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Train में बच्चों की टिकट के नियम जानें

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जब परिवार के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बनता है, तो सबसे पहले Train की टिकट, सीट और बजट की चिंता शुरू हो जाती है। बड़ों की टिकट तो आसानी से बुक हो जाती है, लेकिन बच्चों की बारी आते ही कई सवाल सामने आ जाते हैं। क्या छोटे बच्चे का भी टिकट लेना पड़ता है? क्या 6 या 10 साल के बच्चे को आधे किराये में सफर करने की सुविधा मिलती है? और अगर बच्चे के लिए अलग बर्थ चाहिए, तो कितना किराया देना होगा?

असल में Indian Railways में बच्चों के टिकट के नियम उम्र और सीट या बर्थ की जरूरत पर निर्भर करते हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चे बिना अलग बर्थ के आम तौर पर मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, जबकि 5 से 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बर्थ लेने या न लेने के आधार पर किराया अलग होता है। इसलिए अगर आप भी बच्चों के साथ Train से सफर करने वाले हैं, तो इन नियमों को पहले से समझना आपके लिए काफी काम का हो सकता है।

1. बच्चों की टिकट का नियम आखिर है क्या?

Indian Railways में बच्चों की उम्र के हिसाब से किराया तय होता है। सामान्य नियम के मुताबिक, 5 साल से कम उम्र के बच्चे बिना किराया दिए सफर कर सकते हैं, बशर्ते उनके लिए अलग सीट या बर्थ न ली जाए।

वहीं, 5 साल से लेकर 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आरक्षित सीट या बर्थ लेने और न लेने के आधार पर किराया अलग हो सकता है। अगर बच्चे की उम्र 12 साल या उससे ज्यादा है, तो आम तौर पर उसका पूरा वयस्क किराया लगता है।

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इसलिए टिकट बुक करते समय बच्चे की सही उम्र भरना जरूरी है। केवल यह सोचकर आधा किराया न चुनें कि बच्चा अभी स्कूल में पढ़ता है या देखने में छोटा लगता है। रेलवे के नियम उम्र के आधार पर तय होते हैं। Train

2. 5 साल से छोटे बच्चे का Train टिकट कब मुफ्त होता है?

अगर आपका बच्चा अभी 5 साल का नहीं हुआ है, तो आपके लिए राहत की बात है। रेलवे के नियमों के अनुसार, इस उम्र के बच्चे बिना किराया दिए यात्रा कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए बच्चे को अलग बर्थ या सीट नहीं दी जाती। उसे माता-पिता या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति की बर्थ पर ही जगह साझा करनी होती है।

उदाहरण के लिए, अगर आप Delhi से लखनऊ जा रहे हैं और आपके साथ 3 साल का बच्चा है, तो उसके लिए अलग बर्थ न लेने पर सामान्य तौर पर अलग किराया देने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर आप बच्चे के लिए अलग बर्थ चाहते हैं, तो उसके लिए पूरा वयस्क किराया देना पड़ सकता है।

एक जरूरी बात यह भी है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम और उम्र की जानकारी बुकिंग के दौरान कैसे दर्ज करनी है, यह इस्तेमाल किए जा रहे बुकिंग विकल्प पर निर्भर कर सकता है। इसलिए टिकट बनाते समय IRCTC के मौजूदा निर्देश जरूर देख लें।

3. क्या 5 साल से कम उम्र के बच्चे की अलग बर्थ भी बुक कर सकते हैं?

हां, अगर आप लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं और चाहते हैं कि बच्चा आराम से सो सके, तो उसके लिए अलग बर्थ लेने का विकल्प उपयोगी हो सकता है। खासकर रात की Train में छोटे बच्चे के साथ एक ही बर्थ पर सोना कई बार मुश्किल हो जाता है। Train

हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखने वाली है। मुफ्त यात्रा का नियम तभी लागू होता है, जब बच्चे के लिए अलग बर्थ या सीट नहीं ली जा रही हो। अगर आप अलग बर्थ चाहते हैं, तो बच्चे के लिए पूरा वयस्क किराया देना पड़ सकता है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले किराये का हिसाब जरूर देख लें। यह विकल्प लंबी रात की यात्रा में अक्सर ज्यादा आरामदायक साबित होता है।

4. 5 से 12 साल से कम उम्र के बच्चों का आधा किराया कब लगता है?

