Railway की 8 Special Trains, UP से Tamil Nadu का सफर आसान
त्योहार आते ही सबसे पहले घर जाने की प्लानिंग शुरू होती है। कोई दिल्ली से बिहार जाने की तैयारी करता है, कोई मुंबई से यूपी और कोई दक्षिण भारत से अपने घर लौटने की कोशिश करता है। लेकिन जब सफर हजारों किलोमीटर का हो और ऊपर से दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहार हों, तो सबसे बड़ी चिंता टिकट की ही होती है। ट्रेन में सीट मिलेगी या नहीं, वेटिंग कितनी जाएगी और आखिर घर समय पर कैसे पहुंचेंगे—ये सवाल हर यात्री के दिमाग में रहता है। ऐसे ही यात्रियों के लिए प्रयागराज और तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के बीच चलने वाली विशेष Train काफी काम की हो सकती है। उत्तर प्रदेश से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए यह लंबा सफर है, लेकिन इस तरह की अतिरिक्त सेवा त्योहारों के समय बढ़ती मांग को संभालने में मदद करती है। प्रयागराज से तिरुनेलवेली तक जाने वाली यह Train कई राज्यों से होकर गुजरती है। रास्ते में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु आते हैं। यानी एक ही सफर में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक का लंबा रेल सफर देखने को मिलता है। अगर आप भी इस रूट पर यात्रा करने वाले हैं, तो टिकट बुक करने से पहले तारीख, समय, रास्ते के प्रमुख स्टेशन और कोच की जानकारी समझ लेना जरूरी है। इस ब्लॉग में हम इसी Train की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे। प्रयागराज से तिरुनेलवेली के लिए क्यों चलाई गई स्पेशल ट्रेन? त्योहारों के समय लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों में मांग अचानक बढ़ जाती है। खासकर उन यात्रियों की संख्या बढ़ती है जो नौकरी, पढ़ाई या काम के कारण दूसरे राज्यों में रहते हैं और त्योहार पर अपने घर जाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बीच दूरी काफी ज्यादा है। ऐसे में सामान्य ट्रेनों में सीट मिलना कई बार मुश्किल हो सकता है। इसी तरह की अतिरिक्त मांग को देखते हुए प्रयागराज और तिरुनेलवेली के बीच विशेष सेवा का संचालन किया गया है। यह Train दोनों दिशाओं में चलेगी और कुल चार-चार फेरे यानी आठ यात्राएं निर्धारित की गई हैं। इसका मतलब है कि प्रयागराज से तिरुनेलवेली जाने के लिए चार और तिरुनेलवेली से वापस प्रयागराज आने के लिए चार सेवाएं उपलब्ध होंगी। अगर आपकी यात्रा इन तारीखों के आसपास है, तो बाकी ट्रेनों के साथ इस Train की उपलब्धता भी जरूर देख सकते हैं। प्रयागराज से तिरुनेलवेली कब चलेगी ट्रेन? प्रयागराज से तिरुनेलवेली जाने वाली Train का नंबर 04171 बताया गया है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार यह विशेष ट्रेन सितंबर और अक्टूबर 2026 में चार तारीखों पर चलेगी। यह ट्रेन 19 सितंबर, 26 सितंबर, 3 अक्टूबर और 10 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज से रवाना होने वाली है। प्रयागराज से इसकी निर्धारित रवानी सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर बताई गई है। लंबी दूरी होने के कारण यह ट्रेन तिरुनेलवेली तक पहुंचने में कई दिन लेती है। इसलिए टिकट बुक करते समय सिर्फ रवानी की तारीख देखकर योजना न बनाएं। अपनी मंजिल पर पहुंचने की तारीख और समय को भी ध्यान में रखें। वापसी में तिरुनेलवेली से कब चलेगी ट्रेन? तिरुनेलवेली से प्रयागराज लौटने वाली Train का नंबर 04172 है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार यह ट्रेन 21 सितंबर, 28 सितंबर, 5 अक्टूबर और 12 अक्टूबर 2026 को चलेगी। तिरुनेलवेली से इसकी रवानी रात 11 बजकर 30 मिनट पर बताई गई है। इसके बाद यह कई राज्यों से गुजरते हुए प्रयागराज की तरफ जाएगी। लंबी यात्रा होने की वजह से इस Train में सफर करने वालों को घर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय लेकर चलना चाहिए। अगर आपको स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या किसी जरूरी काम के लिए वापस पहुंचना है, तो एक-दो दिन का अतिरिक्त समय रखना व्यावहारिक रहेगा। प्रयागराज से तिरुनेलवेली का सफर किन राज्यों से होकर जाएगा? इस Train का रूट काफी लंबा है और रास्ते में कई राज्य आते हैं। प्रयागराज से निकलने के बाद ट्रेन उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से गुजरती हुई मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ती है। इसके बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का रास्ता आता है। यानी यह यात्रा देश के एक बड़े हिस्से को रेल मार्ग से जोड़ती है। रास्ते में अलग-अलग राज्यों का बदलता हुआ मौसम, भाषा, खान-पान और भौगोलिक नजारा भी देखने को मिलता है। अगर आपको लंबी रेल यात्रा पसंद है तो यह Train अपने आप में एक अलग अनुभव दे सकती है। उत्तर प्रदेश में कौन-कौन से प्रमुख स्टेशन आएंगे? प्रयागराज इस Train का प्रमुख शुरुआती स्टेशन है। इसके बाद माणिकपुर जैसे स्टेशन रास्ते में आते हैं। प्रयागराज से आगे बढ़ने के बाद यात्रा धीरे-धीरे मध्य भारत की तरफ पहुंचती है। अगर आपका बोर्डिंग स्टेशन प्रयागराज के बजाय रास्ते का कोई स्टेशन है तो टिकट बुक करते समय सही स्टेशन और यात्रा की तारीख जरूर जांचें। लंबी दूरी की Train में बोर्डिंग स्टेशन को लेकर गलती होने पर बाद में परेशानी हो सकती है, इसलिए टिकट बनने के बाद पीएनआर में सारी जानकारी दोबारा देख लेना अच्छा रहता है। मध्य प्रदेश में इन बड़े स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन उत्तर प्रदेश के बाद यह Train मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। इनमें सतना, कटनी, जबलपुर और इटारसी जैसे नाम शामिल हैं। इनमें इटारसी भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है और देश के कई हिस्सों से आने वाली ट्रेनों के रूट से जुड़ा हुआ है। इस हिस्से में यात्रा करते समय आपको मध्य भारत का बदलता हुआ भूगोल देखने को मिलेगा। शहरों से बाहर निकलने के बाद खेत, छोटे कस्बे और ग्रामीण इलाकों के नजारे भी सफर का हिस्सा बन जाते हैं। महाराष्ट्र में नागपुर और बल्हारशाह जैसे स्टेशन मध्य प्रदेश के बाद Train महाराष्ट्र की तरफ बढ़ती है। इस रूट पर नागपुर और चंद्रपुर जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं। बल्हारशाह भी इस रास्ते का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां से आगे ट्रेन दक्षिण भारत की तरफ बढ़ती जाती है। इतनी लंबी यात्रा में स्टेशन बदलते हुए देखना अपने आप में दिलचस्प होता है। एक ही Train में सफर करते हुए आपको कई राज्यों की अलग-अलग भाषाएं सुनने को मिलती हैं और स्टेशन के खाने-पीने की चीजों में भी बदलाव नजर आता है। तेलंगाना में कौन-कौन से स्टेशन आएंगे? महाराष्ट्र