Udaipur- 2 दिन में उदयपुर कैसे घूमें? पूरी ट्रैवल गाइड 2026!
Udaipur, जिसे ‘झीलों का शहर’ और ‘पूर्व का वेनिस’ भी कहा जाता है, राजस्थान के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। अपनी शानदार झीलों, राजसी महलों और समृद्ध इतिहास के लिए मशहूर यह शहर हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा उदयपुर इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का बेहतरीन मेल है।
इस शहर की स्थापना 1559 ईस्वी में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने की थी, जब उन्होंने अपनी राजधानी को चित्तौड़गढ़ से उदयपुर स्थानांतरित किया था। अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ समय निकालकर ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहाँ इतिहास और सुकून दोनों का अनुभव हो, तो Udaipur आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि इतने बड़े और ऐतिहासिक शहर को सिर्फ 2 दिन में ठीक से नहीं घूमा जा सकता, लेकिन सही प्लानिंग के साथ आप 48 घंटों में उदयपुर की ज्यादातर मशहूर जगहें आराम से देख सकते हैं। इस ट्रैवल गाइड में हम आपको बताएंगे कि 2 दिन में Udaipur कैसे घूमें, कहाँ रुकें, क्या खाएँ और कम बजट में यात्रा को कैसे यादगार बनाया जा सकता है।
Udaipur घूमने का सबसे अच्छा समय और पहुँचने के आसान तरीके
उदयपुर की खूबसूरती का असली आनंद लेने के लिए सही मौसम चुनना बहुत जरूरी है। यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और दिन में घूमना काफी आरामदायक होता है। सर्दियों की शाम में झीलों के किनारे बैठना और रोशनी से जगमगाते महलों को देखना एक अलग ही अनुभव देता है।
अगर आपको बारिश और हरियाली पसंद है, तो जुलाई से सितंबर के बीच भी Udaipur घूमने का अच्छा समय है। मानसून में झीलें पानी से भर जाती हैं और पूरा शहर और भी खूबसूरत दिखाई देता है। हालांकि अप्रैल से जून के बीच यहाँ काफी गर्मी पड़ती है, इसलिए इस मौसम में घूमना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

उदयपुर हवाई, रेल और सड़क मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। हवाई यात्रा करने वालों के लिए शहर से करीब 23 किलोमीटर दूर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है, जहाँ दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद समेत कई शहरों से नियमित उड़ानें आती हैं। रेल से आने वालों के लिए Udaipur सिटी रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। यह स्टेशन शहर के मुख्य इलाके से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा उदियापोल बस स्टैंड से राजस्थान और आसपास के राज्यों के कई शहरों के लिए बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।
Udaipur में कहाँ रुकें और शहर में कैसे घूमें?
उदयपुर में हर बजट के हिसाब से ठहरने के कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। अगर आप बजट ट्रैवलर हैं या अकेले यात्रा कर रहे हैं, तो पुराने शहर के लाल घाट, जगदीश चौक और सूरजपोल इलाके आपके लिए सबसे अच्छे रहेंगे। यहाँ आपको लगभग ₹500 से ₹600 प्रतिदिन में अच्छे हॉस्टल और बजट स्टे मिल सकते हैं।
परिवार या पार्टनर के साथ यात्रा करने वाले लोग फतेह सागर झील और गुलाब बाग के आसपास होटल बुक कर सकते हैं। ये इलाके प्रमुख पर्यटन स्थलों के काफी करीब हैं और यहाँ से शहर घूमना भी आसान रहता है। अगर आप शाही अंदाज में ठहरने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो Udaipur में दुनिया के मशहूर पैलेस होटल भी मौजूद हैं, जहाँ ठहरना किसी राजसी अनुभव से कम नहीं लगता।
शहर के अंदर घूमने के लिए स्कूटी या एक्टिवा किराए पर लेना सबसे आसान और किफायती विकल्प माना जाता है। इसका किराया आमतौर पर ₹400 से ₹500 प्रतिदिन तक होता है। इससे आप पुराने शहर की संकरी गलियों और झीलों के आसपास के इलाकों में आसानी से घूम सकते हैं। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा भी आसानी से उपलब्ध रहते हैं। छोटी दूरी के लिए इनका किराया काफी कम होता है। हालांकि सज्जनगढ़ मानसून पैलेस जैसी थोड़ी दूर स्थित जगहों पर जाने के लिए स्कूटी या निजी वाहन ज्यादा सुविधाजनक रहता है।
