Yatra Latest Travel Travel News & Information

  • 0 Comments

दिल्ली-एनसीआर में आज Railway से सफर करने वाले यात्रियों के लिए दिन काफी मुश्किल भरा रहा। मंगलवार की सुबह नई दिल्ली और गाजियाबाद के बीच एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद दिल्ली का पूरा Railway नेटवर्क प्रभावित हो गया। इस हादसे का असर सिर्फ एक-दो ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 110 से ज्यादा यात्री ट्रेनों के संचालन पर इसका असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है और कई लोकल ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इस Railway Update का असर उन यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ा जो आज दिल्ली, गाजियाबाद, आनंद विहार, नई दिल्ली या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले थे। इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत से दिल्ली आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी इसका असर देखने को मिला है। गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-नई दिल्ली राजधानी, अमृत भारत एक्सप्रेस, सप्त क्रांति एक्सप्रेस और कई दूसरी महत्वपूर्ण ट्रेनें देरी से चल रही हैं। अगर आप भी आज Railway से यात्रा करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें। इस समय दिल्ली और गाजियाबाद के बीच Railway ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य नहीं है और स्थिति लगातार बदल रही है। गाजियाबाद के पास मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतरे Railway अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह नई दिल्ली और गाजियाबाद के बीच एक मालगाड़ी के छह लोडेड वैगन पटरी से उतर गए। यह हादसा दिल्ली-हावड़ा मुख्य Railway रूट पर हुआ, जो देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। इस रूट पर हर दिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां चलती हैं। हादसे की सबसे राहत वाली बात यह रही कि इसमें किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, मालगाड़ी के डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद Railway ट्रैक पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई। ट्रैक को साफ करने और पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही Railway के वरिष्ठ अधिकारी और DRM स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बहाली का काम तेजी से शुरू किया गया, लेकिन इस तरह के बड़े हादसे के बाद Railway ट्रैक को दोबारा सुरक्षित बनाने में समय लगता है। जब तक ट्रैक पूरी तरह जांच के बाद फिट घोषित नहीं किया जाता, तब तक ट्रेनों को सामान्य गति से चलाना संभव नहीं होता। यही वजह है कि दिल्ली-गाजियाबाद सेक्शन में कई ट्रेनों को रोककर चलाया गया और कुछ ट्रेनों को दूसरे रास्तों से भेजने का फैसला लिया गया। 110 से ज्यादा यात्री ट्रेनें हुईं प्रभावित इस Railway हादसे का असर काफी बड़ा रहा। जानकारी के अनुसार, 110 से ज्यादा यात्री ट्रेनें किसी न किसी रूप में प्रभावित हुईं। इनमें कुछ ट्रेनें देर से चल रही हैं, कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है और कई ट्रेनों का संचालन रद्द करना पड़ा है। दिल्ली का Railway नेटवर्क देश के कई बड़े शहरों को जोड़ता है। गाजियाबाद, आनंद विहार और नई दिल्ली से होकर रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की रुकावट का असर बहुत दूर तक जाता है। किसी ट्रेन के 20-30 मिनट लेट होने से लेकर कई घंटों की देरी तक की स्थिति सामने आई। लंबी दूरी की कई ट्रेनों के यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर से पहुंच रहे हैं। वहीं, कुछ यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग ट्रेन भी छूट गई। Railway अधिकारियों की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी ट्रेन की जानकारी लगातार चेकते रहें, क्योंकि ट्रैक की स्थिति के अनुसार ट्रेन के समय और रूट में बदलाव किया जा सकता है। हमसफर और राजधानी जैसी बड़ी ट्रेनें भी हुईं प्रभावित इस हादसे का असर कई बड़ी और महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा है। इनमें गोरखपुर से आनंद विहार आने वाली हमसफर एक्सप्रेस भी शामिल है। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे 1 मिनट की देरी से चल रही थी। वहीं, आनंद विहार से गोरखपुर जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस भी चोला स्टेशन के पास लगभग 54 मिनट की देरी से चलती हुई दर्ज की गई। यानी आने और जाने वाली दोनों सेवाओं पर Railway ट्रैक की समस्या का असर पड़ा। राजेंद्र नगर से नई दिल्ली आने वाली तेजस राजधानी एक्सप्रेस को भी इस स्थिति के कारण डायवर्ट किया गया। राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेन का रूट बदलना बताता है कि Railway प्रशासन के सामने स्थिति कितनी गंभीर थी। इसके अलावा बापूधाम मोतिहारी से आनंद विहार आने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 48 मिनट की देरी से चल रही थी। अगरतला से आने वाली तेजस एक्सप्रेस भी लगभग 1 घंटे 16 मिनट लेट थी। मुजफ्फरपुर से आनंद विहार आने वाली सप्त क्रांति एक्सप्रेस करीब 1 घंटे 8 मिनट की देरी से चल रही थी। दानापुर से आने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस लगभग 40 मिनट लेट चल रही थी। रक्सौल से आनंद विहार आने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब 33 मिनट की देरी से चल रही थी। सियालदह से आने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही थी। देहरादून से आनंद विहार आने वाली वंदे भारत ट्रेन और भागलपुर से आनंद विहार आने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस को भी Railway प्रशासन की ओर से रेगुलेट किया गया। कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट की गईं हादसे के बाद Railway ने ट्रैक को खाली करने और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया। खासकर गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच चलने वाली कई EMU और MEMU ट्रेनों पर इसका असर पड़ा। गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-साहिबाबाद, दिल्ली-गाजियाबाद और नई दिल्ली-गाजियाबाद के बीच चलने वाली कुछ लोकल सेवाएं पूरी तरह रद्द कर दी गईं। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को भी उनके सामान्य रास्ते से हटाकर दूसरे Railway रूट से भेजा गया। राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और महाबोधि एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को भी डायवर्ट किया गया। ट्रेन डायवर्ट होने का मतलब है कि ट्रेन अपने सामान्य रास्ते के बजाय किसी दूसरे उपलब्ध Railway रूट से आगे बढ़ती है। ऐसे में यात्रा का समय बढ़