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Train Ticket: कन्फर्म सीट पाने के 6 आसान तरीके

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होली हो, दीवाली हो, छठ पूजा हो या फिर गर्मियों की छुट्टियां, जैसे ही घर जाने का मौसम आता है, Delhi, मुंबई, पंजाब और गुजरात जैसे शहरों से यूपी-बिहार जाने वाली Train में टिकट मिलना अपने आप में एक चुनौती बन जाता है। कई बार यात्रा से कई हफ्ते पहले ही सीटों पर लंबी वेटिंग दिखने लगती है और कुछ Train में तो टिकट बुक करने पर सीधे ‘रिग्रेट’ नजर आने लगता है।

ऐसे समय में कई लोग दलालों के चक्कर में पड़ जाते हैं या फिर तत्काल टिकट के भरोसे बैठ जाते हैं। लेकिन हर बार ऐसा करने की जरूरत नहीं है। रेलवे की बुकिंग व्यवस्था में ही कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनका सही समय पर इस्तेमाल करके कन्फर्म सीट पाने की संभावना बढ़ाई जा सकती है। आपको बस टिकट बुक करने से पहले कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा।

टिकट बुक करने से पहले समझें GNWL, RLWL और PQWL का फर्क

टिकट बुक करते समय आपने GNWL, RLWL, PQWL और TQWL जैसे शब्द जरूर देखे होंगे। आम यात्री अक्सर इन्हें देखकर बस इतना समझता है कि टिकट वेटिंग में है, लेकिन असल में हर वेटिंग लिस्ट की स्थिति एक जैसी नहीं होती।

GNWL यानी General Waiting List आम तौर पर Train के शुरुआती स्टेशन या बड़े मुख्य स्टेशनों से यात्रा करने पर मिलती है। इसके मुकाबले RLWL यानी Remote Location Waiting List और PQWL यानी Pooled Quota Waiting List अलग-अलग कोटे से जुड़ी होती हैं। इसलिए एक ही नंबर की वेटिंग होने के बावजूद अलग-अलग टिकटों की स्थिति अलग हो सकती है।

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अगर आप किसी Train में टिकट बुक कर रहे हैं तो सिर्फ वेटिंग नंबर देखकर फैसला न लें। टिकट की वेटिंग किस कोटे में है, यह भी जरूर देखें। कई बार कम नंबर वाली RLWL के मुकाबले ज्यादा नंबर वाली GNWL के कन्फर्म होने की संभावना बेहतर हो सकती है।

सिर्फ वेटिंग नंबर नहीं, कन्फर्मेशन की संभावना भी देखें

मान लीजिए किसी Train में आपको WL 30 दिखाई दे रही है और दूसरी Train में WL 60। पहली नजर में लगेगा कि WL 30 वाला टिकट ज्यादा अच्छा है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। टिकट किस कोटे में है और उस रूट पर पहले कितना टिकट कैंसिल होता है, इन चीजों का भी असर पड़ता है।

IRCTC पर बुकिंग करते समय उपलब्ध कन्फर्मेशन संभावना को भी देखना आपके लिए मददगार हो सकता है। अगर किसी Train में कन्फर्म होने की संभावना काफी अच्छी दिखाई दे रही है, तो आप उसी को प्राथमिकता दे सकते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि दिखाई गई संभावना कन्फर्म टिकट की गारंटी है। इसे बस एक संकेत की तरह समझें। अंतिम स्थिति चार्ट बनने और टिकट की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करती है।

VIKALP को नजरअंदाज मत कीजिए, दूसरी Train बन सकती है आपका रास्ता

कई यात्री टिकट बुक करते समय VIKALP का विकल्प देखकर उसे छोड़ देते हैं। जबकि लंबी वेटिंग वाली यात्रा में यह विकल्प आपके काम आ सकता है। VIKALP यानी Alternate Train Accommodation Scheme का मकसद ही यात्रियों को दूसरी उपलब्ध Train में जगह दिलाने की कोशिश करना है।

अगर आपकी मूल Train में टिकट कन्फर्म नहीं होता और आपने VIKALP के तहत दूसरी Train के विकल्प चुने हैं, तो रेलवे उपलब्धता के आधार पर आपको दूसरी Train में जगह दे सकती है। इसका मतलब यह है कि आपको सिर्फ एक ही Train के भरोसे नहीं रहना पड़ता।

