असम का जोरहाट बन रहा है स्ट्रीट फूड लवर्स का नया ठिकाना
असम का खूबसूरत शहर Jorhat आमतौर पर अपने हरे-भरे चाय बागानों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह शहर धीरे-धीरे अपने नाइट स्ट्रीट फूड कल्चर के लिए भी चर्चा में आने लगा है। जैसे ही शाम ढलती है और रात का माहौल बनता है, शहर की कई गलियां और बाजार स्वादिष्ट खाने की खुशबू से भर उठते हैं। रात के समय यहां छोटे-छोटे फूड स्टॉल्स, ठेले और दुकानों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं।
इन जगहों पर स्थानीय लोग, कॉलेज के छात्र, परिवार और बाहर से आने वाले पर्यटक सभी स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का आनंद लेते नजर आते हैं। यही वजह है कि अब जोरहाट में नाइट स्ट्रीट फूड टूर एक नया आकर्षण बनता जा रहा है। इस टूर में खास तौर पर तीन चीजें सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं- मोमोज, वड़ा पाव और चिकन तंदूरी। अलग-अलग स्वाद, मसालों और पकाने के तरीकों की वजह से ये व्यंजन लोगों को बार-बार यहां आने के लिए आकर्षित करते हैं।
शाम ढलते ही शुरू हो जाता है खाने का असली मजा
जोरहाट में स्ट्रीट फूड का असली रंग रात में देखने को मिलता है। जैसे ही बाजारों की रौनक बढ़ती है, वैसे ही फूड स्टॉल्स पर भीड़ लगने लगती है। कई जगहों पर लोग अपने दोस्तों के साथ बैठकर चाय और स्नैक्स का आनंद लेते हैं, तो कहीं लोग अलग-अलग स्टॉल्स पर जाकर नई-नई चीजें चखते दिखाई देते हैं। यहां के स्ट्रीट फूड की एक खास बात यह भी है कि यह काफी किफायती होता है। कम कीमत में स्वादिष्ट और ताजा खाना मिल जाने की वजह से हर वर्ग के लोग इसे पसंद करते हैं। यही कारण है कि रात के समय यहां का माहौल किसी छोटे फूड फेस्टिवल जैसा लगने लगता है।
मोमोज: पूर्वोत्तर का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड

जोरहाट के नाइट स्ट्रीट फूड में अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा मांग होती है, तो वह है मोमोज। Momos मूल रूप से तिब्बत और नेपाल से जुड़े इस व्यंजन ने पूरे पूर्वोत्तर भारत में खास पहचान बना ली है। जोरहाट की गलियों में कई ऐसे स्टॉल मिल जाते हैं जहां अलग-अलग तरह के मोमोज तैयार किए जाते हैं। यहां स्टीम्ड मोमोज, फ्राइड मोमोज और पैन-फ्राइड मोमोज काफी लोकप्रिय हैं। इन्हें तीखी लाल मिर्च और लहसुन की चटनी के साथ परोसा जाता है, जो इनके स्वाद को और भी खास बना देती है। कई दुकानों पर चिकन, पनीर और सब्जियों से भरे मोमोज भी मिलते हैं, जिससे ग्राहकों के पास कई विकल्प होते हैं।
वड़ा पाव: मुंबई का स्वाद अब असम में भी लोकप्रिय
जोरहाट के स्ट्रीट फूड टूर में एक और दिलचस्प चीज है वड़ा पाव। Vada Pav को अक्सर “भारतीय बर्गर” भी कहा जाता है। इसमें मसालेदार आलू का बड़ा पकौड़ा नरम पाव के अंदर रखकर चटनी के साथ परोसा जाता है। हालांकि यह व्यंजन मूल रूप से महाराष्ट्र से जुड़ा है, लेकिन आज यह पूरे भारत में बेहद लोकप्रिय हो चुका है। जोरहाट में भी कई स्टॉल्स पर वड़ा पाव को अलग-अलग चटनियों और मसालों के साथ तैयार किया जाता है। कई दुकानदार इसमें खास मसाला डालते हैं, जिससे इसका स्वाद थोड़ा अलग और यादगार बन जाता है।

चिकन तंदूरी: धुएं और मसालों की लाजवाब खुशबू
स्ट्रीट फूड टूर के दौरान कई लोग खास तौर पर चिकन तंदूरी का स्वाद लेने आते हैं। Tandoori Chicken भारतीय खाने की दुनिया का एक बेहद लोकप्रिय व्यंजन माना जाता है। इसमें चिकन को दही और कई तरह के मसालों में मेरिनेट करके तंदूर में पकाया जाता है। जोरहाट के कई स्टॉल्स पर इसे कोयले की आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसमें हल्की स्मोकी खुशबू आ जाती है। जब इसे प्याज, नींबू और पुदीने की चटनी के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है।
क्यों खास है जोरहाट का स्ट्रीट फूड कल्चर
जोरहाट का स्ट्रीट फूड केवल खाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक विविधता को भी दिखाता है। यहां के खाने में भारतीय, तिब्बती और चीनी स्वादों का प्रभाव देखने को मिलता है। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लोग यहां रहते हैं, इसलिए यहां के स्ट्रीट फूड में अलग-अलग क्षेत्रों की झलक दिखाई देती है। यही वजह है कि यहां आने वाले लोगों को एक ही जगह पर कई तरह के स्वाद चखने का मौका मिल जाता है।
पर्यटकों के लिए भी बन रहा है नया आकर्षण
हाल के वर्षों में जोरहाट आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। चाय बागानों और प्राकृतिक सुंदरता के अलावा अब कई लोग यहां के स्ट्रीट फूड का अनुभव लेने भी आते हैं। कई ट्रैवल व्लॉगर्स और फूड ब्लॉगर्स ने भी यहां के नाइट स्ट्रीट फूड टूर को अपने वीडियो और ब्लॉग में दिखाया है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार का जरिया
स्ट्रीट फूड केवल स्वाद का अनुभव नहीं है, बल्कि यह कई लोगों के लिए आजीविका का साधन भी है। छोटे-छोटे फूड स्टॉल चलाने वाले लोग अपने परिवार का पालन-पोषण इसी से करते हैं। जब ग्राहक ज्यादा आते हैं, तो इससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है।
स्वाद, संस्कृति और रात की रौनक का अनोखा मेल
कुल मिलाकर देखा जाए तो जोरहाट का नाइट स्ट्रीट फूड टूर सिर्फ खाने का अनुभव नहीं बल्कि एक यादगार यात्रा भी है। यहां की गलियों में घूमते हुए अलग-अलग स्टॉल्स पर रुककर मोमोज, वड़ा पाव और चिकन तंदूरी जैसे व्यंजनों का स्वाद लेना लोगों के लिए एक खास अनुभव बन जाता है। इसी वजह से पूर्वोत्तर भारत का यह शहर अब धीरे-धीरे फूड ट्रैवलर्स और स्ट्रीट फूड प्रेमियों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है।





