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Taj Mahal: बारिश में ताजमहल घूमने की पूरी गाइड

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बारिश का मौसम आते ही भारत की कई ऐतिहासिक जगहों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। उन्हीं में से एक है आगरा का ताजमहल। ज्यादातर लोग सर्दियों में ताजमहल घूमने का प्लान बनाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि Taj Mahal का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। जब काले बादल सफेद संगमरमर के ऊपर छा जाते हैं और हल्की बारिश के बाद पूरी इमारत चमकने लगती है, तब ताजमहल पहले से भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है। अगर आप भीड़ से दूर, कम खर्च में और अलग अनुभव लेना चाहते हैं, तो मानसून आपके लिए सबसे अच्छा समय हो सकता है। इस मौसम में ताजमहल के आसपास के बगीचे पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं। यमुना नदी के किनारे भी मौसम काफी सुहावना हो जाता है और फोटो भी शानदार आती हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में Taj Mahal  सर्च करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ी है। अब कई ट्रैवल लवर्स जानबूझकर बारिश के मौसम में आगरा जाना पसंद करते हैं। मानसून में आगरा जाने का सबसे बड़ा फायदा जुलाई से सितंबर के बीच आगरा में पर्यटकों की संख्या सर्दियों के मुकाबले काफी कम रहती है। इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलता है। टिकट काउंटर पर भीड़ कम होती है, एंट्री जल्दी मिल जाती है और फोटो लेने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। अगर आप होटल में रुकने का प्लान बना रहे हैं, तो यह समय आपके बजट के लिए भी अच्छा है। मानसून के दौरान कई होटल अपने रूम पर अच्छे डिस्काउंट देते हैं। कई जगहों पर वही कमरा, जो पीक सीजन में महंगा मिलता है, बारिश के मौसम में काफी कम कीमत पर मिल जाता है। इसी वजह से Taj Mahal उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम बजट में अच्छी ट्रिप करना चाहते हैं।  दिल्ली से आगरा कैसे पहुंचें? अगर आप दिल्ली से यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो सबसे आसान और तेज विकल्प ट्रेन है। दिल्ली से आगरा के लिए कई ट्रेनें चलती हैं, लेकिन गतिमान एक्सप्रेस सबसे लोकप्रिय मानी जाती है। यह बहुत कम समय में आगरा पहुंचा देती है और सफर भी आरामदायक रहता है। अगर आप अपनी कार से जाना चाहते हैं, तो यमुना एक्सप्रेसवे सबसे अच्छा रास्ता है। अच्छी सड़क होने की वजह से सफर आसान हो जाता है। हालांकि मानसून में गाड़ी चलाते समय थोड़ी सावधानी जरूर रखें क्योंकि बारिश के दौरान सड़क फिसलन भरी हो सकती है। बस सेवा भी आसानी से उपलब्ध है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से हर दिन कई सरकारी और प्राइवेट बसें आगरा के लिए चलती हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं, तो Taj Mahal  देखने के लिए सुबह जल्दी निकलना सबसे अच्छा रहेगा।  ताजमहल देखने का सबसे सही समय कौन-सा है? बारिश के मौसम में सुबह का समय सबसे शानदार माना जाता है। सुबह मौसम ठंडा रहता है और भीड़ भी कम होती है। अगर रात में बारिश हुई हो, तो सुबह ताजमहल का संगमरमर बिल्कुल धुला हुआ दिखाई देता है। हल्के बादलों के बीच से आती सूरज की रोशनी ताजमहल को अलग ही चमक देती है। यही समय फोटोग्राफी के लिए भी सबसे अच्छा माना जाता है। अगर मौसम विभाग बारिश की संभावना बता रहा हो, तो अपने साथ छाता या हल्का रेनकोट जरूर रखें। जो लोग Taj Mahal  का सबसे सुंदर नजारा देखना चाहते हैं, उन्हें सुबह 6 से 8 बजे के बीच पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। बारिश में क्या पहनें और क्या साथ रखें? मानसून में सही कपड़े पहनना बहुत जरूरी है। ऐसे कपड़े चुनें जो जल्दी सूख जाएं। बहुत भारी या मोटे कपड़े पहनने से बचें। जूते हमेशा अच्छे ग्रिप वाले पहनें क्योंकि बारिश के बाद संगमरमर और रास्ते थोड़े फिसल सकते हैं। अपने साथ ये जरूरी चीजें जरूर रखें— छोटा छाता या रेनकोट मोबाइल के लिए वॉटरप्रूफ कवर पानी की बोतल  हल्का तौलिया  पावर बैंक अतिरिक्त कपड़े (अगर पूरे दिन रुकने का प्लान हो) अगर आप फोटोग्राफी पसंद करते हैं, तो नीला, हरा या लाल जैसे गहरे रंग के कपड़े पहन सकते हैं। सफेद ताजमहल के सामने ये रंग काफी अच्छे दिखाई देते हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर Taj Mahal  की तस्वीरें लोगों को काफी पसंद आती हैं।  