Vande Bharat से दिखेगा Shiradi Ghat का खूबसूरत नजारा
मॉनसून में पहाड़ों की खूबसूरती ही कुछ अलग होती है। चारों तरफ हरियाली, पहाड़ों पर छाए बादल, रास्तों के बीच बहते झरने और हल्की बारिश पूरे माहौल को बेहद खूबसूरत बना देती है। लेकिन जब इसी खूबसूरत नजारे के बीच कोई ट्रेन गुजरती हुई दिखाई दे, तो सफर का मजा और भी बढ़ जाता है।
Karnataka के Western Ghats में मौजूद Shiradi Ghat ऐसा ही एक इलाका है, जहां प्रकृति और रेलवे का शानदार मेल देखने को मिलता है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच से गुजरता रेलवे ट्रैक पहले से ही लोगों के बीच काफी खास रहा है। अब इस रूट पर Vande Bharat के सफल ट्रायल के बाद लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
मॉनसून के दौरान Shiradi Ghat का पूरा इलाका हरे रंग की चादर जैसा दिखाई देता है। पहाड़ों पर छाई धुंध के बीच जब नारंगी और सफेद रंग की Vande Bharat आगे बढ़ती है, तो ऊपर से देखने पर इसका नजारा किसी खूबसूरत फिल्मी दृश्य जैसा लगता है।
खासकर जब Vande Bharat किसी लंबे पुल को पार करती है या सुरंग से बाहर निकलती है, तो पूरा दृश्य देखने लायक बन जाता है। हालांकि यात्रियों को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि Bengaluru-Mangaluru Vande Bharat का गhat सेक्शन पर ट्रायल हुआ है। नियमित यात्री सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख, समय-सारणी, किराया और ठहराव की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
Shiradi Ghat का रास्ता इतना खास क्यों है?
Shiradi Ghat Karnataka के Western Ghats का एक बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। यह इलाका Hassan और Dakshina Kannada जिलों को जोड़ता है। यहां घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां, गहरी घाटियां और बरसात में बहने वाले झरने मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं जिसे देखकर कोई भी कुछ देर के लिए रुकना चाहेगा।
इस पूरे इलाके में रेलवे लाइन बिछाना आसान काम नहीं था। Sakleshpur से Subrahmanya Road के बीच करीब 55 किलोमीटर का रेल सेक्शन है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां ट्रेन को कई कठिन मोड़ों और ढलानों से होकर गुजरना पड़ता है।
यही वजह है कि इस रूट को भारतीय रेलवे के मुश्किल घाट सेक्शनों में गिना जाता है। यहां कई सुरंगें, तीखे मोड़ और ऊंचे पुल मौजूद हैं। जब Vande Bharat जैसी आधुनिक ट्रेन इस पूरे रास्ते से गुजरती है, तो यात्रियों को एक तरफ आधुनिक रेलवे का अनुभव मिलता है और दूसरी तरफ Western Ghats की प्राकृतिक खूबसूरती देखने को मिलती है।
![]()
57 सुरंगों और 108 मोड़ों के बीच चला ट्रायल
Sakleshpur और Subrahmanya Road के बीच का रेलवे ट्रैक अपनी बनावट के लिए खास है। इस करीब 55 किलोमीटर लंबे रास्ते में 57 सुरंगें, 108 तीखे मोड़ और 226 पुल हैं। इसके अलावा इस रूट पर करीब 1 में 50 का तीखा ढलान भी है। इसका मतलब है कि हर 50 मीटर की दूरी में रेल पटरी करीब एक मीटर ऊपर या नीचे होती है।
सोचिए, एक तरफ घना जंगल हो, दूसरी तरफ गहरी घाटी और सामने अचानक एक सुरंग आ जाए। ट्रेन कुछ सेकंड के लिए अंधेरे में जाए और फिर जैसे ही सुरंग से बाहर निकले, सामने बादलों से ढके पहाड़ दिखाई दें।
Vande Bharat के गhat ट्रायल के दौरान यही दृश्य सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। मॉनसून में बारिश के बाद पेड़ों की हरियाली और पहाड़ों पर जमा धुंध इस पूरे रास्ते को बिल्कुल बदल देती है। यही वजह है कि इस रूट की यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का सफर नहीं, बल्कि एक खूबसूरत अनुभव भी बन सकती है।
मॉनसून में बदल जाता है Shiradi Ghat
Shiradi Ghat की खूबसूरती पूरे साल बनी रहती है, लेकिन बारिश के मौसम में इसका रूप पूरी तरह बदल जाता है। सूखे मौसम में जो पहाड़ सामान्य दिखाई देते हैं, वही बारिश आते ही हरे-भरे नजर आने लगते हैं। जगह-जगह पानी गिरता दिखाई देता है और जंगलों के बीच छोटी-बड़ी धाराएं बहने लगती हैं।
