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Howrah Metro Station: ये है भारत का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन!

Howrah Metro Station

Howrah Metro Station- क्या आपने कभी सोचा है कि ज़मीन के नीचे जाकर ट्रेन पकड़ना कैसा लगता होगा? कोलकाता का Howrah Metro Station भारत का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन बन चुका है। यह स्टेशन ज़मीन से लगभग 33 से 34 मीटर यानी करीब 112 फीट नीचे बनाया गया है। अगर इसकी तुलना की जाए, तो यह लगभग 10 मंज़िला इमारत जितनी गहराई पर स्थित है। इतना ही नहीं, यह स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक हावड़ा रेलवे स्टेशन के ठीक नीचे बनाया गया है, जिससे रेल और मेट्रो के बीच सफर करना पहले से कहीं आसान हो गया है।

Howrah Metro Station को इतनी गहराई में क्यों बनाया गया?

Howrah Metro Station सिर्फ अपनी गहराई की वजह से ही खास नहीं है, बल्कि यह भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो सुरंग से भी जुड़ा हुआ है। यहाँ से ट्रेन हुगली नदी के नीचे बनी सुरंग से होकर गुजरती है। यही कारण है कि स्टेशन को इतनी गहराई पर बनाना पड़ा। जब यात्री प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े होकर ट्रेन का इंतज़ार करते हैं, तो उनके ठीक ऊपर ज़मीन, सड़कें, इमारतें और उससे भी ऊपर बहती हुई हुगली नदी मौजूद होती है। यह सोच ही इस सफर को और रोमांचक बना देती है।

आखिर कैसा है भारत का सबसे अनोखा मेट्रो स्टेशन?

यात्रियों के मुताबिक, इस स्टेशन का आकार और यहाँ मौजूद आधुनिक सुविधाएँ किसी विदेशी मेट्रो स्टेशन जैसा अनुभव कराती हैं। साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, चौड़े रास्ते, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और विशाल भूमिगत ढांचा लोगों का ध्यान तुरंत खींच लेता है। यही वजह है कि Howrah Metro Station अब सिर्फ एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि कोलकाता आने वाले लोगों के लिए एक नया आकर्षण भी बन गया है। और जब आप जानेंगे कि इसके आगे मेट्रो ट्रेन हुगली नदी के नीचे से कैसे गुजरती है, तो इसकी कहानी और भी दिलचस्प लगने लगती है।

हुगली नदी के नीचे बना 520 मीटर लंबा अंडरवॉटर सेक्शन

इस मेट्रो की सबसे बड़ी खासियत हुगली नदी के नीचे बना 520 मीटर लंबा अंडरवॉटर सेक्शन है, जिसने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है जहाँ ट्रेनें नदी के नीचे बनी सुरंगों से होकर गुजरती हैं। जब मेट्रो हावड़ा और कोलकाता के बीच नदी के नीचे प्रवेश करती है, तो यात्रियों को एक अलग अनुभव देने के लिए सुरंग में खास नीली एलईडी लाइटें लगाई गई हैं।

इन रोशनियों और सजावट की वजह से ऐसा महसूस होता है जैसे ट्रेन किसी पानी के भीतर बनी दुनिया से गुजर रही हो। कुछ हिस्सों में मछलियों की आकृतियाँ भी दिखाई देती हैं, जो इस अनुभव को और भी खास बना देती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि लगभग आधा किलोमीटर लंबा यह अंडरवॉटर हिस्सा ट्रेन महज़ 45 से 50 सेकंड में पार कर लेती है, लेकिन यह छोटा-सा सफर यात्रियों को लंबे समय तक याद रहता है।

40 मीटर गहराई में बना आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार नमूना

इस इंजीनियरिंग चमत्कार को और भी खास बनाती है इसकी गहराई। यह सुरंग हुगली नदी के तल से लगभग 13 मीटर नीचे बनाई गई है, जबकि सतह से इसकी गहराई करीब 30 से 40 मीटर तक पहुँचती है। सुरंग की दीवारों को इस तरह तैयार किया गया है कि नदी का पानी किसी भी स्थिति में अंदर प्रवेश न कर सके।

इसके लिए मोटे कंक्रीट से बने विशेष सेगमेंट और उन्नत वॉटरप्रूफ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कभी हावड़ा से कोलकाता पहुँचने के लिए लोगों को ट्रैफिक और जाम से जूझना पड़ता था, लेकिन अब यही दूरी कुछ ही मिनटों में तय हो जाती है। यही वजह है कि यह अंडरवॉटर मेट्रो सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग, आधुनिक तकनीक और भविष्य की सोच का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

Howrah Metro Station Designing

Howrah Metro Station को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुनिया भर के यात्रियों के लिए एक बड़ा हब बन सके। यह स्टेशन सीधे Howrah Railway Station (जो Indian Railway का एक बहुत पुराना और बिजी स्टेशन है) के नीचे बना है। एक सबवे के ज़रिए यात्री सीधे रेलवे प्लेटफॉर्म से मेट्रो स्टेशन तक आ सकते हैं। इससे उन लोगों के लिए explore करना बहुत आसान हो गया है जो लंबी दूरी की ट्रेनों से हावड़ा पहुँचते हैं और फिर शहर के दूसरे हिस्सों में जाना चाहते हैं।

इंजीनियरिंग का करिश्मा: कैसे बनी यह टनल?

इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को मुमकिन बनाया है शानदार इंजीनियरिंग ने। इसे बनाने के लिए जापान और जर्मनी की हाई-टेक Tunnel Boring Machines (TBMs) का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें ‘प्रेरणा’ और ‘रचना’ नाम दिया गया था। नदी के नीचे खुदाई करना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि पानी के रिसाव का डर हमेशा बना रहता था। इसके लिए खास ‘हाइड्रोफिलिक गैस्केट’ (hydrophilic gaskets) का इस्तेमाल किया गया है, जो पानी के संपर्क में आते ही फूल जाते हैं और टनल को पूरी तरह वाटरप्रूफ बना देते हैं।

कोलकाता की यह ग्रीन लाइन (East-West Metro) अब पूरी तरह से आम जनता के लिए खुल चुकी है। इसका किराया भी बहुत कम रखा गया है—सिर्फ 10 रुपये में आप इस सफर का मज़ा ले सकते हैं। तो अगर आप कोलकाता जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस अंडरवॉटर मेट्रो को ज़रूर explore करें|

Shivani Pal

Shivani Pal

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