Kasauli Itinerary: 2 दिन की यात्रा- क्या देखें और कहाँ जाएँ?
अगर आप रोज़ की भाग-दौड़ से थोड़ा सा ब्रेक लेकर किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहाँ ठंडी-ठंडी हवाएं हो, रास्ते शांत हों और हर मोड़ पर सुकून महसूस हो- तो Kasauli आपके लिए एकदम सही जगह है। यह वह पहाड़ी शहर है जहाँ सफर सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि ठहरकर हर लम्हे को जीने का नाम है।
यहाँ की सुबह की ताज़गी, शाम की हल्की-सी रोशनी और पूरे दिन का सुकून मिलकर एक ऐसा एहसास बनाते हैं जो दिल में बस जाता है। अगर आप कम भीड़ और ज़्यादा सुकून वाला ट्रिप चाहते हैं, तो कसौली आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगा।
Kasauli- Christ Church

हिमाचल प्रदेश के कसौली में बना क्राइस्ट चर्च, जो पूरे स्टेट का सबसे पुराना चर्च है, अपनी शानदार आर्किटेक्चर (architecture) और पुरानी टावर क्लॉक (tower clock) के लिए मशहूर है। इस चर्च की नींव 1844 में रखी गई थी और ये 1853 में खुला, जबकि इसकी खास पेंडुलम वाली मैकेनिकल घड़ी 1884 में इंग्लैंड की डब्ल्यू.एच. बेली कंपनी से मंगवा कर लगाई गई थी।
कई सालों तक बंद रहने के बाद, 2015 में अश्विनी कुमार के जुनून और इंडियन आर्मी की EME वर्कशॉप के जवानों की मेहनत से इस घड़ी को फिर से चालू किया गया। 8 फुट लंबे पेंडुलम वाली ये घड़ी आज भी पुराने वक्त की याद दिलाती है; इसके साथ ही चर्च के रंगीन शीशे (stained glass) जो स्पेन और इटली से आए थे, और इसके गेट पर लगी पुरानी धूप-घड़ी (Sun Dial) इसे एक बहुत बड़ी और पुरानी विरासत बनाती हैं।
Kasauli- Gilbert Trail
कसौली का गिलबर्ट ट्रेल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बहुत ही शांत और खूबसूरत जगह है, जो करीब 1.5 किलोमीटर लंबा एक कच्चा और पथरीला रास्ता है। यह पैदल रास्ता लवर्स लेन या सनसेट पॉइंट के पास से शुरू होकर घने चीड़ (pine) और ओक के जंगलों के बीच से गुज़रता है, जहाँ शहर का शोर बिल्कुल खत्म हो जाता है। हालांकि यह ट्रैक काफी आसान माना जाता है और इसे लगभग 45 मिनट से 1 घंटे में पूरा किया जा सकता है, लेकिन रास्ता संकरा होने की वजह से बारिश के समय फिसलन हो सकती है, इसलिए सावधानी से चलना ज़रूरी है।

यहाँ से हिमालय की पहाड़ियों और घाटियों के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं, और यह जगह कई तरह के रंग-बिरंगे पक्षियों जैसे कि वुडपेकर और किंगफिशर को देखने के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। इस रास्ते का नाम ब्रिटिश अफसर कर्नल गिलबर्ट के नाम पर रखा गया था और यहाँ जाने का सबसे सही समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच होता है।
इस ट्रेल पर जाने के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है, लेकिन चेकपॉइंट पर अपना फोटो आईडी दिखाना पड़ता है, और पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे मज़बूत जूते पहनें और अपने साथ पानी की बोतल साथ रखें। शांति और ताजी हवा की तलाश करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन अनुभव है जहाँ सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही जादुई लगता है।
Kasauli- Mall Road
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित कसौली एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है जो अपनी ‘औपनिवेशिक’ (colonial) वास्तुकला और शांत वादियों के लिए जाना जाता है। अंग्रेजों द्वारा 1842 में बसाए गए इस शहर में आज भी क्राइस्ट चर्च और कसौली क्लब जैसी ऐतिहासिक इमारतों में पुराने दौर की झलक मिलती है।

