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ये हैं भारत में सस्टेनेबल ट्रैवल के आसान और सबसे सस्ते तरीके- Sustainable Travel

आज के समय में जब हम पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं, तो यात्रा करना अक्सर एक नैतिक दुविधा बन जाता है, खासकर जब हम लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि भारत में टिकाऊ यात्रा यानी सस्टेनेबल ट्रैवल (Sustainable Travel) करना आपकी सोच से कहीं ज्यादा आसान है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रति व्यक्ति कार्बन फुटप्रिंट के मामले में भारत दुनिया में सबसे नीचे है। इसलिए अगर आप भी लोकल लोगों की तरह यात्रा करते हैं, तो आपकी यात्रा स्वाभाविक रूप से सस्ती और पर्यावरण को बिना नुकसान पहुँचाए की जा सकती है।

आज हम इस पेशकश से जानेंगे कि कैसे हम अपनी यात्रा को सस्ता और सस्टेनेबल बना सकते हैं।

परिवहन का देसी मंत्र ट्रेन और बस Sustainable Travel

हम अक्सर सुनते हैं कि पूरे देश में प्रदूषण दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, जिसका एक कारण यात्रा के दौरान प्रयोग होने वाले परिवहन से भी है। इसलिए आप परिवहन का सबसे सस्ता और टिकाऊ विकल्प चुनकर न केवल अपने खर्च को, बल्कि पर्यावरण को दूषित होने से भी बचा सकते हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक होने का दावा करता है, जो मुख्य रूप से लोगों को ले जाने के लिए बना है। भारत में ट्रेन को अक्सर यात्रा का सबसे सस्ता तरीका माना जाता है।

यदि आप नॉन एसी क्लास चुनते हैं, तो आप संभवतः सबसे टिकाऊ परिवहन मोड का इस्तेमाल कर रहे होंगे, और ट्रेन का किराया लंबी दूरी की बसों से भी कम होता है। साथ ही जिन रास्तों पर ट्रेन नहीं होती, जैसे कि पहाड़ों में वहाँ लोकल बसें, प्राइवेट टैक्सी या रिक्शे का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा शहरों के भीतर पैदल चलना या साइकिल चलाना पर्यावरण और बजट दोनों को लाभ पहुँचाता है। साथ ही इस उपाय से आप लोकल लोगों से भी घुल-मिल पाएंगे, जो आपकी यात्रा में चार चाँद लगा देगा।

ठहरने का जुगाड़ होमस्टे, हॉस्टल और धीमी यात्रा

बड़े होटल और लक्ज़री रिसॉर्ट से बचना लागत को कम करने का एक शानदार तरीका है। इसके बजाय लोकल रूप में संचालित होमस्टे और हॉस्टल चुनें। ये होटल और रिसॉर्ट की तुलना में छोटे होते हैं। होमस्टे अक्सर एक भारतीय घर की तरह ही चलाए जाते हैं, जहाँ एसी सीमित रूप से उपयोग किया जाता है और पानी का भी समझदारी से इस्तेमाल होता है। यहाँ आपको घर जैसा खाना भी मिलेगा।
हॉस्टल भी एक सस्ता और आरामदायक विकल्प है, जहाँ आपको 100 से 500 रुपये तक में बिस्तर मिल सकता है। #Sustainable Travel

सस्टेनेबल ट्रैवल

यदि आप किसी एक जगह पर लंबे समय तक ठहरते हैं यानी स्लो ट्रेवल करते हैं, तो यह परिवहन खर्च को कम करता है और लंबे समय के लिए बेहतर आवास सौदे मिल जाते हैं। आप कोउचसर्फिंग जैसे हॉस्पिटलिटी नेटवर्क का उपयोग करके मुफ्त आवास भी पा सकते हैं या वॉलंटियर करने के बदले में मुफ्त भोजन और ठहरने की सुविधा भी मिल सकती है।

खान-पान: सस्ता, शाकाहारी और स्वादिष्ट

पर्यावरण पर सबसे कम प्रभाव डालने वाला खाना- यानी शाकाहारी या कम मांस वाला भोजन भारत में अक्सर सबसे सस्ता विकल्प होता है। भारत उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो मांस से बचना चाहते हैं, क्योंकि यहाँ अनगिनत किफायती विकल्प मौजूद हैं। बाहर से मंगाए गए पैकेज्ड फूड और फास्ट फूड चेन के बजाय लोकल मार्केट और स्ट्रीट फूड का चयन करना सस्ता और टिकाऊ होता है, क्योंकि इसमें पैकेजिंग कम होती है। आपको 100 रुपये से भी कम में स्वादिष्ट और पेट भरने वाला भोजन मिल सकता है। वाराणसी, ऋषिकेश, पुष्कर जैसे स्थान न सिर्फ़ सस्ते ठहरने के लिए बेहतर हैं, बल्कि यहाँ शुद्ध शाकाहारी और सस्ता खाना भी आसानी से उपलब्ध होता है जो टिकाऊ बजट यात्रा के लिए आदर्श है।

जिम्मेदार यात्री बनें छोटे-छोटे स्मार्ट फैसले

बजट-अनुकूल और टिकाऊ यात्रा के लिए छोटे लेकिन समझदारी भरे फैसले लेना जरूरी है। सबसे पहले अपने साथ रीफिलेबल पानी की बोतल दोबारा उपयोग होने वाला शॉपिंग बैग, टिफिन बॉक्स, जैसी चीजें पैक करें। ऐसा करने से आप बोतलबंद पानी या पैकेज्ड स्नैक्स खरीदने से बचते हैं जिससे पैसे बचते हैं और प्लास्टिक कचरा भी कम होता है। इसके अलावा यात्रा के लिए नवंबर से फरवरी के अंत तक का समय बेहतर रहता है, क्योंकि मौसम आरामदायक होता है और आप एसी का उपयोग करने से बच सकते हैं।

फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल की ओर से पाँच सुझाव

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