Railway की 8 Special Trains, UP से Tamil Nadu का सफर आसान
त्योहार आते ही सबसे पहले घर जाने की प्लानिंग शुरू होती है। कोई दिल्ली से बिहार जाने की तैयारी करता है, कोई मुंबई से यूपी और कोई दक्षिण भारत से अपने घर लौटने की कोशिश करता है। लेकिन जब सफर हजारों किलोमीटर का हो और ऊपर से दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहार हों, तो सबसे बड़ी चिंता टिकट की ही होती है। ट्रेन में सीट मिलेगी या नहीं, वेटिंग कितनी जाएगी और आखिर घर समय पर कैसे पहुंचेंगे—ये सवाल हर यात्री के दिमाग में रहता है। ऐसे ही यात्रियों के लिए प्रयागराज और तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के बीच चलने वाली विशेष Train काफी काम की हो सकती है।
उत्तर प्रदेश से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए यह लंबा सफर है, लेकिन इस तरह की अतिरिक्त सेवा त्योहारों के समय बढ़ती मांग को संभालने में मदद करती है। प्रयागराज से तिरुनेलवेली तक जाने वाली यह Train कई राज्यों से होकर गुजरती है। रास्ते में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु आते हैं। यानी एक ही सफर में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक का लंबा रेल सफर देखने को मिलता है।
अगर आप भी इस रूट पर यात्रा करने वाले हैं, तो टिकट बुक करने से पहले तारीख, समय, रास्ते के प्रमुख स्टेशन और कोच की जानकारी समझ लेना जरूरी है। इस ब्लॉग में हम इसी Train की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे।
प्रयागराज से तिरुनेलवेली के लिए क्यों चलाई गई स्पेशल ट्रेन?
त्योहारों के समय लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों में मांग अचानक बढ़ जाती है। खासकर उन यात्रियों की संख्या बढ़ती है जो नौकरी, पढ़ाई या काम के कारण दूसरे राज्यों में रहते हैं और त्योहार पर अपने घर जाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बीच दूरी काफी ज्यादा है। ऐसे में सामान्य ट्रेनों में सीट मिलना कई बार मुश्किल हो सकता है।
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इसी तरह की अतिरिक्त मांग को देखते हुए प्रयागराज और तिरुनेलवेली के बीच विशेष सेवा का संचालन किया गया है। यह Train दोनों दिशाओं में चलेगी और कुल चार-चार फेरे यानी आठ यात्राएं निर्धारित की गई हैं। इसका मतलब है कि प्रयागराज से तिरुनेलवेली जाने के लिए चार और तिरुनेलवेली से वापस प्रयागराज आने के लिए चार सेवाएं उपलब्ध होंगी। अगर आपकी यात्रा इन तारीखों के आसपास है, तो बाकी ट्रेनों के साथ इस Train की उपलब्धता भी जरूर देख सकते हैं।
प्रयागराज से तिरुनेलवेली कब चलेगी ट्रेन?
प्रयागराज से तिरुनेलवेली जाने वाली Train का नंबर 04171 बताया गया है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार यह विशेष ट्रेन सितंबर और अक्टूबर 2026 में चार तारीखों पर चलेगी। यह ट्रेन 19 सितंबर, 26 सितंबर, 3 अक्टूबर और 10 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज से रवाना होने वाली है।
प्रयागराज से इसकी निर्धारित रवानी सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर बताई गई है। लंबी दूरी होने के कारण यह ट्रेन तिरुनेलवेली तक पहुंचने में कई दिन लेती है। इसलिए टिकट बुक करते समय सिर्फ रवानी की तारीख देखकर योजना न बनाएं। अपनी मंजिल पर पहुंचने की तारीख और समय को भी ध्यान में रखें।
वापसी में तिरुनेलवेली से कब चलेगी ट्रेन?
तिरुनेलवेली से प्रयागराज लौटने वाली Train का नंबर 04172 है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार यह ट्रेन 21 सितंबर, 28 सितंबर, 5 अक्टूबर और 12 अक्टूबर 2026 को चलेगी। तिरुनेलवेली से इसकी रवानी रात 11 बजकर 30 मिनट पर बताई गई है। इसके बाद यह कई राज्यों से गुजरते हुए प्रयागराज की तरफ जाएगी।
लंबी यात्रा होने की वजह से इस Train में सफर करने वालों को घर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय लेकर चलना चाहिए। अगर आपको स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या किसी जरूरी काम के लिए वापस पहुंचना है, तो एक-दो दिन का अतिरिक्त समय रखना व्यावहारिक रहेगा।
प्रयागराज से तिरुनेलवेली का सफर किन राज्यों से होकर जाएगा?
