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Monsoon Travel: बारिश में जन्नत बन जाती हैं भारत की ये जगहें, मानसून में जरूर जाएं

मानसून

बारिश का मौसम आते ही भारत की कई जगहें किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। हरी-भरी वादियां, झरनों की गूंज, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी हवाएं यात्रियों को एक अलग ही अनुभव देती हैं। खास बात यह है कि मानसून के दौरान कई पर्यटन स्थल अपनी असली खूबसूरती में नजर आते हैं। अगर आप शहरों की भागदौड़ और गर्मी से राहत पाना चाहते हैं, तो बारिश के मौसम में घूमने की योजना बना सकते हैं।

मानसून पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इस समय प्रकृति पूरी तरह जीवंत दिखाई देती है। पहाड़ी क्षेत्रों में झरने अपने पूरे वेग से बहते हैं, जंगल हरियाली से भर जाते हैं और मौसम बेहद सुहावना हो जाता है। कई जगहों पर होटल और ट्रैवल पैकेज भी ऑफ-सीजन के कारण अपेक्षाकृत सस्ते मिल जाते हैं, जिससे यात्रा बजट के भीतर पूरी हो सकती है।

भारत में ऐसे कई डेस्टिनेशन हैं जो बारिश के मौसम में स्वर्ग जैसे दिखाई देते हैं। केरल के मुन्नार की चाय बागान से ढकी पहाड़ियां, मेघालय का चेरापूंजी और शिलांग, महाराष्ट्र का लोनावला-खंडाला, हिमाचल का तीर्थन वैली और उत्तराखंड का फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान मानसून में सबसे अधिक आकर्षक लगते हैं। यहां बादलों के बीच घूमने का अनुभव पर्यटकों को बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है।

हालांकि मानसून में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें, रेनकोट और वाटरप्रूफ सामान साथ रखें तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें। सही योजना के साथ की गई मानसून यात्रा न केवल यादगार बनती है बल्कि प्रकृति के सबसे सुंदर रूप को करीब से देखने का मौका भी देती है।

यदि आप इस बारिश में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की ये खूबसूरत जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए

1. महाबलेश्वर (महाराष्ट्र)

दिल्ली से दूरी: लगभग 1,450 किमी
कैसे पहुंचें: दिल्ली से पुणे फ्लाइट (2 घंटे), फिर टैक्सी/बस से 120 किमी
टूर अवधि: 3-4 दिन
अनुमानित खर्च: 12,000–20,000 प्रति व्यक्ति
घूमने की जगहें: लिंगमाला वॉटरफॉल, आर्थर सीट, वेन्ना लेक

महाबलेश्वर महाराष्ट्र का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, जो मानसून में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बारिश के मौसम में यहां के झरने, घाटियां और पहाड़ बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। लिंगमाला वॉटरफॉल मानसून के दौरान पूरे वेग से बहता है और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। वेन्ना लेक में बोटिंग का आनंद भी लिया जा सकता है।

दिल्ली से यहां पहुंचने का सबसे आसान तरीका पुणे तक फ्लाइट लेना है। पुणे से महाबलेश्वर सड़क मार्ग द्वारा करीब 3 घंटे में पहुंचा जा सकता है। परिवार, कपल और दोस्तों के लिए यह एक बेहतरीन मानसून डेस्टिनेशन है। 3 से 4 दिन का टूर आराम से पूरा हो जाता है। होटल, भोजन और यात्रा मिलाकर प्रति व्यक्ति लगभग 12 से 20 हजार रुपये का खर्च आ सकता है। मानसून में यहां बादलों के बीच घूमने का अनुभव किसी जन्नत से कम नहीं लगता।

2. मुन्नार (केरल)

दिल्ली से दूरी: लगभग 2,700 किमी
कैसे पहुंचें: दिल्ली से कोच्चि फ्लाइट, फिर 130 किमी टैक्सी
टूर अवधि: 4-5 दिन
अनुमानित खर्च: 15,000–25,000


