Rewari Steam Loco Shed: रेवाड़ी में है 133 साल पुराना सीक्रेट म्यूजियम; जहां आज भी जिंदा हैं ‘गदर’ और ‘रंग दे बसंती’ वाले स्टीम इंजन
Rewari Steam Loco Shed रेवाड़ी । दिल्ली की भागदौड़, ट्रैफिक और वीकेंड के वही घिसे-पिटे मॉल्स देखकर क्या आप भी बोर हो चुके हैं? अगर इस शनिवार या रविवार आप दिल्ली-NCR के पास किसी ऐसी जगह जाने का प्लान बना रहे हैं, जो बजट में हो, अनोखी हो और जहां आपका पूरा दिन रोमांच से भर जाए, तो अपनी गाड़ी की स्टेयरिंग रेवाड़ी की तरफ घुमा लीजिए।
दिल्ली से महज 2 घंटे की दूरी पर हरियाणा के रेवाड़ी में छिपा है, भारतीय रेलवे का एक ऐसा नायाब खजाना, जिसे दुनिया ‘रेवाड़ी रेलवे हेरिटेज म्यूजियम’ (Rewari Steam Loco Shed) के नाम से जानती है। यह सिर्फ एक म्यूजियम नहीं है, बल्कि दुनिया का एकमात्र ऐसा भाप (Steam) लोको शेड है, जो आज भी पूरी तरह से चालू (Functional) हालत में है। आइए जानते हैं कि, दिल्ली से आप इस शानदार डे-ट्रिप (Day Trip) को कैसे प्लान कर सकते हैं।
दिल्ली से रेवाड़ी लोको शेड: कैसे पहुंचें? (The Travel Route)
यह डे-ट्रिप दिल्ली वालों के लिए इसलिए सबसे बेस्ट है, क्योंकि यहां पहुंचना बेहद आसान और किफायती है।
-
बाई कार/बाइक (Road Trip): दिल्ली से रेवाड़ी की दूरी महज 80 से 90 किलोमीटर है। आप दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) के रास्ते गुरुग्राम और धारूहेड़ा होते हुए लगभग 2 घंटे में आराम से यहां पहुंच सकते हैं। लॉन्ग ड्राइव लवर्स के लिए यह रोड ट्रिप काफी मजेदार रहती है।
-
बाई ट्रेन (सस्ता और बेस्ट रास्ता): अगर आप असली रेलवे हेरिटेज का मजा लेना चाहते हैं, तो दिल्ली सराय रोहिल्ला, दिल्ली कैंट या नई दिल्ली, पालम रेलवे स्टेशन से सुबह रेवाड़ी के लिए कोई भी एक्सप्रेस या पैसेंजर ट्रेन पकड़ लें। मात्र 1.5 घंटे में आप रेवाड़ी जंक्शन पहुंच जाएंगे। सबसे मजेदार बात यह है कि यह म्यूजियम रेवाड़ी जंक्शन से मात्र 400 मीटर की दूरी पर है, जहां से आप पैदल ही शेड तक जा सकते हैं।
म्यूजियम का इतिहास: 133 साल पुरानी यादें…
जैसे ही आप इस लोको शेड के मुख्य द्वार पर कदम रखेंगे, आप सीधे विक्टोरियन युग यानी 19वीं सदी में पहुंच जाएंगे। इस ऐतिहासिक शेड की स्थापना साल 1893 में हुई थी, जब यह ‘बॉम्बे, बड़ौदा और सेंट्रल इंडिया रेलवे’ (BB&CI) का एक प्रमुख हिस्सा हुआ करता था।
आजादी के बाद जब देश में भाप के इंजनों की जगह डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों ने ले ली, तो कई शेड बंद हो गए। लेकिन साल 2002 में भारतीय रेलवे ने इस शेड को एक आलीशान हेरिटेज म्यूजियम के रूप में दोबारा जीवित कर दिया।
यह भी पढ़ें… IRCTC Nepal Tour Package: कम बजट में विदेश यात्रा का मौका!
