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North East Fest दिल्ली में मिलेगा पूरे North East का रंग

North East

दिल्ली में रहने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां आपको भारत के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखने का मौका मिल जाता है। कभी राजस्थान का मेला, कभी बंगाल की दुर्गा पूजा, कभी दक्षिण भारत का सांस्कृतिक कार्यक्रम तो कभी पूर्वोत्तर भारत की खूबसूरत परंपराएं। अगर आप भी भारत की अलग-अलग संस्कृतियों को जानने और नए अनुभव लेने का शौक रखते हैं, तो सितंबर की शुरुआत में दिल्ली में होने वाला यह आयोजन आपके लिए काफी खास हो सकता है।

North East Fest 2026 में दिल्ली के लोगों को पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, खान-पान, संगीत, कला और जीवनशैली को करीब से देखने का मौका मिलेगा। यह दो दिवसीय आयोजन 4 और 5 सितंबर 2026 को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस आयोजन में प्रवेश बिल्कुल निःशुल्क बताया गया है।

इस उत्सव में सिर्फ घूमने के लिए स्टॉल नहीं होंगे, बल्कि यहां लाइव संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूर्वोत्तर राज्यों के पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, फैशन और अलग-अलग तरह की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। यानी अगर आप दिल्ली में रहते हुए कुछ नया देखना चाहते हैं, तो यह दो दिन का आयोजन आपकी घूमने की सूची में शामिल किया जा सकता है

North East Fest 2026 कब और कहां होगा?

आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार इस उत्सव की मुख्य जानकारी इस प्रकार है। तारीख 4 और 5 सितंबर 2026 है। स्थान तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली है। प्रवेश निःशुल्क है। अवधि दो दिन है।

दो दिन तक चलने वाला यह आयोजन उन लोगों के लिए अच्छा मौका हो सकता है जो एक ही दिन में जल्दी-जल्दी सब कुछ देखने के बजाय आराम से अलग-अलग गतिविधियों का आनंद लेना चाहते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन यहां जाने की योजना बना सकते हैं।

North East Fest खासतौर पर उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता है जिन्हें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के बारे में जानने की इच्छा है, लेकिन अभी तक वहां घूमने का मौका नहीं मिला है।

क्या है पूर्वोत्तर भारत की खासियत?

भारत का पूर्वोत्तर हिस्सा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ अलग और समृद्ध संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों की अपनी अलग पहचान है। इन राज्यों की भाषा, पहनावा, खान-पान, संगीत और त्योहार भारत के दूसरे हिस्सों से काफी अलग दिखाई देते हैं।

यही विविधता पूर्वोत्तर भारत को इतना खास बनाती है। कई बार लोग पूर्वोत्तर भारत को सिर्फ पहाड़ों और प्राकृतिक जगहों के लिए जानते हैं, लेकिन वहां की कला और संस्कृति भी उतनी ही दिलचस्प है।

पारंपरिक बुनाई, बांस से बनी चीजें, हाथ से तैयार कपड़े, स्थानीय संगीत और अलग-अलग स्वाद के व्यंजन वहां की पहचान हैं। ऐसे में North East Fest जैसे आयोजन उन लोगों के लिए एक अच्छा अवसर बन सकते हैं जो दिल्ली में रहकर पूर्वोत्तर भारत की झलक देखना चाहते हैं।

इस उत्सव में क्या-क्या देखने को मिल सकता है?

North East

आयोजन की जानकारी के अनुसार यहां कई अलग-अलग तरह की गतिविधियां और अनुभव शामिल होंगे। यही वजह है कि यह सिर्फ एक सामान्य प्रदर्शनी नहीं बल्कि संस्कृति और मनोरंजन से जुड़ा एक बड़ा अनुभव हो सकता है।

लाइव संगीत का अनुभव

संगीत किसी भी संस्कृति को समझने का सबसे खूबसूरत तरीका होता है। पूर्वोत्तर भारत का संगीत भी अपनी अलग पहचान रखता है। यहां पारंपरिक लोक संगीत से लेकर आधुनिक संगीत तक कई तरह की धुनें सुनने को मिलती हैं।