पहला दिन: ओल्ड सिटी की शान और पिछोला झील का खूबसूरत अनुभव
अपने सफर के पहले दिन की शुरुआत उदयपुर की सबसे मशहूर जगह सिटी पैलेस से करें। यह विशाल महल करीब 400 सालों में मेवाड़ के अलग-अलग शासकों द्वारा बनवाया गया था और इसकी बनावट में राजपूती और मुगल शैली का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है।
महल के अंदर मौजूद संग्रहालय, शीश महल, शाही कमरे और बारीक नक्काशी आपको उस दौर की शाही जिंदगी की झलक दिखाते हैं। सिटी पैलेस को आराम से देखने के लिए कम से कम 2 से 3 घंटे का समय जरूर निकालें। सुबह 9 बजे के आसपास यहाँ पहुँचना सबसे बेहतर रहता है क्योंकि उस समय भीड़ कम होती है और मौसम भी सुहावना रहता है।
सिटी पैलेस से कुछ ही कदमों की दूरी पर जगदीश मंदिर स्थित है, जो भगवान विष्णु को समर्पित Udaipur का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। इसकी ऊँची शिखर शैली, खूबसूरत मूर्तियाँ और पत्थरों पर की गई शानदार नक्काशी देखने लायक है। दोपहर के समय आप बागोर की हवेली जा सकते हैं। पिछोला झील के किनारे बनी यह ऐतिहासिक हवेली 18वीं सदी की वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। हवेली के अंदर कई कमरे, पारंपरिक राजस्थानी पोशाकें, पुराने जमाने की वस्तुएँ और कला संग्रह देखने को मिलते हैं। अगर आपको इतिहास और संस्कृति में रुचि है, तो यह जगह आपको जरूर पसंद आएगी।
शाम होते-होते उदयपुर की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक पिछोला झील का रुख करें। झील में बोटिंग का अनुभव बेहद यादगार होता है। नाव की सवारी करते हुए आप पानी के बीच बने लेक पैलेस और जग मंदिर के शानदार नजारे देख सकते हैं। सूर्यास्त के समय झील का दृश्य और भी खूबसूरत हो जाता है। गंगौर घाट और हनुमान घाट जैसे स्थान फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माने जाते हैं।
दिन खत्म होने से पहले रोपवे के जरिए करणी माता मंदिर जरूर जाएँ। यहाँ से पूरे Udaipur शहर का नज़ारा दिखाई देता है। शाम के समय जब पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठता है, तो यह दृश्य और भी खास बन जाता है। अगर समय हो तो रात 7 बजे के आसपास बागोर की हवेली में होने वाला मशहूर ‘धरोहर लोक नृत्य शो’ भी जरूर देखें। इस शो में राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी जाती है, जो आपकी यात्रा को और यादगार बना सकती है।
दूसरा दिन: झीलों, बागों और पहाड़ियों के बीच एक शानदार दिन
दूसरे दिन की शुरुआत सुबह-सुबह सहेलियों की बाड़ी से करें। यह खूबसूरत बगीचा अपने फव्वारों, कमल के तालाबों, संगमरमर की कलाकृतियों और हरियाली के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि इसे शाही महिलाओं के आराम और मनोरंजन के लिए बनवाया गया था। सुबह के समय यहाँ का शांत माहौल काफी सुकून देता है।
इसके बाद आप फतेह सागर झील पहुँच सकते हैं, जो Udaipur के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है। झील के किनारे बनी सड़क पर टहलना, चाय या कॉफी पीना और ठंडी हवा का आनंद लेना अपने आप में एक शानदार अनुभव है। यहाँ से आप मोटरबोट के जरिए झील के बीच बने नेहरू पार्क भी जा सकते हैं। फतेह सागर झील के पास स्थित महाराणा प्रताप मेमोरियल भी देखने लायक जगह है। यहाँ आपको मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी।
दोपहर के बाद सज्जनगढ़ मानसून पैलेस की ओर निकलें। अरावली की पहाड़ियों की ऊँचाई पर बना यह महल Udaipur की सबसे शानदार व्यू पॉइंट्स में से एक माना जाता है। यहाँ से पूरे शहर, झीलों और आसपास की पहाड़ियों का नज़ारा दिखाई देता है। खासकर शाम के समय यहाँ का दृश्य बेहद खूबसूरत लगता है।

इसके बाद आप शिल्पग्राम जा सकते हैं, जो एक पारंपरिक ग्रामीण कला और शिल्प परिसर है। यहाँ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की लोक संस्कृति को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। अगर आप स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला या यादगार स्मृति-चिह्न खरीदना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकती है।
