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भारत का आखिरी गांव, जहां सड़क होती है खत्म और शुरू होते हैं असली पहाड़

Himachal Pradesh के चितकुल को भारत का आखिरी बसा हुआ गांव कहा जाता है। यह गांव इंडो-चाइना बॉर्डर के बेहद करीब स्थित है, जहां से आगे आम लोगों की आवाजाही बंद हो जाती है। यहां पहुंचते ही सबसे पहले जो चीज महसूस होती है, वो है सन्नाटा और ठंडी हवा का असर। शहरों का शोर, ट्रैफिक और भागदौड़ जैसे एकदम पीछे छूट जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे आप किसी दूसरी दुनिया में आ गए हों, जहां जिंदगी धीरे-धीरे चलती है और लोग अपने काम में सुकून से लगे रहते हैं

बस्पा वैली का नजारा जो हर किसी को रोक देता है

चितकुल की असली पहचान है यहां से दिखने वाली बस्पा वैली। यह घाटी इतनी खूबसूरत है कि पहली नजर में ही लोग कैमरा निकाल लेते हैं। दूर तक फैले पहाड़, बीच में बहती बस्पा नदी और चारों तरफ हरियाली- यह सब मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं जिसे शब्दों में बताना आसान नहीं होता। सुबह के समय जब सूरज की पहली किरणें पहाड़ों पर पड़ती हैं, तो पूरा इलाका सुनहरा सा चमकने लगता है। वहीं शाम को यहां का माहौल और भी शांत और सुकून भरा हो जाता है।

शांत गांव, जहां समय जैसे थोड़ा रुक जाता है

आज के समय में जहां हर कोई जल्दी में है, वहीं चितकुल एक ऐसी जगह है जहां सब कुछ धीरे-धीरे चलता है। यहां न बड़े-बड़े बाजार हैं, न ही तेज रफ्तार जिंदगी। गांव के लोग अपने रोज़मर्रा के काम में लगे रहते हैं- कोई खेत में काम कर रहा होता है, तो कोई घर के बाहर बैठकर धूप सेंक रहा होता है। यहां आने वाले लोग भी कुछ समय बाद उसी रफ्तार में ढल जाते हैं और सुकून महसूस करने लगते हैं। यही वजह है कि यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो शहर की भागदौड़ से दूर जाना चाहते हैं।

ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए परफेक्ट जगह

चितकुल एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए भी काफी खास है। यहां आसपास कई ऐसे रास्ते हैं जहां आप ट्रेकिंग कर सकते हैं और पहाड़ों को करीब से महसूस कर सकते हैं। हर रास्ता एक नया नजारा देता है- कहीं बर्फ से ढके पहाड़, कहीं हरी घाटियां और कहीं बहती नदी। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां हर कुछ कदम पर एक नया फ्रेम मिलता है, जो कैमरे में कैद करने लायक होता है।

रात का आसमान यहां का सबसे बड़ा सरप्राइज होता है

चितकुल की रातें इस जगह को और खास बना देती हैं। शहरों में जहां प्रदूषण और रोशनी की वजह से तारे साफ नहीं दिखते, वहीं यहां आसमान बिल्कुल साफ नजर आता है। रात के समय जब आप बाहर निकलते हैं, तो हजारों तारे चमकते हुए दिखते हैं। जो लोग स्टर्गेजिंग का शौक रखते हैं, उनके लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। ठंडी हवा में बैठकर तारों को देखना एक ऐसा अनुभव है, जो लंबे समय तक याद रहता है।

लकड़ी के घर और सेब के बाग गांव की पहचान हैं

चितकुल की खूबसूरती सिर्फ पहाड़ों और घाटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के घर और बाग भी इसे खास बनाते हैं। गांव में ज्यादातर घर लकड़ी के बने हुए हैं, जो पारंपरिक पहाड़ी स्टाइल को दिखाते हैं। ये घर देखने में सादे होते हैं, लेकिन इनमें एक अलग ही आकर्षण होता है। इसके अलावा यहां सेब के बाग भी काफी हैं। गर्मियों में जब पेड़ों पर सेब लगते हैं, तो पूरा गांव और भी खूबसूरत लगने लगता है।

पहुंचना थोड़ा मुश्किल, लेकिन सफर ही यादगार बन जाता है

चितकुल तक पहुंचना थोड़ा आसान नहीं है, लेकिन यही इसकी खासियत भी है। यहां पहुंचने के लिए पहले किन्नौर इलाके में आना पड़ता है और फिर पहाड़ी रास्तों से गुजरना होता है। रास्ता लंबा और घुमावदार जरूर है, लेकिन हर मोड़ पर जो नजारा मिलता है, वह सफर को मजेदार बना देता है। कई लोग तो कहते हैं कि चितकुल से ज्यादा खूबसूरत वहां तक पहुंचने का रास्ता होता है।

हर मौसम में अलग दिखता है चितकुल

चितकुल की एक और खास बात यह है कि यह हर मौसम में अलग नजर आता है। सर्दियों में यहां बर्फ की मोटी चादर बिछ जाती है और पूरा गांव सफेद हो जाता है। वहीं गर्मियों में हरियाली और साफ आसमान देखने को मिलता है। बारिश के समय यहां का माहौल और भी ताजा और खूबसूरत लगने लगता है। यही वजह है कि लोग अलग-अलग मौसम में यहां आने का प्लान बनाते हैं।

कम भीड़, इसलिए अनुभव और खास

आज के समय में कई टूरिस्ट जगहें इतनी भीड़भाड़ वाली हो गई हैं कि वहां सुकून मिलना मुश्किल हो जाता है। लेकिन चितकुल अभी भी उन जगहों में शामिल है जहां भीड़ कम होती है। यही वजह है कि यहां आने वाले लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि यहां वे बिना किसी शोर-शराबे के असली प्रकृति का मजा ले पाते हैं।

चितकुल उन जगहों में से है, जहां जाकर लगता है कि आपने सच में पहाड़ों को महसूस किया है। यहां न सिर्फ खूबसूरत नजारे हैं, बल्कि एक अलग तरह का सुकून भी है। यह जगह आपको थोड़ी देर के लिए शहर की भागदौड़ से दूर ले जाती है और एक अलग ही अनुभव देती है। अगर आप कुछ अलग, शांत और यादगार देखना चाहते हैं, तो चितकुल आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

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