हालांकि VIKALP को कन्फर्म टिकट की गारंटी नहीं समझना चाहिए। सीट उपलब्ध होने, नियमों और दूसरी Train की स्थिति के आधार पर ही इसमें बदलाव होता है। इसलिए टिकट बुक करते समय इस विकल्प को ध्यान से पढ़कर चुनना समझदारी है।

सीधी Train में टिकट नहीं मिल रहा तो सफर को दो हिस्सों में देखिए

कई बार Delhi से पटना, Delhi से छपरा या मुंबई से बिहार के किसी स्टेशन तक सीधी Train में लंबी वेटिंग दिखाई देती है। ऐसे में एक तरीका यह हो सकता है कि आप पूरे सफर को एक ही टिकट में देखने के बजाय बीच के किसी बड़े स्टेशन तक और वहां से आगे के लिए अलग टिकट की उपलब्धता जांचें।

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उदाहरण के लिए अगर Delhi से पटना की सीधी Train में सीट नहीं मिल रही है, तो Delhi से किसी बड़े जंक्शन तक और वहां से पटना तक की अलग-अलग उपलब्धता चेक की जा सकती है। कई बार अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग कोटा होने की वजह से विकल्प मिल जाता है।

लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है। दो अलग टिकट होने का मतलब यह नहीं कि रेलवे आपकी पूरी यात्रा की जिम्मेदारी एक ही टिकट की तरह लेगी। अगर आप ऐसी बुकिंग करते हैं तो दोनों टिकटों के समय, Train और कनेक्शन का अच्छा अंतर जरूर रखें। बिना सोचे बहुत कम समय का कनेक्शन लेना परेशानी पैदा कर सकता है।

आसपास के स्टेशन भी चेक करें, कई बार यहीं से रास्ता निकलता है

अगर आपके पसंदीदा स्टेशन से Train में टिकट नहीं मिल रहा है, तो सिर्फ उसी स्टेशन को बार-बार सर्च करते रहने से फायदा नहीं होगा। आसपास के बड़े स्टेशन भी देखिए। Delhi-एनसीआर में नई Delhi, आनंद विहार, पुरानी Delhi, गाजियाबाद जैसे अलग-अलग स्टेशन कई यात्रियों के लिए विकल्प बन सकते हैं।

इसी तरह रास्ते के किसी दूसरे स्टेशन से Train पकड़ने की संभावना भी देखी जा सकती है। कई बार एक स्टेशन से वेटिंग बहुत ज्यादा होती है, जबकि उसी Train में किसी दूसरे स्टेशन से सीट उपलब्ध दिखाई दे सकती है।

हालांकि अगर आप किसी दूसरे स्टेशन से टिकट बुक करते हैं तो Boarding Station की जानकारी बहुत ध्यान से भरें। जहां से आप वास्तव में Train में चढ़ने वाले हैं, उसे रेलवे के नियमों के मुताबिक सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है। सिर्फ टिकट पाने के लिए गलत जानकारी डालना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।

त्योहारों में Festival Special Train पर नजर रखना न भूलें

छठ पूजा, दीवाली, होली और गर्मी की छुट्टियों में रेलवे कई अतिरिक्त Train चलाती है। इन्हें Festival Special Train के रूप में घोषित किया जाता है। इनका शेड्यूल कई बार नियमित Train की तुलना में बाद में सामने आता है, इसलिए जो यात्री लगातार सिर्फ पुरानी Train को देखते रहते हैं, वे इन विकल्पों को मिस कर देते हैं।

त्योहारों के समय आपको रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं और IRCTC पर नई Train की उपलब्धता पर नजर रखनी चाहिए। जैसे ही कोई नई Train बुकिंग के लिए उपलब्ध हो, उसका रूट, समय, ठहराव और किराया देखकर फैसला किया जा सकता है।

कई बार ऐसी Special Train आपकी यात्रा का सबसे आसान विकल्प बन सकती है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि वह नई Train है, बिना समय और रूट देखे टिकट बुक न करें। घर पहुंचने के लिए Train का सही समय और स्टेशन भी उतना ही जरूरी है जितना कन्फर्म टिकट।

चार्ट बनने के बाद भी मौका खत्म नहीं होता

बहुत से यात्रियों को लगता है कि चार्ट बन गया तो अब Train में सीट मिलने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन ऐसा हर स्थिति में नहीं होता। अगर चार्ट तैयार होने के बाद भी किसी कोटे या कैंसिलेशन की वजह से सीट खाली रह जाती है, तो कुछ मामलों में वह Current Booking के तहत उपलब्ध हो सकती है।

