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Famous Picnic spots in Delhi where you can enjoy in best way

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“इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में जब भी वीकेंड ब्रेक आता है बीबी-बच्चों की घूमने-फिरने की जिद्द शुरू हो जाती है। लेकिन इस ज़िद्द से निजात का एक रामबाण तरीका है पिकनिक। तो आज हम दिल्ली के ऐसे डेस्टिनेशंस के बारे में बताएंगे जहां आप अपने बच्चो के साथ मेमोरेबल पिकनिक मना सकतें हैं।” 1.लोधी गार्डन – (Lodhi garden) :दिल्ली के लोधी गार्डन के बारे में तो आप ने सुना ही होगा। ये एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस (Beautiful Tourist Place) होने के साथ-साथ फेमस पिकनिक स्पॉट भी है। अगर आप अपनी, फैमली (Family), फ्रेंड्स (Friend) के साथ वीकेंड (Weekend) में घूमने के लिए किसी अच्छी और सस्ती जगह की तलाश कर रहे हैं, तो ये जगह एकदम परफेक्ट है। लोधी गार्डन के शांत और खूबसूरत माहौल में पिकनिक मनाने का अलग ही मजा है। दिल्ली में फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यहां काफी फोटोग्राफी (Photography) के अच्छे ऑप्शन्स (Options) हैं। 2.डियर पार्क – (Deer park) :दिल्ली के हौज खास विलेज (Hauz Khas Village) का डियर पार्क भी बेहद बड़ा और खूबसूरत है, बच्चों या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए। इस पार्क को चार विंग्स में बांटा गया है, जिसमें रोज गार्डन (Rose Garden), ओल्ड मॉन्यूमेंट (Old Monument) और हौज खास मार्केट (Hauz Khas Market), डियर पार्क (Deer Park) और फाउंटेन एंड डिस्ट्रिक्ट पार्क (Fountain and District Park) का नाम शामिल है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है डियर पार्क में आपको हिरणों का झुंड देखने को मिल जाएगा। जिसे आपके बच्चे काफी एंजॉय करने वाले हैं 3.गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज – (Garden of five senses) :दिल्ली का सईद-उल-अजायब में गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज भी दिल्ली में घूमने-फिरने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। खासकर उनके लिए जो दिल्ली की भीड़-भाड़़ से दूर किसी शांत जगह जाकर क्वॉलिटी टाइम स्पेंड (Quality Time Spend) करना चाहते है। यहां पास ही एक दूसरी जगह चंपा गली (Champa Gali) भी है। यकीनन इसे देखने का आपका एक्सपीरियंस (Experience) काफी मेमोरेबल होगा। खूबसूरत फूलों और पेड़-पौधों से घिरा यह पार्क बना देगा आपके वीकेंड को मजेदार। 4.नेशनल जूलॉजिकल पार्क – (National Zoological Park, Delhi) :नेशनल जूलॉजिकल पार्क या दिल्ली जू दिल्ली के पुराने किले के पास मौजूद है। दिल्ली के आसपास पिकनिक मनाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। अगर आप भीड़ भाड़ से बचना चाहते हैं, तो वीकेंड की बजाए वीकडे (Weekday) पर घूमने के लिए आएं। यहां आपको एशियाई शेर (Asiatic Lion), रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger), भारतीय गैंडे (Indian Rhinoceros) और लाल जंगली मुर्गी (Red Jungle Fowl) जैसी कई वन्यजीव प्राणियों को देख सकेगें। यहां की एंट्री फि 20-40 रुपए है। 5.रेल म्यूजियम दिल्ली – (Rail Museum, Delhi) :दिल्ली का रेल म्यूजियम 10 एकड़ में फैला हुआ है, जहां आप रेलवे की प्राचीन संरचनाओं (Ancient Railway Structures) की प्रस्तुति (Presentation) देख सकते हैं। रेल म्यूजियम एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है, क्योंकि यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए 3 डी वर्चुअल ट्रेन की सवारी (Ride of 3D virtual train), स्टीम लोको सिम्युलेटर (Steam loco simulator), टॉय ट्रेन (Toy train) और एक इनडोर गैलरी (Indoor gallery) की सुविधा भी दी गई है। बच्चे ऐसी जगहों में घूमकर सबसे ज्यादा खुश होते हैं। 6.बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट – (Botanix Nature Resort) :बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट दमदमा झील के गुरुग्राम में मौजूद है। यहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं। पिकनिक पर जाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। दिल्ली की भीड़ भाड़ से दूर आप शांति में आकर प्रकृति की सैर कर सकते हैं। यहां आप अरावली पहाड़ियों की सुंदरता की खूबसूरत तस्वीरें खींच सकते हैं, या फिर इन-हाउस पूल में फुल मस्ती कर सकते है। दिल्ली के बेहद ही पास है खूबसूरत मोरनी हिल्स (Morni Hills), आज ही बनाएं इस स्टेशन में घूमने का प्लान। 7.कैंप वाइल्ड धौज – (Camp Wild Dhauj) :कैंप वाइल्ड धौज फरीदाबाद के मंगर गांव (Mangar Village) में अरावली पहाड़ियों की तलहटी (Foothills of aravalli hills) में मौजूद एक एडवेंचर कैम्प (Adventure Camp) है, जो दिल्ली के पास एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट माना जाता है। यहां आप रॉक क्लाइम्बिंग (Rock Climbing), कैम्पिंग रैपलिंग (Camping Rappelling), फ्लाइंग फॉक्स (Flying Fox) और रिवर क्रॉसिंग (River Crossing) जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज (Adventure Activities) कर सकते हैं। 8.ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी – (Okhla Bird Sanctuary) : यमुना नदी के ऊपर ओखला बैराज पर मौजूद ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी है, जहां आप पक्षियों की अलग-अलग ब्रीड्स (breads) और नेचर ब्यूटी का लुफ़्त उठा सकते हैं। ये दिल्ली का सबसे फेमस पिकनिक स्पॉट (Most famous picnic spot) है, जहां बच्चे (Childrens), फैमिली (Family), कपल्स (Couples) भी घूमने के लिए आते हैं। यहां 300 से अधिक पक्षियों की वेरायटीज (Varieties) मौजूद हैं। जब भी पिकनिक पर जाने का प्लान बने, तो अपनी लिस्ट में ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी को भी जरूर शामिल करें।

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ये हैं दिल्ली की वो जगहें जहां से जुड़ी हैं कई डरावनी और दिल दहला देने वाली कहानियां –