रोमांच के मुख्य आकर्षण: जिन्हें देखकर थमेगी सांसें…
इस शेड के भीतर घूमते हुए आपको भारतीय सिनेमा और इतिहास की कई जिंदा कड़ियां देखने को मिलेंगी।
1. ‘फेयरी क्वीन’ (Fairy Queen) – वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर
इस म्यूजियम का सबसे बड़ा गौरव है ‘फेयरी क्वीन’ (EIR-21)। साल 1855 में निर्मित, यह दुनिया का सबसे पुराना चालू हालत में मौजूद भाप का इंजन है। इस अनोखे और चमचमाते हुए इंजन को देखने के लिए दुनिया भर से सैलानी आते हैं और इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
2. अकबर, सुल्तान और आजाद से मुलाकात
यहां सिर्फ फेयरी क्वीन ही नहीं, बल्कि अकबर, सुल्तान और आजाद जैसे कई प्रतापी और भारी-भरकम स्टीम इंजन शान से खड़े हैं। जब इन इंजनों के बॉयलर चालू किए जाते हैं और इनसे काले धुएं के साथ वो पुरानी ‘छुक-छुक’ की आवाज निकलती है, तो समां बंध जाता है।
3. बॉलीवुड का पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन
यदि आप फिल्मी कीड़े (Movie Buff) हैं, तो यह जगह आपको किसी जन्नत जैसी लगेगी। सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की ट्रेनों वाले आइकॉनिक सीन याद हैं? उनकी शूटिंग यहीं हुई थी! इसके अलावा आमिर खान की ‘रंग दे बसंती’, ‘गांधी माई फादर’, और अभिषेक बच्चन की ‘गुरु‘ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों के रेल वाले सीन इसी शेड के इंजनों के साथ फिल्माए गए हैं।
कलाकृतियां, पुराना कैफ़े और विक्टोरियन फील
शेड के विशाल प्रांगण में घूमने के बाद आप यहां बने एक छोटे लेकिन बेहद खूबसूरत इनडोर म्यूजियम में जा सकते हैं। यहां पुराने जमाने की विक्टोरियन युग की कलाकृतियां, हाथ से चलने वाले ऐतिहासिक सिग्नल सिस्टम, प्राचीन रेलवे घड़ियां और दुर्लभ तस्वीरें सहेज कर रखी गई हैं।
घूमते-घूमते जब आप थक जाएं, तो म्यूजियम परिसर के भीतर ही बने खूबसूरत कैफेटेरिया में बैठकर चाय की चुस्कियों के साथ इस ऐतिहासिक माहौल का लुत्फ उठा सकते हैं।
सैलानियों के लिए जरूरी गाइड (Quick Travel Tips):
-
प्रवेश शुल्क (Entry Fee): इस राष्ट्रीय धरोहर को देखने का शुल्क बेहद मामूली है। आम तौर पर एंट्री फीस लगभग ₹50 है (अंदर कुछ विशेष गैलरी या पार्ट्स के लिए छोटा सा अलग शुल्क हो सकता है)।
- समय (Timings): यह म्यूजियम सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। सोमवार को जाने से बचें, क्योंकि कई बार मेंटेनेंस के कारण कुछ हिस्से बंद रहते हैं।
-
बेस्ट टाइम टू विजिट: चूंकि यह एक ओपन-एयर शेड है, इसलिए सुबह 10 बजे तक या दोपहर 3 बजे के बाद यहाँ घूमना सबसे आरामदायक रहता है।
आसपास और क्या देखें?
अगर आप सुबह जल्दी दिल्ली से निकलते हैं, तो दोपहर 2 बजे तक लोको शेड घूमकर फ्री हो सकते हैं। इसके बाद आप रेवाड़ी का ऐतिहासिक ‘बड़ा तालाब’ (तेज सिंह तालाब) और वहां स्थित राव तुलाराम की हवेली देख सकते हैं, जो आपके इस ट्रेवल डे को पूरी तरह पैसा-वसूल बना देगा।