यही वजह है कि आखिरी समय में यात्रा करने वालों को Current Booking पर भी नजर रखनी चाहिए। इसमें आम तौर पर कन्फर्म टिकट ही उपलब्ध होता है, इसलिए अगर सीट मिल जाए तो आपको वेटिंग टिकट के मुकाबले ज्यादा स्पष्ट स्थिति मिलती है।

IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध चार्ट और सीट की जानकारी देखकर खाली बर्थ की स्थिति जांची जा सकती है। त्योहारों में अगर आपकी यात्रा बेहद जरूरी है और पहले टिकट नहीं मिला है, तो चार्ट के आसपास की स्थिति एक बार जरूर देख लें।

Chart Vacancy से पता चल सकता है कहां खाली है बर्थ

Chart Vacancy का विकल्प उन यात्रियों के लिए खासा उपयोगी हो सकता है जिन्हें आखिरी समय में सीट तलाशनी है। चार्ट तैयार होने के बाद उपलब्ध खाली सीटों की जानकारी इसमें दिखाई जा सकती है।

मान लीजिए किसी Train में किसी कोच की कुछ सीटें कैंसिलेशन या किसी अन्य कारण से खाली रह गईं। ऐसी स्थिति में Chart Vacancy के जरिए आपको कोच और सीट की उपलब्धता की जानकारी मिल सकती है। अगर वहां Current Booking उपलब्ध है, तो नियमों के अनुसार टिकट बुक किया जा सकता है।

यह तरीका खासतौर पर तब उपयोगी है जब आपकी यात्रा जरूरी हो और सामान्य बुकिंग में टिकट न मिल पाया हो। हालांकि उपलब्धता हर Train और हर दिन अलग होगी, इसलिए इसे निश्चित तरीका नहीं बल्कि एक अतिरिक्त मौका समझें।

टिकट बुकिंग में कुछ सेकंड भी बचा सकते हैं आपका सफर

त्योहारों के समय किसी लोकप्रिय Train की बुकिंग शुरू होते ही सीटें तेजी से भर सकती हैं। इसलिए पहले से तैयारी रखना काफी जरूरी है। IRCTC की Master List में परिवार के यात्रियों की जरूरी जानकारी सेव करके रखें।

इससे बुकिंग के समय हर यात्री का नाम, उम्र और दूसरी जानकारी बार-बार भरने में समय नहीं लगेगा। पेमेंट के लिए भी पहले से ऐसा माध्यम तैयार रखें जिसमें भुगतान जल्दी पूरा हो सके।

अगर आप किसी खास दिन की Train पकड़ना चाहते हैं तो बुकिंग शुरू होने के समय के आसपास पहले से लॉगिन करके तैयार रहना बेहतर है। इंटरनेट कनेक्शन ठीक रखें और आखिरी समय पर यात्री की जानकारी भरने की बजाय पहले से तैयारी करें।

शुक्रवार से रविवार की भीड़ से बचना कई बार फायदेमंद होता है

अगर आपकी यात्रा की तारीख बदल सकती है तो सप्ताह के दिनों को भी विकल्प में रखें। त्योहारों के आसपास शुक्रवार, शनिवार और रविवार को घर जाने वालों की संख्या काफी बढ़ सकती है।

कई बार सिर्फ एक दिन आगे या पीछे की तारीख चुनने से Train में उपलब्धता बदल जाती है। इसलिए टिकट खोजते समय केवल एक तारीख पर अटकने की बजाय आसपास की दो-तीन तारीखें भी चेक करें।

अगर आपका काम या कॉलेज इसकी इजाजत देता है, तो सोमवार से गुरुवार के बीच यात्रा करने का विकल्प देख सकते हैं। इससे आपको कम भीड़ वाली Train या बेहतर उपलब्धता मिल सकती है।

तत्काल को आखिरी सहारा रखें, पहला विकल्प नहीं

तत्काल टिकट का नाम सुनते ही बहुत से यात्रियों को लगता है कि यही कन्फर्म टिकट पाने का सबसे आसान रास्ता है। लेकिन त्योहारों के समय तत्काल की मांग इतनी ज्यादा होती है कि सीटें बहुत जल्दी भर सकती हैं।

इसलिए पूरी यात्रा को सिर्फ तत्काल के भरोसे रखना ठीक नहीं है। पहले सामान्य बुकिंग, दूसरी Train, Festival Special, VIKALP और आसपास के स्टेशन जैसे विकल्प देखना ज्यादा बेहतर है।