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अगर आप हिम्मती हैं और हांटेड प्लेस घूमने में दिलचस्पी रखते हैं,तो आपको दिल्ली की इन जगहों पर जरूर जाना चाहिए। जहां आपको मिलेंगे कई ऐसे सुलझे-अनसुलझे राज़ जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। ऐसी जगह बेहद खूबसूरत होती हैं लेकिन इन जगहों के बारे में कुछ न कुछ कहानियां ऐसी बुन दी जाती हैं जहाँ आप उत्सुकतावश जरुर जाना चाहते हैं. लेकिन कोशिश कीजिए की आप यहां अकेले न आए क्योंकि डर सिर्फ रात के अँधेरे में ही फैलता है. ऐसी ही कुछ तथाकथित डरावनी जगहों के बारे में हम इस ब्लॉग में आपको बता रहे हैं — 1.दिल्ली छावनी (Delhi Cant)- ये जगह दिन में टहलने के लिए जितनी शानदार है, रात में ये उतनी ही भयानक भी हो जाती है। सड़क पर फैले घने पेड़ों बीच एक डरावनी सी फिलिंग (Scary Feeling) आती है। ऐसा लगता है मानो बॉलीवुड की किसी डरावनी फिल्म सीन देख रहें हों। देर शाम इन रास्तों पर ट्रैवल (Travel) करने वाले लोगों ने बताया है कि उन्होंने सफ़ेद कपड़े पहने एक औरत(Lady) को देखा है जो उनसे उसे सवारी देने की रिक्वेस्ट (Request) करती है। इसके अलावा यहाँ कि कुछ कहानियां हैं जो इसे डरावना बना देती हैं, यहाँ के लोकल लोगों का कहना है कि यहां एक महिला का मर्डर (Murder) हुआ था, जब वो इस एरिया में अकेली वॉक (Walk) कर रही थी। इसलिए जितना हो सके अंधेरा होने के बाद यहां आने से बचें। 2. दिल्ली में डीडीए कॉम्प्लेक्स (DDA Flats in Qutub enclave)-जिसे सबसे डरावने घर के रूप में भी जाना जाता है, वैसे तो ये कब्रिस्तान के ऊपर बनाया गया था, जिसे अब वहां देखे जाने वाले भूतों का कारण बताया जाता है। लोगो का मानना है यहां कई अजीबो गरीब चीजों को महसूस किया गया है । एब्नॉर्मल सी चीखें, टेंपरेचर में एक दम से चेंज आ जाना और भी बहुत कुछ । लोगों ने यह भी कहा है कि उन्होंने भूत देखे हैं और अजीब सी परछाइयां भी यहाँ दिखाई देती हैं जो कि यहाँ आने वालों का पीछा करती हैं। 3. अग्रसेन की बावली (Agrsen Ki Baoli)- वैसे तो इस जगह से पहचान करवाने की कोई खास जरूरत है नही, लेकिन फिर भी अगर आप यहां आने का प्लान बना रहें हैं तो आपके लिए कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी हो जाता है। स्थानीय लोककथाओं के हिसाब से, इस बावली (जिसे बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है) में पहले रहस्यमयी रूप से गहरे पानी का एक कुंड था, जो लोगों को अपनी जान लेने के लिए मजबूर करता था। यहां आस पास रहने वाले लोगो का कहना है, जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं, आपको अहसास होने लगता है कि कोई आपका पीछा कर रहा है। 4. खूनी दरवाजा (Khooni Drwaza)- वैसे तो ये एक बहुत ही सुंदर हिस्टोरिकल प्लेस (Beautiful Historical place) है, लेकिन इस दरवाज़े से जुड़ी कहानियां आपको दंग कर देंगी। ये जगह दिल्ली के मोस्ट हॉन्टेड प्लेस (Most Haunted Place) में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि जब मानसून (Monsoon) आता है, तो इस मोन्यूमेंट (Monument) की छत से खून की धारा बहती है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,जहांगीर ने इस जगह पर बैरम खान के पोते-पोतियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का आदेश दिया था। जहाँगीर ने अपनी ताकत दिखाने के लिए उनके डेड बॉडीज (Dead Bodies)को कई दिनों तक वहाँ लटकाए रखा था। इसलिए आप जब भी यहां आए जरा सावधानी बरतें। 5. फ़िरोज़ शाह कोटला किला (Feroz Shah Kotla Fort)- दिल्ली में सबसे पॉपुलर हिस्टोरिकल प्लेसिस (Popular Historical Places) में से एक होने के अलावा, इसे शहर के सबसे हॉन्टेड जोन (Haunted Zone) में से एक भी माना जाता है। लोगों की मानें तो इस प्लेस पर जिन्न देखे गए हैं, जो 14 सेंचुरी (Century) के हैं। लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने डरावनी आवाज़ें सुनी हैं, किसी बुरे साये (Bad Soul) को महसूस किया है और कई बार नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को फील (Feel) किया गया है।वैसे किला आम तौर पर एक पीसफुल (peaceful) जगह है, लेकिन हर गुरुवार (Thursday) शाम को लोग, वहां रहने वाले जिन्नों को खुश करने के लिए इकट्ठा होते हैं। उन्हें खुश करने के अनुष्ठान करते है जिस बीच , कई लोगो ने किसी इनविजिबल (Invisible) पॉवर का धक्का महसूस किया है। आप पूरे दिन फ़िरोज़ शाह कोटला किले में जा सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास स्ट्रॉन्ग हार्ट (Strong heart) है और आप अपनी क्रायोसिटी (Criosity) को शांत करना है तो मेरी सलाह ये है कि आपको कभी भी यहां अकेले नहीं जाना चाहिए। 6. भूली भटियारी का महल (Bhuli Bhatiyari Ka Mahal)- ये जगह दिल्ली की ऐसी इकलौती जगह है जिसका नाम ही काफ़ी हांटेड है। भूली भटियारी का महल… जिसे कभी तुगलक सम्राटों द्वारा हंटर लॉज (Hunter Laudge) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इस जगह पर कई अनबेलिवेबल इंसीडेंट (Unbelivable Incident) की कई रिपोर्टें मिली हैं, जिनमें से कुछ में आगे-पीछे कदमों के चलने, डरावनी हंसी और लोगों के गायब होने के दावे शामिल हैं। कई रीजंस (Reasons) की वजह से फिलहाल इसके पीछे की मिस्ट्री (Mystery) को फिलहाल सॉल्व (Solve) नही किया गया है, और बहुत कम लोगों में आगे की जांच करने की हिम्मत थी। वैसे तो , यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भूली भटियारी एक्चुअल (Actual) में एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस (Tourist place) है। अगर आप इस स्थान पर जाना चाहते हैं, तो अपने साथ कुछ दोस्तों को लाएँ ताकि आप खंडहरों को अच्छे से बिना डरे देख सकें। लेकिन ध्यान रखें कि आप ये रिस्क (Risk) दिन के समय ही लें। 7. खूनी नाडी (Khooni Nadi)- तो जैसा की आपको इस नाम को सुनते ही महसूस हो गया होगा की ये जगह कितनी डरावनी है, खूनी नाड़ी (खूनी का मतलब खूनी, और नाड़ी का मतलब नदी)। इस इलाके से जुड़ी दिल दहला देने वाली बात ये है की, जो कोई भी नदी के बहुत करीब आएगा वह उसमें समा जाएगा। इस प्लेस से जुड़े ऐसे कई रयूमर्स (Rumours) ऐसे है ,जो की बताते हैं कि इस पानी में जाने वाले कई लोग अब तक वापस नहीं आए। 8.

