पहाड़ों की सैर और चॉकलेट का स्वाद! जानिए ऊटी क्यों कहलाता है भारत का ‘Chocolate Town’?
ऊटी की मशहूर घर में बनी चॉकलेट की शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी, जब ठंडी जलवायु के कारण ये प्राकृतिक रूप से ताज़ी रहती थीं ? 80 और 90 के दशक तक, स्थानीय लोग स्वादिष्ट, परिरक्षक-मुक्त चॉकलेट हाथ से बनाने लगे थे, जिन्हें पर्यटक अपने साथ घर ले जाने से खुद को रोक नहीं पाते थे। अगर आप पहाड़ों की ठंडी हवा, हरियाली और साथ में चॉकलेट का असली स्वाद एक ही ट्रिप में लेना चाहते हैं, तो ऊटी (Ooty) आपके लिए एकदम परफेक्ट जगह है। तमिलनाडु के नीलगिरि हिल्स में बसा ऊटी पहले सिर्फ एक हिल स्टेशन के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब यह भारत के ‘Chocolate Town’ के नाम से भी तेजी से चर्चा में है।

यहाँ घूमने आने वाले ज़्यादातर लोग वापस जाते समय ऊटी की फेमस होममेड चॉकलेट जरूर लेकर जाते हैं। यही वजह है कि ऊटी का नाम अब ट्रैवल और फूड लवर्स के बीच तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
ऊटी को ‘Chocolate Town’ क्यों कहा जाता है?
यह नीलगिरी पहाड़ियों का प्रमुख शहर है, जिसका अर्थ है “नीले पहाड़”। इसका नाम कुरुंजी फूल के कारण पड़ा, जो ढलानों को नीला रंग देता था । ऊटी की सबसे बड़ी पहचान यहाँ बनने वाली हैंडमेड चॉकलेट है। यहाँ बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों से ज्यादा आपको लोकल दुकानों और छोटे चॉकलेट मेकर्स की बनाई हुई चॉकलेट देखने को मिलेगी। ऊटी का मौसम पूरे साल ठंडा रहता है, इसलिए चॉकलेट को बनाना, जमाना और लंबे समय तक स्टोर करना यहाँ आसान होता है। इसी वजह से ऊटी में बनने वाली चॉकलेट का स्वाद भी अलग और ज्यादा फ्रेश लगता है। कई लोग इसे इसलिए भी खास मानते हैं क्योंकि यहाँ की चॉकलेट में लोकल स्टाइल और घर जैसा स्वाद झलकता है।
यहाँ कैसी-कैसी चॉकलेट मिलती है?

ऊटी के बाजारों में चॉकलेट की वैरायटी इतनी ज्यादा है कि लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर खरीदें क्या। यहाँ डार्क चॉकलेट, मिल्क चॉकलेट, व्हाइट चॉकलेट, नट्स वाली चॉकलेट, काजू-बादाम वाली चॉकलेट और कई फ्लेवर में चॉकलेट मिलती है। कई दुकानों पर तो चॉकलेट आपके सामने ही तैयार की जाती है, जिससे उसकी ताजगी और भी ज्यादा महसूस होती है। यही कारण है कि ऊटी से चॉकलेट खरीदना अब सिर्फ शॉपिंग नहीं, बल्कि एक पूरा अनुभव बन गया है।
चॉकलेट के साथ पहाड़ों का मजा भी डबल
ऊटी सिर्फ चॉकलेट के लिए नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरती के लिए भी फेमस है। यहाँ की ऊटी लेक, बॉटनिकल गार्डन, चाय के बागान और नीलगिरि की वादियाँ हर किसी का मन मोह लेती हैं। पर्यटक यहाँ सैर-सपाटे के साथ-साथ चॉकलेट शॉपिंग को भी ट्रिप का हिस्सा बना लेते हैं। यही वजह है कि ऊटी को अब लोग सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि स्वाद और मौसम दोनों का मजा लेने के लिए चुन रहे हैं।
क्यों ट्रेंड कर रहा है ‘चॉकलेट टूरिज्म’?
आजकल लोग सिर्फ जगह देखने नहीं जाते, बल्कि उस जगह का फूड एक्सपीरियंस भी लेने जाते हैं। जैसे जयपुर जाएं तो दाल-बाटी, आगरा जाएं तो पेठा, कोलकाता जाएं तो रसगुल्ला, वैसे ही ऊटी का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में होममेड चॉकलेट आ जाती है। यही वजह है कि ऊटी का ‘Chocolate Town’ वाला टैग सोशल मीडिया पे तेजी वायरल हो रहा है। कई लोग ऊटी को अब फूड ट्रैवल डेस्टिनेशन” के तौर पर भी देखने लगे हैं।
ऊटी जाएं तो ये काम जरूर करें!
अगर आप ऊटी जा रहे हैं तो लोकल मार्केट में जाकर असली हैंडमेड चॉकलेट जरूर टेस्ट करें और अलग-अलग फ्लेवर ट्राय करें। साथ ही घर वालों के लिए गिफ्ट पैक लेना न भूलें, क्योंकि ऊटी की चॉकलेट ट्रिप की सबसे यादगार चीज बन जाती है। इसके अलावा ऊटी की झील, चाय के बागान और खूबसूरत पहाड़ियों की सैर जरूर करें ताकि आपकी ट्रिप पूरी तरह परफेक्ट बन सके।
ऊटी अब सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं रहा, बल्कि यह भारत का मशहूर ‘Chocolate Town’ बन चुका है। यहाँ की ठंडी हवा, पहाड़ों की खूबसूरती और हाथों से बनी ताज़ा चॉकलेट मिलकर ऊटी को एक ऐसा ट्रैवल डेस्टिनेशन बना देते हैं, जहाँ एक बार चले गए तो बार बार जाने का दिल करेगा।