अगर इनमें से किसी विकल्प से टिकट मिल जाए तो तत्काल के समय होने वाली जल्दबाजी से बचा जा सकता है। और अगर आखिर में तत्काल ही विकल्प बचता है, तो यात्री की जानकारी और पेमेंट की तैयारी पहले से रखकर कोशिश करनी चाहिए।

दलाल से टिकट लेने के बजाय रेलवे के विकल्प समझिए

लंबी वेटिंग देखकर कई यात्री परेशान हो जाते हैं और फिर दलालों के संपर्क में आ जाते हैं। यहीं से कई बार जरूरत से ज्यादा पैसे खर्च करने की शुरुआत होती है। किसी अनजान व्यक्ति को पैसे देकर टिकट की गारंटी लेना सुरक्षित तरीका नहीं है।

रेलवे की आधिकारिक व्यवस्था में ही कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। GNWL और दूसरे वेटिंग कोटे को समझना, VIKALP देखना, दूसरी Train खोजना, Festival Special पर नजर रखना और चार्ट के बाद Current Booking जांचना—ये सभी तरीके आपकी मदद कर सकते हैं।

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सबसे जरूरी बात यह है कि कन्फर्म टिकट पाने का कोई ऐसा जादुई तरीका नहीं है जो हर बार 100 प्रतिशत काम करे। लेकिन सही जानकारी और थोड़ी तैयारी से आपके पास विकल्प जरूर बढ़ जाते हैं।

घर जाने की तैयारी सिर्फ टिकट से नहीं, सही प्लान से होती है

यूपी-बिहार की तरफ त्योहारों में जाने वाली Train में भीड़ होना कोई नई बात नहीं है। खासकर छठ पूजा, होली और दीवाली के समय लाखों लोग अपने घरों की तरफ जाते हैं। ऐसे में आखिरी दिन टिकट खोजने के बजाय पहले से योजना बनाना सबसे बड़ा फायदा देता है।

अपनी तारीख में थोड़ा बदलाव रखने से लेकर दूसरी Train देखने तक, हर छोटा विकल्प आपके काम आ सकता है। अगर सीधी Train में सीट नहीं मिल रही है तो आसपास के स्टेशन, कनेक्टिंग रूट और Festival Special को भी जरूर जांचें।

और सबसे जरूरी बात—किसी भी जानकारी के लिए रेलवे और IRCTC के आधिकारिक माध्यमों को प्राथमिकता दें। नियम और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है, इसलिए टिकट बुक करने से पहले उसी समय की जानकारी जरूर जांच लें।

Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव

  •  टिकट की बुकिंग जितनी जल्दी हो सके करें। त्योहारों में घर जाने की योजना पहले से बनी है तो आखिरी समय तक इंतजार न करें। एडवांस बुकिंग खुलने के बाद अपनी Train और तारीख जल्द तय करना सबसे आसान तरीका है।
  • सिर्फ एक Train के भरोसे न रहें। टिकट सर्च करते समय आसपास के स्टेशन, दूसरी Train, Festival Special और अलग-अलग तारीखों को भी जरूर देखें। कई बार थोड़ा लचीलापन आपको बेहतर विकल्प दिला देता है।
  • VIKALP और Current Booking को समझकर इस्तेमाल करें। वेटिंग टिकट होने पर VIKALP का विकल्प जरूर देखें और चार्ट बनने के बाद Current Booking तथा Chart Vacancy की उपलब्धता भी जांचें।
  • गलत स्टेशन या गलत जानकारी डालकर टिकट न लें। दूसरे स्टेशन से टिकट बुक करते समय Boarding Station की जानकारी सही रखें। टिकट पाने की जल्दबाजी में गलत जानकारी भरना बाद में परेशानी पैदा कर सकता है।
  • दलाल के बजाय आधिकारिक माध्यम पर भरोसा रखें। कन्फर्म टिकट के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अतिरिक्त पैसे देने से बचें। टिकट बुकिंग के लिए IRCTC और रेलवे के अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें और किसी भी नई Train या नियम की जानकारी आधिकारिक स्रोत से ही जांचें।

यूपी-बिहार की यात्रा में कन्फर्म टिकट मिलना त्योहारों के समय मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन सही समय पर सही विकल्प तलाशें तो रास्ते कई होते हैं। इसलिए अगली बार टिकट पर लंबी वेटिंग देखकर परेशान होने से पहले इन तरीकों को एक-एक करके जरूर आजमाइए।

Shivani Pal

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