Best Water Parks in Delhi Category Delhi Destination Travel

Best Water Parks of Delhi

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1. वर्ल्डस ऑफ़ वंडर (Worlds of Wonder):ये वाटर पार्क दिल्ली एनसीआर के सबसे बड़े और खूबसूरत वाटर पार्क्स में से एक है। ये एक्साइटेड प्लेस नोएडा का सेंटर ऑफ अट्रैक्शन (Centre of Attraction) हैं। इस पार्क में एक एरिया ऐसा है जिसे ”ला फिएस्टा” (“La Fiesta”) कहा जाता है। यहाँ आप आराम से एंजॉय (Enjoy) कर सकते हैं। इस एस पार्क में पेंटबॉल, एयर हॉकी, गो कार्टिंग (Go-Carting), कार रेसिंग (Car Racing), वीआर गेम्स (VR Games) और लाइफस्टाइल पजल्स (Lifestyle Puzzle) जैसे कई फन एक्टिविटीज हैं। पार्क का ओपनिंग टाइम सुबह 11 बजे शाम 7 बजे का है और ये पूरे वीक ओपन रहता हैं। 2. एडवेंचर आइलैंड (Adventure Island):एडवेंचर आइलैंड दिल्ली का सबसे फेमस वाटर पार्क (Famous water park) हैं। यहाँ आपको फ्रीफॉल राइड (Freefall ride), ट्विस्टर (Twister) और फ्लिप-आउट (Flip-out), डिमोलिशन डर्बी (Demolition derby) जैसे कई फन टास्क हैं। 3. जुरासिक पार्क (Jurassic park):सोनीपत का ये पार्क जीटी-करनाल में है। इस पार्क में 21 राइड्स (Rides), 6 स्लाइड (Slide) और कई एक्टिविटीज के लिए किड्स पूल (Kids pool),वेव पूल (Wave pool), लेज़ी रिवर (Lazy river), रेन डांस(Rain dance), झरना(Falls), जायंट व्हील (Joint Wheel) है। यहाँ आपको एक गो-कार्टिंग (Go-Carting) और एडवेंचर जोन (Adventure Zone) भी है। 4. ऑयस्टर बीच पार्क (Oyster beech park):इस वाटर पार्क में आपको वेव पूल (Wave pool) और रेन डांस (Rain dance), स्काई फॉल (Sky fall), पाइरेट स्टेशन (Poirot station), टाइफून टनल (Typhon tunnel) जैसी एक्साइट्स वाटर राइड्स हैं। 5. फनमैक्स वाटर पार्क (Funmax water park):ये पार्क शानदार एक्टिविटीज से भरा हुआ काफी फेमस वाटर पार्क है। यहाँ आपको साइक्लोन राइड (Cyclone slide), ट्विस्टर (Twister slide), मल्टी रेसर स्लाइड (Multi racer slide), वेव पूल (Wave pool), और रेनबो शावर (Rainbow shower)जैसी राइड्स मिल जाएगी। इस पार्क में मेंढक स्लाइडर (Mendhak slider)और बच्चों के लिए एक अलग पूल भी है। 6. जस्ट चिल वाटर पार्क (Just Chill Water Park): ये पार्क दिल्ली के नए वाटर पार्कों में से एक है। यहाँ आपको रेन डांस रैंप (Rain dance ramp), डीजे सिस्टम के साथ कई वाटर पूल (Water pool with DJ system) और स्लाइड की सुविधा मिलती है।यहाँ पर आपको कैटरीना ट्विस्ट (Catrina twist), रोमियो जूलियट (Romeo Juliet) और वेव पूल (wave pool) ,ब्लैक थ्रिल (Black thrill) जैसी वाटर एक्टिविटी करने को मिलती है। इस वाटर पार्क में आप ब्रेकडांस (Breakdance), कैटरपिलर (Caterpillar), स्विंग चेयर (Swing chair)और वोर्टेक्स (Vortex) जैसी कई राइड का मजा ले सकते हैं। 7. ड्रिज़्लिंग लैंड वाटर पार्क (Drizzling Land water park):यहां आपको डाइस कोस्टर (Dice coaster ), लॉन्चर स्लाइड (Launcher slide), केम्पटी फाल्स (Captee falls), एयर वैन (Air wain), रॉक एन रोल (Rock n Roll), रोलर कोस्टर (Roller coaster) जैसे अट्रैक्शन (Attraction) देखने को मिलता है। साथ ही यहां आपको रिवर राफ्टिंग (River rafting), किड्स और फॅमिली पूल (Kids and Family pool), साइकलोन (Cyclone) एक्टिविटीज मिलती हैं। 8. आपनो घर वाटर पार्क (Aapno Ghar Water park):ये दिल्ली के पुराने वाटर पार्क में से एक है। यह अपने खूबसूरत रिसोर्ट के लिए काफी फेमस है। यहाँ आप कैटरपिलर (Caterpillar), फ्लाइंग बॉब (Flying Bob), वेस्टर्न ट्रेन (Western train), बेबी ट्रेन (Bobby train) वे राउंड कई राइड्स को एंजॉय कर सकतें हैं। 9. स्पलैश वाटर पार्क (Splash Water Park):ये पार्क गर्मि से राहत दिलाने के लिए एक दम बढ़िया है।यहाँ आप साइक्लोन फैमिली स्लाइड, हरकिरी और मशरूम फॉल,मल्टीलेन स्लाइड आदि राइड्स का आनंद ले सकते हैं। यहाँ आपको लार्ज वाटर स्लाइड्स ,रेन वाटर डांस फ्लॉर ,स्विमिंग पूल आदि की सुविधा मिलती है। 10. फन एन फूड विलेज दिल्ली (Fun N Food Village Delhi):दिल्ली के सबसे लोकप्रिय वाटर पार्क में इसका नाम फेमस है।इस वाटर पार्क में आपको इंडोर स्नो पार्क (Indoor Snow Park), मनोरंजन सवारी (Entertainment Ride), आलसी नदी (Lazy River), जल सवारी (Water Ride), फूड कोर्ट (Food Court) और बार (Bar) प्रमुख आकर्षण देखने को मिल जायेंगे। गर्मियों की तपन से बचने के लिए वाटर पार्क जाना एक बेस्ट ऑप्शन है तो आप भी अपने फेवरेट परक्की जल्दी से लिस्ट बनाए और हॉलीडेज (Holiday) एंजॉय करें।

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Top 5 Camping Places Near Delhi You Must Visit in Summer

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हम सभी को गर्मियों की छुट्टियों का बेसब्री से इंतजार रहता है। लेकिन हम अक्सर गर्मियों में घूमने के प्लान बनाने में काफी ट्रबल फेस करते हैं। हम अक्सर ऐसी जगह की तलाश करते हैं जहां हमें थोड़ी ठंडक मिली और जो एडवेंचर के लिए परफेक्ट हो। ऐसे में आप कैंपिंग प्लान कर सकते हैं जहां आप अपने बच्चों दोस्तों या फैमिली के साथ अपना बर्थडे इंजॉय कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि गर्मियों में दिल्ली के पास कौन सी बेस्ट जगह है जो कैंपिंग के लिए एकदम परफेक्ट है। 1. दमदमा लेक कैंप (Damdama Lake Camp): यह जगह गर्मी से बचने और तनाव मुक्त रहने के लिए एकदम सही है आप यहां कि ग्रामीण जीवन का अनुभव करने के साथ, अरावली घाटी की सुंदरता का भी लुत्फ उठा सकते हैं‌। यहां आप रॉक क्लाइंबिंग (Rock climbing) ,रैटलिंग (Rattling), बोटिंग (Boating), कमांडो नेट (Commando net), बैलेंस वॉक (Balance walk) और स्पाइडर नेट (Spider net) के साथ ही पैदल यात्रा जैसी चिली एक्टिविटी (chili activity) का मजा ले सकते हैं इसके अलावा और भी कई एक्साइटिंग एक्टिविटी है जैसे कि फ्लाइंग फॉक्स (Flying fox) ,जोर विंग पेंटबॉल इन (Jor Wing Paintball Inn) और ईटीवी सवारी (ETV ride) शामिल है जो कि काफी इंटरेस्टिंग (Interesting) है। 2. मसूरी की माउंटेन कैंपिंग (Mussoorie’s Mountain Camping):वीकली होलीडेज (weekly holidays) के लिए दिल्ली के करीब नियर फेमस जगह काफी बढ़िया है, जिसे क्विन ऑफ हिल्स (Queen of hills) के नाम से जाना जाता है। दे दारू के घने जंगलों के बीच बस यह जगह बेहद सुंदर है। यहां मौसम भी काफी ठंडा और सुहावना रहता है। यहां आप ट्रैकिंग वैली क्रॉसिंग और राफ्टिंग भी कर सकते हैं। यहां टिहरी बांध को एक्सप्लोर (Explore )सकते हैं साथ ही सुरकंडा देवी मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां की ठंडी हवा और अद्भुत नजारे आंखों को बांध लेंगे। यकीनन आपको यहां से वापस लौटने का ही मन नहीं करेगा। 3. ऋषिकेश (Rishikesh):पवित्रता का अलौकिक स्वरूप ऋषिकेश गंगा घाटी के तट पर स्थित है, और कैंपिंग के लिहाज से काफी एक्साइटेड प्लेस (Excited place) है। यहां के रेतीले तट को कवर करते हुए जंगल के बीच संसद काफी सुंदर दिखता है। यहां आप गंगा की तेज लहरों का आनंद लेते हुए राफ्टिंग (Rafting) और कयाकिंग कर सकते हैं। साथ ही आप चाहिए तो अपने दोस्तों के साथ रात में तारों की भी चांदनी रात को निहार सकते हैं। जो कि सालों बाद भी आपको याद आएंगी। 4. कैंप ट्विंकलिंग (Camp Twinkling):दिल्ली से कुछ ही घंटे की दूरी पर, गुड़गांव के इस कैंप में जरूर आइए। जहां आप रॉक क्लाइंबिंग (Rock climbing), ट्रेकिंग (Tracking) भी कर सकते हैं। कैंपिंग करने के लिए यह बेस्ट प्लेस है। यहां सभी उम्र के लोगों को ध्यान में रखकर कई एक्टिविटी (Activity) बनाई गई है। यानी आप यहां अपने घर के छोटे से लेकर बड़े सभी लोगों को ले आ सकते हैं। यह जगह फैमिली टाइम के लिए बिल्कुल सही है और दिल्ली से मात्र 60 किमी की दूरी पर है। 5. कैंप मशीन (सोहना रोड) (Camp Machine Sohna road):दिल्ली की जगह नेचर शिकर के लिए एकदम परफेक्ट है। अगर आपको शांति पसंद है और आप नेचर के क्लोज (Close) जाना चाहते हैं। अरावली पहाड़ियों और खेतों से घिरी यह जगह आपके लिए है। यहां आप गेट टुगेदर (Get Together), फैमिली टाइम (Family Time)और दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड (Time Spend) करने के लिए आ सकते हैं। यहां आप रॉक क्लाइंबिंग (Rock Climbing), साइकलींग (Cycling)और टेंट लगाकर अपने दोस्तों के साथ आउटडोर गेम (Out Door) भी खेल सकते हैं।

