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Bengaluru to Goa Vande Bharat: रूट, टाइमटेबल और 12 स्टॉपेज

Vande Bharat

कभी-कभी किसी यात्रा में मंजिल से ज्यादा मजा रास्ते का होता है। सोचिए, आप सुबह बेंगलुरु से ट्रेन पकड़ें और खिड़की के बाहर धीरे-धीरे शहर की इमारतों की जगह हरे-भरे पहाड़, घने जंगल, छोटी-बड़ी सुरंगें और गहरी घाटियां दिखाई देने लगें। फिर रास्ते में समुद्र किनारे बसे शहर आएं और शाम होते-होते आप गोवा पहुंच जाएं। सुनने में अच्छा लगता है न?

अब बेंगलुरु से गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए ऐसा ही एक नया विकल्प आने वाला है। भारतीय रेलवे ने यशवंतपुर (बेंगलुरु) से मडगांव (गोवा) के बीच नई Vande Bharat Express चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन करीब 13 घंटे 20 मिनट में अपना सफर पूरा करेगी। खास बात यह है कि इसका रास्ता कर्नाटक के पहाड़ी और तटीय इलाकों से होकर गुजरेगा।

इस सफर में आपको हासन, सकलेशपुर, मंगलुरु, उडुपी, मुरुदेश्वर, गोकर्ण और कारवार जैसे शहरों से गुजरने का मौका मिलेगा। यानी गोवा पहुंचने से पहले ही कर्नाटक के कई खूबसूरत इलाकों की झलक देखने को मिलेगी। तो चलिए जानते हैं इस नई Vande Bharat का रूट, समय, स्टॉपेज और सफर से जुड़ी खास बातें।

बेंगलुरु से गोवा के बीच शुरू होने जा रही है नई Vande Bharat

बेंगलुरु और गोवा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए रेलवे का यह फैसला काफी काम का हो सकता है। अभी तक यात्रियों के पास बस, फ्लाइट और दूसरी ट्रेनों के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन नई Vande Bharat दिन के समय सफर करने का एक अलग अनुभव देगी।

यह ट्रेन बेंगलुरु के यशवंतपुर जंक्शन से चलेगी और गोवा के मडगांव जंक्शन तक पहुंचेगी। इसका रास्ता कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों से होते हुए पश्चिमी घाट और फिर तटीय क्षेत्र की तरफ जाएगा। इस वजह से यह रूट उन लोगों के लिए भी खास हो सकता है जिन्हें ट्रेन से नई जगहें देखना और रास्ते में फोटोग्राफी करना पसंद है।

Vande Bharat

रेलवे बोर्ड ने 30 अक्टूबर 2026 को इस सेवा को मंजूरी दी है। नई ट्रेन को 26655 और 26656 नंबर दिए गए हैं। यह चेयर कार सेवा होगी और दोनों दिशाओं में सप्ताह में छह दिन चलेगी।

हालांकि, एक बात ध्यान रखने वाली है। अभी ट्रेन की मंजूरी और टाइमटेबल की जानकारी सामने आई है, लेकिन नियमित सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख और टिकट का किराया घोषित नहीं हुआ है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।

Vande Bharat का टाइमटेबल: सुबह बेंगलुरु से चलेगी ट्रेन

अगर आप बेंगलुरु से गोवा जाने की योजना बना रहे हैं, तो ट्रेन का समय जानना जरूरी है। तय टाइमटेबल के मुताबिक, यह ट्रेन सुबह यशवंतपुर से रवाना होगी और रात तक मडगांव पहुंच जाएगी।

यशवंतपुर से मडगांव – ट्रेन नंबर 26655

  • रवाना होने का समय: सुबह 7:35 बजे
  • पहुंचने का समय: रात 8:55 बजे
  • कुल यात्रा समय: 13 घंटे 20 मिनट
  • चलने के दिन: बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन
  • मडगांव से यशवंतपुर – ट्रेन नंबर 26656
  • रवाना होने का समय: सुबह 8:20 बजे
  • पहुंचने का समय: रात 9:15 बजे
  • कुल यात्रा समय: 12 घंटे 55 मिनट
  • चलने के दिन: गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन

इस समय के हिसाब से यात्री सुबह सफर शुरू करके उसी दिन रात को अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। Vande Bharat का दिन में चलना इस रूट की एक खास बात है, क्योंकि यात्रियों को रास्ते के पहाड़ी और तटीय नजारे देखने का मौका मिलेगा।

पुरानी मंगलुरु-मडगांव Vande Bharat का क्या होगा?