बच्चों की टिकट को लेकर सबसे ज्यादा सवाल इसी उम्र में होते हैं। मान लीजिए आपका बच्चा 7, 9 या 11 साल का है। ऐसी स्थिति में आरक्षित श्रेणियों में आप बच्चे के लिए अलग बर्थ न लेने का विकल्प चुन सकते हैं। इस स्थिति में आम तौर पर आधा वयस्क किराया लिया जाता है।

इसका मतलब है कि बच्चा आपके साथ यात्रा करेगा, लेकिन उसके नाम पर अलग बर्थ नहीं मिलेगी। यह विकल्प उन परिवारों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो दिन में छोटी दूरी की यात्रा कर रहे हैं और बच्चे को अलग बर्थ की जरूरत नहीं है। Train

लेकिन याद रखें कि आधा किराया देने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को आधी कीमत में पूरी अलग सीट भी मिल जाएगी। अगर आप बच्चे के लिए अलग बर्थ चाहते हैं, तो आम तौर पर पूरा वयस्क किराया देना होगा।

5. आधा किराया देकर बच्चे के लिए अलग सीट मिल सकती है?

यही वह बात है जिसे लेकर अक्सर गलतफहमी होती है। बहुत से लोग मान लेते हैं कि 5 से 12 साल से कम उम्र के बच्चे का आधा किराया देने पर उसे अलग सीट भी मिल जाएगी। लेकिन आरक्षित बर्थ वाली श्रेणियों में ऐसा सामान्य तौर पर नहीं होता।

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अगर आप आधा किराया देकर बच्चे का टिकट लेते हैं और उसके लिए अलग बर्थ नहीं चुनते, तो बच्चे को अलग बर्थ मिलने की गारंटी नहीं होती। उसे माता-पिता के साथ उपलब्ध जगह साझा करनी पड़ सकती है। Train

वहीं, अगर आप चाहते हैं कि बच्चा अपनी अलग बर्थ पर सो सके, तो बुकिंग के समय उसके लिए बर्थ का विकल्प चुनना होगा और पूरा किराया देना पड़ सकता है। लंबी रात की यात्रा में यह विकल्प ज्यादा आरामदायक रहता है।

6. NOSB का मतलब क्या है?

IRCTC या रेलवे के टिकट नियमों में NOSB शब्द देखने को मिल सकता है। इसका मतलब है No Seat Berth, यानी बच्चे के लिए अलग सीट या बर्थ नहीं ली गई है। आसान भाषा में कहें, तो बच्चा आपके साथ सफर करेगा और उसके लिए अलग सोने की जगह आरक्षित नहीं होगी।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपके साथ 8 साल का बच्चा है और आप उसके लिए अलग बर्थ नहीं चाहते, तो लागू नियमों के अनुसार बिना बर्थ वाला विकल्प चुना जा सकता है। इससे किराया अलग बर्थ वाले टिकट से कम हो सकता है।

हालांकि, हर Train और हर श्रेणी में एक जैसे विकल्प उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। खासकर बैठकर यात्रा करने वाली श्रेणियों में नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल NOSB शब्द देखकर टिकट बुक न करें, बल्कि अपनी यात्रा की श्रेणी और स्क्रीन पर दिख रहे किराये को ध्यान से जांचें।

7. 12 साल के बच्चे का टिकट कैसे बनेगा?