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ये हैं देश के सबसे खूबसूरत और बड़े रेलवे स्टेशन

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देश के सबसे सुंदर रेलवे स्टेशनों(beautiful Railway stations) के लिस्ट में सबसे ऊपर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन का नाम आता है।यह ब्रिटिश काल की एक भव्य रचना है जो कि अंदर और बाहर दोनों से ही काफी आश्चर्यजनक और लुभावनी है। रेलवे स्टेशन को ऊपर से देखने पर इसकी आकृति चेसबोर्ड जैसी दिखती है जो कि काफी आकर्षक होती है साथ ही स्टेशन बनाए गए खंबे और गुंबद चेस की गोटी जैसी दिखती है। अगर हम इमारत को ध्यान से देखें तो वहां हमें इमारत की वास्तुकला में मुगल, राजपूत और अवधी संस्कृति की झलक भी मिलती है। ‌ 2.कानपुर रेलवे स्टेशन (Kanpur Railway Station) यह स्टेशन ना केवल भारत में सबसे बड़ा(Largest Railway station) है बल्कि सबसे ज्यादा व्यस्त भी है। भारत के चार प्रमुख केंद्र रेलवे स्टेशनों में से एक है। कानपुर रेलवे स्टेशन को लखनऊ के चारबाग स्टेशन के तर्ज पर ही बनाया गया है। 3.हावड़ा रेलवे स्टेशन (Howrah Railway Station) हावड़ा रेलवे स्टेशन भारत का सबसे पुराना स्टेशन है। जिसे 1854 में बनाया गया था। इसके 23 प्लेटफार्म, हर दिन 10 लाख लोगों को सेवा प्रदान करते हैं। हुगली नदी के तट पर स्थित होने की वजह से यह स्टेशन काफी अमेजिंग लगता है। 4. जैसलमेर रेलवे स्टेशन(Jaisalmer Railway Station) जैसा कि नाम में ही रॉयल की झलक रही है, यह स्टेशन भी काफी रॉयल है रेगिस्तान के मध्य स्थित यह भूरे रंग की इमारत है। यह स्टेशन पश्चिम रेलवे चित्र का एक हिस्सा है जोधपुर और जैसलमेर के बीच एक लिंक बनाता है। 5. कटक रेलवे स्टेशन (Cuttack Railway Station)इस स्टेशन की खासियत यह है कि इस एक माह का विश्लेषण के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि 1896 में टैरिफ के लिए इसे खोला गया। इसका डिजाइन बाराबती किले के वास्तुकार से प्रभावित है, जो कि कलिंग क्षेत्र में सीरवी शताब्दी में निर्मित एक अद्भुत वास्तुशिल्प कृति है। कटक का आर्किटेक्चर काफी अनोखा है और लुभावना भी।(Architectural wonders of Indian Railways) 6. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (Chhatarpati Shivaji Terminus)1888 में निर्मित यह रेलवे स्टेशन, आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित है। स्टेशन को इसकी पुराने नाम विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से भी जाना जाता है जो कि ब्रिटेन की रानी के नाम पर रखा गया था। बाहर से देखने रेलवे स्टेशन फाइव स्टार की तरह ही नायाब दिखता है।(Iconic Railway Station) 7. चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन (Chennai Railway Station)चेन्नई सेंट्रल या मद्रास सेंट्रल, जिसका नाम सबसे पुराने स्टेशनों में गिना जाता है। इस स्टेशन को दक्षिण के प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है। स्टेशन की ऊंची लाल बिल्डिंग आंखों को बहुत ज्यादा अट्रैक्ट करती है। 8. विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन (Vijaywada Railway Station)आंध्र प्रदेश में स्थित यह स्टेशन बेहद खूबसूरत(Stunning Railway Station) है। इसकी सफेद इमारत इसे और भी ज्यादा सुंदर बनाती है।

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मंजिल से कहीं ज्यादा खूबसूरत हैं ये सफर- जानिए भारत के सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में….