यहाँ घूमने के लिए मॉल रोड सबसे रौनक वाली जगह है, जहाँ आप खरीदारी के साथ-साथ तिब्बती मोमोज़ और नरेंदर स्वीट हाउस के मशहूर बन समोसा का आनंद ले सकते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए गिल्बर्ट ट्रेल पर पैदल चलना और मंकी पॉइंट तक ट्रेकिंग करना यादगार अनुभव होता है, जहाँ से सतलुज नदी और पहाड़ों के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं।
इसके अलावा, कसौली ब्रूअरी एशिया की सबसे पुरानी भट्टियों में से एक है और टिम्बर ट्रेल की केबल कार राइड रोमांच पसंद करने वालों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। चीड़ (pine) और ओक के घने जंगलों के बीच बसा कसौली, शहर की भागदौड़ से दूर एक शांत और सुकून भरी छुट्टी बिताने के लिए बेहतरीन जगह है।
Kasauli- Bun Samosa
समोसा आज भले ही भारतीय पहचान का एक अहम हिस्सा है, लेकिन इसका इतिहास 10वीं शताब्दी के फारस (Persia) से जुड़ा है और यह व्यापारियों या मुगलों के जरिए भारत पहुँचा था। शुरू में इसमें मांस भरा जाता था, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहुँचकर यह आलू और मटर वाला शाकाहारी रूप ले बैठा और आज यह इतना मशहूर है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे प्रयागराज की ‘सिग्नेचर डिश’ घोषित कर दिया है।
कसौली के ‘नरेंद्र स्वीट्स’ का बन-समोसा तो इतना लोकप्रिय हुआ कि संजय दत्त और फरहान अख्तर जैसे सितारे भी वहाँ जाते रहे हैं।
कसाौली का असली एहसास
Kasauli की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ कुछ भी “ओवर” नहीं है। ना ज्यादा भीड़, ना ज्यादा शोर, ना ही बहुत ज्यादा एक्टिविटी। यहाँ सब कुछ संतुलित और शांत है। आप यहाँ घूमने के लिए नहीं, बल्कि थोड़ा रुकने के लिए आते हैं। सुबह की ठंडी हवा, शाम की हल्की रोशनी और दिन भर का सुकून- यह सब मिलकर एक ऐसा अनुभव बनाते हैं जो आपको लंबे समय तक याद रहता है।

एक आसान ट्रिप प्लान
अगर आप कसाौली आ रहे हैं, तो बहुत ज्यादा प्लानिंग की जरूरत नहीं है। पहले दिन आप Christ Church और Mall Road आराम से घूम सकते हैं। शाम को Bun Samosa का स्वाद लें और थोड़ी देर वहीं बैठकर माहौल का आनंद लें।
दूसरे दिन सुबह Gilbert Trail पर वॉक करना सबसे अच्छा रहेगा। यह दिन की शुरुआत को बहुत ही शांत और ताजगी भरा बना देता है।
ट्रैवल टिप्स
कसाौली साल भर अच्छा लगता है, लेकिन मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच मौसम सबसे संतुलित रहता है। इस समय ना ज्यादा ठंड होती है और ना ही ज्यादा भीड़। कसाौली आते समय आरामदायक जूते पहनना जरूरी है क्योंकि यहाँ आपको काफी चलना पड़ता है। सुबह जल्दी निकलना बेहतर होता है ताकि आप शांति का पूरा अनुभव ले सकें।
Kasauli एक ऐसी जगह है जहाँ आप खुद को थोड़ा धीमा कर सकते हैं। Christ Church की शांति, Gilbert Trail का सन्नाटा, Mall Road की सादगी और Bun Samosa का स्वाद- ये सब मिलकर एक ऐसा अनुभव देते हैं जो बहुत सिंपल होते हुए भी खास बन जाता है। अगर आप सच में एक शांत और अलग तरह का ट्रिप चाहते हैं, तो कसाौली आपको निराश नहीं करेगा।
कसौली की इस खूबसूरत यात्रा को देखने के लिए पूरा वीडियो ज़रूर देखें। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके Christ Church, Gilbert Trail, Mall Road और बन-समोसा के इस शानदार अनुभव को विस्तार से जानें।





