Janpath में लग चुका है Handloom & Craft Expo
दिल्ली में अगर आपको हाथ से बनी चीजें, पारंपरिक कपड़े, मिट्टी के बर्तन और भारतीय हस्तशिल्प पसंद हैं, तो अगस्त में होने वाला Janpath हैंडलूम और क्राफ्ट एक्सपो 2026 आपके लिए घूमने और खरीदारी करने की अच्छी जगह हो सकता है। 13 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस आयोजन में अलग-अलग जगहों से आए कारीगर और शिल्पकार अपने बनाए हुए उत्पाद लोगों के सामने रखेंगे।
इस एक्सपो की खासियत यह है कि यहां आपको सामान्य बाजार से अलग तरह की चीजें देखने को मिल सकती हैं। हाथ से तैयार किए गए कपड़े, मिट्टी के बर्तन, कप-प्लेट, सजावटी सामान और दूसरे हस्तशिल्प एक ही जगह पर देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।
दिल्ली के बीचों-बीच स्थित Janpath पहले से ही खरीदारी के लिए लोकप्रिय है। ऐसे में इस तरह की प्रदर्शनी यहां होने से उन लोगों के लिए भी यह जगह खास हो जाती है, जो पारंपरिक भारतीय सामान खरीदना चाहते हैं।
Janpath हैंडलूम और क्राफ्ट एक्सपो 2026 कब और कहां होगा?
Janpath हैंडलूम और क्राफ्ट एक्सपो 2026 का आयोजन 13 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। आयोजन स्थल दिल्ली के Janpath क्षेत्र में है। Janpath दिल्ली के सबसे व्यस्त और केंद्रीय इलाकों में शामिल है।
इसके आसपास कनॉट प्लेस, पालिका बाजार और कई प्रमुख बाजार मौजूद हैं। यही वजह है कि दिल्ली के दूसरे हिस्सों से आने वाले लोगों के लिए यहां पहुंचना काफी आसान रहता है। अगर आप एक्सपो में जाने की योजना बना रहे हैं, तो निकलने से पहले आयोजन के समय और प्रवेश से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर जांच लें। किसी भी प्रदर्शनी में अंतिम समय पर समय या व्यवस्था में बदलाव हो सकता है।
एक्सपो में क्या-क्या देखने को मिलेगा?
![]()
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण भारतीय हस्तशिल्प और हाथ से तैयार किए गए सामान हैं। यहां अलग-अलग प्रकार के उत्पाद देखने को मिल सकते हैं। इनमें सिरेमिक और मिट्टी से बने सामान विशेष आकर्षण का केंद्र हो सकते हैं। हाथ से तैयार किए गए कप, प्लेट, कटोरे और मग में अलग-अलग डिजाइन देखने को मिलेंगे।
कई सामानों पर हाथ से चित्रकारी और पारंपरिक सजावट की गई होती है। ऐसे सामान घर में इस्तेमाल करने के साथ-साथ सजावट के लिए भी खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा यहां हथकरघे से बने कपड़े, साड़ियां और दुपट्टे भी देखने को मिल सकते हैं।
अलग-अलग राज्यों की बुनाई, रंग और डिजाइन एक ही जगह देखने का अवसर मिलना इस तरह के आयोजन की बड़ी खासियत है। Janpath में आने वाले लोगों के लिए यह प्रदर्शनी इसलिए भी दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि यहां पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक जरूरत के अनुसार तैयार की गई चीजें भी मिल सकती हैं।
सिरेमिक और मिट्टी के सामान में क्या खास है?