ताजमहल में जाने से पहले ये नियम जरूर जान लें ताजमहल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रहती है। इसलिए सिर्फ जरूरी सामान ही साथ रखें। मोबाइल, छोटा कैमरा और पानी की बोतल ले जा सकते हैं, लेकिन बड़े बैग, ड्रोन, ट्राइपॉड, सिगरेट, तंबाकू और खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। अगर आपके पास बड़ा बैग है, तो उसे बाहर बने क्लॉक रूम में जमा करना पड़ सकता है। ऑनलाइन टिकट पहले से बुक करना बेहतर रहता है। इससे आपका समय भी बचेगा और लंबी लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा। अगर आप Taj Mahal  देखने जा रहे हैं, तो शुक्रवार का ध्यान जरूर रखें क्योंकि इस दिन ताजमहल आम पर्यटकों के लिए बंद रहता है।    मानसून में कहाँ रुकें? बजट से लेकर लग्जरी तक कई विकल्प अगर आप एक दिन से ज्यादा आगरा रुकने का प्लान बना रहे हैं, तो ताजमहल के आसपास कई अच्छे होटल और होमस्टे मिल जाएंगे। मानसून के दौरान होटल की कीमतें सर्दियों के मुकाबले काफी कम हो जाती हैं, इसलिए कम बजट में भी अच्छा कमरा मिल सकता है। अगर आपका बजट कम है, तो ताजगंज इलाके में कई अच्छे होटल मौजूद हैं। वहीं अगर आप लग्जरी स्टे चाहते हैं, तो ऐसे होटल भी मिल जाएंगे जहाँ से कमरे की खिड़की या रूफटॉप से ताजमहल का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। बारिश की हल्की फुवारों के बीच होटल की छत पर बैठकर चाय पीना और दूर से ताजमहल को देखना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। यही वजह है कि कई लोग हर साल Taj Mahal  देखने के लिए आगरा आते हैं।  ताजमहल के अलावा आगरा में और कहाँ घूमें? अगर आप आगरा पहुंचे हैं, तो सिर्फ ताजमहल देखकर वापस न लौटें। इस शहर में कई ऐसी जगहें हैं जो आपकी यात्रा को और भी खास बना सकती हैं। सबसे पहले आगरा किला जरूर देखें। बारिश के बाद लाल पत्थरों से बना

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Monsoon Places: 10 Amazing Rainy Destinations

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भारत में मानसून का मौसम आते ही प्रकृति का पूरा रूप बदल जाता है। गर्मियों में सूखी और धूल भरी दिखाई देने वाली ज़मीन बारिश की बूंदों के बाद हरी चादर ओढ़ लेती है। पहाड़ों पर धुंध छा जाती है, झरने तेज़ बहने लगते हैं और पेड़ों की हरियाली पहले से कहीं ज़्यादा गहरी और ताज़ी दिखाई देती है। बारिश के बाद कई जगहों का नज़ारा इतना खूबसूरत हो जाता है कि ऐसा लगता है जैसे आप किसी फ़िल्म के सीन के बीच खड़े हों। कहीं पहाड़ बादलों में छिप जाते हैं, कहीं सड़क के दोनों तरफ़ घनी हरियाली दिखाई देती है और कहीं झरनों की आवाज़ पूरी घाटी में गूंजती रहती है। भारत में ऐसे कई Monsoon Places हैं, जहाँ बारिश का मौसम घूमने के लिए सबसे खास माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती सिर्फ़ बारिश के दौरान ही नहीं बढ़ती, बल्कि बारिश के बाद यहाँ का पूरा वातावरण एकदम नया और ताज़ा दिखाई देता है। अगर आप भी इस मानसून किसी खूबसूरत जगह की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत के ये 10 Monsoon Places आपकी ट्रैवल लिस्ट में ज़रूर होने चाहिए। 1. मुन्नार, केरल: चाय के बागानों के बीच बारिश का जादू केरल का मुन्नार भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक है। समुद्र तल से ऊँचाई पर बसा यह शहर अपनी हरी-भरी पहाड़ियों और दूर-दूर तक फैले चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। मानसून आने के बाद मुन्नार की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। बारिश की बूंदों से धुले हुए चाय के बागान गहरे हरे रंग में चमकने लगते हैं। जब पहाड़ियों के बीच धुंध धीरे-धीरे उतरती है, तो पूरा मुन्नार किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसा दिखाई देता है। अट्टुकड वॉटरफॉल इस मौसम में देखने लायक जगहों में से एक है। झरने की तेज़ आवाज़, ठंडी हवा और चारों तरफ़ फैली हरियाली इस जगह को भारत के सबसे खूबसूरत Monsoon Places में शामिल करती है। यहाँ आने वाले पर्यटक चाय के बागानों में घूमने के अलावा चाय म्यूज़ियम भी देख सकते हैं। बारिश के मौसम में ठंडी हवा के बीच गर्म चाय की चुस्की लेना मुन्नार की यात्रा को और खास बना देता है। 2. कूर्ग, कर्नाटक: कॉफ़ी की खुशबू और धुंध भरी पहाड़ियाँ कर्नाटक का कूर्ग अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, कॉफ़ी के बागानों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसे अक्सर भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के बाद कूर्ग की पहाड़ियाँ और जंगल गहरे हरे रंग में बदल जाते हैं। यहाँ की सड़कों के दोनों तरफ़ फैली हरियाली और पहाड़ियों पर छाई धुंध सफ़र को बेहद खूबसूरत बना देती है। मानसून के दौरान कूर्ग के कई झरने भी पूरी तरह से जीवंत हो जाते हैं। एब्बे फॉल्स और इरुप्पु फॉल्स बारिश के मौसम में खास आकर्षण बन जाते हैं। बारिश के बाद यहाँ की हवा में कॉफ़ी के पौधों की खुशबू और मिट्टी की सोंधी महक घुल जाती है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर कुछ दिन शांति और प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो कूर्ग आपके लिए बेहतरीन Monsoon Places में से एक है। 