कई बार बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि लगता है जैसे पहाड़ों के ऊपर ही तैर रहे हों। ऐसे मौसम में ट्रेन का सफर खास इसलिए भी हो जाता है क्योंकि यात्रियों को इस प्राकृतिक नजारे को खिड़की से देखने का मौका मिलता है। बाहर बारिश हो रही हो और खिड़की के दूसरी तरफ पहाड़ धुंध में छिपते-दिखते रहें, तो सफर अपने आप यादगार बन जाता है।
रेलवे के लिए भी आसान नहीं था यह रास्ता
Shiradi Ghat जितना खूबसूरत है, रेलवे के लिए यह इलाका उतना ही चुनौतीपूर्ण भी रहा है। यहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, मिट्टी का कटाव और पहाड़ों से पत्थर गिरने जैसी परेशानियां सामने आती हैं। इस पूरे रूट पर कई जगह ढलान काफी तेज है। लगातार घुमावदार रास्ते, सुरंगें और पुल ट्रेन संचालन को सामान्य मैदानी इलाकों से अलग बनाते हैं।
ऐसे इलाके में रेलवे लाइन को आधुनिक बनाना और इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए तैयार करना एक महत्वपूर्ण काम रहा है। Bengaluru-Mangaluru रेल रूट के Sakleshpur-Subrahmanya Road गhat सेक्शन के विद्युतीकरण का काम दिसंबर 2023 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2025 में इस काम के पूरा होने के बाद यहां इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल किया गया। इसके बाद Vande Bharat के फील्ड ट्रायल शुरू किए गए, जिनमें ब्रेकिंग, गति नियंत्रण, स्थिरता और सुरक्षित संचालन जैसे पहलुओं की जांच की गई।
Vande Bharat के ट्रायल का महत्व
Vande Bharat का Shiradi Ghat ट्रायल सिर्फ एक सामान्य ट्रायल नहीं माना जा रहा है। यह Bengaluru और Mangaluru के बीच आधुनिक और तेज रेल सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम है।
इस तरह के मुश्किल पहाड़ी रूट पर ट्रेन चलाने से पहले कई तरह की तकनीकी जांच जरूरी होती हैं। खासकर ब्रेकिंग सिस्टम, घुमावदार मोड़ों पर ट्रेन की स्थिरता, ढलान पर नियंत्रण और सुरंगों में संचालन की जांच महत्वपूर्ण होती है।
Vande Bharat में लगाया गया Automatic Emergency Braking सिस्टम ऐसे चुनौतीपूर्ण रूट पर खास भूमिका निभा सकता है। यह जरूरत पड़ने पर ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में मदद करता है। Shiradi Ghat में सफल ट्रायल का मतलब यह नहीं है कि नियमित यात्री सेवा तुरंत शुरू हो गई है। नियमित संचालन से पहले रेलवे को जरूरी तकनीकी अनुमति, सुरक्षा मंजूरी और समय-सारणी से जुड़े फैसले लेने होंगे।
Bengaluru से Mangaluru तक सफर का समय कितना हो सकता है?
Bengaluru और Mangaluru के बीच सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों से यात्रा में अभी करीब 10 से 11 घंटे लग सकते हैं। Vande Bharat के नियमित संचालन के बाद यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम यात्रा समय रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी जारी होने के बाद ही साफ होगा।
इस रूट पर तेज ट्रेन सेवा शुरू होने से काम, पढ़ाई, व्यापार और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले लोगों को फायदा हो सकता है। Bengaluru से तटीय Karnataka की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए यह कनेक्टिविटी खास हो सकती है। दूसरी तरफ Mangaluru और आसपास के लोगों के लिए Bengaluru तक पहुंचना आसान हो सकता है।
संभावित स्टेशनों को लेकर क्या जानकारी है?
Bengaluru-Mangaluru Vande Bharat के संभावित रूट को लेकर Yeshwanthpur, Hassan, Sakleshpur, Subrahmanya Road और Mangaluru Junction जैसे स्टेशनों की चर्चा रही है। लेकिन यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अंतिम ठहराव रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय माना जाएगा।
Subrahmanya Road इस रूट का महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से Kukke Subrahmanya Temple जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल संपर्क उपयोगी हो सकता है। वहीं Mangaluru पहुंचने के बाद यात्रियों के पास तटीय Karnataka के कई हिस्सों को देखने का विकल्प रहेगा। समुद्र तट, स्थानीय खान-पान और आसपास के पर्यटन स्थल इस पूरे सफर को और दिलचस्प बना सकते हैं।
किराया कितना हो सकता है?