आयोजन में लाइव संगीत का अनुभव लोगों के लिए खास आकर्षण हो सकता है। शाम के समय जब मंच पर कलाकार प्रस्तुति देते हैं और लोग संगीत के साथ जुड़ते हैं, तो पूरे आयोजन का माहौल बदल जाता है। अगर आप संगीत पसंद करते हैं तो North East Fest में होने वाले लाइव प्रदर्शन आपके लिए खास अनुभव बन सकते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगीन दुनिया

पूर्वोत्तर भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक नृत्य और संगीत में वहां की जीवनशैली की झलक दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों में रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े, लोक नृत्य और संगीत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं।

मंच पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन नहीं करते बल्कि लोगों को भारत की विविधता के बारे में भी बताते हैं। अगर आप फोटोग्राफी और वीडियो बनाने में रुचि रखते हैं तो सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आपके लिए शानदार दृश्य तैयार कर सकती हैं।

अलग-अलग रंगों के पारंपरिक कपड़े और मंच की सजावट तस्वीरों में काफी आकर्षक लग सकती है। North East Fest में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उन लोगों के लिए खास हो सकती हैं जो भारत की अलग-अलग परंपराओं को करीब से देखना चाहते हैं।

पूर्वोत्तर भारत के स्वादिष्ट व्यंजन

किसी भी जगह की संस्कृति को समझना हो तो उसके खान-पान को जानना भी जरूरी होता है। पूर्वोत्तर भारत के व्यंजन बाकी भारत से काफी अलग हैं और यहां के अलग-अलग राज्यों के खाने का अपना अलग स्वाद है। इस आयोजन में पूर्वोत्तर भारत के व्यंजनों को चखने का मौका मिल सकता है।

अगर आपने पहले कभी असम, नागालैंड, मणिपुर या मेघालय के पारंपरिक खाने का स्वाद नहीं लिया है, तो यह आपके लिए कुछ नया आजमाने का मौका हो सकता है। यहां मिलने वाले व्यंजनों में स्थानीय सामग्री और पारंपरिक तरीके से खाना बनाने की झलक देखने को मिल सकती है। खाने के शौकीनों के लिए North East Fest सिर्फ घूमने की जगह नहीं बल्कि नए स्वाद खोजने का भी अच्छा मौका बन सकता है।

हस्तशिल्प और हाथ से बनी खूबसूरत चीजें

पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में हाथ से बनी चीजों की अपनी अलग पहचान है। बांस और बेंत से तैयार सामान, हाथ से बुने कपड़े, पारंपरिक आभूषण और सजावटी वस्तुएं वहां की कारीगरी को दिखाती हैं।

ऐसे उत्सवों में अलग-अलग राज्यों के कारीगर अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाते हैं। इससे आपको सिर्फ खरीदारी करने का मौका नहीं मिलता बल्कि यह भी समझ आता है कि किसी वस्तु को बनाने के पीछे कितनी मेहनत और कला लगी होती है।

अगर आप घर की सजावट के लिए कुछ अलग खरीदना चाहते हैं या किसी को यूनिक उपहार देना चाहते हैं, तो हस्तशिल्प वाले स्टॉल जरूर देख सकते हैं। North East Fest में हस्तशिल्प की दुनिया उन लोगों को खासतौर पर पसंद आ सकती है जिन्हें मशीन से बनी चीजों के बजाय हाथ से तैयार सामान पसंद है।

फैशन और जीवनशैली की झलक

पूर्वोत्तर भारत का पारंपरिक पहनावा भी काफी आकर्षक है। अलग-अलग समुदायों के कपड़ों में रंग, डिजाइन और हाथ की बुनाई का खास महत्व होता है। आजकल पारंपरिक फैशन और आधुनिक डिजाइन का मेल काफी लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में इस तरह के उत्सव में आपको ऐसे कपड़े और डिजाइन देखने को मिल सकते हैं जो सामान्य बाजारों में आसानी से नहीं मिलते।

यहां सिर्फ कपड़े ही नहीं बल्कि आभूषण और अन्य पारंपरिक चीजें भी लोगों को आकर्षित कर सकती हैं। अगर आपको फैशन, डिजाइन या पारंपरिक कपड़ों में रुचि है तो North East Fest में घूमते समय इस हिस्से को थोड़ा समय जरूर देना चाहिए।

