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Kodaikanal Travel Guide: पहली यात्रा में ये जगहें जरूर देखें

Kodaikanal

अगर आप गर्मी, ट्रैफिक और की भागदौड़ से कुछ दिनों के लिए दूर जाना चाहते हैं, तो Kodaikanal आपके लिए एक अच्छी जगह हो सकती है। तमिलनाडु के पलानी हिल्स में बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन ठंडी हवा, हरियाली, झरनों, बादलों से ढकी पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।

इसी वजह से Kodaikanal को प्यार से “पहाड़ों की राजकुमारी” भी कहा जाता है। समुद्र तल से करीब 7,000 फीट की ऊंचाई पर बसा यह हिल स्टेशन उन लोगों को खास तौर पर पसंद आता है, जो कुछ समय के लिए शहर की गर्मी और शोर से दूर रहना चाहते हैं। यहां सुबह का माहौल बिल्कुल अलग होता है। पहाड़ों के बीच तैरती धुंध, ठंडी हवा और चारों तरफ फैली हरियाली देखकर ऐसा लगता है, जैसे आप किसी फिल्म के दृश्य में आ गए हों।

Kodaikanal केवल honeymoon मनाने वालों के लिए नहीं है। अगर आपको प्रकृति पसंद है, फोटोग्राफी का शौक है, थोड़ा adventure करना अच्छा लगता है या फिर किसी शांत जगह पर बैठकर समय बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए काफी खास हो सकती है। यहां घूमने के लिए कई जगहें हैं, लेकिन कुछ स्थान ऐसे हैं, जिन्हें पहली यात्रा में बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए। इनमें कोड़ाई झील, कोकर्स वॉक, पिलर रॉक्स, गुना गुफाएं और डॉल्फिन नोज शामिल हैं।

कोड़ाई झील से शुरू करें यात्रा

Kodaikanal घूमने की शुरुआत अगर किसी जगह से करनी हो, तो कोड़ाई झील एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित एक तारा-नुमा कृत्रिम झील है। यहां दिनभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। झील को पहली बार देखने पर इसका आकार और आसपास का माहौल काफी अच्छा लगता है। चारों तरफ पहाड़ और हरियाली के बीच पानी की यह झील शहर के बीच एक अलग ही वातावरण बनाती है।

यहां सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली गतिविधि बोटिंग है। अगर आपको पानी पर कुछ समय बिताना पसंद है, तो आप चप्पू वाली नाव या pedal boat ले सकते हैं। यहां कश्मीरी अंदाज वाली शिकारा में बैठने का विकल्प भी मिलता है। बोटिंग करते समय जब आप झील के बीच से चारों तरफ देखते हैं, तो आसपास के पहाड़ और हरियाली काफी खूबसूरत दिखाई देते हैं। अगर आप परिवार के साथ आए हैं, तो यह अनुभव बच्चों को भी पसंद आ सकता है।

अगर आपको बोटिंग में ज्यादा दिलचस्पी नहीं है, तो भी झील के आसपास करने के लिए कई चीजें हैं। झील के चारों तरफ करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क बनी हुई है। यहां cycling या horse riding करना भी अच्छा अनुभव हो सकता है। आप आराम से चलते हुए आसपास का माहौल देख सकते हैं और बिना किसी जल्दबाजी के कुछ समय बिता सकते हैं।

Kodaikanal

झील के आसपास घूमते समय अगर खाने-पीने का मन करे, तो गर्म-गरम भुट्टा जरूर ट्राई करें। इसके अलावा यहां की घर में बनी chocolate भी काफी लोकप्रिय है। पहाड़ी मौसम में गर्म भुट्टे और chocolate का अपना ही आनंद होता है। अगर आप Kodaikanal की यात्रा आराम से शुरू करना चाहते हैं, तो कोड़ाई झील के आसपास कुछ समय जरूर बिताएं।

कोकर्स वॉक पर बादलों के बीच सैर

कोड़ाई झील के बाद आप कोकर्स वॉक जा सकते हैं। यह करीब 1 किलोमीटर लंबा पक्का पैदल रास्ता है, जो पहाड़ के किनारे बना हुआ है। इसे वर्ष 1872 में लेफ्टिनेंट कोकर ने बनवाया था। आज यह Kodaikanal की सबसे लोकप्रिय जगहों में गिना जाता है। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत इसका रास्ता है। आप पहाड़ के किनारे-किनारे चलते हैं और दूसरी तरफ नीचे फैली घाटियां दिखाई देती हैं।