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मंजिल पर पहुँच जाने की खुशी और एक्साइटमेंट तो सभी को होती है, लेकिन क्या कभी आपने सफर को इंजॉय किया है? इस सवाल पर आप में से ज्यादातर लोगों का यही जवाब होगा कि नहीं! लेकिन यकीन मानिए, आज हम आप सभी को कुछ ऐसे रोड ट्रिप्स के बारे में बताएंगे जो मंजिल से कहीं ज्यादा खूबसूरत हैं। बस जरूरत है उन्हें महसूस करने की और अपनी सारी परेशानियों को भूल कर उस सफर के हर लमहे को जीने की। इस ब्लॉग में हम आपको उन रास्तों के बारे में तो बताएंगे हीं लेकिन उनके साथ साथ हम आपको किन-किन बातों का ख्याल रखना है जिससे कि आपकी ट्रिप खराब ना हो और एक यादगार ट्रिप बन सके इसके बारे में भी बताएंगे। कुफरी से चैल (Kufri to Chail) : कुफरी से चैल के सफर में आपको कहीं घने जंगलों के बीच से जा रही सांप की तरह घुमावदार सड़के दिखेंगी तो कहींएक ओर ऊंची ऊंची पहाड़ियां और दूसरी और गहरी खाई। यह सफर जितना खूबसूरत होता है, उतना हीं ज्यादा एडवेंचरस (Adventure) भी। खास करके बाईकर्स (biker) के लिए तो यह जगह सबसे बेस्ट मानी जाती है। ना शोर-शराबा और ना हीं पॉल्यूशन, एक साफ-सुथरे माहौल में नेचर (nature) को फील करते हुए बाइक राइडिंग (Bike riding) करना अपने आप में ही एक बेहतरीन फीलिंग होती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह जगह सिर्फ बाइकर्स को पसंद आती है। आप यहां अपने कार में या किसी कैब को बुक करवा कर अपनी फैमिली के साथ भी टाइम स्पेंड (Time spending) करने आ सकते हैं। यहां कहीं आपको चारों ओर देवदार के घने जंगल और ऊंची पहाड़ियां तो कहीं गहरी खाई देखने को मिल जाएंगी। नेचर फोटो शूट के लिए भी यह जगह बेस्ट है। अगर आप भी फोटोग्राफी पसंद करते हैं कुफरी से चैल तक का यह सफर आपके लिए और इंटरेस्टिंग (Interesting) हो जाएगा। लेकिन यहां आपको ड्राइविंग (driving) करते वक्त स्पीड (speed) का खास ख्याल रखना होगा। क्योंकि यहां की सड़कें काफी घुमावदार हैं और सड़क की दूसरी ओर गहरी खाई है जो इस सफर को खूबसूरत तो बनाती है लेकिन साथ ही साथ रिस्कीे (risky) भी बनाती है। इसके अलावा इस जगह पर आप को सितंबर के महीने में भी घना कोहरा देखने को मिल जाएगा। यहां मौसम भी बहुत ज्यादा चेंज होता है। कहीं आपको धूप दिख जाएगी तो कहीं कोहरा। कभी खुशनुमा माहौल होगा तो कभी बरसात! ऐसे में टूरिस्ट (tourists) के लिए लिए अपने साथ रेनकोट (rain coat) रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है। कुफरी से चैल के रास्ते में आपको देवदार के जंगल देखने को मिलेंगे। साथ ही साथ इस रास्ते में कुछ गिने-चुने घर भी देखने को आपको मिल जाएंगे।इस सफ़र पर निकलने से पहले आपको मौसम की पूरी जानकारी रखनी होगी। क्योंकि कई बार यहां लैंडस्लाइड (landslide) की घटना हो जाती है। ऐसे में मौसम विभाग की दी गई जानकारियों का भी आपको ख्याल रखना होगा। जिससे आप सुरक्षित रोड ट्रिप का मजा ले सके। कुफरी से चैल का रास्ता लगभग 25 किलोमीटर का है। जिसे पार करने में आपको लगभग 1 घंटे का समय लग सकता है। क्योंकि यहां आप तेज ड्राइविंग नहीं कर सकते हैं। आपको अपनी गाड़ी की स्पीड स्लो (slow) ही रखनी पड़ेगी। शिमला से नारकंडा (Shimla to Narkanda) : अगर आप भी कभी शिमला जाओ तो शिमला से नारकंडा के लिए रोड ट्रिप पर जाना ना भूले। यकीनन यह आपके जिंदगी की सबसे बेस्ट एक्सपीरिएंस (Best experience) में से एक होगा। साफ और खुला आसमान सुहाना का मौसम और घुमावदार सड़क देख कर आपको ऐसा लगेगा जैसे मानो किसी जन्नत में आ गए हो। पहाड़ी इलाकों की यहीं तो खास बात होती है। यहाँ हरियाली भी होती है, बर्फ भी होता है और तो और खुला आसमान भी होता है। बस नहीं होता है तो शोर शराबा और पॉल्यूशन (Pollution)।अगर आप भी भागदौड़ की जिंदगी से दूर जाकर खुद के साथ समय बिताना हो तो आप शिमला से नारकंडा के रोड पर जा सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप सोलो ट्रिप (solo trip) पर जाना चाहते हैं या फिर फैमिली और फ्रेंड्स (family and friends) के साथ। अगर आप सोलो ट्रिपल जा रहे हैं तो बाइक राइडिंग का भी मजा ले सकते हैं। यहां भी आपको उन्हीं बातों का ख्याल रखना है, जिनका जिक्र मैंने पहले भी किया है। अपने साथ एक रेनकोट कैरी (Carry) करना होगा। साथ ही साथ स्पीड का भी ध्यान रखना होगा। शिमला से नारकंडा का सफर लगभग 60 किलोमीटर के आसपास का है। इस सफर को पूरा करने के लिए आपको 2 से ढाई घंटे का समय लग सकता है। यहां आपको समय का भी का ख्याल रखना होगा। क्योंकि शिमला में बहुत ज्यादा ट्रैफिक (Trafic) रहती हैं। खासकर गर्मी के समय यहां ट्रैफिक की बहुत ज्यादा समस्या देखने को मिलती है। तो ट्राफिक से बचने के लिए आप अर्ली मॉर्निंग (early morning) हीं नारकंडा के लिए निकल सकते हैं।क्योंकि अर्ली मॉर्निंग रश (rush) कम होता है या ना के बराबर होता है। ऐसे में आप अपने ट्रिप को अच्छे से इंजॉय (enjoy) कर पाएंगे। मनाली से लेह (Manali to Leh) : मनाली से लेह तक का रोड ट्रिप दुनिया के सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स (world’s best road trips) में से एक है। इस सफर को और भी ज्यादा खास बनाते हैं यहां के खतरनाक रास्ते (dangerous roads)। जहां आपको कहीं दूर-दूर तक बर्फ के चादर नजरआएंगे तो कहीं रास्ते इतने पथरीले हो जाएंगे कि उन रास्तों पर ड्राइविंग करना अपने आप में ही एक चैलेंज हो जाएगा। मनाली से लेह (लद्दाख) का डिस्टेंस (distance between Manali to Leh) लगभग 427 किलोमीटर के आसपास है। जो आप आसानी से अपने बाइक या कार से कवर कर सकते हैं।

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10 Reasons Why You Should Visit the Most Visited Fort of India | Agra Fort❓

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अगर आपको ऐतिहासिक स्थलों (historical places) के बारे में जानने का शौक है और आपकी रूचि सिर्फ इतिहास के पन्नों में ना सिमटकर बाहर घूमने फिरने में है, दुनिया देखने में है तो आपके लिए आपका अगला डेस्टिनेशन हो सकता है आगरा का किला। आपने यह तो सुना ही होगा कि आगरा में एक किला है, जहां के महलों से खड़े होकर दूर ताजमहल को देखा जा सकता है। अगर नहीं सुना तो भी कोई बात नहीं। क्योंकि इस ब्लॉग में हम आपको इसे किले के बारे में बहुत सी ऐसी जानकारी देने वाले हैं जिनके बारे में जानना आपके लिए भी एक नया अनुभव होगा। जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है, यह किला दिल्ली से लगभग 232 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आगरा शहर में है। आगरा में दुनिया का सातवां अजूबा (7th Wonder of the World) ताजमहल तो है ही, इसके साथ हीं यहां एक किला भी है। जिसे आगरा के लाल किले के नाम से भी जाना जाता है। आगरा के किले का इतिहासHistory of Agra Fort : अगर इस किले के इतिहास की बात की जाए तो मुगल वंश (Mughal Empire) के 4 शासकों ने इस किले पर राज किया। जिनमें अकबर फिर जहाँगीर फिर शाहजहाँ और फिर बहादुर शाह जफर का नाम आता है। इसके निर्माण के बारे में बताया जाता है कि, इस जगह पर पहले खंडहर हुआ करता था। अकबर जब 1558 में फतेहपुर सीकरी से आगरा आए तो उन्होंने राजस्थान के धौलपुर जिले के बरौली क्षेत्र से लाल बलुआ पत्थर मंगवा कर, इसको दोबारा नए सिरे से बनवाया था। इसलिए इस किले को अकबर का किला (Akbar’s Palace) भी कहा जाता है। इस किले को बनवाने के लिए उस समय के बेहतरीन आर्किटेक्टों को बुलाया गया था। इसके बाहरी कोर को बलुआ पत्थर और अंदर के कोर को ईटों के साथ बनवाया गया है। उस समय लगभग 4000 कारीगरों ने लगातार 8 वर्षों तब इस किले के निर्माण के लिए काम किया और इस किले को 1573 में बना कर तैयार किया गया। अगर इस किले के आधुनिक इतिहास जाना जाए तो यह किला यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल (UNESCO World Heritage Site) की सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला ऐतिहासिक स्थल (Historical Monument) था। जिसे यूनेस्को ने वर्ष 1983 में अपने वैश्विक धरोहरों की सूची में शामिल किया था। क्योंकि इस किले के निर्माण में लाल बलूआही पत्थरों (Red Sandstone) का इस्तेमाल किया गया है। इसीलिए इस किले को आगरा का लाल किला भी कहा जाता है। बेहतरीन है यहां का आर्किटेक्चर(Amazing Architecture of this Fort) : शीश महल (glass palace) : बात की जाए इस किले के आर्किटेक्चर की तो, दुनिया का सबसे खूबसूरत बाथरूमशमों से एक बाथरूम शीश महल, जिसे ग्लास पैलेस के नाम से भी जाना जाता है, इसी किले में मौजूद है। जिसे शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के स्नान के लिए बनवाया था। इस शीश महल में चारों ओर शीशे लगे हुए हैं और नहाने के लिए गर्म पानी की सुविधा की गई थी। शीश महल तीन भागों में बँटा हुआ था। जिसमें पहला हिस्सा ठंडे पानी के लिए था, दूसरा हिस्सा गर्म पानी के लिए और तीसरा हिस्सा मसाज के लिए था। शीश महल की बनावट ऐसी थी कि अगर वहां एक दिया जलाया जाता था तो चारों ओर 100 दिए के जितने उजाला होता था। बादशाह का आरामगाह : शीश महल के अलावा इस किले में जहांगीर का आरामगाह भी था। जिसमें रियल सोने की पेंटिंग (Real Gold Painting) की गई थी। दूसरे भाग में ब्रिटिश के द्वारा पिघला पिघला कर अपने देश ले जाया गया। लेकिन अभी इसके अवशेष किले में मौजूद है। किले के दीवारों में की गई नक्काशी में जड़े गए हर एक रत्न की अपनी एक अलग ही खासियत थी और सारे रत्न अलग-अलग रंगों में चमकते थे। जब आप दोपहर के 3:00 से 4:00 के बीच इसके लिए आएंगे सोने की नक्काशी के अवशेष उस समय सूरज की रोशनी में जगमगाते हुए दिखेंगे। जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब इस पर पूरी सोने की परत चढ़ी हुई होगी तब यह कितना चमकता होगा। हवा महल (Hawa Mahal) : इस किले में एक हवा महल भी है। अकबर ने अपने बेटे सलीम को उपहार में दिया था। इस हवा महल की बनावट ऐसी थी कि बिना बिजली और एसी के भी इस महल में ऐसी (Air conditioner) के जितना ठंडक होता था। अगर इसके बनावट की बात की जाए तो इसके दीवारों को दोहरे लेयर में बनाया गया था और दोनों दीवारों के बीच में पानी डाला गया था। पानी से दीवार में सीलन ना लगे इसके लिए दीवारों को बनाने में मुल्तानी मिट्टी (Multani Clay) का उपयोग किया गया था। इस सफेद संगमरमर से बने महल खिड़कियों को बाहर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि ये खिड़कियां बंद है। लेकिन जब आप अंदर जाएंगे तो आपको दिखेगा कि वह सब बस एक आंखों का इल्युजन (illusion) है। असल में खिड़कियां खुली हुई होती हैं। दीवान-ए-खास (Diwan-i-khas) : इस महल में दीवान-ए-खास नाम से भी एक जगह था। जहां बादशाह अपने मुलाजिमों के साथ बैठकर सलाह मशवरा किया करते थे। दीवान-ए-खास दो हिस्सों में बटा हुआ था। एक अंदर का और एक बाहर का। बाहर के हिस्से में भी बादशाह शाम के समय बैठा करते थे। जहां काले रंग के सिंहासन पर बादशाह बैठते थे और सफेद रंग का सिंहासन उनके सलाहकार के लिए होता था। वहीं बाकी मुलाजिम कार्पेट पर बैठा करते थे। जब आप दीवान ए खास के काले सिंहासन के पास जाएंगे तो आपको वहां से ताजमहल साफ साफ दिखाई देगा। रंग महल (Rang Mahal) : इन सभी के अलावा महल में एक हिस्सा मनोरंजन के लिए भी होता था। जिसे रंग महल के नाम से जाना जाता था। रंग महल में सबसे ऊपर बादशाह का सिंहासन होता था। वहीं उससे नीचे परदे में रानियां बैठा करती थीं और आसपास की खिड़कियों से सैनिक और अन्य मुलाजिम समारोह और नृत्य प्रदर्शन का आनंद लिया करते थे। रंग महल का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। सुरक्षा घेरा (Defensive structure) : शाहजहाँ का कैदखाना (Shah Jahan’s

