गतिमान एक्सप्रेस या Palace on Wheels? कौन सा Travel चुनें?
दिल्ली से आगरा जाना हो और सामने ताज महल घूमने का प्लान हो, तो सबसे पहले दिमाग में यही आता है कि सफर जल्दी और आराम से कैसे पूरा किया जाए। सड़क से जाएं तो ट्रैफिक का डर, बस से जाएं तो समय का हिसाब और ट्रेन से जाएं तो कई विकल्प सामने होते हैं। लेकिन इसी ट्रेन Travel में दो ऐसी सेवाएं हैं, जिनका अनुभव एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है।
एक तरफ है गतिमान एक्सप्रेस, जो दिल्ली से आगरा का सफर करीब 1 घंटे 40 मिनट में पूरा करने के लिए जानी जाती है। सुबह दिल्ली से निकलकर दिनभर आगरा घूमिए और शाम तक वापस दिल्ली लौट आइए। दूसरी तरफ है पैलेस ऑन व्हील्स, जहां ट्रेन सिर्फ आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का साधन नहीं है, बल्कि पूरी यात्रा ही एक शाही अनुभव बन जाती है।
एक में आपका फोकस है समय बचाकर आगरा घूमना, तो दूसरी में कई दिनों तक राजस्थान और उत्तर भारत की विरासत को लग्ज़री अंदाज़ में देखना। यही वजह है कि दोनों को सिर्फ ट्रेन के तौर पर देखना थोड़ा गलत होगा। दोनों का Travel अनुभव, खर्च, समय और उद्देश्य काफी अलग है। तो अगर आप भी सोच रहे हैं कि आपके लिए गतिमान एक्सप्रेस बेहतर रहेगी या पैलेस ऑन व्हील्स, तो इस Travel गाइड में दोनों के सफर, रूट, समय, सुविधाओं, खर्च और अनुभव को आसान भाषा में समझते हैं।
गतिमान एक्सप्रेस क्या है और इसकी खासियत क्या है?
गतिमान एक्सप्रेस को उन यात्रियों के लिए समझा जा सकता है जिन्हें कम समय में दिल्ली से आगरा पहुंचना है। यह ट्रेन तेज़ रफ्तार के साथ आरामदायक चेयर कार में सफर का विकल्प देती है और खास तौर पर आगरा जाने वाले यात्रियों के लिए काफी उपयोगी है। इसका Travel अनुभव किसी लंबी यात्रा जैसा नहीं है। आप सुबह दिल्ली से निकलते हैं, थोड़ी देर ट्रेन में बैठते हैं और देखते ही देखते आगरा पहुंच जाते हैं।
वहां ताज महल, आगरा फोर्ट और आसपास की जगहें घूमकर शाम को वापस दिल्ली लौट सकते हैं। यानी अगर आपके पास सिर्फ एक दिन की छुट्टी है और आप उस दिन को आगरा के नाम करना चाहते हैं, तो इस तरह का Travel प्लान काफी आसान बन सकता है।
दिल्ली से आगरा सिर्फ 1 घंटे 40 मिनट में
दिए गए शेड्यूल के अनुसार गतिमान एक्सप्रेस हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 8:10 बजे रवाना होती है और लगभग 9:50 बजे आगरा कैंट पहुंचती है। यानी दिल्ली से आगरा का यह Travel करीब 1 घंटा 40 मिनट में पूरा हो जाता है। वापसी में आगरा कैंट से शाम करीब 5:35 बजे ट्रेन चलती है और रात करीब 7:30 बजे हज़रत निज़ामुद्दीन पहुंचती है।
![]()
इस समय के हिसाब से देखें तो आपको आगरा में कई घंटे मिल जाते हैं। सुबह ताज महल से शुरुआत, फिर आगरा फोर्ट, दोपहर में खाना और अगर समय बचे तो आसपास की कोई और जगह—एक दिन का Travel प्लान इस तरह आसानी से बनाया जा सकता है। हालांकि यात्रा से पहले ट्रेन का ताजा समय जरूर जांच लेना चाहिए, क्योंकि रेलवे का शेड्यूल समय-समय पर बदल सकता है।
गतिमान एक्सप्रेस में कैसी सीट और सुविधाएं मिलती हैं?
