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भारत के 10 Hidden Historical Places जो आपको हैरान कर देंगे

Hidden Historical Places

भारत सिर्फ ताजमहल, लाल किला या जयपुर के महलों तक ही सीमित नहीं है। हमारे देश में कई ऐसी Hidden Historical Places हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इन जगहों पर आज भी भीड़ कम होती है और आप आराम से इतिहास, प्रकृति और सुकून का अनुभव कर सकते हैं

अगर आप Purana Qila जैसी शांत और इतिहास से भरी जगहों के शौकीन हैं, तो ये 10 अनसुने अजूबे आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। आइए जानें Hidden Historical Places के बारे में—

ऊनाकोटी, त्रिपुरा

त्रिपुरा के घने जंगलों में बसा ऊनाकोटी उत्तर-पूर्व का एक रहस्यमयी स्थल है। यहाँ चारों तरफ विशाल पत्थरों पर उकेरी हुई मूर्तियाँ मिलती हैं जिन्हें देखकर कोई हैरान रह जाएगा। ‘ऊनाकोटी’ का अर्थ है एक करोड़ से एक कम—लोककथा के मुताबिक यहाँ एक करोड़ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बननी थीं पर एक कम रह गईं। सबसे बड़ा आकर्षण ऊनाकोटीश्वर काल भैरव की करीब 30 फीट ऊँची मूर्ति है।

चारों तरफ हरियाली और शांत माहौल इसे खास बनाते हैं। हर साल अप्रैल में अशोक अष्टमी मेला लगता है और अगरतला से यहाँ का सफर बेहद खूबसूरत है। (Hidden Historical Places)

गागरोन किला, राजस्थान

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झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन किला अपने आप में अनोखा है—यह पहाड़ और पानी के बीच बना एक जलदुर्ग है। यह किला सीधे चट्टानों पर टिका हुआ है और तीन तरफ से नदियाँ इसे घेरे रहती हैं। पुरानी कहानियाँ, जौहर कुंड और बड़ा महल यहाँ की वीरता की याद दिलाते हैं।

UNESCO की सूची में शामिल होने के बावजूद भीड़ कम रहती है, इसलिए शांति से घूमने का मौका मिलता है। भीड़-भाड़ वाले राजस्थानी स्थलों से हटकर कुछ देखना हो तो गागरोन किले केरल विकल्प हैं। (Hidden Historical Places)

सरखेज रोज़, अहमदाबाद

अहमदाबाद के पास स्थित सरखेज रोज़ 15वीं सदी का ऐतिहासिक परिसर है — मस्जिदें, मकबरे और एक कृत्रिम झील यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। इसकी वास्तुकला में हिंदू, जैन और इस्लामी प्रभावों का सुंदर मिश्रण मिलता है।

शाम के वक्त पत्थर की जाली से छनती रौशनी का नज़ारा बेहद मनोहारी होता है — फोटोग्राफर के लिए यह जगह खास है। रमज़ान में यहाँ का माहौल और भी जीवंत हो जाता है। (Hidden Historical Places)

मलूटी मंदिर, झारखंड

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दुमका जिले का मलूटी गांव ‘मंदिरों का गाँव’ के नाम से प्रसिद्ध है। एक समय यहाँ लगभग 108 मंदिर थे, आज करीब 72 सुरक्षित बचे हैं। ये मंदिर 17वीं–19वीं सदी की टेराकोटा कला के बेहतरीन नमूने हैं — दीवारों पर रामायण, महाभारत और देवी-देवताओं के दृश्य उकेरे गए हैं।

मुख्य मंदिर मौलिक्षा देवी का है और यहाँ आकर ऐसा लगेगा जैसे आप किसी खुले संग्रहालय में पहुँच गए हों। (Hidden Historical Places)

बासगो मठ, लद्दाख

लेह से लगभग 40 किमी दूर बसा बासगो मठ पुराने समय में प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र था। यहाँ के खंडहर, विशाल मैत्रेय बुद्ध की प्रतिमाएँ, बौद्ध चित्रकला और चंबा ल्हाखांग से दिखता नज़ारा बेहद खास है। मठ आज भी सक्रिय है—भिक्षु यहाँ धार्मिक ग्रंथों और धरोहर की देखभाल करते हैं। शांति और इतिहास का मिलन चाहें तो बासगो मठ यादगार रहेगा। Hidden Historical Places

शेखावाटी, राजस्थान

Hidden Historical Places

शेखावाटी एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ हर हवेली अपनी अलग कहानी सुनाती है। चुरू, झुंझुनू और सीकर में फैली ये हवेलियाँ अमीर मारवाड़ी व्यापारियों द्वारा बनवाई गई थीं और इनकी दीवारों पर शानदार पेंटिंग्स मिलेंगी। यहाँ ट्रेन, ग्रामोफोन, साइकिल जैसी पुरानी चीज़ों की पेंटिंग्स भी दिखती हैं—फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग की तरह। मंडावा-नवलगढ़ की हेरिटेज वॉक बहुत लोकप्रिय है। (Hidden Historical Places)