अगर आपको घर के लिए कुछ अलग तरह की चीजें खरीदना पसंद है, तो इस एक्सपो का सिरेमिक हिस्सा आपको पसंद आ सकता है। हाथ से चित्रित मग, कप, प्लेट और कटोरियां सामान्य बाजार में मिलने वाले सामान से अलग दिखाई देती हैं। कुछ सामानों पर पारंपरिक भारतीय डिजाइन हो सकते हैं, जबकि कुछ में आधुनिक आकार और रंग देखने को मिल सकते हैं।
Janpath में खरीदारी करते समय अगर आपको कोई सिरेमिक वस्तु पसंद आती है, तो उसे खरीदने से पहले उसके इस्तेमाल और देखभाल के बारे में कारीगर से जानकारी जरूर लें। खासकर अगर आप उसे रोजाना इस्तेमाल करने वाले हैं, तो यह जानना जरूरी है कि वह खाने-पीने के लिए उपयुक्त है या केवल सजावट के लिए बनाई गई है। सिरेमिक या मिट्टी की वस्तु खरीदते समय उसमें दरार, टूट-फूट या रंग की खराबी भी जांच लें।
हथकरघा और कपड़ों की खरीदारी
हस्तशिल्प के साथ हथकरघा उत्पाद भी इस एक्सपो का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक बुनाई और कपड़ों की डिजाइन आपको एक ही जगह देखने को मिल सकती है। महिलाओं के लिए साड़ियां, दुपट्टे और सूती कपड़े, जबकि पुरुषों के लिए कुर्ते और दूसरे पारंपरिक परिधान देखने को मिल सकते हैं।
घर के लिए सजावटी कपड़े और दूसरे हस्तनिर्मित वस्त्र भी खरीदारी का हिस्सा हो सकते हैं। Janpath में कपड़ों की खरीदारी करते समय केवल रंग और डिजाइन देखकर सामान न खरीदें।
कपड़े की बुनाई, सामग्री, धुलाई और उसकी देखभाल के बारे में भी जानकारी ले लें। हाथ से बने कपड़ों की देखभाल सामान्य मशीन से बने कपड़ों से थोड़ी अलग हो सकती है। अगर कपड़े पर कढ़ाई या सजावट की गई है, तो उसके धागों और सिलाई को भी ध्यान से जांचें।
कारीगरों से सीधे सामान खरीदने का फायदा
इस तरह के एक्सपो का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां आपको कारीगरों के काम को करीब से समझने का मौका मिलता है। आप उनसे सीधे पूछ सकते हैं कि कोई सामान किस सामग्री से बनाया गया है, इसे तैयार करने में कितना समय लगा और इसे बनाने के लिए कौन-सी पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
जब आप सीधे कारीगर से सामान खरीदते हैं, तो आपको उत्पाद के पीछे की मेहनत को समझने का अवसर मिलता है। यही चीज हस्तनिर्मित सामान को सामान्य बाजार में मिलने वाले सामान से अलग बनाती है।
Janpath के इस आयोजन में खरीदारी करते समय कीमत के साथ-साथ सामान की गुणवत्ता और उसे बनाने में लगी मेहनत को भी ध्यान में रखना चाहिए। कई बार हाथ से बने सामान की कीमत उसके डिजाइन, सामग्री और तैयार करने में लगे समय के आधार पर तय होती है।
परिवार के साथ घूमने के लिए कैसा रहेगा?
![]()
यह एक्सपो केवल खरीदारी करने वालों के लिए नहीं है। अगर आप परिवार के साथ दिल्ली में कोई अलग जगह देखना चाहते हैं, तो यहां कुछ घंटे बिताए जा सकते हैं। बच्चों के लिए अलग-अलग राज्यों के हस्तशिल्प, मिट्टी के बर्तन और पारंपरिक सामान देखना अच्छा अनुभव हो सकता है। इससे उन्हें यह समझने का मौका मिलेगा कि बाजार में बिकने वाली चीजों के पीछे कारीगरों की कितनी मेहनत होती है।
बड़े लोग कपड़े, घरेलू सामान और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। वहीं, फोटोग्राफी पसंद करने वालों को अलग-अलग रंगों और डिजाइन वाले स्टॉल तस्वीरें लेने के लिए अच्छे लग सकते हैं। अगर बच्चे साथ हैं, तो मिट्टी या सिरेमिक की वस्तुओं को संभालकर रखने का ध्यान रखें।
Janpath कैसे पहुंचें?