गतिमान एक्सप्रेस में सोने वाली बर्थ नहीं होती। यह मुख्य रूप से वातानुकूलित चेयर कार ट्रेन है, जिसमें बैठकर सफर किया जाता है। इसमें एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार जैसी श्रेणियां मिलती हैं।
एग्जीक्यूटिव चेयर कार में सीटें ज्यादा खुली और आरामदायक होती हैं, जबकि एसी चेयर कार सामान्य बजट में आरामदायक Travel के लिए विकल्प देती है। ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी मिलती है। यात्रा के दौरान पानी, चाय-कॉफी और खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए सिर्फ डे-ट्रिप के लिए निकलने वाले यात्रियों को रास्ते में खाने की बहुत ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती।
आगरा में एक दिन का Travel कैसे प्लान करें?
अगर आप गतिमान एक्सप्रेस से आगरा जा रहे हैं, तो सबसे जरूरी बात है कि अपना दिन पहले से थोड़ा प्लान करके रखें। आगरा कैंट स्टेशन पहुंचने के बाद आप पहले ताज महल जा सकते हैं। ताज महल में घूमने और फोटो के लिए अच्छा खासा समय रखें। इसके बाद आगरा फोर्ट का रुख किया जा सकता है।
अगर आप पहली बार आगरा जा रहे हैं, तो ताज महल के आसपास घूमने के चक्कर में पूरा दिन एक ही जगह खर्च करने से बचें। Travel का फायदा तभी मिलेगा जब आप समय को थोड़ा व्यवस्थित रखें।
दोपहर में आगरा का खाना खा सकते हैं और वापसी की ट्रेन से पहले स्टेशन के लिए निकल जाएं। यहां एक बात ध्यान रखें कि वापसी की ट्रेन का समय फिक्स है, इसलिए आखिरी समय पर किसी दूर की जगह जाने का रिस्क न लें।
किस तरह के यात्रियों के लिए गतिमान एक्सप्रेस ठीक है?
गतिमान एक्सप्रेस उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है जिनके पास समय कम है। कॉलेज स्टूडेंट्स, कपल्स, सोलो ट्रैवलर्स, परिवार या दिल्ली में रहने वाले वे लोग जो एक दिन में आगरा घूमना चाहते हैं, इस तरह का Travel प्लान बना सकते हैं।
अगर आपका मुख्य उद्देश्य सिर्फ ताज महल और आगरा फोर्ट देखना है, तो सात-आठ दिन की यात्रा करने की जरूरत नहीं पड़ती। एक दिन का Travel भी काफी हो सकता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि आपको होटल बदलने, कई दिनों की छुट्टी लेने या लंबी यात्रा की तैयारी करने की जरूरत नहीं होती।
अब बात उस ट्रेन की, जहां सफर ही मंजिल बन जाता है
अब अगर आप बिल्कुल अलग तरह का Travel अनुभव चाहते हैं, तो कहानी पैलेस ऑन व्हील्स से शुरू होती है। पैलेस ऑन व्हील्स सामान्य ट्रेन जैसी नहीं है, जिसमें आप एक शहर से दूसरे शहर जाकर उतरते हैं और फिर होटल खोजते हैं। यहां ट्रेन खुद आपका ठिकाना बन जाती है।
आप रात को ट्रेन में रहते हैं, सुबह किसी नए शहर में पहुंचते हैं, दिनभर वहां की खास जगहें देखते हैं और फिर शाम या रात को वापस उसी ट्रेन में लौट आते हैं। यानी होटल, यात्रा और कई सुविधाएं एक ही पैकेज का हिस्सा बन जाती हैं। इसी वजह से पैलेस ऑन व्हील्स का Travel अनुभव पूरी तरह अलग नजर आता है।
पैलेस ऑन व्हील्स का 7 रात और 8 दिन का सफर
पैलेस ऑन व्हील्स का सफर दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होकर दिल्ली में ही समाप्त होने वाला एक लंबा सर्किट है। इस Travel में जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, भरतपुर और आगरा जैसे प्रमुख स्थान शामिल होते हैं। सबसे खास बात यह है कि आपको हर शहर के लिए अलग से होटल और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करने की जरूरत कम हो जाती है।
![]()
आपका कमरा ट्रेन में ही रहता है और अगली सुबह एक नया शहर सामने होता है। यही वजह है कि पैलेस ऑन व्हील्स का Travel सिर्फ जगहें देखने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ट्रेन के अंदर का अनुभव भी यात्रा का बड़ा हिस्सा बन जाता है।