वर्कशॉप में सीखने का मौका

इस आयोजन की एक और खास बात अलग-अलग तरह की वर्कशॉप हो सकती हैं। किसी भी संस्कृति को सिर्फ देखकर समझना एक बात है, लेकिन उसके किसी हिस्से को खुद अनुभव करना बिल्कुल अलग अनुभव होता है। वर्कशॉप के जरिए लोग कला, हस्तशिल्प या किसी अन्य सांस्कृतिक गतिविधि के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

खासकर बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव दिलचस्प हो सकता है। आज के समय में लोग सिर्फ घूमना ही नहीं चाहते बल्कि किसी जगह से कुछ नया सीखकर भी वापस आना चाहते हैं। इसलिए North East Fest में होने वाली गतिविधियां सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहकर सीखने का अनुभव भी दे सकती हैं।

परिवार के साथ क्यों जा सकते हैं?

अगर आप सितंबर में परिवार के साथ कहीं घूमने की सोच रहे हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ देखने को मिल सकता है। बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम और रंग-बिरंगी सजावट पसंद आ सकती है। युवाओं के लिए संगीत, फोटोग्राफी और फैशन आकर्षक हो सकता है। North East

वहीं बड़े लोग हस्तशिल्प, पारंपरिक संस्कृति और खान-पान का आनंद ले सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आयोजन में प्रवेश निःशुल्क बताया गया है। ऐसे में परिवार के साथ एक सांस्कृतिक दिन बिताने के लिए यह बजट के हिसाब से भी अच्छा विकल्प हो सकता है। North East Fest आपको एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग राज्यों की झलक देखने का अनुभव दे सकता है।

दोस्तों के साथ घूमने के लिए भी है अच्छा विकल्प

दिल्ली में दोस्तों के साथ घूमने के लिए लोग अक्सर मॉल, कैफे या किसी मार्केट का प्लान बनाते हैं। लेकिन अगर आप इस बार कुछ अलग करना चाहते हैं तो किसी सांस्कृतिक उत्सव में जाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां आप दोस्तों के साथ घूम सकते हैं, अलग-अलग स्टॉल देख सकते हैं, नया खाना चख सकते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।

फोटोग्राफी पसंद करने वाले दोस्तों के लिए भी यह अच्छी जगह हो सकती है क्योंकि रंग-बिरंगी सजावट और पारंपरिक स्टॉल तस्वीरों के लिए आकर्षक माहौल बना सकते हैं। North East Fest दोस्तों के साथ एक सामान्य आउटिंग से थोड़ा अलग अनुभव दे सकता है।

तालकटोरा इंडोर स्टेडियम कैसे पहुंचें?

तालकटोरा इंडोर स्टेडियम दिल्ली के प्रमुख इलाकों में स्थित है और यहां पहुंचने के लिए मेट्रो, बस, कैब और निजी वाहन जैसे कई विकल्प मौजूद हैं।

मेट्रो से कैसे पहुंचें?

तालकटोरा क्षेत्र तक पहुंचने के लिए आप दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल कर सकते हैं। नजदीकी मेट्रो स्टेशन से आयोजन स्थल तक ऑटो, ई-रिक्शा या कैब की सुविधा ली जा सकती है।

अगर आप दिल्ली के किसी दूर इलाके से आ रहे हैं तो मेट्रो यात्रा का सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। खासकर बड़े आयोजनों में सड़क पर ट्रैफिक की संभावना रहती है, इसलिए मेट्रो से समय बच सकता है। जाने से पहले अपने क्षेत्र से सबसे आसान मेट्रो मार्ग जरूर देख लें।

बस से कैसे पहुंचें?

दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से मध्य दिल्ली की ओर बसों की सुविधा उपलब्ध रहती है। आप तालकटोरा या आसपास के क्षेत्रों तक जाने वाली बसों का विकल्प देख सकते हैं।

बस से यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले रूट और समय की जानकारी जांच लेनी चाहिए। दिल्ली में ट्रैफिक की स्थिति समय के अनुसार बदल सकती है। अगर आप समूह में जा रहे हैं तो कैब साझा करना भी एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।

कैब या निजी वाहन से यात्रा

आप कैब के जरिए सीधे तालकटोरा इंडोर स्टेडियम पहुंच सकते हैं। निजी वाहन से जा रहे हैं तो पार्किंग की व्यवस्था और ट्रैफिक का ध्यान रखना जरूरी है। बड़े आयोजनों के दौरान पार्किंग में समय लग सकता है। इसलिए अगर आप कार्यक्रम शुरू होने के समय के आसपास पहुंचना चाहते हैं तो थोड़ा पहले निकलना बेहतर रहेगा। North East Fest जैसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन में भीड़ होने की संभावना को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाना अच्छा रहेगा।

किस समय जाना बेहतर रहेगा?

