्रेनों को रोकना, डायवर्ट करना या रद्द करना पड़ता है। जैसे-जैसे ट्रैक की बहाली का काम आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे ट्रेन सेवाओं को सामान्य करने की कोशिश की जाएगी।

यात्रियों को यात्रा से पहले क्या करना चाहिए?

अगर आप आज या आने वाले घंटों में दिल्ली, गाजियाबाद या आनंद विहार से ट्रेन पकड़ने वाले हैं, तो सबसे पहले अपनी ट्रेन का Railway स्टेटस चेक करें। कई बार यात्री सिर्फ टिकट देखकर स्टेशन पहुंच जाते हैं और वहां जाकर पता चलता है कि ट्रेन कई घंटे लेट है या रद्द हो चुकी है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए यात्रा से पहले Railway की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।

अगर आपकी ट्रेन लेट है, तो स्टेशन पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा जल्दी करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर ट्रेन का समय बदल सकता है, तो आपको Railway की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।

मौसम खराब होने के कारण स्टेशन तक पहुंचने में भी देरी हो सकती है। इसलिए अगर आपकी ट्रेन चल रही है, तो ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें।

Railway

अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो तो क्या करें?

अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो रही है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो Railway के नियमों के अनुसार कुछ परिस्थितियों में रिफंड का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

ऐसे मामलों में यात्रियों को TDR यानी Ticket Deposit Receipt की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। हालांकि, रिफंड के नियम टिकट और यात्रा की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

अगर Railway की ओर से ट्रेन पूरी तरह रद्द की जाती है, तो टिकट रिफंड की प्रक्रिया अलग हो सकती है। ऑनलाइन टिकट के मामले में रिफंड की प्रक्रिया आमतौर पर ऑनलाइन माध्यम से की जाती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि टिकट कैंसिल करने से पहले Railway के मौजूदा नियमों को जरूर पढ़ लें।

Five Colors of Travel की ओर से यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव

  1. स्टेशन निकलने से पहले Railway Live Status जरूर चेक करें, अपनी ट्रेन का नंबर डालकर देखें कि ट्रेन कहां पहुंची है और कितनी देरी से चल रही है।

  2. बारिश के कारण अतिरिक्त समय लेकर चलें, ट्रेन लेट होने के अलावा स्टेशन तक पहुंचने में भी ट्रैफिक की वजह से देरी हो सकती है।

  3. पानी और सूखा खाना साथ रखें, अगर ट्रेन कई घंटे लेट हो जाती है, तो रास्ते में खाने-पीने की परेशानी हो सकती है।

  4. बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरी सामान रखें, दवाइयां, पानी और जरूरी चीजें बड़े लगेज में न रखें।

  5. फोन और पावर बैंक चार्ज रखें, Railway Update और ट्रेन का लाइव स्टेटस देखने के लिए फोन जरूरी है।

  6. अफवाहों पर भरोसा न करें, सोशल मीडिया पर चल रही हर जानकारी सही नहीं होती। Railway की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

  7. स्टेशन पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं,अगर आपकी ट्रेन काफी लेट है, तो सुरक्षित जगह पर इंतजार करें।

  8. ट्रेन डायवर्ट होने पर घबराएं नहीं, Railway प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर रूट में बदलाव करता है।

  9. मौसम की जानकारी भी चेक करें, बारिश और तेज हवाओं के कारण आपकी पूरी यात्रा प्रभावित हो सकती है।

  10.  अगर मौसम और Railway दोनों की स्थिति खराब है, तो यात्रा को कुछ समय के लिए टालना बेहतर हो सकता है।

दिल्ली में हुई यह Railway घटना एक बार फिर दिखाती है कि देश का Railway नेटवर्क कितना बड़ा और एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। एक जगह पर हुआ हादसा कई सौ किलोमीटर दूर चलने वाली ट्रेनों को भी प्रभावित कर सकता है। दिल्ली-गाजियाबाद Railway सेक्शन पर मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद 110 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुईं। हमसफर, राजधानी, अमृत भारत, तेजस, सप्त क्रांति, विक्रमशिला और वंदे भारत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा।

वहीं, दिल्ली-एनसीआर में बारिश और खराब मौसम ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि यात्री बिना जानकारी के घर से न निकलें। अगर आप आज Railway से सफर करने वाले हैं, तो अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक करें। जरूरत पड़ने पर Railway की हेल्पलाइन और आधिकारिक प्लेटफॉर्म से जानकारी लें।

याद रखिए, ट्रेन का कुछ घंटे लेट होना परेशानी जरूर है, लेकिन आपकी सुरक्षा उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। इसलिए मौसम खराब हो, Railway ट्रैक पर समस्या हो या ट्रेन का रूट बदला गया हो, ऐसे समय में धैर्य बनाए रखें और Railway प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Shivani Pal

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