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Top 5 South Indian Food Restaurants in Delhi Ncr | People Don’t Know🥣

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•Navaidyam •Padmanabham •Jaggarnaut •SarvanaBhavan •Bheemeshwara इस ब्लॉग हम आपको बताने जा रहे हैं दिल्ली स्थित कुछ ऐसे रेस्टोरेंट्स के बारे में जहां आप प्रॉपर साउथ इंडियन डिशेज (proper south Indian dishes) का आनंद उठा सकते हैं। यहां आकर आपको ऐसा लगेगा कि आप केरल या फिर तमिलनाडु में बैठकर खाना खा रहे हैं। 1. नवैद्यम : कनॉट प्लेस(Navaidyam Connaught place) दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित नैवेद्यम रेस्टोरेंट अपने साउथ इंडियन अंदाज़ के लिए काफी फेमस है। इसकी प्रसिद्धि का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली एनसीआर में इसके 10 ब्रांचेस है।कनॉट प्लेस स्थित इस रेस्टोरेंट के भीतर आते हीं आपको प्रॉपर साउथ इंडियन वाइब्स आने लगेंगे। यहां आते ही सबसे पहले आपको छोटे से गिलास में छाछ सर्व किया जाएगा जिसकी ठंडी तासीर आप को गर्मी से तुरंत रिलीफ दिला देगी। यहां के मेन्यू कार्ड में बहुत सारी साउथ इंडियन डिशेज की वैरायटी उपलब्ध है। आपको यहां हर तरह के साउथ इंडियन डिश खाने को मिल जाएंगे। यहां आपका ऑर्डर केले के पत्ते में परोस कर लाया जाता है। इसके साथ ही यहां काम करने वाले सभी स्टाफ प्रॉपर साउथ इंडियन गेट-अप (South Indian get up) में होते हैं। जिसे देखकर आपको बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगेगा कि आप दिल्ली में हैं। यहां के मैन्यू कार्ड में आपको 15 से भी ज्यादा टाइप के डोसा, इडली, वडा और उत्तपम देखने को मिल जाएंगे। अगर आप खाने के बाद डेजर्ट खाना पसंद करते हैं तो आपको डेजर्ट के ऑप्शन भी यहां मिल जाएंगे। खाने के बाद दिया जाने वाला सौंफ और मिश्री सोने पर सुहागा का काम करता है। यह रेस्टोरेंट दिल्ली के कनॉट प्लेस में रीगल बिल्डिंग के पास स्थित है। You Should Also Read: Best Water Parks in Delhi Ncr 2. पदमनाभम : ग्रेटर कैलाश(Padmanabham Greater Kailash) ग्रेटर कैलाश स्थित यह पद्मनाभम रेस्टोरेंट अपने साउथ इंडियन टेक्सचर (South Indian texture) के लिए पूरे दिल्ली में काफी मशहूर है। इस रेस्टोरेंट का खाना ही नहीं बल्कि यहां की इंटीरियर भी वाकई लाजवाब है। आप जब रेस्टोरेंट के अंदर एंटर करते हैं तो आपको चारों ओर वॉल पर लगाई गई पेंटिंग्स और रेस्टोरेंट के एक कोने में बनाए गए छोटे से मंदिर में रखी गई बालाजी की मूर्ति को देख कर भारतीय संस्कृति की संपन्नता का अद्भुत झलक देखने को मिलेगा। अगर बात करें यहां के मैन्यू की तो यहां के मैन्यू वीक में दिनों के हिसाब से चेंज होती रहती है। या यूं कहें की यहां के मैन्यू कार्ड दिन-ब-दिन बदलते रहते हैं। इस रेस्टोरेंट में चार दक्षिण भारतीय राज्य केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के पारंपरिक भजनों को परोसा जाता है। यहां सप्ताह में दिन के हिसाब से किसी एक राज्य पर फोकस किया जाता है। इस रेस्टोरेंट की एक और खास बात यह है कि यहां के डिशेज में स्पेशल साउथ इंडिया से मंगाए गए मसाले डाले जाते हैं, जो यहां के खाने का स्वाद और निखार देते हैं। यहीं वजह है कि आपको हर बाइट (Bite) में स्पेशल साउथ इंडियन जायके का अनुभव होगा। अपने अनोखे साउथ इंडियन स्वाद के लिए मशहूर पदमनाभम खाने के शौकीन लोगों के आकर्षण का केंद्र है। यहीं वजह है कि यहां वीकेंड्स (weekend) में आपको पहले ही बुकिंग करवा कर रखना होगा।हो सकता है कि वीकडेज (weekdays) में भी आपको यहां लंच करने के लिए इंतजार करना पड़े। 3. जगरनॉट रेस्टोरेंट : ग्रेटर कैलाश(Juggernaut Restaurant Greater Kailash) यह रेस्टोरेंट दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में स्थित है। आप दिल्ली के किसी भी कोने से यहां पहुंच सकते हैं। बात करें इस रेस्टोरेंट्स के बारे में तो यह सिर्फ खाने की डिश के लिए हीं मशहूर नहीं है बल्कि यहां की प्रेजेंटेशन भी लाजवाब है। रेस्टोरेंट में इंटर करते ही आपका अतिथि सत्कार किया जाता है और आपको टीका लगाया जाता है। जिसमें अतिथि देवो भवः की झलक देखने को मिलती है। इस तरह का अतिथि सत्कार भारतीय संस्कृति की संपन्नता को दर्शाता है। एंट्री के पास हीं आपको साउथ इंडियन स्नैक्स (South Indian snacks) मिल जाएंगे, जिन्हें आप अपनी इच्छा अनुसार खरीद सकते हैं। इस रेस्टोरेंट में बैठने की व्यवस्था फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर की गई है। अगर आप वीकेंड में आते हैं तो आपको यहां अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ेगा। हो सकता है, इंतजार एक घंटे का भी हो जाए। वहीं वीकडेज में भी कभी-कभार आपको रश देखने को मिल सकता है। ऐसे में आप पहले से ही अतिरिक्त समय लेकर आए। अगर बात किया जाए यहां के इंटीरियर की तो यहां के हर एक कोने कोने से आपको भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस रेस्टोरेंट की बनावट कुछ ऐसी है कि यहां आप खाना खाते हुए बाहर के ग्रीनरी व्यू का भी मजा ले सकते हैं। अगर यहां के खाने की बात की जाए तो यहां बैठने के साथ ही आपको और पापड़ और रसम सर्व किए जाएंगे। जिसका स्वाद आपकी भूख को और जगाने का काम करेगा। यहां के मैन्यू में आपको हर तरह के साउथ इंडियन फूड जैसे इडली, डोसा, मेदू वडा, अप्पम और उत्तपम आदि मिल जाएंगे। 4. सर्वाना भवन : कनॉट प्लेस(Sarvana Bhavan Connaught Place) दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित यह रेस्टोरेंट सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बाहर भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इसकी प्रसिद्धि के बारे में जितना कहा जाए उतना कम है। अगर आप यहां आते हैं तो यहां आपको टाइम मार्जिन लेकर चलना होगा। क्योंकि हो सकता है आपको अपनी बारी के लिए घंटे भर तक वेट करना हो। यह एक प्रॉपर साउथ इंडियन रेस्टोरेंट है। जिसके 33 ब्रांच इन इंडिया में और 78 ब्रांच इंडिया से बाहर हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, यह कितना पॉपुलर है। जनपथ मेट्रो स्टेशन (Janpath Metro Station) से वॉकिंग डिस्टेंस (walking distance) पर स्थित यह रेस्टोरेंट लोगों के बीच अपने साउथ इंडियन जायके के लिए जाना जाता है। अगर बात करें यहां के खाने की तो अगर आप डोसा खाना पसंद करते हैं तो यह रेस्टोरेंट आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां डोसा की इतनी वैरायटी है कि, यहां के मेन्यू कार्ड को देखकर आप खुद सोच में पड़ जाएंगे कि कौन सा डोसा