3. वैली ऑफ फ्लावर्स, उत्तराखंड: फूलों से सजी पूरी घाटी उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स भारत की सबसे अनोखी प्राकृतिक जगहों में से एक है। यह जगह साल के कुछ ही महीनों में अपने सबसे खूबसूरत रूप में दिखाई देती है। मानसून के दौरान यहाँ हज़ारों तरह के जंगली फूल खिलते हैं और पूरी घाटी रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है। जुलाई और अगस्त के दौरान यहाँ लाल, पीले, नीले, गुलाबी और सफेद रंग के फूल दूर तक फैले दिखाई देते हैं। ऊँचे हिमालयी पहाड़ों के बीच फूलों से ढकी यह घाटी किसी जादुई दुनिया जैसी लगती है। यहाँ पहुँचने के लिए ट्रेक करना पड़ता है, इसलिए यह यात्रा थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। लेकिन रास्ते में मिलने वाले झरने, पहाड़ और फूलों से भरी घाटी आपकी सारी थकान दूर कर देते हैं। इसी वजह से वैली ऑफ फ्लावर्स को भारत के सबसे खूबसूरत Monsoon Places में गिना जाता है। 4. चेरापूंजी और मावसिनराम, मेघालय: जहाँ बारिश ही पहचान है मेघालय के चेरापूंजी और मावसिनराम को दुनिया के सबसे ज़्यादा बारिश वाले इलाक़ों में गिना जाता है। यहाँ बारिश सिर्फ़ मौसम नहीं है, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की पहचान है। मानसून के दौरान यहाँ के पहाड़, जंगल और झरने अपनी पूरी खूबसूरती में दिखाई देते हैं। नोहकलिकाई फॉल्स बारिश के बाद बेहद शानदार नज़र आता है। ऊँचाई से गिरता पानी, आसपास के हरे पहाड़ और आसमान में छाए बादल मिलकर एक अद्भुत नज़ारा बनाते हैं। मेघालय के सेवन सिस्टर्स फॉल्स भी बारिश के मौसम में बेहद खूबसूरत हो जाते हैं। यहाँ की सबसे खास चीज़ों में से एक हैं Living Root Bridges। पेड़ों की जड़ों से बनाए गए ये पुल प्रकृति और इंसान के अनोखे रिश्ते को दिखाते हैं। बारिश के बाद इन पुलों के आसपास की हरियाली और भी ज़्यादा घनी हो जाती है। अगर आप बादलों, झरनों और घने जंगलों के बीच घूमने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो चेरापूंजी और मावसिनराम भारत के सबसे शानदार Monsoon Places में शामिल हैं। 5. उदयपुर, राजस्थान: बारिश के बाद झीलों का शाही नज़ारा राजस्थान का उदयपुर आमतौर पर अपने महलों, झीलों और शाही इतिहास के लिए जाना जाता है। लेकिन बारिश के बाद यह शहर एक अलग ही रूप में दिखाई देता है। गर्मियों में जहाँ राजस्थान की धरती काफ़ी गर्म और सूखी नज़र आती है, वहीं मानसून के बाद उदयपुर के आसपास की अरावली की पहाड़ियाँ हरी हो जाती हैं। शहर की मशहूर पिछोला झील और फतेह सागर झील बारिश के बाद पानी से भर जाती हैं। झीलों के आसपास की हरियाली और पानी में दिखाई देती महलों की परछाइयाँ उदयपुर को बेहद खूबसूरत बना देती हैं। मानसून पैलेस यानी सज्जनगढ़ से बारिश के बाद पूरे शहर का नज़ारा देखने का अपना ही मज़ा है। बादलों से घिरी पहाड़ियाँ और नीचे दिखाई देती झीलें इस जगह को खास बना देती हैं। (Monsoon Places) बारिश के मौसम में उदयपुर की ऐतिहासिक इमारतों का रंग भी और निखर जाता है। गीली दीवारों पर पड़ती रोशनी और झीलों के बीच खड़े महल शहर को एक शाही रूप देते हैं। अगर

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7 Places जहाँ Cloud आपके साथ चलते हैं

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कभी सोचा है कि अगर बादल सिर्फ आसमान में नहीं, बल्कि आपके बिल्कुल पास चलने लगें तो कैसा लगेगा? भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहाँ Cloud सिर्फ दूर से देखने की चीज़ नहीं होते, बल्कि आपकी सड़क, आपकी बालकनी, आपके ट्रेक और यहाँ तक कि आपकी तस्वीरों का भी हिस्सा बन जाते हैं। अगर आपको Hill Stations, Nature, Misty Views और सुकून भरे सफर पसंद हैं, तो ये 7 डेस्टिनेशन आपकी Travel Bucket List में ज़रूर होने चाहिए। यहाँ हर मोड़ पर ऐसा लगेगा जैसे बादल आपका हमसफ़र बन गए हों। 1. मेघालय (Meghalaya) अगर भारत में किसी जगह को Cloud Kingdom कहा जाए तो वह मेघालय ही होगा। इसका नाम ही “बादलों का घर” है। यहाँ की ऊँची-नीची पहाड़ियाँ, गहरी वादियाँ और लगातार बदलता मौसम इसे बेहद ख़ास बनाते हैं। मानसून के दौरान तो पूरा इलाका बादलों की सफेद चादर में लिपटा रहता है। यहाँ क्या देखें? चेरापूंजी (Sohra) नोहकलिकाई फॉल्स Dawki River लिविंग रूट ब्रिज मावलिननोंग Village घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल। अगर Cloud का असली जादू देखना चाहते हैं तो जुलाई से सितंबर का मौसम भी शानदार है। कैसे पहुँचें? गुवाहाटी एयरपोर्ट सबसे सुविधाजनक है। वहाँ से टैक्सी या कैब के ज़रिए आसानी से मेघालय पहुँचा जा सकता है। 