जैसे ही बच्चा 12 साल का हो जाता है, सामान्य रेलवे नियमों के अनुसार उसे वयस्क यात्री की तरह पूरा किराया देना होता है। इस उम्र में आधे किराये वाला बच्चों का विकल्प लागू नहीं होता। Train

मान लीजिए आप अपने 12 साल के बच्चे के साथ Delhi से मुंबई की यात्रा कर रहे हैं। अगर आप आरक्षित श्रेणी में टिकट बुक कर रहे हैं, तो बच्चे के लिए भी सामान्य तौर पर पूरा किराया देना होगा। अगर आप तीन लोगों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो बड़ों और 12 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चे के लिए किराये का हिसाब उसी के अनुसार बनेगा। इसलिए टिकट बुक करने से पहले बच्चे की उम्र जरूर जांचें। अगर यात्रा की तारीख तक बच्चा 12 साल का हो चुका है, तो बुकिंग में गलत उम्र भरने से बचें।

8. IRCTC पर बच्चों का टिकट बुक करते समय क्या करें?

आजकल ज्यादातर लोग मोबाइल से ही Train की टिकट बुक करते हैं। ऐसे में बच्चों की जानकारी भरते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है। सबसे पहले IRCTC पर लॉगिन करें और अपनी यात्रा की तारीख, स्टेशन और Train चुनें।

इसके बाद यात्री की जानकारी भरते समय बच्चे का नाम और सही उम्र दर्ज करें। अगर बच्चा 5 साल से कम उम्र का है और उसके लिए अलग बर्थ नहीं चाहिए, तो बुकिंग के दौरान उपलब्ध शिशु या बिना बर्थ वाले विकल्प के निर्देश देखें। Train

अगर बच्चा 5 साल से लेकर 12 साल से कम उम्र का है, तो अलग बर्थ लेने या न लेने का विकल्प ध्यान से चुनें। पेमेंट करने से पहले यात्रियों की उम्र, किराया और सीट या बर्थ की जानकारी दोबारा जांच लें। केवल टिकट बुक हो जाने से यह न मानें कि बच्चे के लिए अलग बर्थ भी मिल गई है। टिकट पर दी गई जानकारी और बर्थ की स्थिति को ध्यान से देखना जरूरी है।

9. क्या हर श्रेणी में आधे किराये का नियम एक जैसा है?

नहीं, बच्चों की टिकट के नियम समझते समय Train की श्रेणी पर भी ध्यान देना चाहिए। स्लीपर और एसी की कुछ आरक्षित श्रेणियों में बिना अलग बर्थ के बच्चों के लिए आधे किराये का विकल्प लागू हो सकता है। लेकिन बैठकर यात्रा करने वाली श्रेणियों, जैसे सेकंड सीटिंग या एसी चेयर कार, में नियम अलग हो सकते हैं।

इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि हर Train में 5 से 12 साल से कम उम्र के बच्चे को आधे किराये में यात्रा करने की सुविधा जरूर मिलेगी। टिकट बुक करते समय चुनी गई श्रेणी के नियम और सिस्टम में दिख रहे किराये को जरूर जांचें।

अगर किसी विकल्प को लेकर समझ नहीं आ रहा है, तो बुकिंग पूरी करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या आरक्षण काउंटर से जानकारी लेना बेहतर है। इससे बाद में टिकट बदलने या अतिरिक्त किराया देने की परेशानी कम हो सकती है। Train

10. बच्चे की उम्र गलत भरने पर क्या परेशानी हो सकती है?

टिकट बुक करते समय बच्चे की उम्र सही भरना बेहद जरूरी है। कभी-कभी पैसे बचाने के लिए लोग बड़े बच्चे की उम्र कम दर्ज कर देते हैं, ताकि आधा किराया लग जाए। ऐसा करना ठीक नहीं है।

अगर टिकट में दी गई जानकारी और यात्रा के दौरान मांगी गई जानकारी में अंतर मिलता है, तो रेलवे के नियमों के अनुसार अतिरिक्त किराया या दूसरी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए बच्चे की सही जन्मतिथि और उम्र के आधार पर टिकट बुक करें। Train

जरूरत पड़ने पर बच्चे की उम्र से जुड़ा पहचान या जन्मतिथि का प्रमाण साथ रखना उपयोगी हो सकता है। यात्रा से पहले आधिकारिक निर्देश देख लें कि आपके मामले में कौन-सा प्रमाण स्वीकार किया जा सकता है।

11. बच्चों के साथ लंबी Train यात्रा को आरामदायक कैसे बनाएं?