Janpath तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका दिल्ली मेट्रो हो सकता है। मेट्रो से आने वाले यात्रियों के लिए जनपथ मेट्रो स्टेशन सुविधाजनक विकल्प है। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद आयोजन स्थल तक पैदल या स्थानीय वाहन से पहुंचा जा सकता है।
इसके अलावा राजीव चौक मेट्रो स्टेशन भी एक विकल्प है। राजीव चौक येलो और ब्लू लाइन से जुड़ा हुआ है, इसलिए दिल्ली के कई इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए यहां पहुंचना आसान हो सकता है। अगर आप बस से Janpath आ रहे हैं, तो कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाली बसों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जनपथ, टॉलस्टॉय मार्ग और पालिका केंद्र के आसपास उतरकर आगे पैदल या स्थानीय वाहन से पहुंचा जा सकता है। अपनी कार से आने वाले यात्रियों को पार्किंग की स्थिति पहले देख लेनी चाहिए। केंद्रीय दिल्ली में खासकर शाम और सप्ताहांत के दौरान पार्किंग मिलना मुश्किल हो सकता है।
Janpath एक्सपो में जाने का सबसे अच्छा समय
अगर आपका मुख्य उद्देश्य आराम से खरीदारी करना है, तो सप्ताह के दिनों में दोपहर का समय बेहतर रह सकता है। इस समय भीड़ अपेक्षाकृत कम होने की संभावना रहती है और आप स्टॉल को आराम से देख सकते हैं। अगर आप Janpath की पूरी रौनक देखना चाहते हैं, तो शाम का समय ज्यादा अच्छा लग सकता है।
हालांकि शाम को भीड़ बढ़ सकती है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने पर थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर रहेगा। सप्ताहांत में लोगों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इसलिए अगर आप शांत माहौल में खरीदारी करना चाहते हैं, तो कार्यदिवस को प्राथमिकता दें।
क्या यहां कारीगरों को काम करते हुए देख सकते हैं?
हस्तशिल्प आयोजनों में कई बार कारीगर अपने काम का प्रदर्शन भी करते हैं। अगर इस एक्सपो में ऐसी व्यवस्था होती है, तो इसे जरूर देखें। मिट्टी को आकार देकर बर्तन बनाना, कपड़े पर डिजाइन तैयार करना या किसी वस्तु पर हाथ से चित्रकारी करना देखने का अनुभव अलग होता है।
Janpath में अगर आपको कोई कारीगर काम करते हुए दिखाई दे, तो उससे उसके काम के बारे में पूछ सकते हैं। इससे आपको केवल सामान नहीं, बल्कि उसे बनाने की पूरी प्रक्रिया को समझने का मौका मिलेगा। हालांकि किसी कारीगर की तस्वीर या वीडियो बनाने से पहले उसकी अनुमति जरूर लें।
खरीदारी के बाद आसपास क्या देख सकते हैं?