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5 Most Famous Highly Recommended National Parks to Visit Near Delhi NCR🏝

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शहरों की बढ़ती आबादी और पॉल्यूशन (pollution) पूरी दुनिया में एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। भारत में भी महानगरों की स्थिति ऐसी हो गई है कि पेड़ों की संख्या कम और इंसानों की गिनती ज्यादा है। यह ना सिर्फ स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को उत्पन्न करता है, बल्कि लोगों में बढ़ रहे मानसिक तनाव का भी एक बड़ा कारण है। ऐसे में नेचर को अपने करीब महसूस करने के लिए और जिंदगी से कुछ सुकून के पल चुराने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है, जंगल सफारी। आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे नेशनल पार्क्स के बारे में जहां आप आसानी से जंगल सफारी कर सकते हैं और प्रकृति को अपने करीब से महसूस कर सकते हैं। यह नेशनल पार्क प्रकृति के खजाने( Natural Treasure Of India)  को संजो कर रखते हैं और धरती के वातावरण को जीवन के अनुकूल बनाए रखने में मदद करते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे इंडिया के वाइल्ड लाइफ को एक्सप्लोर कर सकते हैं(exploring india’s wilderness) : कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है।  बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है। इतिहास (history) : बात करें अगर कूनो नेशनल पार्क के इतिहास की तो इसे 1981 में एक वन अभ्यारण्य के रूप में स्थापित किया गया था जिसे 2018 में नेशनल पार्क की उपाधि दे दी गई। जब 1992 गुजरात के गिर से शेरों को विस्थापित कर किसी दूसरे जगह भेजने का प्रस्ताव पारित हुआ तो, कूनो को इस सिंह परियोजना के लिए चुना गया था। मध्य प्रदेश सरकार ने कूनो में शेरों के स्वागत के लिए 2003 तक कूनो के आसपास के क्षेत्र में बसे 29 गांव को विस्थापित कर शेरों को लाने की सारी तैयारी कर ली थी। इसके बाद से ही गुजरात सरकार से शेर मांगे जा रहे हैं लेकिन गुजरात सरकार किसी ना किसी बहाने से इस प्रोजेक्ट में अड़ंगा लगा रही है। कैसे पहुंचे? (how to reach?) ग्वालियर एयरपोर्ट कूनो नेशनल पार्क के सबसे नजदीक स्थित एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोटा, पटना, जयपुर आदि से भली भांति जुड़ा हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए फ्लाइट लगभग ₹2000 से ₹3000 तक की आती है। आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से भी ग्वालियर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप बाय रोड भी कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (Jim Corbette National Park) पहाड़ियों की गोद में बसे हुए इस नेशनल पार्क में आकर आपके सारे थकान दूर हो जाएंगे और मन तरोताजा हो जाएगा। यह एक हिल स्टेशन(hill station) नेशनल पार्क है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यहां 480 से भी ज्यादा प्रकार के पौधे पाए जाते हैं (rich biodiversity)। नैनीताल के पास बसा यह नेशनल पार्क हाल फिलहाल के दिनों में पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र रहा है। इतिहास (history) यह पार्क उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। जिम कार्बेट नेशनल पार्क को 1936 में हेली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। जिम कॉर्बेट ने इस पार्क की स्थापना में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हीं के सम्मान के लिए इस पार्क का नाम बदलकर जिम कार्बेट नेशनल पार्क किया गया। इस नेशनल पार्क का क्षेत्रफल लगभग 1318 वर्ग किलोमीटर है और यह नेशनल पार्क ना सिर्फ जंगली जानवरों बल्कि कई प्रकार के प्रवासी पक्षियों और तितलियों का भी घर है। यह नेशनल पार्क हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है और इसकी स्थापना लुप्त हो चुके बंगाली बाघों (Royal Bengal tiger) के रक्षा के लिए किया गया था। बाघों के संरक्षण के लिए यहां सबसे पहले पहल किया गया था। कार्बेट नेशनल पार्क में पहाड़ी, नदी, दलदल के गड्ढे, घास के मैदान और एक बड़ी झील शामिल है। इस पार्क में आपको ताल, पीपल, रोहिणी और आम आदि के पेड़ देखने को मिल जाएंगे। यह पार्क नम पर्णपाती वनों की सूची में आता है। इस पार्क में आपको कई प्रकार के टूरिस्ट जोन देखने को मिलते हैं। जिनमें से कुछ निम्नांकित हैं (types of tourist zone) – बिजरानी सफारी जोन : इस सफारी जोन की खासियत यहां के खुले घास के मैदान हैं। यह सफारी जोन रामनगर से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ढेला सफारी जोन : यह नया इको टूरिज्म सफारी जोन है। जिसे नवंबर 2014 में शुरू किया गया था। यह सफारी जोन इकलौता ऐसा सफारी जोन है जो नेशनल पार्क के बफर जोन में स्थित है। बफर जोन की रिच बायोडायवर्सिटी पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। यहीं वजह है कि इस सफारी जोन के लिए लोगों की भीड़ ज्यादा होती है। झिरना सफारी जोन : यह सफारी जोन पूरे साल भर पर्यटकों के लिए खुला रहता है और यह रामनगर सिटी से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इनके अतिरिक्त यहां दुर्गा देवी जोन, सीताबनी जोन जैसे सफारी जॉन भी हैं। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। कैसे पहुंचे? (How to reach?) जिम कार्बेट नेशनल पार्क से नियरेस्ट एयरपोर्ट है पटनागर एयरपोर्ट। जिसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट से आपको लगभग 3000 रुपए से 5000 रुपए तक के बीच में टिकट मिल जाएंगे। आप यहां जाने के लिए ट्रेन मार्ग या फिर सड़क मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं। राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है।

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Why Delhi Ncr’s People Visiting Hill Stations Nowadays | 2023