बच्चों के साथ यात्रा में सिर्फ टिकट बुक करना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि उनके आराम का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अगर सफर लंबा है या रात में यात्रा करनी है, तो बच्चे के लिए अलग बर्थ लेने पर विचार करें।

इससे बच्चे को सोने की जगह मिलती है और माता-पिता को भी आराम करने में आसानी होती है। बच्चे की जरूरत के हिसाब से पानी, हल्का खाना, जरूरी दवाएं, अतिरिक्त कपड़े और एक हल्की चादर साथ रखें।

छोटे बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजें अलग बैग में रखना सुविधाजनक रहता है। स्टेशन पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय रखें और Train का प्लेटफॉर्म पहले से जांच लें। अगर बच्चे के साथ पहली बार लंबी यात्रा कर रहे हैं, तो सामान कम और जरूरी चीजें व्यवस्थित रखें। इससे सफर ज्यादा आसान हो सकता है।

12. टिकट बुक करने से पहले इन तीन बातों को जरूर समझें

बच्चों के टिकट के नियमों को समझने का सबसे आसान तरीका है कि आप तीन सवालों के जवाब पहले तय कर लें। पहला, यात्रा के दिन बच्चे की उम्र कितनी होगी? दूसरा, क्या बच्चे के लिए अलग बर्थ चाहिए? और तीसरा, आप किस श्रेणी में सफर करने वाले हैं?

इन तीन बातों के आधार पर आप सही टिकट विकल्प चुन सकते हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए अलग बर्थ नहीं लेने पर सामान्य तौर पर किराया नहीं लगता।

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5 साल से 12 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बिना बर्थ वाला विकल्प कुछ आरक्षित श्रेणियों में आधे किराये पर उपलब्ध हो सकता है। वहीं, अलग बर्थ लेने पर पूरा किराया लग सकता है।

12 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चे के लिए सामान्य तौर पर पूरा वयस्क किराया देना होता है। बुकिंग से पहले आधिकारिक नियमों की जांच करना न भूलें, क्योंकि श्रेणी के हिसाब से कुछ शर्तें अलग हो सकती हैं।

Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव

  • उम्र सही भरें। टिकट बुक करते समय बच्चे की उम्र यात्रा की तारीख के हिसाब से दर्ज करें। गलत उम्र भरकर किराया कम करने की कोशिश न करें।
  • बर्थ की जरूरत पहले तय करें। रात की लंबी यात्रा में बच्चे के लिए अलग बर्थ लेना ज्यादा आरामदायक हो सकता है। टिकट बुक करते समय इस विकल्प को ध्यान से चुनें।
  • NOSB का मतलब समझें। बिना अलग बर्थ वाला टिकट लेने पर बच्चे के लिए अलग सोने की जगह आरक्षित नहीं होती। आधा किराया और अलग बर्थ एक ही चीज नहीं हैं।
  • किराया और श्रेणी जांचें। हर श्रेणी में बच्चों के टिकट के विकल्प एक जैसे नहीं होते। पेमेंट से पहले टिकट पर दिख रहा किराया और सीट की जानकारी जरूर जांचें।
  • यात्रा की तैयारी रखें। बच्चे के साथ पानी, हल्का खाना, अतिरिक्त कपड़े और जरूरत की चीजें साथ रखें। टिकट और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी संभालकर रखें।

बच्चों के साथ Train का सफर परिवार के लिए यादगार अनुभव बन सकता है। बस टिकट बुक करते समय उम्र, किराये और बर्थ के नियम समझ लेना जरूरी है। सही जानकारी के साथ आप बेवजह के खर्च से बच सकते हैं और अपनी अगली यात्रा को ज्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

Shivani Pal

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