2. मुन्नार, केरल Tea Gardens, ठंडी हवाएँ और पहाड़ियों पर तैरते Cloud—मुन्नार की पहचान यही है। सुबह के वक्त जब धुंध चाय के बागानों के ऊपर धीरे-धीरे फैलती है, तो पूरा नज़ारा किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। यहाँ का शांत माहौल शहर की भागदौड़ से दूर एक सुकून भरा एहसास देता है। यहाँ क्या देखें? Eravikulam National Park Top Station Mattupetty Dam Tea Museum Echo Point घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से मार्च। मानसून में हरियाली और Cloud दोनों अपने पूरे शबाब पर होते हैं। कैसे पहुँचें? कोच्चि एयरपोर्ट से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित है। टैक्सी और बस दोनों आसानी से मिल जाती हैं। 3. अगुम्बे, कर्नाटक अगर South India में कहीं सबसे ज़्यादा बारिश और घने Cloud देखने हों, तो अगुम्बे ज़रूर जाइए। इसे “Cherrapunji of South India” भी कहा जाता है। यहाँ बारिश, जंगल और पहाड़ मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि कई बार सड़कें भी बादलों में गुम हो जाती हैं। यहाँ क्या देखें? Agumbe Sunset Point Barkana Falls Kundadri Hills Rainforest Trek King Cobra Research Centre घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी। Cloud और बारिश का असली मज़ा जून से सितंबर में मिलता है। कैसे पहुँचें? मंगलुरु एयरपोर्ट सबसे नज़दीक है। वहाँ से टैक्सी द्वारा लगभग 3 घंटे का सफर है। 4. युमथांग वैली, सिक्किम समुद्र तल से करीब 11,800 फीट की ऊँचाई पर बसी युमथांग वैली किसी जादुई दुनिया से कम नहीं लगती। यहाँ बर्फ से ढकी चोटियाँ, रंग-बिरंगे फूल और नीचे उतरते Cloud ऐसा नज़ारा बनाते हैं जिसे शब्दों में बयाँ करना मुश्किल है। यहाँ क्या देखें? Valley of Flowers Yumthang River Hot Springs Zero Point Yak Meadows घूमने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर। कैसे पहुँचें? गंगटोक से टैक्सी के ज़रिए लगभग 6–7 घंटे में पहुँचा जा सकता है। 5. चोपता, उत्तराखंड अगर आप ट्रेकिंग और Nature दोनों पसंद करते हैं, तो चोपता आपके लिए परफेक्ट जगह है। यहाँ सुबह-सुबह पहाड़ों के बीच तैरते Cloud और दूर तक फैले Bugyals किसी पोस्टकार्ड जैसे लगते हैं। तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक के दौरान तो कई बार ऐसा लगता है कि आप बादलों के ऊपर चल रहे हैं। यहाँ क्या देखें? तुंगनाथ मंदिर चंद्रशिला ट्रेक देवदार के जंगल हिमालय के शानदार व्यू बर्ड वॉचिंग घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर। कैसे पहुँचें? ऋषिकेश और हरिद्वार से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। 6. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग की सुबह का जादू किसी से छिपा नहीं है। उगते सूरज के साथ पहाड़ों पर तैरते Cloud, दूर दिखाई देती कंचनजंगा और चाय के बागानों की हरियाली—ये सब मिलकर ऐसा मंज़र बनाते हैं जिसे देखकर दिल बस यहीं ठहर जाना चाहता है। यहाँ क्या देखें? Tiger Hill Darjeeling Himalayan Railway Batasia Loop Tea Gardens Peace Pagoda घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से मई और अक्टूबर से दिसंबर। कैसे पहुँचें? बागडोगरा एयरपोर्ट और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीक हैं। 7. शिलांग, मेघालय शिलांग उन शहरों में से है जहाँ मौसम हर कुछ घंटों में अपना रंग बदल लेता है। कभी धूप, कभी बारिश और कभी अचानक सामने आ जाते Cloud। बारिश के मौसम में यहाँ की सड़कें और Pine Forests किसी Dream Destination जैसे लगते हैं। यहाँ क्या देखें? Shillong Peak Elephant Falls Umiam Lake Ward’s Lake Police Bazaar घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से अप्रैल। कैसे पहुँचें? शिलांग एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट दोनों अच्छे विकल्प हैं। गुवाहाटी से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 3 घंटे का सफर है। Five कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ से कुछ सुझाव Cloud के बीच फोटो क्लिक करने के लिए सुबह 6 से 9 बजे का समय सबसे शानदार रहता है। मानसून में ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो Waterproof Jacket, Rain Cover और अच्छे Grip वाले Shoes ज़रूर साथ रखें। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी धीरे चलाएँ क्योंकि Cloud की वजह से Visibility अचानक कम हो सकती है। Camera और Mobile के लिए Waterproof Pouch रखें ताकि बारिश में भी यादगार तस्वीरें ले सकें। Local Cafes, Homestays और Local Food ज़रूर ट्राय करें। इससे ट्रिप और भी यादगार बन जाएगी। मौसम का Forecast पहले से चेक करें क्योंकि पहाड़ों में Weather पल भर में बदल जाता है। Nature को साफ़ रखें। Plastic और कूड़ा बिल्कुल न फैलाएँ ताकि ये जगहें अपनी असली खूबसूरती बरकरार रखें। अगर आपका दिल ऐसे सफर की तलाश में है जहाँ हवा में ठंडक हो, हर तरफ़ हरियाली हो और Cloud आपके साथ-साथ चलते हुए महसूस हों, तो ये सातों डेस्टिनेशन आपको ज़रूर पसंद आएँगे। हर जगह का अपना अलग अंदाज़, अलग फ़िज़ा और अलग एहसास है। कहीं बादल चाय के बागानों को चूमते हैं, कहीं हिमालय की चोटियों को अपनी आगोश में लेते हैं और कहीं पूरी घाटी को सफेद चादर से ढक देते हैं। तो इस बार सिर्फ़ किसी Hill Station का प्लान मत बनाइए, बल्कि ऐसी जगह चुनिए