केरल का मुन्नार मानसून में बेहद आकर्षक हो जाता है। चाय के बागान, बादलों से ढकी पहाड़ियां और झरने इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं। बारिश के मौसम में यहां की हरियाली अपने चरम पर होती है। एराविकुलम नेशनल पार्क, मट्टुपेट्टी डैम और अट्टुकल वॉटरफॉल यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। दिल्ली से कोच्चि तक फ्लाइट लेकर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

वहां से टैक्सी द्वारा लगभग 4 घंटे में मुन्नार पहुंच सकते हैं। 4 से 5 दिन का टूर इस जगह को अच्छे से घूमने के लिए पर्याप्त है। यदि आप प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और ठंडे मौसम का आनंद लेना चाहते हैं तो मुन्नार एक बेहतरीन विकल्प है। होटल, भोजन और स्थानीय यात्रा सहित प्रति व्यक्ति 15 से 25 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है।

3. कूर्ग (कर्नाटक)

दिल्ली से दूरी: लगभग 2,300 किमी
कैसे पहुंचें: दिल्ली से बेंगलुरु फ्लाइट, फिर 260 किमी सड़क मार्ग
टूर अवधि: 3-4 दिन
खर्च: 12,000–22,000

कर्नाटक का कूर्ग मानसून में बादलों और हरियाली से भर जाता है। इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यहां के कॉफी बागान, झरने और शांत वातावरण पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। एबी फॉल्स, राजा सीट और दुबारे एलीफेंट कैंप प्रमुख आकर्षण हैं। दिल्ली से बेंगलुरु तक फ्लाइट और वहां से टैक्सी या बस द्वारा कूर्ग पहुंचा जा सकता है। 3 से 4 दिन का टूर पर्याप्त रहता है। यहां होटल और भोजन की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मानसून में कूर्ग की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। प्रति व्यक्ति लगभग 12 से 22 हजार रुपये का खर्च आ सकता है।

4. चेरापूंजी (मेघालय)

दिल्ली से दूरी: लगभग 1,900 किमी
कैसे पहुंचें: दिल्ली से गुवाहाटी फ्लाइट, फिर 150 किमी सड़क मार्ग
टूर अवधि: 4-5 दिन
खर्च: 15,000–28,000


चेरापूंजी दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है। मानसून के दौरान यहां झरनों और बादलों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। नोहकालिकाई फॉल्स, सेवन सिस्टर्स फॉल्स और लिविंग रूट ब्रिज यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। दिल्ली से गुवाहाटी तक फ्लाइट लेकर और फिर टैक्सी के जरिए चेरापूंजी पहुंचा जा सकता है। यहां 4 से 5 दिन का टूर सबसे अच्छा माना जाता है। बारिश पसंद करने वाले यात्रियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यात्रा और होटल मिलाकर लगभग 15 से 28 हजार रुपये खर्च हो सकते हैं।

5. वैली ऑफ फ्लावर्स (उत्तराखंड)

Valley of flowers- मानसून

दिल्ली से दूरी: लगभग 520 किमी
कैसे पहुंचें: दिल्ली से ऋषिकेश/जोशीमठ सड़क मार्ग, फिर ट्रेक
टूर अवधि: 5-6 दिन
खर्च: 8,000–18,000


उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स मानसून में हजारों रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है। जुलाई से सितंबर इसका सबसे अच्छा समय माना जाता है। यहां पहुंचने के लिए गोविंदघाट से ट्रेक करना पड़ता है। ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान बेहद खास है। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा ऋषिकेश, जोशीमठ और गोविंदघाट पहुंचा जा सकता है। 5 से 6 दिन का टूर आराम से पूरा हो जाता है। बजट यात्रियों के लिए यह सबसे किफायती विकल्पों में से एक है। कुल खर्च लगभग 8 से 18 हजार रुपये तक आ सकता है। मानसून में यहां का नजारा किसी फूलों की जन्नत जैसा दिखाई देता है।

Shivani Pal

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