पहले दिन से ही शुरू हो जाता है शाही Travel
पैलेस ऑन व्हील्स की यात्रा सामान्य रेलवे स्टेशन वाले अंदाज में शुरू नहीं होती। यहां यात्रियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया जाता है। शहनाई, तिलक, माला और साफा पहनाकर स्वागत जैसी व्यवस्थाएं इस यात्रा को शुरुआत से ही अलग माहौल देती हैं।
इसके बाद जब ट्रेन चलती है तो आपको महसूस होता है कि यह सिर्फ एक टिकट लेकर बैठ जाने वाली सामान्य ट्रेन नहीं है। पूरा माहौल राजस्थान की पुरानी रियासतों और शाही संस्कृति से प्रेरित रखा गया है।
जयपुर में किले और महलों का Travel
यात्रा के दूसरे दिन जयपुर का नंबर आता है। पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर मंतर जैसे प्रमुख स्थान देखे जाते हैं। अगर आप इतिहास और वास्तुकला पसंद करते हैं तो यह दिन Travel के लिहाज से काफी खास हो सकता है।
एक तरफ आमेर की विशाल किलेबंदी है, दूसरी तरफ हवा महल की जालीदार खिड़कियां और फिर सिटी पैलेस की राजसी वास्तुकला। यानी एक ही दिन में जयपुर के कई अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं।
रणथंभौर और चित्तौड़गढ़ का रोमांच
अगले दिन Travel में सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ आते हैं। सवाई माधोपुर का नाम रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की वजह से खास है। यहां सफारी के दौरान जंगल और वन्यजीवन देखने का मौका मिलता है।
अगर किस्मत साथ दे तो बाघ भी दिखाई दे सकता है, लेकिन वन्यजीव सफारी में किसी जानवर को देखने की गारंटी नहीं होती। इसके बाद चित्तौड़गढ़ का किला अपनी विशालता और इतिहास के साथ इस Travel को एक अलग दिशा देता है।
उदयपुर में झीलों और महलों का सफर
उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है और पैलेस ऑन व्हील्स का यह पड़ाव भी काफी खास रहता है। सिटी पैलेस, लेक पिछोला और आसपास का राजसी माहौल Travel को बिल्कुल अलग रूप देता है। अगर आपको पुराने महल, झीलों के किनारे की वास्तुकला और शांत माहौल पसंद है, तो उदयपुर का दिन इस पूरी यात्रा के खास हिस्सों में शामिल हो सकता है।
जैसलमेर में रेगिस्तान वाला Travel
इसके बाद यात्रा पहुंचती है जैसलमेर। यहां पीले पत्थरों से बना सोनार किला, पटवों की हवेली और रेगिस्तान का माहौल देखने को मिलता है। सम के टीलों पर ऊंट की सवारी और डेजर्ट डिनर इस Travel को राजस्थान के उस हिस्से से जोड़ते हैं, जो दिल्ली या आगरा की यात्रा से बिल्कुल अलग है। यहां आपको राजस्थान का एक ऐसा चेहरा दिखाई देता है जिसमें किले और महल के साथ रेगिस्तान, लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान भी शामिल है।
जोधपुर और मेहरानगढ़ का शाही अंदाज
जोधपुर को ब्लू सिटी के नाम से जाना जाता है। यहां मेहरानगढ़ किला, जसवंत थड़ा और उम्मेद भवन पैलेस जैसे स्थान इस Travel का हिस्सा बनते हैं। मेहरानगढ़ से शहर का नजारा देखने का अनुभव अपने आप में खास है। वहीं जसवंत थड़ा की संगमरमर की वास्तुकला और उम्मेद भवन का अलग राजसी अंदाज यात्रा में विविधता लाता है।
भरतपुर के बाद आगरा की बारी
पैलेस ऑन व्हील्स की यात्रा का एक खास हिस्सा भरतपुर और आगरा है। भरतपुर में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया जाता है। इसके बाद यात्रा आगरा की ओर बढ़ती है, जहां ताज महल और आगरा फोर्ट देखने का मौका मिलता है।
यानी जिस आगरा को गतिमान एक्सप्रेस से आप एक दिन में देख सकते हैं, उसी आगरा तक पैलेस ऑन व्हील्स के लंबे Travel सर्किट के अंतिम हिस्से में पहुंचते हैं। यही दोनों यात्राओं के बीच का बड़ा अंतर भी है।
पैलेस ऑन व्हील्स में रहने का अनुभव कैसा है?