मौसम साफ हो, तो नजारा काफी दूर तक दिखाई देता है। अगर धुंध छाई हो, तो पूरा माहौल बदल जाता है। सुबह के समय यहां जाना ज्यादा अच्छा माना जाता है। उस समय पहाड़ों के बीच धुंध होती है और कई बार बादल इतने नीचे होते हैं कि आपको ऐसा महसूस होता है, जैसे आप बादलों के बीच चल रहे हों। इसी वजह से कोकर्स वॉक पर केवल घूमना ही नहीं, बल्कि कुछ देर चुपचाप खड़े होकर आसपास का नजारा देखना भी अच्छा लगता है।

साफ मौसम में यहां मौजूद Telescope House से मदुरै शहर तक की झलक देखने को मिल सकती है। हालांकि यह पूरी तरह मौसम और दृश्यता पर निर्भर करता है। कोकर्स वॉक की एक और खासियत यहां दिखाई देने वाला दुर्लभ प्राकृतिक नजारा है, जिसे Broken Spectre कहा जाता है। इसमें बादलों पर आपकी अपनी परछाई दिखाई दे सकती है और उसके चारों ओर इंद्रधनुष जैसा घेरा बन सकता है।

यह नजारा हर दिन दिखाई दे, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन अगर मौसम सही रहा और आपको यह दृश्य देखने को मिल गया, तो Kodaikanal यात्रा का यह सबसे यादगार हिस्सा बन सकता है।

पिलर रॉक्स की विशाल चट्टानें

अगर आपको प्राकृतिक नजारे और फोटोग्राफी पसंद है, तो पिलर रॉक्स को अपनी list में जरूर रखें। यहां ग्रेनाइट की तीन विशाल चट्टानें खंभों की तरह खड़ी हैं। इनकी ऊंचाई करीब 122 मीटर यानी लगभग 400 फीट बताई जाती है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है, जैसे तीन बड़े पत्थर जमीन से निकलकर सीधे आसमान की ओर बढ़ रहे हों। जब इन विशाल चट्टानों के आसपास धुंध छा जाती है, तो इनका पूरा रूप बदल जाता है। कभी चट्टानें साफ दिखाई देती हैं और कुछ देर बाद धुंध उन्हें पूरी तरह ढक लेती है।

इसी वजह से पिलर रॉक्स की तस्वीरें भी मौसम के अनुसार अलग-अलग दिखाई देती हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह काफी अच्छी है। खासकर सुबह के समय जब रोशनी बहुत तेज नहीं होती और धुंध भी आसपास दिखाई देती है। पिलर रॉक्स के पास एक छोटा सा garden भी है। अगर आप लगातार घूमने से थक गए हैं, तो यहां कुछ देर बैठकर आराम कर सकते हैं।

यहां बैठकर उन विशाल चट्टानों को देखना अपने आप में एक अनुभव है। आपको महसूस होगा कि प्रकृति ने इन चट्टानों को कितने अलग तरीके से आकार दिया है। अगर आप Kodaikanal में ऐसी जगह ढूंढ रहे हैं, जहां प्रकृति का नजारा और फोटोग्राफी दोनों का आनंद मिल सके, तो पिलर रॉक्स आपके लिए अच्छी जगह हो सकती है।

Kodaikanal

गुना गुफाओं का रहस्यमयी माहौल

अब बात उस जगह की, जहां Kodaikanal का वातावरण थोड़ा रोमांचक और रहस्यमयी हो जाता है। गुना गुफाएं, जिन्हें पुराने समय में Devil’s Kitchen के नाम से भी जाना जाता था, अपनी गहरी दरारों और पेड़ों की बड़ी-बड़ी उलझी हुई जड़ों के लिए मशहूर हैं।

इन गुफाओं का माहौल बाकी पर्यटन स्थलों से काफी अलग लगता है। आसपास घने पेड़, ठंडी हवा और धुंध मिलकर इस जगह को रहस्यमयी बना देते हैं। वर्ष 1991 में कमल हासन की फिल्म “गुना” की शूटिंग के बाद यह जगह लोगों के बीच और ज्यादा लोकप्रिय हो गई। फिल्म से जुड़ने के बाद बहुत से लोग इस स्थान को देखने आने लगे।