उदयपुर का मशहूर खाना और स्ट्रीट फूड
उदयपुर की यात्रा यहाँ के स्वादिष्ट खाने के बिना अधूरी मानी जाती है। अगर आप असली राजस्थानी स्वाद चखना चाहते हैं, तो नटराज डाइनिंग हॉल की थाली जरूर ट्राई करें। यहाँ मिलने वाली दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी और अन्य पारंपरिक व्यंजन लोगों को काफी पसंद आते हैं। सुबह के नाश्ते के लिए जगदीश मिष्ठान भंडार (JMB) की कचौड़ी और जैन नाश्ता सेंटर का पोहा काफी मशहूर है। यहाँ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में नाश्ता करने आते हैं।
अगर शाम को कुछ अलग खाने का मन हो, तो गुलाब बाग के सामने मौजूद पराठा गली जा सकते हैं। यहाँ कई तरह के स्वादिष्ट पराठे मिलते हैं और यह जगह खाने के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है। मीठा पसंद करने वालों को बादाम शेक, रबड़ी और स्थानीय मिठाइयाँ जरूर चखनी चाहिए। Udaipur की मिठाइयों का स्वाद लंबे समय तक याद रहता है।
Udaipur में शॉपिंग के लिए सबसे बेहतरीन बाजार
अगर आपको घूमने के साथ-साथ खरीदारी का भी शौक है, तो Udaipur आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगा। यहाँ के बाजार रंग-बिरंगी राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखाते हैं और हर गली में कुछ न कुछ खास देखने को मिल जाता है। उदयपुर का हाथीपोल बाजार सबसे लोकप्रिय शॉपिंग मार्केट माना जाता है। यहाँ आपको राजस्थानी मिनिएचर पेंटिंग्स, पारंपरिक हस्तशिल्प, रंग-बिरंगे कपड़े और घर सजाने की कई खूबसूरत चीजें मिल जाएंगी। यह बाजार खास तौर पर अपनी हाथ से बनी पेंटिंग्स के लिए जाना जाता है।
इसके अलावा बड़ा बाजार भी खरीदारी के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहाँ से आप बंधेज और लहरिया के कपड़े, पारंपरिक राजस्थानी मोजड़ी, चांदी के आभूषण और कई तरह की स्थानीय वस्तुएँ खरीद सकते हैं। अगर आप अच्छी कीमत पर खरीदारी करना चाहते हैं, तो थोड़ा मोलभाव करना न भूलें क्योंकि कई दुकानों पर दाम कम करवाए जा सकते हैं।
जगदीश चौक और चेतक सर्किल मार्केट भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। यहाँ आपको हैंडमेड बैग, लकड़ी की कलाकृतियाँ, पारंपरिक सजावटी सामान और स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाई गई कई अनोखी चीजें देखने को मिलेंगी। अगर आप अपने दोस्तों या परिवार के लिए कोई यादगार तोहफा ले जाना चाहते हैं, तो Udaipur के बाजारों से खरीदे गए हस्तशिल्प और राजस्थानी कला की वस्तुएँ एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं।
शाम को कहाँ करें डिनर?
Udaipur की शामें झीलों के किनारे बिताने का अपना अलग ही मजा है। अगर आप दिनभर घूमने के बाद आराम से डिनर करना चाहते हैं, तो किसी लेक-साइड रूफटॉप रेस्टोरेंट का चुनाव कर सकते हैं। यहाँ कई ऐसे रेस्टोरेंट हैं जहाँ से पिछोला झील, लेक पैलेस और सिटी पैलेस का शानदार नज़ारा दिखाई देता है। रात के समय जब महलों की रोशनी झील के पानी में झलकती है, तो पूरा माहौल बेहद खूबसूरत लगने लगता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ बैठकर डिनर करने के लिए यह अनुभव आपकी Udaipur यात्रा की सबसे यादगार यादों में से एक बन सकता है।
Udaipur सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और राजसी विरासत का एक शानदार संगम है। झीलों में पड़ती सूरज की किरणें, पहाड़ियों के बीच बसे महल, रंगीन बाजार और स्वादिष्ट राजस्थानी खाना इस शहर को बाकी जगहों से अलग बनाते हैं। अगर आपके पास सिर्फ 2 दिन का समय है, तब भी सही प्लानिंग के साथ आप उदयपुर की ज्यादातर मशहूर जगहों को आराम से देख सकते हैं।
सिटी पैलेस की भव्यता से लेकर पिछोला झील की शांति, फतेह सागर की खूबसूरती से लेकर सज्जनगढ़ के शानदार नज़ारों तक, हर जगह आपको एक नया अनुभव देती है। यही वजह है कि एक बार Udaipur घूमने आने वाले लोग अक्सर यहाँ दोबारा लौटने की इच्छा जरूर रखते हैं। झीलों का यह खूबसूरत शहर आपको ऐसी यादें देकर जाएगा, जिन्हें आप शायद कभी नहीं भूल पाएंगे।