इससे पहले मंगलुरु सेंट्रल और मडगांव के बीच 20645/20646 नंबर की Vande Bharat सेवा चलती थी। रेलवे बोर्ड ने नई यशवंतपुर-मडगांव सेवा को मंजूरी देते हुए इस पुरानी सेवा को बंद करने का फैसला भी लिया है।

अब नई योजना के तहत ट्रेन का रास्ता यशवंतपुर से शुरू होकर मंगलुरु होते हुए मडगांव तक जाएगा। इससे बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक और गोवा के बीच सीधा रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

बेंगलुरु से गोवा तक का पूरा रूट: इन 12 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

इस Vande Bharat की सबसे अच्छी बात इसका रूट है। यह सिर्फ बेंगलुरु से गोवा पहुंचाने वाली ट्रेन नहीं होगी, बल्कि रास्ते में कर्नाटक के कई जाने-पहचाने शहरों से भी गुजरेगी। रेलवे की मंजूर की गई जानकारी के अनुसार, यशवंतपुर से मडगांव के बीच इसके 12 प्रमुख ठहराव होंगे।

ट्रेन के 12 स्टॉपेज इस तरह हैं:

  • श्रवणबेलगोला (Shravanabelagola): यह कर्नाटक का प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल है। यहां भगवान बाहुबली की विशाल प्रतिमा देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।
  • हासन (Hassan): हासन के आसपास बेलूर और हलेबीडु जैसे ऐतिहासिक मंदिर हैं। मंदिरों की बनावट और पुराने पत्थरों पर की गई नक्काशी इस इलाके को खास बनाती है।
  • सकलेशपुर (Sakleshpur): पश्चिमी घाट में बसा यह पहाड़ी इलाका अपने कॉफी के बागानों, हरियाली और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां बेहद खूबसूरत दिखाई देती हैं।
  • सुब्रमण्य रोड (Subrahmanya Road): यह स्टेशन कुक्के सुब्रमण्य मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी है। यह मंदिर कर्नाटक के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
  • कबका पुत्तूर (Kabaka Puttur): यह दक्षिण कन्नड़ जिले का एक अहम स्टेशन है। स्थानीय यात्रियों की मांग को देखते हुए इसे इस रूट पर ठहराव दिया गया है।
  • मंगलुरु जंक्शन (Mangaluru Junction): मंगलुरु कर्नाटक का प्रमुख तटीय शहर है। यहां के समुद्र तट, पुराने मंदिर, चर्च और स्थानीय खानपान काफी मशहूर हैं।
  • उडुपी (Udupi): उडुपी का नाम सुनते ही श्रीकृष्ण मंदिर और यहां के स्वादिष्ट खाने की याद आती है। मालपे बीच भी इस इलाके का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
  • कुंडापुरा (Kundapura): यह तटीय शहर अपने समुद्र किनारों, नदियों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। यहां कर्नाटक के तटीय जीवन की झलक देखने को मिलती है।
  • मूकांबिका रोड बायंदूर (Mookambika Road Byndoor): यह स्टेशन कोल्लूर स्थित श्री मूकांबिका मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • मुरुदेश्वर (Murdeshwar): समुद्र किनारे भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और ऊंचा गोपुरम इस जगह की पहचान हैं। यहां का समुद्र तट भी काफी खूबसूरत है।
  • गोकर्ण रोड (Gokarna Road): गोकर्ण अपने शांत समुद्र तटों और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। ओम बीच और कुडले बीच यहां के लोकप्रिय आकर्षण हैं।
  • कारवार (Karwar): कर्नाटक का यह तटीय शहर अपने साफ समुद्र तटों और प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। यहां से गोवा की दूरी भी ज्यादा नहीं है।

इन स्टेशनों के बाद ट्रेन का आखिरी पड़ाव मडगांव जंक्शन होगा, जो गोवा का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है।

ध्यान रहे कि ये ट्रेन के निर्धारित ठहराव हैं। रास्ते में आने वाले हर शहर में ट्रेन नहीं रुकेगी। इसलिए किसी खास जगह जाने का प्लान हो तो टिकट बुक करने से पहले स्टॉपेज की जानकारी जरूर जांच लें।

सकलेशपुर से सुब्रमण्य रोड: सफर का सबसे खास हिस्सा

इस पूरी यात्रा का सबसे दिलचस्प हिस्सा सकलेशपुर से सुब्रमण्य रोड के बीच का पहाड़ी रास्ता माना जा रहा है। यह करीब 55 किलोमीटर का घाट सेक्शन है, जहां ट्रेन पश्चिमी घाट के पहाड़ों और जंगलों के बीच से गुजरती है।

इस इलाके में रेलवे ट्रैक बनाना और उसका रखरखाव करना आसान नहीं है। यहां पहाड़, गहरी घाटियां, भारी बारिश और घने जंगल रेलवे के काम को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।