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Lonavala: मानसून में बन जाता है सबकी पहली पसंद! Guide 2026

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जैसे ही आसमान में पहली बारिश की बूंदें गिरती हैं और मिट्टी की सोंधी खुशबू हवा में घुलने लगती है, वैसे ही मुंबई और पुणे के लोगों के मन में एक ही नाम आता है- Lonavala। मानसून शुरू होते ही यह खूबसूरत हिल स्टेशन लोगों से भर जाता है। कोई दोस्तों के साथ रोड ट्रिप पर आता है, कोई परिवार के साथ छुट्टियां मनाने और कोई सिर्फ बारिश का आनंद लेने के लिए यहां पहुंच जाता है। आखिर ऐसा क्या है जो हर साल लाखों लोगों को यहां खींच लाता है? आइए जानते हैं। Lonavala में बारिश आते ही सब यहां क्यों पहुंच जाते हैं? मानसून में Lonavala का पूरा माहौल बदल जाता है। चारों तरफ हरियाली, पहाड़ों पर उतरते बादल, ठंडी हवा और झरनों की आवाज लोगों को शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का एहसास कराती है। यही वजह है कि बारिश शुरू होते ही हर कोई यहां आने का प्लान बनाने लगता है। Lonavala में मानसून का नजारा कैसा होता है? बारिश के दौरान Lonavala किसी जन्नत से कम नहीं लगता। गर्मियों में जो पहाड़ सूखे नजर आते हैं, वे कुछ ही दिनों में हरे रंग की चादर ओढ़ लेते हैं। बादल कई बार सड़कों तक उतर आते हैं और चारों तरफ धुंध फैल जाती है। यहां का मौसम इतना सुहाना हो जाता है कि लोग घंटों सिर्फ प्रकृति को निहारते रहते हैं। यहां के झरने क्यों हैं सबसे बड़ा आकर्षण? मानसून में Lonavala के लगभग हर पहाड़ से पानी बहने लगता है। कुने फॉल्स इस मौसम में बेहद शानदार दिखाई देता है। कैटलधार फॉल्स एडवेंचर पसंद करने वालों को खूब आकर्षित करता है। वहीं रिवर्स वॉटरफॉल का नजारा लोगों को हैरान कर देता है, क्योंकि यहां पानी नीचे गिरने की बजाय हवा के कारण ऊपर उड़ता हुआ दिखाई देता है। यहां में Bhushi Dam क्यों है इतना फेमस? भुशी डैम मानसून में सबसे ज्यादा भीड़ खींचने वाली जगहों में से एक है। बारिश के दौरान यहां सीढ़ियों के ऊपर से पानी बहने लगता है और लोग घंटों पानी में बैठकर बारिश का मजा लेते हैं। दोस्तों के साथ यहां बैठना, बारिश में भीगना और ठंडी हवा महसूस करना एक अलग ही अनुभव देता है। Lonavala में क्या खाएं? बारिश और गरमा-गरम खाने का रिश्ता बहुत खास होता है। यहां का वड़ा पाव, कंदा भजिया, भुट्टे के पकौड़े और कड़क चाय लोगों को खूब पसंद आते हैं। टाइगर पॉइंट पर बैठकर गर्म चाय पीते हुए बादलों को गुजरते देखना हर पर्यटक के लिए यादगार अनुभव बन जाता है। यहां में कौन-कौन सी जगहें घूमें? Lonavala में घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं। भुशी डैम, टाइगर पॉइंट, लायंस पॉइंट, कुने फॉल्स और पवना झील यहां के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। बारिश के मौसम में इन जगहों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। Lonavala ट्रेकिंग के लिए क्यों है खास? अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो Lonavala आपके लिए बेहतरीन जगह है। राजमाची, लोहगढ़ और विसापुर जैसे किलों की ट्रेकिंग मानसून में बेहद रोमांचक हो जाती है। बादलों के बीच इन किलों तक पहुंचने का अनुभव लंबे समय तक याद रहता है। यहां मुंबई और पुणे वालों की पहली पसंद क्यों है? Lonavala की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है। यह मुंबई और पुणे दोनों शहरों के काफी करीब है। यहां तक पहुंचने में सिर्फ डेढ़ से ढाई घंटे का समय लगता है। यही कारण है कि लोग वीकेंड पर छोटी-सी छुट्टी के लिए सबसे पहले इसी जगह को चुनते हैं। यहां फोटोग्राफी के लिए क्यों है परफेक्ट? बारिश में भीगी सड़कें, पहाड़ों पर तैरते बादल, झरनों का नजारा और हर तरफ फैली हरियाली फोटोग्राफी के लिए परफेक्ट माहौल बनाते हैं। यही वजह है कि आज Lonavala फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की पसंदीदा जगह बन चुका है। Lonavala जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है? अगर आप बारिश और हरियाली का असली मजा लेना चाहते हैं, तो जून से सितंबर के बीच यहां जाना सबसे अच्छा माना जाता है। इसी दौरान यहां के झरने अपने पूरे रूप में दिखाई देते हैं और मौसम सबसे ज्यादा सुहाना रहता है। Lonavala कैसे पहुंचें? Lonavala सड़क और रेल दोनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। मुंबई और पुणे से यहां के लिए नियमित ट्रेन और बस सेवाएं उपलब्ध हैं। आप अपनी कार से भी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का सफर मानसून में और भी खूबसूरत हो जाता है। Lonavala में कहां रुकें? यहां हर बजट के हिसाब