इस Train का रूट काफी लंबा है और रास्ते में कई राज्य आते हैं। प्रयागराज से निकलने के बाद ट्रेन उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से गुजरती हुई मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ती है। इसके बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का रास्ता आता है।
यानी यह यात्रा देश के एक बड़े हिस्से को रेल मार्ग से जोड़ती है। रास्ते में अलग-अलग राज्यों का बदलता हुआ मौसम, भाषा, खान-पान और भौगोलिक नजारा भी देखने को मिलता है। अगर आपको लंबी रेल यात्रा पसंद है तो यह Train अपने आप में एक अलग अनुभव दे सकती है।
उत्तर प्रदेश में कौन-कौन से प्रमुख स्टेशन आएंगे?
प्रयागराज इस Train का प्रमुख शुरुआती स्टेशन है। इसके बाद माणिकपुर जैसे स्टेशन रास्ते में आते हैं। प्रयागराज से आगे बढ़ने के बाद यात्रा धीरे-धीरे मध्य भारत की तरफ पहुंचती है।
अगर आपका बोर्डिंग स्टेशन प्रयागराज के बजाय रास्ते का कोई स्टेशन है तो टिकट बुक करते समय सही स्टेशन और यात्रा की तारीख जरूर जांचें। लंबी दूरी की Train में बोर्डिंग स्टेशन को लेकर गलती होने पर बाद में परेशानी हो सकती है, इसलिए टिकट बनने के बाद पीएनआर में सारी जानकारी दोबारा देख लेना अच्छा रहता है।
मध्य प्रदेश में इन बड़े स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
उत्तर प्रदेश के बाद यह Train मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। इनमें सतना, कटनी, जबलपुर और इटारसी जैसे नाम शामिल हैं। इनमें इटारसी भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है और देश के कई हिस्सों से आने वाली ट्रेनों के रूट से जुड़ा हुआ है।
इस हिस्से में यात्रा करते समय आपको मध्य भारत का बदलता हुआ भूगोल देखने को मिलेगा। शहरों से बाहर निकलने के बाद खेत, छोटे कस्बे और ग्रामीण इलाकों के नजारे भी सफर का हिस्सा बन जाते हैं।
महाराष्ट्र में नागपुर और बल्हारशाह जैसे स्टेशन
मध्य प्रदेश के बाद Train महाराष्ट्र की तरफ बढ़ती है। इस रूट पर नागपुर और चंद्रपुर जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं। बल्हारशाह भी इस रास्ते का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां से आगे ट्रेन दक्षिण भारत की तरफ बढ़ती जाती है।
इतनी लंबी यात्रा में स्टेशन बदलते हुए देखना अपने आप में दिलचस्प होता है। एक ही Train में सफर करते हुए आपको कई राज्यों की अलग-अलग भाषाएं सुनने को मिलती हैं और स्टेशन के खाने-पीने की चीजों में भी बदलाव नजर आता है।
तेलंगाना में कौन-कौन से स्टेशन आएंगे?
महाराष्ट्र के बाद Train तेलंगाना की तरफ जाती है। इस हिस्से में सिरपुर कागजनगर, रामागुंडम, वारंगल और खम्मम जैसे स्टेशन शामिल हैं। दक्षिण भारत की तरफ बढ़ते हुए यहां से यात्रा का माहौल भी थोड़ा अलग महसूस होने लगता है। स्टेशन के नाम, स्थानीय भाषा और आसपास का दृश्य उत्तर भारत से काफी अलग दिखाई दे सकता है। अगर आप पहली बार इस लंबे रूट पर जा रहे हैं तो खिड़की के पास बैठकर सफर देखने का अपना अलग मजा है, खासकर दिन के समय।
आंध्र प्रदेश में कई बड़े स्टेशन आएंगे
तेलंगाना के बाद Train आंध्र प्रदेश से होकर आगे बढ़ती है। विजयवाड़ा, तेनाली, ओंगोल, नेल्लूर, गुडूर और रेणिगुंटा इस रूट के प्रमुख स्टेशनों में शामिल हैं। विजयवाड़ा और रेणिगुंटा जैसे स्टेशन दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण रेलवे मार्गों से जुड़े हुए हैं।
इस हिस्से में यात्रा करते समय आपको दक्षिण भारत की संस्कृति और भाषा का असर और ज्यादा दिखाई देने लगता है। लंबे सफर में अलग-अलग स्टेशनों पर मिलने वाला खाना भी यात्रा को थोड़ा मजेदार बना सकता है।
तमिलनाडु में पहुंचकर सफर का आखिरी हिस्सा शुरू होगा
आंध्र प्रदेश के बाद Train तमिलनाडु में प्रवेश करती है। इसके बाद काटपाडी, जोलारपेट्टै, सेलम, नामक्कल, करूर, डिंडीगुल और मदुरै जैसे स्टेशन आते हैं। इसके बाद विरुधुनगर, सात्तूर और कोविलपट्टी होते हुए ट्रेन तिरुनेलवेली की तरफ बढ़ती है।
यानी प्रयागराज से शुरू हुआ सफर आखिर में तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से तक पहुंचता है। अगर आप तिरुनेलवेली जा रहे हैं तो यह यात्रा देश के एक बड़े हिस्से को पार करते हुए पूरी होती है।
तिरुनेलवेली कब पहुंचेगी ट्रेन?