![]()
Bengaluru-Mangaluru Vande Bharat के संभावित किराए को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं। लेकिन जब तक रेलवे की ओर से आधिकारिक किराया सूची जारी नहीं होती, तब तक किसी भी रकम को अंतिम नहीं मानना चाहिए।
टिकट की कीमत यात्रा की श्रेणी, खान-पान, रूट, ठहराव और अंतिम समय-सारणी के आधार पर तय की जाएगी। यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद ही रेलवे की आधिकारिक जानकारी देखें।
पहले Green Route के नाम से मशहूर था यह रास्ता
Shiradi Ghat का Sakleshpur-Subrahmanya Road वाला हिस्सा ट्रेकिंग पसंद करने वालों के बीच Green Route के नाम से भी जाना जाता रहा है। एक समय यहां लोग Donigal से Yedakumari तक पैदल ट्रैकिंग किया करते थे। रास्ते में घने जंगल, सुरंगें, रेलवे पुल और नीचे बहती नदियां इस ट्रैक को बेहद रोमांचक बनाती थीं।
लेकिन अब यह सक्रिय रेलवे ट्रैक है और सुरक्षा की वजह से यहां पैदल ट्रैकिंग करना प्रतिबंधित और खतरनाक माना जाता है। इसलिए अगर आपको इस रास्ते की खूबसूरती देखनी है तो ट्रेन से सफर करना ही सुरक्षित विकल्प है। नियमित Vande Bharat सेवा शुरू होने पर यात्री बिना रेलवे ट्रैक पर उतरे इस पूरे इलाके की खूबसूरती खिड़की से देख सकेंगे।
सुरंग से निकलते ही बदल जाएगा पूरा नजारा
इस रूट की सबसे मजेदार चीजों में से एक हैं इसकी सुरंगें। ट्रेन जब किसी सुरंग में प्रवेश करती है तो कुछ पल के लिए बाहर का नजारा गायब हो जाता है। लेकिन जैसे ही ट्रेन सुरंग से बाहर निकलती है, सामने फिर से हरे पहाड़, बादल और जंगल दिखाई देने लगते हैं।
बारिश के मौसम में यह बदलाव और भी शानदार दिखाई दे सकता है। कभी खिड़की के बाहर घना जंगल होगा, कभी ऊंचा पुल और कभी धुंध से ढका पहाड़। यही चीज इस पूरे सफर को सामान्य ट्रेन यात्रा से अलग बना सकती है।
पर्यटन को भी मिल सकता है फायदा
Bengaluru और Mangaluru के बीच तेज कनेक्टिविटी का फायदा सिर्फ रोजाना यात्रा करने वालों को ही नहीं मिलेगा। इसका असर पर्यटन पर भी पड़ सकता है। Kukke Subrahmanya Temple जाने वाले श्रद्धालु, Mangaluru के समुद्र तट देखने वाले पर्यटक और Western Ghats की हरियाली पसंद करने वाले लोग इस रूट का फायदा उठा सकते हैं।
तेज रेल सेवा शुरू होने पर Bengaluru से Mangaluru तक यात्रा ज्यादा आसान और समय बचाने वाली हो सकती है। इससे तटीय Karnataka के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। सबसे खास बात यह है कि इस पूरे सफर में रास्ता खुद एक आकर्षण बन जाता है। ट्रेन में बैठकर खिड़की से बाहर देखते हुए Shiradi Ghat की हरियाली, सुरंगें, पुल और बादलों से ढके पहाड़ देखना अपने आप में एक अलग अनुभव हो सकता है।
Shiradi Ghat में Vande Bharat का सफर क्यों याद रहेगा?
अगर आपको ट्रेन से सफर करना पसंद है, तो यह रूट आपकी पसंदीदा यात्राओं में शामिल हो सकता है। आमतौर पर ट्रेन यात्रा में मंजिल पर पहुंचना सबसे जरूरी होता है, लेकिन Shiradi Ghat में रास्ता भी उतना ही खास है।
Vande Bharat की आधुनिक सुविधाएं एक तरफ हैं और दूसरी तरफ Western Ghats की बिल्कुल शांत और प्राकृतिक दुनिया। यही दोनों चीजें मिलकर इस सफर को खास बनाती हैं।
बारिश में जब पहाड़ों पर धुंध होगी, जंगल पूरी तरह हरे होंगे और ट्रेन पुल से गुजर रही होगी, तब खिड़की से बाहर का नजारा कैमरे में कैद करने का मन जरूर करेगा। बस इतना याद रखें कि खूबसूरत नजारे के चक्कर में सुरक्षा से समझौता नहीं करना है। ट्रेन की खिड़की या दरवाजे से बाहर निकलकर फोटो लेने की कोशिश बिल्कुल न करें।
![]()
Five Colors of Travel की ओर से 5 छोटे सुझाव
- भारी बारिश में यात्रा से पहले मौसम और रूट की स्थिति जांच लें।
- Green Route बेहद खूबसूरत है, लेकिन यह सक्रिय रेलवे ट्रैक है। यहां पैदल जाना खतरनाक और प्रतिबंधित हो सकता है।
- सुरंग, पुल, जंगल और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे अचानक सामने आ सकते हैं।
- ट्रेन और आसपास के प्राकृतिक इलाके में कचरा बिल्कुल न फैलाएं।
- Shiradi Ghat का यह सफर इस बात का शानदार उदाहरण है कि जब आधुनिक रेलवे और प्रकृति एक ही रास्ते पर मिलते हैं, तो सफर सिर्फ सफर नहीं रहता। Vande Bharat के ट्रायल ने Bengaluru से Mangaluru तक के इस रूट को नई पहचान दी है।
- नियमित यात्री सेवा शुरू होने के बाद यह रास्ता तेज और आरामदायक यात्रा के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बन सकता है।