से होटल और रिसॉर्ट उपलब्ध हैं। अगर आप प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं, तो पहाड़ियों के बीच बने रिसॉर्ट अच्छे विकल्प हो सकते हैं। वहीं परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए कई आरामदायक होटल भी उपलब्ध हैं। Lonavala क्यों बन गया है Monsoon Wonderland? हरियाली, झरने, ठंडी हवा, स्वादिष्ट खाना, ट्रेकिंग और आसान पहुंच, ये सब चीजें मिलकर Lonavala को एक परफेक्ट मानसून डेस्टिनेशन बनाती हैं। यहां आकर लोगों को शहर की भागदौड़ से कुछ समय दूर रहने और प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने का मौका मिलता है। यहां घूमने से पहले किन बातों का ध्यान रखें? मानसून में यहां काफी भीड़ रहती है, इसलिए सुबह जल्दी निकलने की कोशिश करें। झरनों और खाई के किनारों पर जाने से बचें। हमेशा अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें और अपने फोन व कैमरे के लिए वॉटरप्रूफ कवर जरूर साथ रखें। Five Colors of Travel की ओर से Lonavala के लिए 5 खास सुझाव वीकेंड की बजाय वीकडेज में जाएं, ताकि कम भीड़ मिले। बारिश में ट्रेकिंग करते समय फिसलन से सावधान रहें। गरम कपड़े और एक अतिरिक्त जोड़ी कपड़े साथ रखें। स्थानीय दुकानों से चाय और भजिया का स्वाद जरूर लें। प्लास्टिक और कचरा बिल्कुल न फैलाएं और प्रकृति को साफ रखने में अपना योगदान दें। तो देर किस बात की? अपना रेनकोट, कैमरा और दोस्तों को तैयार कीजिए और निकल पड़िए Lonavala के मानसून मैजिक को महसूस करने।

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Agumbe: आखिर क्यों कहलाता है South India का Cherrapunji?

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अगर आपको बारिश की सोंधी खुशबू, धुंध में खोए पहाड़ और हर तरफ फैली हरियाली पसंद है, तो Agumbe आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए। कर्नाटक के शिवमोगा जिले में बसा यह छोटा-सा गांव अपनी खूबसूरती और अनोखी पहचान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। Agumbe को “South India का Cherrapunji” कहा जाता है और इसकी वजह यहां होने वाली जबरदस्त बारिश है। मॉनसून के दौरान Agumbe किसी जादुई दुनिया जैसा दिखाई देता है, जहां बादल जमीन तक उतर आते हैं और हर तरफ सिर्फ हरियाली नजर आती है। आखिर Agumbe को क्यों कहा जाता है South India का Cherrapunji? हर साल Agumbe में करीब 7,640 मिलीमीटर बारिश होती है। कई बार यहां की बारिश इतनी ज्यादा होती है कि लोग इसे भारत की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगहों में गिनने लगते हैं। जून से सितंबर के बीच Agumbe का मौसम पूरी तरह बदल जाता है। सड़कें धुंध में खो जाती हैं, पेड़ों से लगातार पानी टपकता रहता है और छोटे-छोटे झरने हर जगह दिखाई देने लगते हैं। यही वजह है कि बारिश पसंद करने वाले यात्रियों के लिए Agumbe किसी सपने से कम नहीं है। King Cobra की दुनिया का अनोखा सफर बारिश के अलावा Agumbe की एक और खास पहचान है। यह दुनिया के सबसे लंबे जहरीले सांप King Cobra के लिए मशहूर है। यहां मौजूद Agumbe Rainforest Research Station यानी ARRS में कई सालों से King Cobra पर रिसर्च की जा रही है। मशहूर पर्यावरणविद् Romulus Whitaker ने इस रिसर्च सेंटर की शुरुआत की थी। अगर आपको वन्यजीवों और जंगलों में दिलचस्पी है, तो Agumbe आपके लिए एक शानदार अनुभव साबित हो सकता है। Malgudi Days की यादें आज भी यहां बसती हैं अगर आपने बचपन में Malgudi Days देखा है, तो Agumbe आपको और भी खास लगेगा। इस मशहूर टीवी सीरियल के कई एपिसोड यहीं फिल्माए गए थे। गांव का करीब 120 साल पुराना Dodda Mane आज भी उसी रूप में मौजूद है। यहां ठहरने पर आपको पुराने समय के घरों और गांव की सादगी का अनुभव होता है। Agumbe की शांत गलियां और पुराना माहौल लोगों को सीधे अपने बचपन की यादों में ले जाता है। झरने और पहाड़ जो दिल जीत लेते हैं Agumbe में घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं। Sunset Point यहां की सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक है। यहां से अरब सागर के ऊपर डूबते सूरज का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। इसके अलावा Barkana Falls, Jogi Gundi Falls और Onake Abbi Falls जैसे झरने यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। बारिश के मौसम में इन झरनों का रूप देखने लायक होता है। Agumbe के आसपास फैली हरियाली और पहाड़ इन जगहों को और भी खास बना देते हैं। बादलों के ऊपर खड़े होने का एहसास Agumbe से लगभग 17 किलोमीटर दूर Kundadri Hills स्थित है। पहाड़ी की चोटी पर बना पुराना जैन मंदिर और बादलों से घिरी घाटियां इस जगह को बेहद खास बनाती हैं। साफ मौसम में यहां से दूर-दूर तक फैले पश्चिमी घाट दिखाई देते हैं। कई यात्रियों का कहना है कि यहां खड़े होकर ऐसा लगता है जैसे वे बादलों के ऊपर