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज से चलने वाली 04171 Train तिरुनेलवेली में यात्रा के तीसरे दिन दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट पर पहुंचने वाली है। यह काफी लंबी यात्रा है, इसलिए यात्रियों को मानसिक रूप से पहले से तैयार रहना चाहिए।
दो-तीन दिन की ट्रेन यात्रा में छोटी-छोटी चीजों की तैयारी बहुत फर्क डालती है। सोने के लिए जरूरी सामान, पानी, दवाइयां, चार्जिंग की व्यवस्था और थोड़ा सूखा खाना साथ रखने से यात्रा ज्यादा आरामदायक हो सकती है।
वापसी वाली ट्रेन प्रयागराज कब पहुंचेगी?
तिरुनेलवेली से चलने वाली 04172 Train रात 11 बजकर 30 मिनट पर रवाना होने वाली है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार यह यात्रा के चौथे दिन सुबह करीब 3 बजकर 30 मिनट पर प्रयागराज पहुंचेगी।
क्योंकि आगमन सुबह बहुत जल्दी है, इसलिए प्रयागराज पहुंचने के बाद घर या आगे की यात्रा के लिए पहले से व्यवस्था कर लेना बेहतर होगा। अगर आपका आगे का सफर बस, टैक्सी या दूसरी ट्रेन से है तो उसके बीच पर्याप्त समय रखें। लंबी दूरी की ट्रेन में थोड़ी देरी भी हो सकती है।
ट्रेन में कौन-कौन से कोच मिलेंगे?
इस विशेष Train में अलग-अलग यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कई तरह के कोच दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें एक एसी 3-टियर कोच, 12 स्लीपर कोच और 6 जनरल सेकंड क्लास कोच शामिल हैं। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए अनुकूल और लगेज ब्रेक वैन के दो कोच भी बताए गए हैं।
इसका मतलब है कि कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए जनरल और स्लीपर के विकल्प हैं, जबकि एसी में यात्रा करना चाहने वालों के लिए 3-टियर का विकल्प उपलब्ध है। हालांकि कोच संरचना में बदलाव संभव है, इसलिए टिकट बुक करते समय मौजूदा जानकारी जरूर जांचें।
लंबी यात्रा के लिए कौन-सी क्लास चुनें?
अगर आपका बजट कम है और आप लंबी यात्रा के बावजूद साधारण सुविधा में सफर कर सकते हैं, तो स्लीपर एक विकल्प हो सकता है। लेकिन दो-तीन दिन की यात्रा होने के कारण आपको अपनी सुविधा और मौसम को ध्यान में रखना चाहिए। एसी 3-टियर में मौसम और आराम के लिहाज से अलग अनुभव मिल सकता है।
वहीं जनरल श्रेणी बजट यात्रियों के लिए है, लेकिन इतनी लंबी दूरी पर भीड़ और लगातार यात्रा को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। इस Train की खास बात यह है कि यात्रियों के पास अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियां चुनने का विकल्प है।
टिकट बुकिंग कब से शुरू हुई?
आपके दिए गए कार्यक्रम के अनुसार इस विशेष Train के लिए अग्रिम आरक्षण 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होने की जानकारी दी गई थी। IRCTC की मौजूदा शर्तों के अनुसार सामान्य आरक्षण की बुकिंग ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले खुलती है और शुरुआती दिन बुकिंग 8 बजे के बाद उपलब्ध होती है।
हालांकि कुछ विशेष या इंटरसिटी ट्रेनों में अलग आरक्षण अवधि हो सकती है। इसलिए टिकट बुक करते समय सिर्फ किसी पुराने लेख या पोस्ट पर भरोसा न करें। IRCTC पर ट्रेन नंबर और यात्रा की तारीख डालकर उपलब्धता जरूर जांचें।
IRCTC से टिकट कैसे बुक करें?