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इस सेक्शन से जुड़ी रिपोर्टों में 57 सुरंगों, 226 पुलों और 108 घुमावदार मोड़ों का जिक्र किया गया है। यानी ट्रेन को इस रास्ते पर कई बार पहाड़ों के अंदर बनी सुरंगों से गुजरना होगा और ऊंचे पुलों के ऊपर से आगे बढ़ना होगा।

जरा सोचिए, एक तरफ घने जंगल हों, दूसरी तरफ गहरी घाटी और बीच में पहाड़ों को काटकर बनाई गई रेलवे लाइन। बारिश के मौसम में जब पहाड़ियों पर बादल छाए हों और चारों तरफ हरियाली हो, तब खिड़की से बाहर का नजारा कितना शानदार हो सकता है।

यही वजह है कि Vande Bharat का यह रूट उन लोगों के लिए भी खास बन सकता है जिन्हें सिर्फ मंजिल तक पहुंचना नहीं, बल्कि रास्ते को भी करीब से देखना पसंद है।

30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार क्यों रखी जाएगी?

Vande Bharat को आमतौर पर तेज रफ्तार ट्रेन के तौर पर जाना जाता है। लेकिन हर रेलवे रूट पर इसकी रफ्तार एक जैसी नहीं हो सकती। सकलेशपुर और सुब्रमण्य रोड के बीच का पहाड़ी सेक्शन काफी चुनौतीपूर्ण है।

इस करीब 55 किलोमीटर लंबे हिस्से में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखी जाएगी। इसकी वजह यहां का कठिन पहाड़ी रास्ता, तीखे मोड़ और ढलान हैं।

इस सेक्शन में रेलवे को कई तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां करनी पड़ी हैं। पहाड़ी इलाके में बिजली की लाइन बिछाना भी आसान काम नहीं था। भारी बारिश और सीमित सड़क संपर्क के कारण निर्माण कार्य में कई तरह की मुश्किलें आईं।

Vande Bharat एक ऐसी ट्रेन है जिसमें इंजन अलग से आगे नहीं लगाया जाता, बल्कि इसके कोचों में ही ट्रेन को चलाने वाली मोटर लगी होती हैं। ऐसे में पहाड़ी रास्ते पर इसे सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए तकनीकी जांच और जरूरी सुरक्षा इंतजाम बहुत अहम हैं।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि Vande Bharat नाम होने का मतलब यह नहीं कि ट्रेन हर जगह तेज रफ्तार से चलेगी। इस रूट पर यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले होगी और पहाड़ी हिस्से में धीमी रफ्तार से ही ट्रेन आगे बढ़ेगी।

ट्रेन के अंदर मिलेंगी कौन-कौन सी सुविधाएं?

Vande Bharat को आधुनिक सुविधाओं वाली चेयर कार ट्रेन के रूप में तैयार किया गया है। इस ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को आरामदायक सीटों और कई जरूरी सुविधाओं का फायदा मिलता है।

इस रूट पर चलने वाली नई ट्रेन भी चेयर कार सेवा होगी। इसमें सफर करने वाले यात्रियों को आरामदायक सीटें, बड़ी खिड़कियां और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

  • बड़ी खिड़कियां: पहाड़ी और तटीय इलाकों से गुजरते समय बाहर के नजारे देखने के लिए बड़ी खिड़कियां काफी काम आएंगी। खासकर सकलेशपुर के आसपास का रास्ता देखने लायक हो सकता है।
  • आरामदायक सीटें: लंबा सफर होने के कारण सीटों का आरामदायक होना जरूरी है। Vande Bharat की चेयर कार में यात्रियों को बैठकर सफर करने की सुविधा मिलती है।
  • खाने-पीने की सुविधा: ट्रेन में खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा के दौरान चाय, कॉफी और खाने से जुड़ी जानकारी टिकट बुकिंग के समय या रेलवे की ओर से जारी अपडेट में देखी जा सकती है।
  • चार्जिंग की सुविधा: मोबाइल और दूसरे छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए ट्रेन में चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
  • आधुनिक यात्री सुविधाएं: ट्रेन में सूचना प्रणाली और साफ-सफाई से जुड़ी सुविधाएं भी मिलती हैं, जिससे लंबी यात्रा थोड़ी आसान हो जाती है।

नई Vande Bharat के लिए कोच और सुविधा से जुड़ी पूरी जानकारी रेलवे की ओर से जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए टिकट बुक करते समय क्लास और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जरूर पढ़ें।

बेंगलुरु से गोवा जाने के लिए Vande Bharat चुनना कितना सही रहेगा?