पैलेस ऑन व्हील्स में आपको सामान्य ट्रेन की सीट नहीं मिलती, बल्कि केबिन मिलता है। ट्रेन में अलग-अलग श्रेणी के केबिन और सुइट उपलब्ध होते हैं। इनमें डिलक्स केबिन से लेकर ज्यादा प्रीमियम श्रेणियां शामिल हैं।
केबिन में सोने की व्यवस्था और निजी बाथरूम जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। यात्रा के दौरान समर्पित अटेंडेंट यानी खिदमतगार भी सेवा के लिए मौजूद रहते हैं। इसलिए यहां Travel का अनुभव होटल और ट्रेन के बीच का मिश्रण जैसा महसूस होता है।
ट्रेन के अंदर खाना भी इस Travel का हिस्सा है
पैलेस ऑन व्हील्स में खाने को सिर्फ सफर की जरूरत नहीं माना जाता। यहां भोजन भी अनुभव का हिस्सा होता है। ट्रेन में रेस्तरां की व्यवस्था है, जहां राजस्थानी, भारतीय और दूसरे व्यंजन परोसे जाते हैं।
दाल बाटी चूरमा जैसे राजस्थानी स्वाद से लेकर अन्य व्यंजनों तक कई विकल्प मिल सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन में बार और लाउंज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। स्पा जैसी सुविधाएं भी इस लक्ज़री Travel अनुभव को सामान्य ट्रेन से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
दोनों यात्राओं के बजट में कितना फर्क है?
यहां सबसे बड़ा अंतर सामने आता है। गतिमान एक्सप्रेस का किराया सामान्य रेलवे Travel के दायरे में आता है। आगरा तक की यात्रा के लिए आपको अपनी श्रेणी के हिसाब से टिकट लेना होता है और बाकी चीजें आप अपनी जरूरत के अनुसार तय कर सकते हैं। वहीं पैलेस ऑन व्हील्स एक लग्ज़री टूर पैकेज है। इसका खर्च कई हजार डॉलर तक जा सकता है और केबिन की श्रेणी, मौसम और पैकेज के अनुसार कीमत बदल सकती है।
इसलिए दोनों की कीमत की सीधी तुलना करना भी थोड़ा मुश्किल है। एक तरफ सिर्फ ट्रेन का Travel टिकट है, जबकि दूसरी तरफ कई दिनों का रहने, खाने और घूमने का पैकेज शामिल होता है।
समय के हिसाब से दोनों में क्या अंतर है?
अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है, तो गतिमान एक्सप्रेस वाला Travel ज्यादा सरल हो सकता है। सुबह दिल्ली से निकलकर आगरा जाइए, दिनभर घूमिए और शाम को वापस लौट आइए।
पैलेस ऑन व्हील्स के लिए आपको कम से कम सात रात और आठ दिन का समय निकालना पड़ता है। यहां उद्देश्य सिर्फ आगरा देखना नहीं बल्कि कई शहरों और राजस्थान की विरासत को एक साथ अनुभव करना है। इसलिए छुट्टी की लंबाई आपके Travel प्लान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रूट के हिसाब से कौन सा अनुभव अलग है?