इस Train की टिकट बुक करने के लिए सबसे आसान तरीका IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप है। अपनी IRCTC आईडी से लॉगिन करने के बाद प्रयागराज से तिरुनेलवेली या तिरुनेलवेली से प्रयागराज की यात्रा चुनें। इसके बाद यात्रा की तारीख डालकर ट्रेन नंबर 04171 या 04172 खोजें।
फिर उपलब्ध क्लास चुनें, यात्रियों की जानकारी भरें और भुगतान पूरा करें। टिकट बनने के बाद पीएनआर नंबर को सुरक्षित रखें। अगर टिकट कंफर्म नहीं हुआ है तो पीएनआर स्टेटस समय-समय पर चेक करते रहें।
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टिकट बुक करते समय इन बातों का ध्यान रखें
लंबी दूरी की Train में टिकट बुक करते समय बोर्डिंग स्टेशन को ध्यान से चुनें। अगर आप प्रयागराज से टिकट लेकर रास्ते के किसी स्टेशन से चढ़ने वाले हैं तो अपनी बुकिंग में सही बोर्डिंग जानकारी रखें।
यात्रा की तारीख, यात्री का नाम, उम्र, लिंग और चुनी गई क्लास भी दोबारा जांच लें। टिकट बनने के बाद पीएनआर का स्क्रीनशॉट या ई-टिकट फोन में सेव रखना उपयोगी है। यात्रा के दौरान टिकट और जरूरी पहचान पत्र अपने पास रखें।
क्या थर्ड पार्टी ऐप से टिकट बुक कर सकते हैं?
रेल टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की आधिकारिक व्यवस्था सबसे सीधा विकल्प है। कुछ अधिकृत साझेदार प्लेटफॉर्म भी टिकट बुकिंग की सुविधा देते हैं, लेकिन बुकिंग से पहले यह देखना जरूरी है कि वह सेवा अधिकृत है या नहीं। किसी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया लिंक से टिकट बुक करने से बचें।
खासकर त्योहारों के समय नकली टिकट और फर्जी बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी की संभावना से सावधान रहना चाहिए। अगर Train की सीट उपलब्ध दिख रही है तो आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जाकर वही जानकारी दोबारा जांच लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
लंबी यात्रा में खाना कैसे मैनेज करें?
दो से तीन दिन की यात्रा में खाने की तैयारी पहले से करना काफी जरूरी है। पानी, हल्के स्नैक्स और जरूरी दवाइयां साथ रख सकते हैं। इसके अलावा IRCTC की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा से भी ट्रेन में खाना मंगाया जा सकता है।
IRCTC के अनुसार वैध पीएनआर होने पर यात्री यात्रा के लिए पहले से खाना ऑर्डर कर सकते हैं और सेवा वेबसाइट, Food on Track ऐप या 1323 के जरिए उपलब्ध है। इससे आपको पूरी यात्रा के लिए खाना अपने बैग में भरकर रखने की जरूरत कम हो सकती है।
ट्रेन में पानी और जरूरी सामान साथ रखें
लंबी Train यात्रा में छोटी-छोटी चीजें बहुत काम आती हैं। पानी की बोतल, टिश्यू, सैनिटाइजर, जरूरी दवाइयां, चार्जर और पावर बैंक जैसी चीजें हाथ के बैग में रखें। बहुत ज्यादा सामान लेकर चलने से सीट के आसपास जगह कम हो जाती है।
इसलिए जरूरी चीजों की एक छोटी किट बना लें जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सके। रात में सोते समय मोबाइल, पर्स और जरूरी कागजात अपने पास रखें।
यात्रा से पहले ट्रेन का रनिंग स्टेटस जरूर देखें
रेलवे की ट्रेनें मौसम, परिचालन या दूसरे कारणों से देर से चल सकती हैं। इसलिए स्टेशन के लिए निकलने से पहले Train का रनिंग स्टेटस जरूर जांचें। IRCTC भी यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस, प्लेटफॉर्म जानकारी और कोच पोजीशन जांचने की सलाह देता है। खासकर इतनी लंबी यात्रा वाली ट्रेन के मामले में स्टेशन पर निकलने से ठीक पहले जानकारी देखना उपयोगी रहेगा।
अगर टिकट में कोई समस्या आए तो क्या करें?
टिकट, पीएनआर या यात्रा से जुड़ी किसी समस्या के लिए आधिकारिक सहायता माध्यम का इस्तेमाल करें। IRCTC का ई-क्वेरी पोर्टल टिकट बुकिंग और दूसरी सेवाओं से जुड़े सवालों के लिए उपलब्ध है।
यात्रा के दौरान शिकायत या सहायता की जरूरत होने पर रेलवे का RailMadad प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध है। वहां ट्रेन और स्टेशन से जुड़ी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट से मदद लेने के बजाय पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यमों को प्राथमिकता दें।
इतनी लंबी ट्रेन यात्रा में क्या खास है?
