Lower Berth पाने का आसान तरीका: IRCTC Booking के Hidden Tips
ट्रेन में सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों की एक ही शिकायत होती है कि टिकट कन्फर्म होने के बाद भी उन्हें मनचाही सीट नहीं मिलती। खासकर जब परिवार में बुजुर्ग, महिलाएं या गर्भवती यात्री साथ हों, तब Lower Berth मिलना सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है। कई लोग महीनों पहले टिकट बुक कर लेते हैं, लेकिन फिर भी लोअर बर्थ की जगह ऊपर की सीट मिल जाती है।
अगर आप भी हर बार Lower Berth के लिए परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की हो सकती है। Indian Railway और IRCTC की कुछ ऐसी सेटिंग्स और नियम हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। सही तरीके से टिकट बुक करके लोअर बर्थ मिलने की संभावना काफी बढ़ाई जा सकती है।
एक टिकट पर ज्यादा लोगों की बुकिंग से हो सकता है नुकसान
कई लोग पूरे परिवार की टिकट एक ही PNR पर बुक कर देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे सभी को साथ में सीट मिल जाएगी और Lower Berth भी आसानी से मिल जाएगी। लेकिन रेलवे के नियम इसके उलट काम करते हैं।
रेलवे के अनुसार सीनियर सिटीजन कोटे का फायदा तब ज्यादा मिलता है जब एक टिकट पर अधिकतम दो बुजुर्ग यात्रियों की बुकिंग की जाए। यदि तीन या चार बुजुर्गों की बुकिंग एक साथ कर दी जाती है, तो सिस्टम उन्हें सामान्य कोटे में डाल सकता है। ऐसे में Lower Berth मिलने की संभावना कम हो जाती है।
इसलिए कई अनुभवी यात्री सलाह देते हैं कि दो-दो लोगों के अलग PNR बनाकर टिकट बुक करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इससे लोअर बर्थ मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं।
IRCTC की यह सेटिंग जरूर चुनें
जब आप IRCTC Rail Connect ऐप या वेबसाइट से टिकट बुक करते हैं, तो पैसेंजर डिटेल भरने के बाद Reservation Choice का विकल्प दिखाई देता है।
यहीं पर “Book Only If Lower Berth Is Allocated” का विकल्प मिलता है। अगर आप इस विकल्प को चुनते हैं तो सिस्टम तभी टिकट बुक करेगा जब आपके लिए Lower Berth उपलब्ध होगी। यदि लोअर बर्थ नहीं मिलेगी तो टिकट बुक नहीं होगी और आपका पैसा सुरक्षित रहेगा।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यह विकल्प उन यात्रियों के लिए सबसे उपयोगी है जिन्हें किसी भी हालत में लोअर बर्थ चाहिए।

किसे मिलती है पहले Lower Berth?
हर यात्री को Lower Berth नहीं मिल सकती क्योंकि हर कोच में इसकी संख्या सीमित होती है। रेलवे कुछ यात्रियों को प्राथमिकता देता है।
सीनियर सिटीजन कोटे में पुरुषों की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक और महिलाओं की उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक होने पर Lower Berth मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
स्लीपर कोच में आमतौर पर 6 से 7 सीटें, 3AC में 4 से 5 सीटें और 2AC में 3 से 4 सीटें इस कोटे के लिए रखी जाती हैं।
गर्भवती महिलाओं को भी लोअर बर्थ देने में प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे मामलों में रेलवे काउंटर पर मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ बुकिंग कराने पर बेहतर मौका मिल सकता है।
रेलवे का सिस्टम कैसे करता है सीट अलॉट?
कई लोगों को लगता है कि रेलवे जानबूझकर उन्हें ऊपर की सीट देता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
रेलवे का सॉफ्टवेयर पूरे कोच में यात्रियों का संतुलन बनाए रखने के लिए सीटें अलॉट करता है। इसे ट्रेन की स्थिरता और सुरक्षा से जोड़ा जाता है। इसी वजह से हर किसी को Lower Berth नहीं मिल सकती।
सिस्टम अलग-अलग सीटों को इस तरह बांटता है कि पूरे डिब्बे का वजन संतुलित रहे। यही कारण है कि कई बार जल्दी टिकट बुक करने के बावजूद भी लोअर बर्थ नहीं मिल पाती।
अगर फिर भी न मिले Lower Berth तो क्या करें?
अगर टिकट कन्फर्म होने के बाद भी आपको लोअर बर्थ नहीं मिली है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है।
ट्रेन चलने के बाद आप TTE से बात कर सकते हैं। अगर किसी कारण से कोई Lower Berth खाली रह जाती है, तो TTE नियमों के अनुसार उसे बुजुर्ग या जरूरतमंद यात्रियों को दे सकता है।
इसके अलावा आजकल कुछ प्राइवेट प्लेटफॉर्म और सीट एक्सचेंज सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जहां यात्री आपसी सहमति से सीट बदलने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपको Lower Berth चाहिए तो टिकट बुक करते समय सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी है। साथ ही सीनियर सिटीजन कोटा, सही उम्र की जानकारी और अलग PNR जैसी छोटी-छोटी बातें भी आपकी मदद कर सकती हैं।
रेलवे के नियमों को समझकर टिकट बुक करने से आपकी यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक बन सकती है और लोअर बर्थ मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव
टिकट बुक करते समय Reservation Choice में अपनी सीट की पसंद जरूर चुनें।
बुजुर्ग यात्रियों के लिए सीनियर सिटीजन कोटे का सही इस्तेमाल करें।
यात्रा से पहले PNR स्टेटस और सीट अलॉटमेंट जरूर चेक करें।
अगर मेडिकल जरूरत हो तो संबंधित दस्तावेज अपने साथ रखें।
ट्रेन में चढ़ने के बाद जरूरत पड़ने पर TTE से विनम्रता से बात जरूर करें।