खड़े हों। यहां की बारिश सिर्फ मौसम नहीं, एक अनुभव है लोग सिर्फ घूमने के लिए ही नहीं, बल्कि बारिश को महसूस करने के लिए भी Agumbe आते हैं। यहां की सुबह धुंध से शुरू होती है और शाम अक्सर बारिश के साथ खत्म होती है। चाय की गर्म प्याली और बारिश की आवाज मिलकर ऐसा माहौल बनाती हैं जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना मुश्किल है। यही वजह है कि Agumbe धीरे-धीरे Slow Travel पसंद करने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। स्थानीय खाना और गांव की सादगी Agumbe का स्थानीय खाना भी यात्रियों को खूब पसंद आता है। यहां आपको पारंपरिक मल्नाड भोजन का स्वाद चखने का मौका मिलता है। केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला खाना, नारियल से बनी डिशेज और स्थानीय मिठाइयां यहां के अनुभव को और यादगार बना देती हैं। गांव के लोग भी बेहद मिलनसार हैं, जो Agumbe की यात्रा को और खास बना देते हैं। यहां तक पहुंचना कितना आसान है? Agumbe पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उडुपी है, जो यहां से लगभग 55 किलोमीटर दूर है। शिवमोगा रेलवे स्टेशन करीब 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बेंगलुरु से यहां के लिए नियमित बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। अगर आप सड़क यात्रा पसंद करते हैं, तो पश्चिमी घाटों के बीच से गुजरता रास्ता अपने आप में एक शानदार अनुभव है। घूमने का सबसे अच्छा समय अगर आप Agumbe का सबसे खूबसूरत रूप देखना चाहते हैं, तो जून से सितंबर के बीच यहां जरूर जाएं। इसी दौरान यहां की बारिश, झरने और हरियाली अपने चरम पर होती है। वहीं अक्टूबर से फरवरी का समय ट्रेकिंग और साफ मौसम पसंद करने वालों के लिए अच्छा माना जाता है। क्यों हर Nature Lover को एक बार यहां जरूर जाना चाहिए? बारिश, घने जंगल, शानदार झरने, King Cobra की दुनिया, Malgudi Days की यादें और शांत माहौल, ये सब मिलकर Agumbe को एक ऐसी जगह बना देते हैं जो सिर्फ देखी नहीं, बल्कि महसूस की जाती है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो Agumbe आपके लिए एक परफेक्ट जगह साबित हो सकती है। Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग जरूर साथ रखें, क्योंकि यहां बारिश कभी भी शुरू हो सकती है। मॉनसून में ट्रेकिंग करते समय पूरे पैर ढकने वाले जूते पहनें। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की जानकारी जरूर देख लें। होमस्टे पहले से बुक कर लें, क्योंकि यहां ठहरने की जगहें सीमित हैं। प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें और यहां के प्राकृतिक माहौल का सम्मान करें।  

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Monsoon Travel: बारिश में जन्नत बन जाती हैं भारत की ये जगहें, मानसून में जरूर जाएं

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बारिश का मौसम आते ही भारत की कई जगहें किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। हरी-भरी वादियां, झरनों की गूंज, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी हवाएं यात्रियों को एक अलग ही अनुभव देती हैं। खास बात यह है कि मानसून के दौरान कई पर्यटन स्थल अपनी असली खूबसूरती में नजर आते हैं। अगर आप शहरों की भागदौड़ और गर्मी से राहत पाना चाहते हैं, तो बारिश के मौसम में घूमने की योजना बना सकते हैं। मानसून पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इस समय प्रकृति पूरी तरह जीवंत दिखाई देती है। पहाड़ी क्षेत्रों में झरने अपने पूरे वेग से बहते हैं, जंगल हरियाली से भर जाते हैं और मौसम बेहद सुहावना हो जाता है। कई जगहों पर होटल और ट्रैवल पैकेज भी ऑफ-सीजन के कारण अपेक्षाकृत सस्ते मिल जाते हैं, जिससे यात्रा बजट के भीतर पूरी हो सकती है। भारत में ऐसे कई डेस्टिनेशन हैं जो बारिश के मौसम में स्वर्ग जैसे दिखाई देते हैं। केरल के मुन्नार की चाय बागान से ढकी पहाड़ियां, मेघालय का चेरापूंजी और शिलांग, महाराष्ट्र का लोनावला-खंडाला, हिमाचल का तीर्थन वैली और उत्तराखंड का फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान मानसून में सबसे अधिक आकर्षक लगते हैं। यहां बादलों के बीच घूमने का अनुभव पर्यटकों को बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है। हालांकि मानसून में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें, रेनकोट और वाटरप्रूफ सामान साथ रखें तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें। सही योजना के साथ की गई मानसून यात्रा न केवल यादगार बनती है बल्कि प्रकृति के सबसे सुंदर रूप को करीब से देखने का मौका भी देती है। यदि आप इस बारिश में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की ये खूबसूरत जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए। 1. महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) दिल्ली से दूरी: लगभग 1,450 किमीकैसे पहुंचें: दिल्ली से पुणे फ्लाइट (2 घंटे), फिर टैक्सी/बस से 120 किमीटूर अवधि: 3-4 दिनअनुमानित खर्च: 12,000–20,000 प्रति व्यक्तिघूमने की जगहें: लिंगमाला वॉटरफॉल, आर्थर सीट, वेन्ना लेक महाबलेश्वर महाराष्ट्र का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, जो मानसून में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बारिश के मौसम में यहां के झरने, घाटियां और पहाड़ बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। लिंगमाला वॉटरफॉल मानसून के दौरान पूरे वेग से बहता है और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। वेन्ना लेक में बोटिंग का आनंद भी लिया जा सकता है। दिल्ली से यहां पहुंचने का सबसे आसान तरीका पुणे तक फ्लाइट लेना है। पुणे से महाबलेश्वर सड़क मार्ग द्वारा करीब 3 घंटे में पहुंचा जा सकता है। परिवार, कपल और दोस्तों के लिए यह एक बेहतरीन मानसून डेस्टिनेशन है। 3 से 4 दिन का टूर आराम से पूरा हो जाता है। होटल, भोजन और यात्रा मिलाकर प्रति व्यक्ति लगभग 12 से 20 हजार रुपये का खर्च आ सकता है। मानसून में यहां बादलों के बीच घूमने का अनुभव किसी जन्नत से कम नहीं लगता। 2. मुन्नार (केरल) दिल्ली से दूरी: लगभग 2,700 किमीकैसे पहुंचें: दिल्ली से कोच्चि फ्लाइट, फिर 130 किमी टैक्सीटूर अवधि: 4-5 दिनअनुमानित खर्च: 15,000–25,000 केरल का मुन्नार मानसून में बेहद आकर्षक हो जाता है। चाय के बागान, बादलों से ढकी पहाड़ियां और झरने इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं। बारिश के मौसम में यहां की हरियाली अपने चरम पर होती है। एराविकुलम नेशनल पार्क, मट्टुपेट्टी डैम और अट्टुकल वॉटरफॉल यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। दिल्ली से कोच्चि तक फ्लाइट लेकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। वहां से टैक्सी द्वारा लगभग 4 घंटे में मुन्नार पहुंच सकते हैं। 4 से 5 दिन का टूर इस जगह को अच्छे से घूमने के लिए पर्याप्त है। यदि आप प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और ठंडे मौसम का आनंद लेना चाहते हैं तो मुन्नार एक बेहतरीन विकल्प है। होटल, भोजन और स्थानीय यात्रा सहित प्रति व्यक्ति 15 से 25 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है। 3. कूर्ग (कर्नाटक) दिल्ली से दूरी: लगभग 2,300 किमीकैसे पहुंचें: दिल्ली से बेंगलुरु फ्लाइट, फिर 260 किमी सड़क मार्गटूर अवधि: 3-4 दिनखर्च: 12,000–22,000 कर्नाटक का कूर्ग मानसून में बादलों और हरियाली से भर जाता है। इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यहां के कॉफी बागान, झरने और शांत वातावरण पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। एबी फॉल्स, राजा सीट और दुबारे एलीफेंट कैंप प्रमुख आकर्षण हैं। दिल्ली से बेंगलुरु तक फ्लाइट और वहां से टैक्सी या बस द्वारा कूर्ग पहुंचा जा सकता है। 3 से 4 दिन का टूर पर्याप्त रहता है। यहां होटल और भोजन की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मानसून में कूर्ग की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। प्रति व्यक्ति लगभग 12 से 22 हजार रुपये का खर्च आ सकता है। 4. चेरापूंजी (मेघालय) दिल्ली से दूरी: लगभग 1,900 किमीकैसे पहुंचें: दिल्ली से गुवाहाटी फ्लाइट, फिर 150 किमी सड़क मार्गटूर अवधि: 4-5 दिनखर्च: 15,000–28,000 चेरापूंजी दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है। मानसून के दौरान यहां झरनों और बादलों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। नोहकालिकाई फॉल्स, सेवन सिस्टर्स फॉल्स और लिविंग रूट ब्रिज यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। दिल्ली से गुवाहाटी तक फ्लाइट लेकर और फिर टैक्सी के जरिए चेरापूंजी पहुंचा जा सकता है। यहां 4 से 5 दिन का टूर सबसे अच्छा माना जाता है। बारिश पसंद करने वाले यात्रियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यात्रा और होटल मिलाकर लगभग 15 से 28 हजार रुपये खर्च हो सकते हैं। 5. वैली ऑफ फ्लावर्स (उत्तराखंड) दिल्ली से दूरी: लगभग 520 किमीकैसे पहुंचें: दिल्ली से ऋषिकेश/जोशीमठ सड़क मार्ग, फिर ट्रेकटूर अवधि: 5-6 दिनखर्च: 8,000–18,000 उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स मानसून में हजारों रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है। जुलाई से सितंबर इसका सबसे अच्छा समय माना जाता है। यहां पहुंचने के लिए गोविंदघाट से ट्रेक करना पड़ता है। ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान बेहद खास है। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा ऋषिकेश, जोशीमठ और गोविंदघाट पहुंचा जा सकता है। 5 से 6 दिन का टूर आराम से पूरा हो जाता है। बजट यात्रियों के लिए यह सबसे किफायती विकल्पों में से एक है। कुल खर्च लगभग 8 से 18 हजार रुपये तक आ सकता है। मानसून में