हालांकि आज पर्यटकों को गुफाओं के बहुत गहरे हिस्सों में जाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा कारणों से अंदर के कई हिस्सों को बंद रखा गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यहां देखने के लिए कुछ नहीं है। बाहर से ही गुफाओं और आसपास की चट्टानों का नजारा काफी रोमांचक लगता है। धुंध के बीच पेड़ों की जड़ों और चट्टानों को देखना आपको किसी पुरानी रहस्यमयी फिल्म के set जैसा अनुभव दे सकता है। अगर आपको Kodaikanal में थोड़ी रहस्यमयी और अलग तरह की जगह देखनी है, तो गुना गुफाएं आपकी यात्रा का जरूरी हिस्सा होनी चाहिए।

डॉल्फिन नोज पर मिलेगा adventure

अब बात उन लोगों की, जिन्हें केवल घूमना नहीं, बल्कि थोड़ा adventure भी पसंद है। डॉल्फिन नोज ऐसी ही जगह है। इसका नाम इसके आकार की वजह से पड़ा है, क्योंकि यह चट्टान देखने में डॉल्फिन की नाक जैसी लगती है। यह करीब 6,600 फीट गहरी खाई के ऊपर निकली हुई चट्टान है। यहां पहुंचने के लिए वट्टाकनाल गांव से करीब 3 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है।

यह रास्ता हर किसी के लिए आसान नहीं है। आपको कुछ दूरी पैदल चलनी होगी और चढ़ाई भी करनी पड़ेगी। लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद मिलने वाला नजारा आपकी मेहनत को काफी हद तक भुला देता है। यहां से पाम्बर घाटी का शानदार दृश्य दिखाई देता है। चारों तरफ पहाड़, घाटियां और खुला आसमान मिलकर ऐसा दृश्य बनाते हैं, जिसे लंबे समय तक याद रखा जा सकता है।

अगर आप सुबह जल्दी पहुंचते हैं, तो सूर्योदय का अनुभव भी काफी शानदार हो सकता है। धीरे-धीरे रोशनी पहाड़ों पर पड़ती है और पूरा नजारा बदलने लगता है। डॉल्फिन नोज के पास Echo Rock भी है, जहां आवाज की गूंज सुनने का अनुभव लिया जा सकता है। जो लोग भीड़ से दूर कुछ समय शांति में बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह काफी खास हो सकती है। हालांकि यहां चट्टान के किनारों पर सावधानी बरतना जरूरी है।

सुबह का समय क्यों खास है?

अगर आप पहली बार Kodaikanal जा रहे हैं, तो एक बात याद रखें। यहां सुबह जल्दी उठना काफी फायदेमंद हो सकता है। सुबह करीब 6 बजे से 9 बजे के बीच पहाड़ों का मौसम अक्सर काफी खूबसूरत होता है। धुंध, बादल और हल्की रोशनी मिलकर अलग ही माहौल बना देते हैं।

दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और कई जगहों पर कोहरा इतना ज्यादा हो जाता है कि दूर का नजारा साफ दिखाई नहीं देता। इसलिए अगर आपकी list में कोकर्स वॉक, पिलर रॉक्स या डॉल्फिन नोज जैसी जगहें हैं, तो कोशिश करें कि इन्हें सुबह के समय ही कवर करें। सुबह का समय फोटोग्राफी के लिए भी बेहतर हो सकता है और भीड़ से बचने में भी मदद मिल सकती है।

Kodaikanal

मौसम का ध्यान रखें

Kodaikanal गर्मियों में राहत देने वाली जगह जरूर है, लेकिन यहां सुबह और रात में तापमान काफी कम हो सकता है। कुछ समय पर तापमान करीब 5°C तक पहुंचने की बात कही जाती है।

इसलिए अगर आप यहां यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो गर्म jacket या हल्के गर्म कपड़े जरूर रखें। दिन में धूप निकलने पर मौसम आरामदायक लग सकता है, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ सकती है। खासकर अगर आप सुबह जल्दी निकलकर डॉल्फिन नोज या किसी दूसरी ऊंचाई वाली जगह पर जा रहे हैं, तो गर्म कपड़े साथ रखना जरूरी है।