गतिमान एक्सप्रेस का Travel मुख्य रूप से दिल्ली और आगरा जैसे गंतव्यों को जोड़ता है। यह एक तेज और सीधी यात्रा है। पैलेस ऑन व्हील्स का रूट एक पूरा पर्यटन सर्किट है।
इसमें जयपुर से लेकर जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर और आगरा तक कई जगहें आती हैं। यानी अगर आपका मन एक ही यात्रा में कई शहर देखने का है, तो दोनों का उद्देश्य ही अलग है।
अगर आप पहली बार आगरा जा रहे हैं
पहली बार आगरा जा रहे हैं तो सबसे पहले अपनी यात्रा का उद्देश्य तय करें। अगर ताज महल देखना आपका मुख्य लक्ष्य है और आपके पास सिर्फ एक दिन है, तो छोटी और तेज यात्रा ज्यादा व्यावहारिक हो सकती है।
लेकिन अगर आप आगरा को राजस्थान के कई शहरों के साथ जोड़कर देखना चाहते हैं और आपके पास लंबी छुट्टी तथा बड़ा बजट है, तो पैलेस ऑन व्हील्स जैसा Travel अनुभव अलग तरह की याद दे सकता है।
परिवार के साथ कौन सा Travel प्लान किया जा सकता है?
परिवार के साथ दोनों तरह की यात्राएं की जा सकती हैं, लेकिन तैयारी अलग होगी। गतिमान एक्सप्रेस में परिवार के साथ एक दिन का आगरा Travel प्लान बनाया जा सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों के साथ भी यह सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन आगरा पहुंचने के बाद दिनभर घूमने की थकान का ध्यान रखना जरूरी है। पैलेस ऑन व्हील्स में यात्रा लंबी है, लेकिन रहने और यात्रा की व्यवस्था एक ही जगह होने की वजह से सामान लेकर बार-बार होटल बदलने की परेशानी कम होती है।
कपल या सोलो ट्रैवलर के लिए क्या अंतर है?
सोलो ट्रैवलर के लिए गतिमान एक्सप्रेस के जरिए आगरा का छोटा Travel प्लान बनाना आसान हो सकता है। कपल भी सुबह निकलकर ताज महल और आगरा की दूसरी जगहें देखकर शाम को वापस लौट सकते हैं। पैलेस ऑन व्हील्स में कपल के लिए पूरा अनुभव ज्यादा लंबा और लग्ज़री वाला है। यहां ट्रेन में रहना, अलग-अलग शहर घूमना, डिनर और सांस्कृतिक अनुभव पूरे Travel का हिस्सा बन जाते हैं।
एक नजर में दोनों का अंतर
| पहलू | गतिमान एक्सप्रेस | पैलेस ऑन व्हील्स |
|---|---|---|
| यात्रा का उद्देश्य | दिल्ली से आगरा का तेज सफर | कई शहरों का लग्ज़री टूर |
| अवधि | करीब 1 घंटा 40 मिनट दिल्ली-आगरा | 7 रात और 8 दिन |
| मुख्य क्षेत्र | दिल्ली-आगरा | राजस्थान, भरतपुर और आगरा |
| रहने की सुविधा | चेयर कार | केबिन और सुइट |
| भोजन | ऑनबोर्ड कैटरिंग | शाही रेस्तरां |
| बजट | सामान्य रेलवे टिकट | प्रीमियम लग्ज़री पैकेज |
| Travel का अंदाज | तेज, आसान और व्यावहारिक | आरामदायक, शाही और अनुभव आधारित |
किस तरह का Travel आपके लिए सही बैठ सकता है?