अगर आप आराम से पूरे आयोजन को घूमकर देखना चाहते हैं तो कोशिश करें कि बहुत देर से न पहुंचें। शुरुआत के समय पहुंचने का फायदा यह रहता है कि आप बिना ज्यादा भीड़ के स्टॉल देख सकते हैं।

दोपहर के बाद और शाम के समय आमतौर पर लोगों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं अगर लाइव संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेना चाहते हैं तो कार्यक्रम की समय-सारिणी के अनुसार अपना समय तय करना बेहतर रहेगा। North East

परिवार के साथ जा रहे हैं तो दिन के शुरुआती हिस्से में घूमना सुविधाजनक हो सकता है। दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समय पहुंचने की योजना बनाई जा सकती है।

फोटोग्राफी और वीडियो बनाने वालों के लिए क्यों खास हो सकता है?

आजकल लोग किसी जगह पर घूमने के साथ-साथ वहां की यादों को तस्वीरों और वीडियो में कैद करना भी पसंद करते हैं। सांस्कृतिक उत्सव इस मामले में काफी दिलचस्प होते हैं। यहां रंग-बिरंगे कपड़े, पारंपरिक सजावट, अलग-अलग राज्यों के स्टॉल और मंचीय प्रस्तुतियां आकर्षक दृश्य तैयार कर सकती हैं।

अगर आप मोबाइल से वीडियो बनाते हैं तो छोटे-छोटे सांस्कृतिक पलों को कैद कर सकते हैं। हालांकि किसी कलाकार या प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग करते समय आयोजन स्थल के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। North East Fest फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों के लिए भी एक अच्छा सांस्कृतिक अनुभव बन सकता है।

क्या खरीदारी करने का मौका मिलेगा?

हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े आयोजन में खरीदारी करना भी अनुभव का एक हिस्सा होता है। यहां मिलने वाली चीजें अक्सर सामान्य बाजारों से अलग होती हैं। आप घर के लिए सजावटी सामान, हाथ से बने उत्पाद या पारंपरिक डिजाइन की चीजें देख सकते हैं।

North East

खरीदारी करने से पहले अलग-अलग स्टॉल पर कीमत और सामान की गुणवत्ता जरूर देखें। अगर आप किसी को अलग और खास उपहार देना चाहते हैं तो इस तरह के सांस्कृतिक मेलों से अच्छी चीजें मिल सकती हैं।

दिल्ली में पूर्वोत्तर भारत को करीब से जानने का मौका

भारत इतना बड़ा और विविधताओं से भरा देश है कि हर राज्य की अपनी अलग दुनिया है। कई बार यात्रा करना संभव नहीं हो पाता, लेकिन सांस्कृतिक उत्सवों के जरिए किसी क्षेत्र की झलक जरूर देखी जा सकती है।

यह आयोजन भी लोगों को पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति से जोड़ने का काम कर सकता है। यहां आप सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि लोगों की परंपराओं, कला और खान-पान को भी समझ सकते हैं। North East Fest का सबसे अच्छा पहलू यही हो सकता है कि यह आपको एक ही जगह पर कई अलग-अलग सांस्कृतिक अनुभवों से जोड़ दे।

जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

अगर आप इस आयोजन में जाने की योजना बना रहे हैं तो कुछ छोटी बातें पहले से ध्यान में रखना अच्छा रहेगा। सबसे पहले तारीख जरूर नोट कर लें ताकि कार्यक्रम मिस न हो जाए। आयोजन सिर्फ दो दिन का है, इसलिए आखिरी समय तक योजना टालने से बचें। दूसरी बात, आरामदायक कपड़े और जूते पहनकर जाएं क्योंकि यहां आपको काफी घूमना पड़ सकता है।