बेरीजम झील के लिए परमिट जरूरी

अगर आप Kodaikanal यात्रा के दौरान बेरीजम झील जाने का plan बना रहे हैं, तो पहले permit की जानकारी जरूर लें। इसके लिए Forest Office से अनुमति लेनी पड़ती है। बिना permit के वहां entry नहीं मिलती। इसलिए आखिरी समय पर योजना बनाने के बजाय पहले ही permit से जुड़ी तैयारी कर लेना बेहतर रहेगा। यात्रा से पहले स्थानीय नियम, मौसम और रास्ते की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी जरूर ले लें।

भीड़ से बचने के लिए पुम्बरई जाएं

अगर आपको ऐसी जगहें पसंद हैं, जहां शहर जैसी भीड़ कम हो और स्थानीय जीवन को करीब से देखने का मौका मिले, तो पुम्बरई गांव जा सकते हैं। यहां की सीढ़ीदार खेती देखने लायक है। पहाड़ों पर बनी खेतों की सीढ़ियां दूर से काफी खूबसूरत दिखाई देती हैं।

कई लोगों को यहां का नजारा देखकर स्कॉटलैंड की याद आ सकती है। पुम्बरई Kodaikanal के सामान्य पर्यटन स्थलों से थोड़ा अलग अनुभव देता है। यहां आप केवल फोटो खींचने के बजाय गांव के आसपास के वातावरण को भी महसूस कर सकते हैं।

Five Colors of Travel के खास सुझाव

  • कोकर्स वॉक, पिलर रॉक्स और डॉल्फिन नोज जैसी जगहों के लिए सुबह का समय रखें। सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच नजारे अच्छे मिल सकते हैं और भीड़ भी कम हो सकती है।
  • यहां सुबह और रात को ठंड बढ़ सकती है। इसलिए jacket या गर्म कपड़े साथ जरूर रखें।
  • अगर बेरीजम झील जाने की योजना है, तो Forest Office से जरूरी अनुमति पहले ले लें।
  • छोटे tickets और parking जैसी चीजों के लिए ₹10 से ₹30 तक का छुट्टा cash साथ रखना उपयोगी हो सकता है। कुछ जगहों पर network की समस्या भी हो सकती है।
  • अगर आप भीड़ से अलग घूमना चाहते हैं, तो पुम्बरई गांव जाएं। यहां की सीढ़ीदार खेती और शांत वातावरण आपकी यात्रा को अलग अनुभव दे सकते हैं।

Kodaikanal की यात्रा केवल पांच जगहों तक सीमित नहीं

Kodaikanal की खासियत यह है कि यहां हर जगह का अपना अलग अनुभव है। कोड़ाई झील आपको शहर के बीच शांत पानी और बोटिंग का आनंद देती है। कोकर्स वॉक आपको पहाड़ के किनारे चलते हुए घाटियों और बादलों के करीब ले जाता है। पिलर रॉक्स प्रकृति की विशाल चट्टानों का नजारा दिखाता है। वहीं गुना गुफाएं इस खूबसूरत हिल स्टेशन का रहस्यमयी पक्ष सामने लाती हैं।

Kodaikanal

डॉल्फिन नोज उन लोगों के लिए है, जिन्हें पैदल चलने और adventure के बाद खुली घाटियों का शानदार नजारा देखना पसंद है। इन जगहों के बीच सबसे खास चीज यहां का मौसम और वातावरण है। एक ही दिन में धूप, धुंध, बादल और ठंडी हवा का अनुभव हो सकता है। यही वजह है कि Kodaikanal की यात्रा को केवल एक सामान्य hill station trip कहना सही नहीं होगा। यहां कुछ जगहें आपको आराम देती हैं, कुछ रोमांच का अनुभव कराती हैं और कुछ ऐसी हैं, जहां पहुंचकर आप बस आसपास का नजारा देखते रह जाते हैं।

अगर आप दक्षिण भारत की गर्मी से परेशान हैं और कुछ दिनों के लिए पहाड़ों की ठंडी हवा में समय बिताना चाहते हैं, तो Kodaikanal आपकी travel list में जगह पाने का हकदार है। बस यात्रा की तैयारी करते समय मौसम का ध्यान रखें, सुबह जल्दी निकलें, जरूरी permit पहले से लें और जहां जाएं वहां सफाई का ध्यान रखें। बाकी यहां की धुंधली वादियां, ठंडी हवा, हरियाली और पहाड़ आपकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए काफी हैं।

Shivani Pal

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