गोवा-केरल जाने वालों के लिए Special Train, रूट जानें
त्योहारों का मौसम आते ही घर जाने और घूमने का प्लान अपने आप बनने लगता है। कोई दिवाली पर परिवार के पास जाना चाहता है, कोई दोस्तों के साथ गोवा की छुट्टी प्लान कर रहा होता है और कोई लंबे समय बाद केरल जाने की तैयारी करता है। लेकिन जैसे ही टिकट बुकिंग शुरू होती है, सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि सीट मिलेगी भी या नहीं।
खासकर मुंबई से बाहर जाने वाली ट्रेनों में त्योहारों के समय मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे की ओर से मुंबई से गोवा और केरल की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए Special Train की घोषणा राहत देने वाली खबर है। 2026 के फेस्टिव सीजन में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से तिरुवनंतपुरम नॉर्थ और मडगाँव के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं रखी गई हैं।
खास बात यह है कि इन ट्रेनों का रास्ता कोंकण रेलवे के उस हिस्से से होकर गुजरता है, जहां सफर के दौरान समुद्र, पहाड़, हरियाली, सुरंगें और पुल लगातार आपका साथ देते हैं। अगर आप इस साल मुंबई से गोवा, कर्नाटक या केरल जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है। आइए जानते हैं इन Special Train का पूरा शेड्यूल, तारीखें, रूट, प्रमुख स्टॉपेज, कोच की व्यवस्था और टिकट बुकिंग से जुड़ी जरूरी बातें।
मुंबई से केरल जाने वालों के लिए बड़ी सुविधा
मुंबई से केरल की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एलटीटी यानी लोकमान्य तिलक टर्मिनस से तिरुवनंतपुरम नॉर्थ तक चलने वाली Special Train काफी उपयोगी हो सकती है। इस ट्रेन का रास्ता महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरता है। इसलिए इसका फायदा सिर्फ मुंबई और तिरुवनंतपुरम के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले कई शहरों के यात्रियों को भी मिल सकता है।
ट्रेन नंबर 01463 यानी एलटीटी-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ Special Train 15 अक्टूबर 2026 से 19 नवंबर 2026 तक हर गुरुवार चलने की जानकारी दी गई है। यह ट्रेन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से शाम 4 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात करीब 11:30 बजे तिरुवनंतपुरम नॉर्थ पहुंचेगी। इस लंबे सफर के दौरान यात्रियों को कई राज्यों से होकर गुजरने का मौका मिलेगा।
![]()
वापसी में ट्रेन नंबर 01464 तिरुवनंतपुरम नॉर्थ से एलटीटी के लिए चलेगी। यह सेवा 17 अक्टूबर से 21 नवंबर 2026 तक हर शनिवार चलने की जानकारी दी गई है। वापसी वाली Special Train दोपहर 2:15 बजे तिरुवनंतपुरम नॉर्थ से रवाना होगी और अगले दिन रात करीब 11:55 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी।
मुंबई से केरल तक का पूरा रूट समझिए
मुंबई से तिरुवनंतपुरम जाने वाली Special Train की सबसे खास बात इसका लंबा और खूबसूरत रूट है। मुंबई से निकलने के बाद ट्रेन ठाणे, पनवेल, पेन, रोहा, खेड और चिपलूण जैसे स्टेशनों से गुजरती है। इसके बाद रास्ता रत्नागिरी और कोंकण के दूसरे हिस्सों की तरफ बढ़ता है।
रत्नागिरी, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल और सावंतवाड़ी रोड के बाद ट्रेन गोवा में प्रवेश करती है। गोवा में थिविम, करमली और मडगाँव जैसे प्रमुख स्टेशन इस रूट में आते हैं। अगर आप मुंबई से गोवा के किसी हिस्से में जाना चाहते हैं, तो यह ट्रेन आपके लिए भी उपयोगी हो सकती है।
इसके बाद ट्रेन कर्नाटक की तरफ जाती है। कारवार, गोकर्ण रोड, कुमटा, मुरदेश्वर, भटकल और बायंदूर जैसे स्टेशन रास्ते में आते हैं। आगे कुंदापुरा, उडुपी, सुरथकल और मंगलुरु जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशन भी इस Special Train के रूट में शामिल हैं।
केरल में इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
कर्नाटक के बाद यह Special Train केरल में प्रवेश करती है और यहां भी कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है। कासरगोड से लेकर कन्नूर और कोझिकोड तक यह ट्रेन कई यात्रियों के लिए काम की हो सकती है। इसके बाद तिरूर, शोरणूर जंक्शन और त्रिशूर जैसे स्टेशन आते हैं। आगे अलुवा और एरनाकुलम टाउन के बाद ट्रेन कोट्टायम की तरफ जाती है।
चंगनास्सेरी, तिरुवल्ला, चेंगनूर और मावेलिकरा जैसे स्टेशन भी इसके रूट में हैं। इसके बाद कायमकुलम जंक्शन, शास्तमकोट्टा, करुणागपल्ली, कोल्लम जंक्शन और वर्कला शिवगिरी होते हुए ट्रेन तिरुवनंतपुरम नॉर्थ पहुंचती है।
इस तरह एक ही Special Train कई राज्यों और दर्जनों स्टेशनों को जोड़ती है। इसलिए अगर आपका अंतिम स्टेशन मुंबई या तिरुवनंतपुरम नहीं भी है, तब भी आपको अपने गंतव्य के आसपास का स्टेशन इस रूट में मिल सकता है।
ट्रेन में कितने कोच होंगे?
लंबी दूरी की यात्रा को देखते हुए इस Special Train में अलग-अलग श्रेणी के कोच रखे गए हैं। ट्रेन में कुल 22 कोच होने की जानकारी दी गई है। इनमें 4 कोच 3-टियर एसी के हैं, जबकि 11 कोच स्लीपर क्लास के बताए गए हैं। इसके अलावा 5 जनरल सेकंड क्लास कोच और 2 एसएलआर या लगेज वैन भी शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि यात्रियों के पास अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी चुनने का विकल्प रहेगा।
फेस्टिव सीजन में सीटों की मांग ज्यादा रहने की संभावना रहती है, इसलिए अगर आप इस Special Train से यात्रा करने वाले हैं तो बुकिंग खुलने के बाद ज्यादा देर करना सही नहीं होगा। खासकर स्लीपर और एसी श्रेणी की सीटों के लिए पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा।
मुंबई से गोवा जाने वालों के लिए भी खुशखबरी
अगर आपका प्लान केरल का नहीं बल्कि गोवा का है, तो आपके लिए भी रेलवे की तरफ से अच्छी खबर है। मुंबई के एलटीटी से मडगाँव के लिए ट्रेन नंबर 01179 और 01180 के रूप में एक वीकेंड Special Train चलाने की जानकारी दी गई है। यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है जो दिवाली के आसपास या लंबे वीकेंड में गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं।
मुंबई से गोवा जाने वाली इस Special Train का रूट भी कोंकण रेलवे के खूबसूरत हिस्से से होकर गुजरता है। इस ट्रेन के संचालन में दो अलग समय-सारणी का जिक्र किया गया है। 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 के बीच यह मानसून समय-सारणी के अनुसार चलेगी, जबकि 23 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 के बीच संशोधित समय के अनुसार संचालन किया जाएगा।
01179 और 01180 का टाइमटेबल ध्यान से समझें
9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच ट्रेन नंबर 01179 एलटीटी से हर शुक्रवार सुबह 8:20 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात करीब 10:10 बजे मडगाँव पहुंचेगी। वापसी वाली ट्रेन नंबर 01180 मडगाँव से रात 11 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 11:25 बजे एलटीटी पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसके बाद 23 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच समय में बदलाव होगा।
एलटीटी से चलने वाली Special Train शुक्रवार सुबह 8:20 बजे ही रवाना होगी, लेकिन मडगाँव पहुंचने का समय शाम 8:30 बजे बताया गया है। वापसी में ट्रेन मडगाँव से रात 10 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:25 बजे एलटीटी पहुंचेगी। इसलिए गोवा की यात्रा करते समय टिकट पर लिखे समय को ध्यान से देखें। खासकर अगर आपने होटल चेक-इन या आगे की कोई यात्रा पहले से बुक कर रखी है तो ट्रेन के संशोधित समय के हिसाब से अपनी योजना बनाना बेहतर होगा।
गोवा वाली ट्रेन किन स्टेशनों पर रुकेगी?
मुंबई से मडगाँव जाने वाली Special Train रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें ठाणे, पनवेल, पेन, रोहा, खेड, चिपलूण और रत्नागिरी जैसे स्टेशन शामिल हैं। इसके बाद ट्रेन कणकवली, सिंधुदुर्ग, थिविम और करमली से होकर मडगाँव पहुंचेगी।
यानी अगर आपका प्लान सिर्फ दक्षिण गोवा का नहीं है, तो रास्ते के अलग-अलग स्टेशनों के हिसाब से भी यात्रा बनाई जा सकती है। कोंकण के इस रास्ते की खासियत यह है कि दिन में सफर करने पर खिड़की से बाहर का नजारा काफी खूबसूरत दिखाई देता है। पहाड़, हरियाली, छोटे गांव, पुल और सुरंगें सफर को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने की प्रक्रिया नहीं रहने देते।
गोवा वाली Special Train में मिलेंगे इतने कोच
मडगाँव जाने वाली Special Train में यात्रियों की सुविधा के लिए 24 कोच रखे जाने की जानकारी दी गई है। इनमें एक फर्स्ट एसी, चार 2-टियर एसी और आठ 3-टियर एसी कोच शामिल हैं। इसके अलावा आठ स्लीपर क्लास कोच, एक पैंट्री कार और दो जनरेटर कार भी रखी गई हैं।
![]()
इस कोच व्यवस्था की वजह से अलग-अलग बजट में यात्रा करने वालों को विकल्प मिल सकते हैं। अगर आप परिवार के साथ गोवा जा रहे हैं तो बुकिंग के समय कोच की श्रेणी सोच-समझकर चुनें। वहीं दोस्तों के साथ कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए स्लीपर विकल्प ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
कोंकण रेलवे का सफर खुद में एक अनुभव है
मुंबई से गोवा या केरल की तरफ ट्रेन से यात्रा करने का सबसे खूबसूरत हिस्सा कोंकण रेलवे का रास्ता है। यह रूट पहाड़ों, घाटियों, नदियों, हरियाली और समुद्र के करीब से गुजरता है। खासकर दिन के समय यात्रा करने वालों को खिड़की से लगातार बदलते दृश्य देखने को मिलते हैं। कोंकण रेलवे का रेल नेटवर्क करीब 756 किलोमीटर लंबा बताया जाता है और इसमें बड़ी संख्या में पुल और सुरंगें हैं।
ट्रेन जब एक लंबी सुरंग में प्रवेश करती है और कुछ समय बाद अचानक रोशनी और हरी पहाड़ियों के बीच निकलती है, तो सफर का मजा अलग ही हो जाता है। इसी वजह से इस Special Train में सफर करने वाले यात्रियों को सिर्फ मंजिल पर ध्यान देने के बजाय रास्ते का भी आनंद लेना चाहिए। अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है तो कैमरा या मोबाइल तैयार रखें, क्योंकि कई खूबसूरत दृश्य कुछ ही सेकंड के लिए सामने आते हैं।
फेस्टिव सीजन में टिकट बुकिंग कैसे करें?
त्योहारों के समय ट्रेन टिकटों की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ सकती है। इसलिए Special Train की बुकिंग को आखिरी समय तक टालना समझदारी नहीं होगी। टिकट बुकिंग के लिए आधिकारिक रेलवे माध्यमों का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा। आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और उपलब्ध आधिकारिक रेलवे ऐप के जरिए आरक्षित टिकट की जानकारी देखी जा सकती है।
इसके अलावा रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सेंटर यानी पीआरएस काउंटर से भी टिकट लिया जा सकता है। अगर आप जनरल यानी अनारक्षित श्रेणी में यात्रा करना चाहते हैं, तो उपलब्ध आधिकारिक अनारक्षित टिकट सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यात्रा से पहले टिकट की स्थिति और ट्रेन का समय एक बार फिर जांचना जरूरी है, क्योंकि त्योहारों के दौरान संचालन में बदलाव हो सकता है।
ट्रेन का लाइव स्टेटस देखने का आसान तरीका
टिकट बुक हो जाने के बाद भी काम खत्म नहीं होता। यात्रा वाले दिन ट्रेन समय पर चल रही है या नहीं, यह देखना भी जरूरी है। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक ट्रेन जानकारी सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपकी Special Train किसी स्टेशन से आगे चल रही है या उसमें देरी हो रही है, तो समय रहते अपनी योजना में बदलाव किया जा सकता है।
खासकर अगर आपने स्टेशन पहुंचने के लिए कैब बुक की है या आगे होटल का चेक-इन समय तय है, तो लाइव स्थिति देखना काफी उपयोगी रहेगा। लंबी दूरी की यात्रा में सिर्फ घर से निकलने का समय देखकर न चलें। ट्रेन के वर्तमान रनिंग स्टेटस और अपने बोर्डिंग स्टेशन की स्थिति को देखकर निकलना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
गोवा या केरल जाते समय सामान कैसे रखें?
मुंबई से केरल या गोवा की लंबी यात्रा में बहुत ज्यादा सामान ले जाने से बचना बेहतर रहेगा। खासकर अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो हर व्यक्ति का सामान अलग और व्यवस्थित रखें, ताकि स्टेशन पर सामान संभालने में परेशानी न हो। अपना जरूरी सामान एक छोटे बैग में रखें। इसमें मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, दवाइयां, पहचान पत्र, टिकट की जानकारी, पानी और कुछ सूखा नाश्ता रखा जा सकता है।
लंबे सफर में यह छोटा बैग बहुत काम आता है। अगर आप Special Train से दिन में कोंकण के रास्ते यात्रा कर रहे हैं तो खिड़की वाली सीट का अनुभव काफी अच्छा हो सकता है। लेकिन सीट चुनते समय अपनी सुविधा और साथ यात्रा कर रहे लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखें।
लंबी ट्रेन यात्रा में खाने-पीने का रखें ध्यान
मुंबई से तिरुवनंतपुरम जैसी लंबी यात्रा में आपको काफी घंटे ट्रेन में बिताने होंगे। इसलिए सिर्फ स्टेशन के खाने पर निर्भर रहने के बजाय कुछ हल्का और पैक किया हुआ नाश्ता साथ रखना उपयोगी रहेगा। पानी की बोतल जरूर रखें और बहुत ज्यादा तला-भुना खाना लगातार खाने से बचें। लंबी यात्रा में हल्का खाना शरीर को ज्यादा आराम देता है।
अगर आप बच्चों या बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उनके लिए जरूरी खाने-पीने की चीजें अलग से रखें। गोवा या केरल पहुंचने के बाद स्थानीय खाना जरूर आजमाएं, लेकिन ट्रेन यात्रा के दौरान पेट को बहुत भारी रखने से बचना बेहतर है। आखिर लंबा सफर तभी अच्छा लगता है जब शरीर भी आराम में रहे।
पहचान पत्र और टिकट की जानकारी साथ रखें
ट्रेन में यात्रा करते समय अपना वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। टिकट की जानकारी मोबाइल में सेव रखने के साथ उसका स्क्रीनशॉट भी रखा जा सकता है, ताकि नेटवर्क की परेशानी होने पर जानकारी देखने में दिक्कत न हो। अगर आपने Special Train का टिकट ऑनलाइन बुक किया है तो बुकिंग से जुड़ी जानकारी और पीएनआर नंबर आसानी से मिल सकने वाली जगह पर रखें।
परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो कम से कम एक व्यक्ति के मोबाइल में सभी यात्रियों की टिकट जानकारी रखना उपयोगी रहेगा। स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन नंबर और गंतव्य को एक बार डिस्प्ले बोर्ड पर जरूर जांचें। खासकर त्योहारों के समय अतिरिक्त ट्रेनें चलने से प्लेटफॉर्म या समय में बदलाव की स्थिति बन सकती है।
किसके लिए है मुंबई-केरल वाली Special Train?
मुंबई से केरल जाने वाले परिवारों, काम के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों और छुट्टी मनाने वाले यात्रियों के लिए यह Special Train एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। लंबे रूट की वजह से रास्ते में कई शहरों के यात्रियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। दक्षिण भारत घूमने की योजना बनाने वाले यात्री भी इस ट्रेन को अपनी यात्रा का हिस्सा बना सकते हैं।
मुंबई से निकलकर गोवा, कर्नाटक और केरल के कई हिस्सों को जोड़ने वाला यह रूट लंबी यात्रा को एक तरह की यात्रा कहानी में बदल देता है। अगर आपका अंतिम गंतव्य तिरुवनंतपुरम नहीं है, तो टिकट लेने से पहले अपने नजदीकी स्टेशन और वहां उतरने के विकल्प को अच्छी तरह जांच लें।
गोवा जाने वालों के लिए कौन-सी Special Train उपयोगी है?
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ एक छोटे ब्रेक के लिए गोवा जाना है, तो मुंबई-मडगाँव वाली Special Train ज्यादा काम की हो सकती है। खासकर शुक्रवार को मुंबई से निकलकर वीकेंड गोवा में बिताने का प्लान बनाने वाले यात्री इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मडगाँव पहुंचने के बाद आप अपने होटल के स्थान के हिसाब से आगे स्थानीय परिवहन ले सकते हैं।
अगर आपका होटल उत्तर गोवा में है तो थिविम जैसे स्टेशन का विकल्प भी पहले से देख सकते हैं, जबकि दक्षिण गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए मडगाँव सुविधाजनक हो सकता है। यात्रा से पहले होटल की लोकेशन और स्टेशन के बीच की दूरी जरूर देख लें। इससे गोवा पहुंचने के बाद टैक्सी या दूसरे परिवहन पर लगने वाला समय और खर्च दोनों समझ में आ जाएंगे।
फेस्टिव सीजन में यात्रा को आसान बनाने का तरीका
त्योहारों के दौरान ट्रेन यात्रा में सबसे जरूरी चीज है तैयारी। अगर टिकट, पहचान पत्र, होटल, स्टेशन तक पहुंचने का साधन और आगे की यात्रा पहले से तय है तो सफर के दौरान तनाव काफी कम हो जाता है। Special Train की बुकिंग करते समय तारीख को दोबारा जांचें, खासकर जब किसी ट्रेन के लिए अलग-अलग समय-सारणी लागू हो।
![]()
वापसी की ट्रेन की तारीख और समय भी उसी समय लिखकर रखें। इससे आखिरी समय में होने वाली गलती से बचा जा सकता है। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि रेलवे समय-सारणी में बदलाव कर सकता है। इसलिए यात्रा के कुछ समय पहले आधिकारिक रेलवे स्रोत पर ट्रेन का समय और संचालन दोबारा जांचना सबसे जरूरी कदम है।
मुंबई से गोवा और केरल की यात्रा अब सिर्फ सफर नहीं रहेगी
2026 के फेस्टिव सीजन में मुंबई से गोवा और केरल जाने वाले यात्रियों के लिए इन अतिरिक्त रेल सेवाओं से यात्रा के विकल्प बढ़ते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो त्योहारों के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करना चाहते हैं, अतिरिक्त Special Train उपयोगी साबित हो सकती है।
गोवा जाने वालों को कोंकण का खूबसूरत रास्ता मिलेगा, जबकि केरल जाने वाले यात्रियों को महाराष्ट्र से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों को पार करने का लंबा सफर मिलेगा। ऐसे में टिकट की सही योजना, समय की जानकारी और थोड़ा धैर्य आपकी यात्रा को काफी बेहतर बना सकता है।
अगर आप इस फेस्टिव सीजन में मुंबई से निकलने वाले हैं, तो टिकट बुक करने से पहले अपनी तारीख, बोर्डिंग स्टेशन, उतरने वाले स्टेशन और वापसी की योजना एक बार जरूर तय कर लें। और सबसे जरूरी बात—ट्रेन की ताजा जानकारी हमेशा आधिकारिक रेलवे माध्यम से जांचें।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- बुकिंग खुलते ही टिकट देखें। फेस्टिव सीजन में मांग ज्यादा रहती है, इसलिए अपनी यात्रा की तारीख पहले तय करें और Special Train की बुकिंग उपलब्ध होते ही टिकट की स्थिति जांचें।
- कोंकण के नजारे मिस न करें। अगर दिन में यात्रा कर रहे हैं तो कैमरा या मोबाइल तैयार रखें। पुल, सुरंग, पहाड़, हरियाली और छोटे स्टेशन इस सफर को यादगार बना सकते हैं।
- रूट के हिसाब से स्टेशन चुनें। गोवा जाने वालों को मडगाँव के साथ थिविम और करमली जैसे विकल्प भी देख लेने चाहिए। इससे होटल तक पहुंचने का समय कम हो सकता है।
- यात्रा वाले दिन ट्रेन की स्थिति जांचें। टिकट बुक होने के बाद भी ट्रेन का समय और रनिंग स्टेटस दोबारा देखें। त्योहारों के समय अतिरिक्त सेवाओं के कारण प्लेटफॉर्म या संचालन में बदलाव हो सकता है।
- लंबे सफर की छोटी तैयारी पहले करें। पहचान पत्र, टिकट की जानकारी, चार्जर, पानी, जरूरी दवाइयां और हल्का नाश्ता अलग बैग में रखें। इससे Special Train की लंबी यात्रा ज्यादा आरामदायक रहेगी।