रबडेंटसे के खंडहर, सिक्किम

पेलिंग के पास स्थित रबडेंटसे कभी सिक्किम की दूसरी राजधानी था। 1670–1814 के बीच इसका शासन रहा, पर बाद में यह शहर गोरखा आक्रमण में बर्बाद हुआ। आज यहाँ महल की टूटी दीवारें, चोर्टेन और पत्थर के अवशेष मिलते हैं। पहुँचने के लिए छोटा ट्रेक पार करना होता है और साफ मौसम में कंचनजंगा का नज़ारा भी दिखता है। इतिहास, जंगल और सुकून—तीनों का बेहतरीन मेल यहाँ मिलेगा।

चांपानेर–पावागढ़, गुजरात

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यह पुरातात्विक पार्क 14वीं–16वीं सदी के स्मारकों का घर है—पुरानी मस्जिदें, महल, बावड़ियाँ और मकबरे। जामा मस्जिद यहाँ की खास पहचान है, पत्थर की जाली और नक्काशी उत्कृष्ट है। पावागढ़ की पहाड़ी से पूरा इलाका देखने लायक दिखता है। क्योंकि भीड़ कम है, आप आराम से हर कोने में घुम कर इतिहास का आनंद ले सकते हैं। (Hidden Historical Places)

तवांग मठ, अरुणाचल प्रदेश

लगभग 10,000 फीट ऊँचाई पर बसा तवांग मठ 17वीं सदी का एक बड़ा बौद्ध केंद्र है, जहाँ करीब 450 भिक्षु रहते हैं। मठ की पुरानी लाइब्रेरी में प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं। दुखांग (प्रार्थना कक्ष) की रंग-बिरंगी सजावट और विशाल बुद्ध प्रतिमा मन मोह लेती है। सही समय पर आप तवांग तोर्ग्या उत्सव भी देख सकते हैं—यहाँ का वातावरण आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण होता है। (Hidden Historical Places)

भीमबेटका रॉक शेल्टर, मध्य प्रदेश

विंध्य पर्वतमाला में स्थित भीमबेटका दुनिया की सबसे पुरानी मानव बस्तियों में से एक है। यहाँ 750 से अधिक रॉक शेल्टर हैं जिनकी दीवारों पर शिकार, नृत्य और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी के हजारों साल पुराने चित्र मिलते हैं। इन चित्रों का रंग आज भी जिंदा है, इतिहासकार और शोधकर्ता यहाँ अध्ययन करने आते हैं। भीड़ कम होने की वजह से आप शांति से इन शेल्टर्स का दर्शन कर सकते हैं। (Hidden Historical Places)

Five Colors of Travel की ओर से कुछ जरूरी सुझाव

  • यात्रा के लिए नवंबर-मार्च का समय बेहतर रहता है।
  • जहाँ संभव हो, स्थानीय गाइड लें, बिना कहानियाँ जाने इतिहास अधूरा लगता है।
  • पुरानी पेंटिंग्स और मूर्तियों को हाथ न लगाएँ।
  • फोटोग्राफी में फ्लैश का प्रयोग न करें, इससे कलाकृतियों को नुकसान हो सकता है।
  • धार्मिक जगहों पर स्थानीय नियमों का सम्मान करें।
  • कई जगहों पर बेसिक सुविधाएँ सीमित होती हैं, पानी की बोतल और जरूरी सामान साथ रखें।
  • प्लास्टिक और कचरा वहाँ न छोड़ें, हमारी छोटी जिम्मेदारी इन धरोहरों को बचाने में मदद करेगी।
  • समय मिले तो स्थानीय बाजार और खाने का अनुभव जरूर लें, यह आपकी यात्रा को और यादगार बना देगा।

भारत का इतिहास सिर्फ प्रसिद्ध स्थलों तक सीमित नहीं है। इन अनसुनी जगहों पर जाकर आप न सिर्फ अतीत को नज़दीक से देखेंगे बल्कि शांति और सुकून भी पाएंगे। अगली बार जब ट्रिप प्लान करें, तो भीड़भाड़ वाले स्थलों के साथ इन Hidden Historical Places को भी अपनी लिस्ट में जोड़ें, शायद आपकी सबसे यादगार यात्रा यहीं होगी। इतिहास को किताबों में मत छोड़िए, उसे अपनी आँखों से देखें, महसूस करें और सुरक्षित रखने में योगदान दें। (Hidden Historical Places)

 

 

Shivani Pal

Shivani Pal

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