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•Solang •Shimla •Tirthan valley (kullu) •Rajgarh hills •Mussoorie •Dhanoulti मई का महीना चल रहा है और गर्मी काफी बढ़ गई है। ऐसे में चिलचिलाती धूप और बढ़ते हुए तापमान (temperature) से निजात पाने का सबसे बेस्ट(best) तरीका है कि कुछ दिनों के लिए छुट्टियां मनाने किसी हिल स्टेशन(hill station) जाने की प्लानिंग की जाए। तो आइए जानते हैं दिल्ली एनसीआर (Delhi-NCR) के आसपास के कुछ ऐसे पापुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशंस(Popular tourists destinations) के बारे में जहां आप इस गर्मी में छुट्टियां मनाने जा सकते हैं। Solang Valley Hill Station पहाड़ियों के गोद में बसे हुए हिमाचल प्रदेश के इस शहर की खूबसूरती देखने लायक है। सोलंग वैली पहुंचते हीं आपको सबसे पहले दिखेगा नेहरू कुंड मंदिर। जहां आप दर्शन करने रुक सकते हैं। इसी रूट में आगे जाकर आपको वह ब्रिज दिखेगा जहां टैंगो चार्ली मूवी की शूटिंग भी हुई थी। सोलंग वैली में आपको हर ओर पैराग्लाइडिंग और बाइक राइडिंग जैसी कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटी (adventures activities)  होती दिखाई देंगी। यूं तो सोलंग वैली आप कभी भी आ सकते हैं लेकिन, अगर आप बर्फ देखना चाहते हैं तो आपको दिसंबर या जनवरी के महीने में यहां आना चाहिए। इस समय यहां चारों ओर बर्फ हीं बर्फ दिखाई देंगे। यहाँ आप बहुत सारे स्नो एक्टिविटीज (snow activities) का लुफ्त उठा सकते हैं। Best activities to do in sholang valley सोलन वैली में स्कीइंग (skiing) करने का पूरा खर्च आपको ₹500 से ₹600 तक आएगा। यहां आप सुबह 9:00 से श्याम 4:00 तक कभी भी 15 से 20 मिनट के लिए स्कीइंग (skiing) कर सकते हैं।अगर आप की भी इच्छा खुले आकाश में उड़ने की है तो, आप यहां पैराग्लाइडिंग (paragliding) भी कर सकते हैं। जिसका खर्च आपको ₹2000 तक का आ सकता है। यहां सुबह के 8:00 बजे से शाम के 5:00 बजे तक 5 से 10 मिनट के लिए पैराग्लाइडिंग कर सकते हैं। सोलंग वैली पहाड़ियों की गोद में बसा हुआ है, इसीलिए यहां एडवेंचर टूरिज्म(adventure tourism) बहुत ज्यादा फल फूल रहा है।यहां ट्रेकिंग की एक्टिविटीज (activities) भी की जा सकती हैं जिसका खर्च आपको ₹1200 से ₹1500 तक का आ सकता है। यहां आप लगातार 2 दिन तक ट्रैकिंग (tracking) भी कर सकते हैं। जो पहले दिन के 10:00 बजे सुबह शुरू होता है और दूसरे दिन के 1:00 बजे दोपहर में जाकर खत्म होता है।अगर आपको भी कैंपिंग करना पसंद है और टेंट हाउस और बोनफायर मैं दिलचस्पी है तो, आप सोलंग में कैंपिंग भी कर सकते हैं। जिसकी कीमत आपको ₹1000 से ₹1500 तक की पड़ेगी। अगर आप सोलंग वैली जा कर अच्छे से घूमना चाहते हैं तो, आपको पूरे ट्रिप का मिनिमम खर्च 15000 रुपए तक का आएगा। आपको सोलंग वैली को अच्छे से एक्सप्लोर(explore) करने लिए कम से कम 3 दिन के ट्रिप की प्लानिंग करनी होगी। सोलंग वैली के आसपास होटल में रहने के लिए आपको एक रात का खर्च ₹1000 से ₹2000 तक का आ सकता है। यहां होटल की बहुत सारी वैरायटी है। आप अपने बजट के अनुसार अपना होटल चुन सकते हैं। How to reach sholang valleyइस हिल स्टेशन (hill station) की दिल्ली से दूरी लगभग 540 किलोमीटर है। बाय रोड टैक्सी से यहां जाने का लगभग खर्च ₹7000 से ₹8000 रुपए तक का आता है। वहीं अगर आप न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से ट्रेन से सोलंग वैली जाते हैं, तो इसका खर्च ₹1500 तक का आता है। अगर आप फ्लाइट (flight) के द्वारा सोलंग वैली पहुंचना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको दिल्ली इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) से कुल्लू मनाली एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट (flight) ₹9000 से ₹25000 तक में मिल सकती है। SHIMLA अपने आप को नेचुरल रिट्रीट(natural retreat) देने का सबसे बेहतरीन तरीका है पहाड़ों की सैर पर निकल जाना। अब पहाड़ों की बात हो और शिमला का नाम ना आए ऐसा हो नहीं सकता। शोर-शराबे से दूर और प्रकृति के नजदीक स्थित इस शहर की ओर कपल्स का काफी रुझान होता है। पनोर्मिक व्यूज़(panoramic views) वाला यह जगह काफी रोमांटिक डेस्टिनेशन(romantic destination) के रूप में जाना जाता है। चारों ओर दिखने वाली बर्फ से ढकी सफेद पहाड़ियां और हरे-भरे देवदार के पेड़ किसी का भी मन मोह लेने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। यह जगन सिर्फ सीनरी(scenery) के लिए नहीं बल्कि शॉपिंग के लिए भी प्रसिद्ध है। शिमला स्थित माल रोड शॉपिंग के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहां आपको खान-पान से लेकर पुरानी एंटिक चीजों तक का एक बड़ा कलेक्शन देखने को मिल जाएगा। यहां शिमला के पारंपरिक परिधान भी खरीद सकते हैं। शिमला में एक और फेमस जगह है वह जाखू हिल्स। इस जगह पर हनुमान जी का एक बड़ा मंदिर है। साथ हीं एक बहुत बड़ी मूर्ति भी है, जो काफी दूर से हीं दिख जाती है। इस मंदिर की खासियत है यहां आपको सैकड़ों दर्जनों लंगूर और बंदर खेलते हुए मिल जाएंगे। चारों ओर हरियाली से घिरा यह मंदिर उन लंगूरों और बंदरों के लिए घर की तरह है। How to reach shimla शिमला की दिल्ली से दूरी लगभग 340 किलोमीटर है और यहां आप बाय रोड, ट्रेन और फ्लाइट तीनों ही रास्तों से जा सकते हैं। अगर आप टैक्सी(taxi) से शिमला जाना चाहते हैं तो आपको ₹5500 से ₹6000 तक का खर्च आता है। वहीं अगर आप ट्रेन से शिमला जाते हैं तो ₹700 से ₹800 में आपको टिकट मिल जाएगी। अगर आप फ्लाइट से शिमला जाते हैं तो इकोनामी क्लास के फ्लाइट की टिकट्स ₹2900 से शुरू हो जाते हैं। Tirthan Valley अगर आप रोजमर्रा के शोर-शराबे से दूर कुछ दिन शांत और शुद्ध वातावरण में बिताना चाहते हैं तो, तीर्थन वैली आपके लिए एक अच्छा डेस्टिनेशन (destination) हो सकता है। चारों ओर हरे भरे पेड़ों और वनस्पतिक घासों से घिरा हुआ यह जगह ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क(Great Himalayan National Park) के बफर जोन( Buffer Zone) में स्थित है। आप यहां फिशिंग (fishing), रॉक क्लाइंबिंग (Rock climbing), रैपलिंग(rapling), साइट सीइंग (sightseeing) आदि जैसे एडवेंचरस एक्टिविटीज का आनंद ले सकते हैं। यह सारे एक्टिविटीज पूरी तरह फैमिली फ्रेंडली family-friendly हैं। Best things to do in tirthan valley तीर्थन वैली में कैंपिंग (camping) के पैकेज में ट्रैकिंग, फिशिंग, रैपलिंग आदि एक साथ ही इंक्लूड(include) होता है। यहां कैंपिंग(camping)