अगर आपके पास कम समय है, तो गतिमान एक्सप्रेस का Travel प्लान ज्यादा आसान हो सकता है। अगर आप सिर्फ ताज महल देखना चाहते हैं, तब भी एक दिन का Travel पर्याप्त हो सकता है। अगर आपका सपना राजस्थान के किले, महल, रेगिस्तान, वन्यजीवन और आगरा को एक ही यात्रा में देखने का है, तो पैलेस ऑन व्हील्स का Travel अनुभव बिल्कुल अलग स्तर का है।
![]()
अगर आपका बजट सीमित है, तो दोनों की कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण सामान्य ट्रेन Travel ज्यादा व्यावहारिक रहेगा। वहीं अगर आपका फोकस सिर्फ कम खर्च नहीं बल्कि यात्रा के अनुभव पर है और आप लंबी छुट्टी निकाल सकते हैं, तो पैलेस ऑन व्हील्स एक अलग तरह की लग्ज़री यात्रा देता है।
बुकिंग से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
गतिमान एक्सप्रेस के लिए यात्रा की तारीख पहले तय करें और ट्रेन का ताजा शेड्यूल जांचें। ताज महल की बंद रहने वाली तारीख और स्थानीय घूमने के समय को भी अपने प्लान में शामिल करें। पैलेस ऑन व्हील्स के लिए पहले से योजना बनाना ज्यादा जरूरी है, क्योंकि यह सीमित क्षमता वाली प्रीमियम ट्रेन है।
केबिन की उपलब्धता, यात्रा की तारीख, सीज़न और पैकेज की कीमत पहले जांच लेना चाहिए। किसी भी ट्रेन की बुकिंग करते समय वर्तमान किराया और नियम आधिकारिक स्रोत से ही देखना बेहतर रहेगा।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- अगर आपके पास सिर्फ एक दिन की छुट्टी है तो लंबा सर्किट बनाने की बजाय आगरा का छोटा Travel प्लान रखें। इससे आप बिना जल्दबाजी के ताज महल और आगरा फोर्ट देख पाएंगे।
- आगरा में घूमते समय वापसी की ट्रेन को बिल्कुल आखिरी समय पर न रखें। स्टेशन तक पहुंचने के लिए ट्रैफिक और स्थानीय यात्रा का थोड़ा अतिरिक्त समय जरूर बचाकर रखें।
- इस Travel का खर्च सिर्फ ट्रेन टिकट तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह एक पूरा लग्ज़री पैकेज है। बुकिंग से पहले केबिन श्रेणी, सीज़न और पैकेज में शामिल सुविधाओं को अच्छी तरह समझ लें।
- राजस्थान और आगरा दोनों जगह मौसम आपके Travel अनुभव को काफी प्रभावित कर सकता है। गर्मियों में तेज गर्मी से बचने के लिए मौसम को ध्यान में रखकर तारीख चुनना ज्यादा आरामदायक रहेगा।
- अगर आपका लक्ष्य सिर्फ ताज महल देखना है तो छोटी यात्रा काफी हो सकती है। लेकिन अगर आप किले, महल, रेगिस्तान, सफारी और राजस्थान की संस्कृति को एक साथ देखना चाहते हैं, तो लंबी यात्रा के लिए ज्यादा समय और बजट तैयार रखें।
गतिमान एक्सप्रेस और पैलेस ऑन व्हील्स दोनों का Travel अनुभव बिल्कुल अलग है। एक तरफ तेज रफ्तार और कम समय में आगरा पहुंचने की सुविधा है, तो दूसरी तरफ कई दिनों तक ट्रेन में रहते हुए राजस्थान और उत्तर भारत की विरासत को देखने का मौका। गतिमान एक्सप्रेस का Travel उन लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है जो दिल्ली से आगरा का छोटा और व्यवस्थित सफर करना चाहते हैं।
वहीं पैलेस ऑन व्हील्स का Travel उन यात्रियों के लिए है जो खुद यात्रा को ही अपने छुट्टी के अनुभव का बड़ा हिस्सा बनाना चाहते हैं। इसलिए फैसला सिर्फ इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि कौन सी ट्रेन ज्यादा शानदार है। असली सवाल यह है कि आपके पास कितना समय है, बजट कितना है और आप अपनी यात्रा से क्या अनुभव चाहते हैं।
एक दिन में ताज महल देखना है तो तेज सफर का रास्ता चुनिए, और अगर कई दिनों तक राजस्थानी महलों, किलों, रेगिस्तान और शाही सुविधाओं के बीच घूमना है तो लंबी लग्ज़री यात्रा का अनुभव लीजिए। आखिर में Travel का मजा सिर्फ मंजिल तक पहुंचने में नहीं, बल्कि इस बात में भी है कि रास्ते में आपको क्या देखने और महसूस करने को मिला।