बेंगलुरु से गोवा जाने के लिए आपके पास बस, ट्रेन और फ्लाइट जैसे कई विकल्प हैं। हर विकल्प का अपना फायदा है। अगर आपके लिए कम समय में पहुंचना सबसे जरूरी है, तो फ्लाइट बेहतर हो सकती है। वहीं, कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए बस या दूसरी ट्रेनें भी विकल्प हैं।

लेकिन अगर आप दिन के समय आराम से बैठकर रास्ते के नजारे देखना चाहते हैं, तो Vande Bharat एक अच्छा विकल्प बन सकती है।

इसकी यात्रा करीब 13 घंटे 20 मिनट की होगी। यानी सुबह निकलकर रात तक गोवा पहुंचा जा सकेगा। इस दौरान कर्नाटक के पहाड़ी और तटीय इलाकों को देखने का मौका भी मिलेगा।

फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों के लिए यह रूट खास हो सकता है। सकलेशपुर के आसपास पहाड़, सुरंगें और जंगल देखने को मिलेंगे, जबकि आगे मंगलुरु से कारवार तक तटीय कर्नाटक के कई खूबसूरत इलाके रास्ते में आएंगे।

हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि ट्रेन का पहाड़ी हिस्से में चलने का समय और खिड़की से दिखने वाले नजारे मौसम पर निर्भर करेंगे। मानसून में हरियाली ज्यादा दिख सकती है, लेकिन बारिश के कारण दृश्यता कम भी हो सकती है।

कुल मिलाकर, अगर आप गोवा पहुंचने के साथ-साथ रास्ते का अनुभव भी लेना चाहते हैं, तो नई Vande Bharat आपके लिए एक दिलचस्प विकल्प साबित हो सकती है।

टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नई ट्रेन की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नियमित सेवा शुरू होने की तारीख और किराये की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए अभी से यात्रा की योजना बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

Vande Bharat

सबसे पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या IRCTC पर ट्रेन नंबर 26655 और 26656 की जानकारी चेक करें। सेवा शुरू होने के बाद ही टिकट बुकिंग की उपलब्धता और किराया स्पष्ट होगा।

इसके अलावा, अपने यात्रा वाले दिन ट्रेन चल रही है या नहीं, यह भी देख लें। यशवंतपुर से जाने वाली ट्रेन बुधवार को नहीं चलेगी, जबकि मडगांव से लौटने वाली ट्रेन गुरुवार को उपलब्ध नहीं होगी।

अगर आप गोकर्ण, मुरुदेश्वर या उडुपी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह भी देख लें कि आपका चुना हुआ स्टेशन ट्रेन के निर्धारित ठहराव में शामिल है या नहीं। सिर्फ किसी शहर के पास से ट्रेन गुजरने का मतलब यह नहीं कि वहां ट्रेन रुकेगी।

नई Vande Bharat के शुरू होने से बेंगलुरु, कर्नाटक के तटीय इलाकों और गोवा के बीच यात्रा का एक नया विकल्प मिलेगा। अब देखना होगा कि नियमित सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को इसका कितना फायदा मिलता है।

Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव

  • खिड़की वाली सीट लेने की कोशिश करें। इस रूट का सबसे खूबसूरत हिस्सा पहाड़ी और तटीय इलाके हैं। इसलिए टिकट बुक करते समय अपनी पसंद की सीट चुनने का विकल्प जरूर देखें।
  • सकलेशपुर के आसपास कैमरा तैयार रखें। सकलेशपुर से सुब्रमण्य रोड के बीच पहाड़, सुरंगें और पुल देखने को मिलेंगे। इस हिस्से में फोटोग्राफी के लिए अपना मोबाइल या कैमरा तैयार रखें।
  • मौसम देखकर यात्रा की योजना बनाएं। मानसून और उसके बाद पश्चिमी घाट में हरियाली खूब देखने को मिलती है। लेकिन भारी बारिश में दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करें।
  • रास्ते के शहरों को घूमने की योजना में शामिल करें। उडुपी, मुरुदेश्वर, गोकर्ण और कारवार जैसे इलाकों में घूमने के लिए अलग से समय निकालें। ध्यान रखें कि ट्रेन हर जगह नहीं रुकेगी, इसलिए उतरने के स्टेशन की जानकारी पहले देख लें।
  • ट्रेन की शुरुआत और किराये की आधिकारिक जानकारी जांचें। अभी सेवा की मंजूरी मिली है, लेकिन शुरू होने की तारीख और टिकट का किराया घोषित होना बाकी है। टिकट बुक करने से पहले IRCTC या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट जरूर देखें।
Shivani Pal

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