तीसरी बात, फोन पूरी तरह चार्ज रखें। अगर आप वीडियो और तस्वीरें ज्यादा बनाते हैं तो पावर बैंक साथ रखना उपयोगी हो सकता है। चौथी बात, अगर खरीदारी करने की योजना है तो अपना कपड़े का बैग साथ ले जा सकते हैं। और सबसे जरूरी बात, आयोजन में जाने से पहले समय और अन्य जरूरी जानकारी को आधिकारिक माध्यम से एक बार जरूर जांच लें। North East

खाने के शौकीनों के लिए खास अनुभव

दिल्ली में अलग-अलग राज्यों का खाना आसानी से मिल जाता है, लेकिन किसी सांस्कृतिक उत्सव में उसी संस्कृति के माहौल के बीच खाना चखने का अनुभव थोड़ा अलग होता है। पूर्वोत्तर भारत के व्यंजन अपनी अलग सामग्री और स्वाद के लिए जाने जाते हैं। अगर आप खाने के मामले में नए प्रयोग करना पसंद करते हैं तो अलग-अलग व्यंजन आजमा सकते हैं।

किसी नए खाने को पहली बार चखना भी यात्रा और संस्कृति को समझने का हिस्सा होता है। इसलिए यहां सिर्फ परिचित खाना ढूंढने के बजाय कुछ नया आजमाने की कोशिश की जा सकती है। North East Fest खाने के शौकीनों के लिए भी एक स्वाद भरी यात्रा जैसा अनुभव बन सकता है।

बच्चों के लिए क्यों हो सकता है अच्छा अनुभव?

आजकल बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल और स्क्रीन के आसपास बीतता है। ऐसे में उन्हें किसी अलग संस्कृति और परंपरा से जोड़ना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। यहां बच्चे रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े देख सकते हैं, अलग संगीत सुन सकते हैं और हस्तशिल्प को करीब से समझ सकते हैं।

वर्कशॉप जैसी गतिविधियां भी उनके लिए सीखने का अच्छा माध्यम हो सकती हैं। सिर्फ किताबों में भारत की विविधता पढ़ने के बजाय उसे किसी आयोजन में देखना बच्चों के लिए ज्यादा यादगार अनुभव बन सकता है।

North East

Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव

  • समय से पहले पहुंचें: दो दिन के आयोजन में भीड़ हो सकती है, इसलिए कोशिश करें कि शुरुआत के समय पहुंचें और आराम से सभी स्टॉल और गतिविधियां देख सकें।
  • नए व्यंजन जरूर आजमाएं: सिर्फ परिचित खाने तक सीमित न रहें। पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग स्वादों को चखने का यह अच्छा मौका हो सकता है।
  • आरामदायक जूते पहनें: आयोजन स्थल पर काफी घूमना पड़ सकता है, इसलिए ऐसे जूते पहनें जिनमें लंबे समय तक चलने में परेशानी न हो।
  • खरीदारी के लिए अपना बैग रखें: हस्तशिल्प या अन्य सामान खरीदने की योजना है तो कपड़े का एक छोटा बैग साथ रखना उपयोगी रहेगा।
  • कार्यक्रम की जानकारी पहले जांच लें: जाने से पहले आयोजन का समय, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी और प्रवेश से जुड़े नियम आधिकारिक माध्यम से एक बार जरूर देख लें।

दिल्ली में सितंबर की शुरुआत सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से काफी दिलचस्प हो सकती है और North East Fest उन लोगों के लिए अच्छा मौका है जो कुछ नया देखना चाहते हैं। 4 और 5 सितंबर 2026 को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय उत्सव संगीत, संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और फैशन को एक ही जगह पर देखने का मौका दे सकता है। North East

यहां लाइव संगीत से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूर्वोत्तर भारत के व्यंजन, हाथ से बनी चीजें और अलग-अलग गतिविधियां लोगों को आकर्षित कर सकती हैं। परिवार के साथ जाएं, दोस्तों के साथ जाएं या अकेले संस्कृति को जानने के लिए जाएं, हर किसी के लिए यहां कुछ नया अनुभव हो सकता है।

सबसे अच्छी बात यह है कि आयोजन में प्रवेश निःशुल्क बताया गया है। ऐसे में दिल्ली में रहते हुए एक अलग सांस्कृतिक अनुभव लेने का यह अच्छा मौका हो सकता है। अगर आप हमेशा से पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति को करीब से जानना चाहते थे, तो North East Fest आपकी सितंबर की यात्रा सूची में जरूर शामिल हो सकता है।

Shivani Pal

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