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एडवेंचर से भरपूर है नासिक के हरिहर फोर्ट की चढ़ाई

क्या आप एडवेंचर के शौकीन हैं और क्या आपको ट्रैकिंग पसंद है? अगर हाँ तो जरा दिल थाम लीजिये! क्योंकि आज हम जिस ट्रैक की बात कर रहे हैं उस ट्रेक को भारत के सबसे खतरनाक ट्रकों के लिस्ट में में गिना जाता है। इस ट्रैक में आपको 30-45 डिग्री नहीं बल्कि सीधे 80 डिग्री वर्टिकल ढलान की चढ़ाई करनी होगी। सोच के ही डर लग रहा है ना? लेकिन डरिये मत क्योंकि यहां हर रोज कई ऐसे विजिटर्स भी ट्रैकिंग करने आते हैं जो ट्रैकिंग के एक्सपर्ट नहीं होते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी खतरनाक ट्रैक पर लोग क्यों आना चाहते हैं?

आपके इस सवाल का जवाब यह है कि इस जगह ट्रैकिंग करके आने के लिए लोगों की दीवानगी के पीछे का कारण यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती है। यह जगह इतनी खूबसूरत है कि आपको लगेगा ही नहीं कि आप इस दुनिया में हैं। यह जगह आपको बताएगी की प्रकृति कितनी खूबसूरत हो सकती है। इस जगह को देखकर कोई भी नेचर लवर अपने आप को यहां जाने से रोक नहीं सकता और अगर बरसात के सीजन या फिर विंटर की बात की जाए तो इस समय अगर आप इस ट्रैकिंग प्वाइंट के टॉप पर जाएंगे तो यहां आपको आज मैं ऊपर आसमां नीचे का एहसास होगा।

हम बात कर रहे हैं हरिहर फोर्ट की!

जो भारत के सबसे खतरनाक ट्रैकों में से एक है और लगभग 75 डिग्री की ढलान वाली पहाड़ी पर स्थित है। हरिहर फोर्ट की ऊंचाई को देखकर एक बार को धड़कनें थम जाती हैं, लेकिन दिल रुकना भी नहीं चाहता है। क्योंकि इसके टॉप पॉइंट से मिलने वाले व्यू का इमेजिनेशन करते हीं शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। जिसके कारण आप भी अपने आप को इस ट्रैक को पूरा करने से रोक नहीं पाएंगे।
यह किला दूर से देखने पर चकोर प्रतीत होता है, लेकिन असल में यह पहाड़ी प्रिज्म के आकार की है।

हरिहर फोर्ट कैसे पहुंचे (How to visit)?

हरिहर फोर्ट पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक पहुंचना होगा। नासिक शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है हरिहर फोर्ट। जिसके लिए आपको सबसे पहले नासिक से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निर्गुणपाड़ा गांव पहुंचाना पड़ेगा। जहां से इस किले की ट्रैकिंग शुरू होती है।

इस ट्रैक पर जाते वक्त निम्नलिखित बातों का रखें ध्यान (keep these things in your mind while treckking)

  • यह ट्रैकिंग बहुत हीं खतरनाक है इसीलिए आप अपने साथ एक गाइड को जरूर रखें।
  • ट्रैकिंग की शुरुआत में लोगों में बहुत ज्यादा एनर्जी होती है, ऐसे में लोग बहुत जल्दी-जल्दी पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास करते हैं। लेकिन ऐसा करने से आप बचें।
  • मध्य रफ्तार से ट्रैकिंग के लिए आगे बढ़ें। ताकि कुछ समय बाद आपकी एनर्जी लेवल कम ना हो जाए।
  • अगर आप नासिक जा रहे हैं और आपको इस स्पॉट की ट्रैकिंग भी करनी है तो आप अपने लगेज में ट्रैक पैंट्स को जरूर शामिल करें। क्योंकि जींस पहनकर इस ट्रैक को पूरा करना बहुत हीं मुश्किल काम होगा।
  • ट्रैकिंग पर जाने से पहले आप कुछ ऐसा खाना खाएं जिससे आपको ज्यादा आलस भी ना आए और आपको एनर्जी की कमी भी महसूस ना हो।
  • ट्रैकिंग करने के लिए अपने साथ एक हाइकिंग पोल जरूर रखें यह आपको पूरा ट्रैक में सपोर्ट देगा।
  • वैसे तो बरसात के सीजन में यहां का व्यू काफी फ़ॉग वाला और बहुत ही खूबसूरत हो जाता है, लेकिन आप बरसाती सीजन में यहां आना अवॉयड कर सकते हैं। क्योंकि इस टाइम यहां की सीढ़ियां बहुत ज्यादा स्लिपरी होती हैं। जिससे पैर फिसलने का बहुत ज्यादा डर होता है।
  • इस ट्रैक पर जाने का सबसे सही समय (Best time to visit this Treck)
    अगर आप इस ट्रैक को पूरा करना चाहते हैं तो यहां जाने का सबसे सही समय अक्टूबर से फरवरी तक का होता है। क्योंकि इस समय यहां का टेंपरेचर भी बहुत ज्यादा नहीं होता है और सीढ़ियां भी स्लिपरी नहीं होती हैं। आप इस समय इस ट्रैक को पूरा कर सकते हैं।

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