प्रयागराज से तिरुनेलवेली तक का सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का रास्ता नहीं है। इस Train में बैठकर आप उत्तर भारत से मध्य भारत, फिर पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों की तरफ बढ़ते हैं। रास्ते में भाषा बदलती है, स्टेशन के नाम बदलते हैं, खाने की चीजें बदलती हैं और बाहर दिखाई देने वाला नजारा भी धीरे-धीरे बदलता जाता है।
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अगर आपको रेल यात्रा पसंद है तो यह रूट भारत की विविधता को करीब से देखने का एक अच्छा मौका दे सकता है। खासकर दिन के समय खिड़की से बाहर देखते हुए अलग-अलग राज्यों के बदलते दृश्य काफी दिलचस्प लग सकते हैं।
त्योहार के समय यात्रा कर रहे हैं तो ये गलती न करें
त्योहारों में सबसे बड़ी गलती होती है आखिरी समय तक टिकट का इंतजार करना। जैसे ही यात्रा की तारीख तय हो, उपलब्ध आरक्षण और दूसरी ट्रेनों को देखना शुरू कर दें। अगर इस Train में सीट उपलब्ध है तो टिकट समय रहते बुक करें। साथ ही वापसी का टिकट भी पहले से देख लें, क्योंकि त्योहार खत्म होने के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ सकती है। अगर सीट उपलब्ध नहीं है तो अलग-अलग तारीखों की उपलब्धता भी जांच सकते हैं।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- ट्रेन नंबर, तारीख, बोर्डिंग स्टेशन और गंतव्य भरने के बाद भुगतान करने से पहले सारी जानकारी एक बार जरूर देख लें। लंबी दूरी की यात्रा में छोटी सी गलती भी बाद में परेशानी बन सकती है।
- पानी, दवाइयां, चार्जर, पावर बैंक, टिश्यू और कुछ हल्के स्नैक्स एक छोटे बैग में रखें। इससे हर बार बड़े सामान को खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की मौजूदा स्थिति और प्लेटफॉर्म की जानकारी जांच लें। रेलवे भी यात्रियों को यात्रा से पहले रनिंग स्टेटस और कोच पोजीशन देखने की सलाह देता है।
- इतनी लंबी यात्रा में सिर्फ स्टेशन का खाना मिलने पर निर्भर न रहें। कुछ जरूरी स्नैक्स साथ रखें और जरूरत पड़ने पर IRCTC ई-कैटरिंग के जरिए भी खाना मंगाया जा सकता है।
- त्योहारों में सिर्फ घर जाने वाली भीड़ नहीं होती, वापस आने वाली भीड़ भी काफी बढ़ जाती है। इसलिए अपनी पूरी यात्रा की तारीख पहले तय करके जाने और लौटने दोनों तरफ की बुकिंग समय पर देखना बेहतर रहेगा।
प्रयागराज से तिरुनेलवेली की यह Train उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जिन्हें उत्तर भारत से तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से तक लंबी दूरी तय करनी है। रास्ते में छह राज्यों से गुजरने वाली यह यात्रा भारत के अलग-अलग हिस्सों को एक रेल सफर में जोड़ती है। त्योहारों के समय जब नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ जाती है, तब ऐसी विशेष सेवाएं यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देती हैं।
लेकिन टिकट की उपलब्धता, समय और कोच में बदलाव संभव होने की वजह से यात्रा से पहले IRCTC और रेलवे की ताजा जानकारी देखना जरूरी है। अगर आपकी यात्रा की तारीख 19 सितंबर, 26 सितंबर, 3 अक्टूबर या 10 अक्टूबर 2026 के आसपास है, तो प्रयागराज से तिरुनेलवेली वाली Train की उपलब्धता जरूर जांच सकते हैं। वहीं वापसी के लिए 21 सितंबर, 28 सितंबर, 5 अक्टूबर और 12 अक्टूबर की तारीखें दी गई हैं।
कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक लंबी रेल यात्रा नहीं है। प्रयागराज से शुरू होकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से गुजरता यह सफर भारत के अलग-अलग रंगों को एक साथ देखने का मौका देता है। बस टिकट समय पर बुक कीजिए, यात्रा से पहले जरूरी जानकारी जांचिए और इतने लंबे सफर के लिए थोड़ी तैयारी के साथ निकल पड़िए।