Janpath की स्थिति ऐसी है कि एक्सपो देखने के बाद आसपास की कई जगहों पर भी जाया जा सकता है। आप कनॉट प्लेस की तरफ जा सकते हैं, आसपास के बाजारों में खरीदारी कर सकते हैं या किसी कैफे में कुछ समय आराम कर सकते हैं। अगर आप दिल्ली घूमने के लिए बाहर से आ रहे हैं, तो इस एक्सपो को अपने पूरे दिन के यात्रा कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है।
सुबह दिल्ली की दूसरी जगहें देखने के बाद दोपहर में Janpath एक्सपो पहुंचना और शाम को आसपास के बाजारों में घूमना अच्छा विकल्प हो सकता है। इस तरह आप खरीदारी के साथ दिल्ली के केंद्रीय इलाके का अनुभव भी ले सकेंगे।
खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखें
![]()
हस्तनिर्मित सामान खरीदते समय हर वस्तु को ध्यान से देखना जरूरी है। मिट्टी या सिरेमिक के सामान में कहीं दरार तो नहीं है, कपड़े की बुनाई सही है या नहीं और सजावटी वस्तु पर किया गया काम ठीक है या नहीं, यह खरीदने से पहले जांच लें। अगर कोई वस्तु महंगी है, तो उसके बारे में कारीगर से जानकारी जरूर लें।
कई बार हाथ से बने सामान की कीमत उसकी डिजाइन, सामग्री और उस पर लगे समय के आधार पर तय होती है। Janpath में खरीदारी करते समय सामान को संभालकर रखें, खासकर अगर आपने कांच, मिट्टी या सिरेमिक की चीजें खरीदी हैं। ऐसे सामान को अलग कपड़े या कागज में लपेटकर रखना बेहतर रहेगा, ताकि रास्ते में वह टूटे नहीं।
फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल के जरूरी सुझाव
- जाने से पहले तारीख और समय की आधिकारिक जानकारी जरूर देखें। इससे वहां पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
- एक्सपो के साथ अगर आप आसपास के बाजार भी देखने वाले हैं, तो काफी पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए आरामदायक जूते पहनकर जाएं।
- खरीदारी के लिए अपना मजबूत कपड़े का बैग लेकर जाएं। इससे कई सामान एक साथ रखने में आसानी होगी और बार-बार प्लास्टिक की थैली लेने की जरूरत कम होगी।
- यूपीआई के साथ थोड़ा नकद भी रखें। नेटवर्क की समस्या होने पर नकद उपयोगी हो सकता है।
- अगर आप किसी कारीगर या उसके काम की तस्वीर या वीडियो बनाना चाहते हैं, तो पहले अनुमति जरूर लें।
- अगर आपको बड़े ब्रांड्स के बजाय हाथ से बनी और पारंपरिक चीजें पसंद हैं, तो यह आयोजन आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां आपको केवल सामान खरीदने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि अलग-अलग तरह की भारतीय कारीगरी को करीब से देखने का अवसर भी मिलेगा।
- Janpath की केंद्रीय स्थिति इसे और सुविधाजनक बनाती है। आप एक्सपो के साथ कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। खासकर अगर आप दिल्ली में रहते हैं और सप्ताहांत पर कुछ अलग करना चाहते हैं, तो इस तरह की प्रदर्शनी में कुछ घंटे बिताना अच्छा अनुभव हो सकता है।
Janpath हैंडलूम और क्राफ्ट एक्सपो 2026 दिल्ली में होने वाला ऐसा आयोजन है, जहां खरीदारी के साथ भारतीय हस्तशिल्प और कारीगरी को करीब से देखने का मौका मिलेगा। 13 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक होने वाले इस एक्सपो में सिरेमिक सामान, हथकरघा उत्पाद, कपड़े, सजावटी वस्तुएं और दूसरे हस्तनिर्मित उत्पाद आकर्षण का हिस्सा हो सकते हैं।
अगर आप Janpath जाने की योजना बना रहे हैं, तो एक्सपो के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय जरूर रखें। इसके साथ आसपास के बाजारों और कनॉट प्लेस को देखने का मौका भी मिल सकता है। मेट्रो से यात्रा करना सबसे आसान विकल्प रहेगा। भीड़ से बचने के लिए कार्यदिवसों में दोपहर का समय चुना जा सकता है।
कुल मिलाकर, अगर अगस्त में दिल्ली में कुछ नया देखने और खरीदारी करने की योजना है, तो Janpath हैंडलूम और क्राफ्ट एक्सपो आपकी सूची में शामिल किया जा सकता है। बस निकलने से पहले आयोजन की ताजा तारीख, समय और प्रवेश से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें।