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Delhi में 3 दिन तक Live Cultural Performances

Delhi

Delhi सिर्फ बड़ी इमारतों, बाजारों और ऐतिहासिक जगहों का शहर नहीं है। यह एक ऐसा शहर भी है, जहां हर दिन किसी न किसी रूप में कला, संगीत, नृत्य और संस्कृति से जुड़ा कुछ नया देखने को मिल जाता है। कभी किसी खुले मंच पर लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देते नजर आते हैं, तो कहीं युवा कलाकार अपनी पारंपरिक कला को नए अंदाज में लोगों के सामने लेकर आते हैं। Delhi

इसी बीच सितंबर के महीने में Delhi के लोगों के लिए एक और खास सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। 18, 19 और 20 सितंबर को तीन दिनों तक Live Cultural Performances का आयोजन किया जाएगा, जहां दर्शकों को अलग-अलग तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने का मौका मिल सकता है।

पोस्टर में नजर आ रही पारंपरिक प्रस्तुति यह बताती है कि इस आयोजन में भारतीय संस्कृति और लोक कलाओं की खूबसूरत झलक देखने को मिलेगी। आज के समय में जब ज्यादातर लोग अपना मनोरंजन मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया के जरिए करते हैं, ऐसे में किसी कलाकार को सामने मंच पर लाइव परफॉर्म करते देखना एक बिल्कुल अलग अनुभव होता है।

Cultural Performances सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, बल्कि इनके जरिए हम अपनी परंपराओं, इतिहास और अलग-अलग समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को भी करीब से समझ पाते हैं। अगर आपको संगीत, नृत्य और भारत की विविध संस्कृति में दिलचस्पी है, तो सितंबर का यह तीन दिवसीय आयोजन आपके लिए एक अच्छा अनुभव बन सकता है

तीन दिनों तक रहेगा संस्कृति का रंग

पोस्टर के अनुसार यह आयोजन 18, 19 और 20 सितंबर को होगा। यानी लगातार तीन दिनों तक लोगों को लाइव प्रस्तुतियों का आनंद लेने का मौका मिलेगा। अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सबसे अच्छी बात यही होती है कि यहां सिर्फ एक तरह की कला देखने को नहीं मिलती, बल्कि अलग-अलग कलाकार अपनी-अपनी परंपराओं और कला के साथ मंच पर आते हैं। Delhi

Live Cultural Performances का अनुभव रिकॉर्ड किए गए वीडियो से बिल्कुल अलग होता है। जब सामने कलाकार संगीत की धुन पर प्रस्तुति देता है, उसके साथ वाद्य यंत्र बजते हैं और पूरा माहौल दर्शकों की तालियों से भर जाता है, तो उस पल की ऊर्जा अलग ही महसूस होती है।

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Delhi जैसे बड़े शहर में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे आयोजन रोजमर्रा की भागदौड़ से बाहर निकलने का भी एक अच्छा मौका होते हैं। ऑफिस, कॉलेज और रोज के कामों के बीच कई बार हम अपने शहर में होने वाली ऐसी खूबसूरत गतिविधियों से दूर रह जाते हैं। लेकिन तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन लोगों को थोड़ा समय निकालकर कला और संस्कृति के बीच बैठने का मौका दे सकता है।

मंच पर नजर आ सकती है भारत की सांस्कृतिक विविधता

भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी विविधता है। यहां हर राज्य की अपनी भाषा है, पहनावा है, संगीत है और नृत्य की अपनी एक अलग पहचान है। एक राज्य की लोक कला दूसरे राज्य से बिल्कुल अलग दिखाई देती है, लेकिन यही अलग-अलग रंग मिलकर भारत की सांस्कृतिक तस्वीर को खूबसूरत बनाते हैं। ऐसे आयोजनों में Cultural Performances के जरिए कलाकार अपनी परंपराओं को मंच पर जीवंत कर देते हैं।

किसी प्रस्तुति में रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े दिखाई देते हैं, कहीं संगीत की पुरानी धुनें सुनाई देती हैं, तो कहीं नृत्य के जरिए कोई कहानी लोगों तक पहुंचाई जाती है। पोस्टर में भी एक कलाकार पारंपरिक पोशाक और आभूषणों में नजर आ रही हैं। उनकी प्रस्तुति सिर्फ डांस तक सीमित नहीं लगती, बल्कि उसमें किसी खास सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई देती है।

यही चीज लाइव कार्यक्रमों को खास बनाती है। कई बार हम किसी राज्य या समुदाय के बारे में किताबों में पढ़ते हैं, लेकिन जब उसी संस्कृति को मंच पर जीवंत रूप में देखते हैं, तो उसे समझना और महसूस करना ज्यादा आसान हो जाता है।

सिर्फ मनोरंजन नहीं, सीखने का भी मौका

बहुत से लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सिर्फ एंटरटेनमेंट के तौर पर देखते हैं, लेकिन इनके पीछे एक पूरी कहानी होती है। हर पारंपरिक नृत्य, गीत और पहनावे के पीछे किसी न किसी समुदाय का इतिहास जुड़ा होता है। Cultural Performances के जरिए युवा पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं के बारे में जानने का मौका मिलता है। Delhi

आज के बच्चे और युवा दुनिया भर के संगीत और ट्रेंड्स से जुड़े हुए हैं, जो अच्छी बात है। लेकिन इसके साथ अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझना भी जरूरी है। जब कोई युवा कलाकार पारंपरिक नृत्य करता है या पुराने लोक संगीत को नए मंच पर पेश करता है, तो यह दिखाता है कि संस्कृति सिर्फ इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं है।

यह आज भी जिंदा है और नई पीढ़ी इसे आगे लेकर जा रही है। ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों को लेकर जाना भी अच्छा अनुभव हो सकता है। उन्हें किताबों में सिर्फ यह पढ़ने को नहीं मिलेगा कि भारत में कितनी तरह की कलाएं हैं, बल्कि वे उन्हें अपनी आंखों के सामने देख भी सकेंगे।

लाइव प्रस्तुति का अनुभव क्यों होता है खास?

हम सभी रोजाना सोशल मीडिया पर छोटे-छोटे वीडियो देखते हैं। कुछ सेकंड का डांस, कोई गाना या किसी कार्यक्रम की क्लिप देखकर हम आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन किसी कलाकार को लाइव मंच पर देखने का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। Live Cultural Performances में कलाकार और दर्शकों के बीच सीधा जुड़ाव होता है।

कलाकार की हर भाव-भंगिमा, संगीत की हर धुन और मंच की हर गतिविधि दर्शकों तक सीधे पहुंचती है। लाइव कार्यक्रमों में कोई भी पल पूरी तरह पहले से तय नहीं होता। कलाकार दर्शकों की ऊर्जा महसूस करता है और दर्शक कलाकार की प्रस्तुति का हिस्सा बन जाते हैं।

तालियां, उत्साह और लोगों की प्रतिक्रिया पूरे माहौल को और जीवंत बना देती है। यही वजह है कि Cultural Performances को सिर्फ देखा नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है।

Delhi और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पुराना रिश्ता

Delhi हमेशा से अलग-अलग संस्कृतियों का मिलन स्थल रही है। देश के लगभग हर हिस्से के लोग यहां रहते हैं और अपने साथ अपनी भाषा, खानपान और परंपराएं भी लेकर आते हैं। इसी वजह से Delhi में सालभर अलग-अलग तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहते हैं।

कभी किसी राज्य का फेस्टिवल, कभी लोक संगीत की शाम, कभी थिएटर, कभी कला प्रदर्शनी और कभी पारंपरिक नृत्य। Cultural Performances Delhi की इस पहचान को और मजबूत बनाती हैं। Delhi

यहां एक ही शहर में आपको उत्तर भारत की लोक कला, पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य और हिमालयी क्षेत्रों की परंपराएं देखने को मिल सकती हैं। यही Delhi की खासियत है कि यहां यात्रा किए बिना भी भारत के अलग-अलग हिस्सों की झलक देखने का मौका मिल जाता है।

कलाकारों के लिए भी जरूरी हैं ऐसे मंच

जब हम किसी कार्यक्रम में जाते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान सिर्फ प्रस्तुति पर होता है। लेकिन उस प्रस्तुति के पीछे कलाकारों की वर्षों की मेहनत छिपी होती है। कई पारंपरिक कलाएं ऐसी हैं, जिन्हें कलाकार पीढ़ियों से आगे बढ़ाते आ रहे हैं। लेकिन बदलते समय के साथ कुछ कलाओं को पहले जैसी पहचान नहीं मिल पाती।

ऐसे में Live Cultural Performances कलाकारों को अपनी कला को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मंच देती हैं। एक अच्छा मंच सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन नहीं करता, बल्कि कलाकारों को सम्मान और पहचान भी देता है। कई युवा कलाकार भी आज पारंपरिक कला को अपना करियर बना रहे हैं।

वे पुरानी परंपराओं को सीख रहे हैं और उन्हें नए दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों में उन्हें प्रदर्शन करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी कला और ज्यादा लोगों तक पहुंच सकती है।

पारंपरिक पहनावे की भी दिखती है खास झलक

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भारतीय संस्कृति की बात हो और पारंपरिक पहनावे का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। अलग-अलग राज्यों के नृत्यों की अपनी खास पोशाक होती है। कहीं चमकीले रंगों का इस्तेमाल होता है, तो कहीं सफेद और लाल रंग का खास महत्व होता है। किसी नृत्य में भारी आभूषण पहने जाते हैं, तो कहीं सिर पर खास तरह की सजावट की जाती है।

पोस्टर में नजर आ रही कलाकार की ड्रेस भी यही बताती है कि Cultural Performances सिर्फ नृत्य तक सीमित नहीं होतीं। कलाकार का पहनावा, मेकअप, आभूषण और मंच की सजावट भी उस प्रस्तुति की कहानी का हिस्सा होते हैं।

इसीलिए अगर आप फोटोग्राफी पसंद करते हैं, तो ऐसे कार्यक्रम आपके लिए भी काफी अच्छे हो सकते हैं। रंग-बिरंगे कपड़े, मंच की लाइट्स और कलाकारों की अलग-अलग भाव-भंगिमाएं बेहतरीन विजुअल्स दे सकती हैं।

संगीत और नृत्य के जरिए जुड़ते हैं लोग

भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन संगीत और नृत्य ऐसी चीजें हैं जिन्हें समझने के लिए हमेशा शब्दों की जरूरत नहीं होती। कई बार हम किसी ऐसी भाषा का लोकगीत सुनते हैं जिसे हम समझ नहीं पाते, फिर भी उसकी धुन हमें पसंद आती है। ठीक उसी तरह किसी पारंपरिक नृत्य की कहानी भले हमें पूरी तरह समझ न आए, लेकिन कलाकार की अभिव्यक्ति हमें उससे जोड़ देती है।

यही Cultural Performances की असली ताकत है। वे भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ती हैं। एक ही कार्यक्रम में अलग-अलग उम्र और पृष्ठभूमि के लोग बैठकर एक कला का आनंद लेते हैं। कोई उस प्रस्तुति को मनोरंजन के लिए देख रहा होता है, कोई कला को समझने के लिए और कोई अपने कैमरे में उस पल को कैद करने के लिए।

सितंबर में Delhi घूमने वालों के लिए अच्छा विकल्प

सितंबर का महीना धीरे-धीरे मौसम में बदलाव लेकर आता है। मानसून के बाद Delhi का मौसम भी कुछ हद तक बदलने लगता है और शाम को बाहर निकलना ज्यादा अच्छा लग सकता है। अगर आप Delhi में रहते हैं और वीकेंड या खाली समय में कुछ अलग करना चाहते हैं, तो सिर्फ मॉल, कैफे और मार्केट तक ही सीमित रहने की जरूरत नहीं है।

शहर में होने वाले Cultural Performances को भी अपनी आउटिंग का हिस्सा बनाया जा सकता है। दोस्तों के साथ जाएं, परिवार के साथ जाएं या अकेले ही कला को देखने निकल पड़ें। कई बार ऐसी जगहों पर बिताए कुछ घंटे किसी सामान्य आउटिंग से ज्यादा यादगार बन जाते हैं। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प हो सकता है जो Delhi को सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि समझने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया के दौर में लाइव कला की जरूरत

आजकल किसी भी कार्यक्रम की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया पर मिलती है। लोग रील्स देखते हैं, पोस्ट शेयर करते हैं और किसी नए आयोजन के बारे में जान जाते हैं। लेकिन एक सवाल यह भी है कि क्या हम सिर्फ स्क्रीन पर देखकर संतुष्ट हो जाते हैं? किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम की 20 सेकंड की रील देखना और उसे लाइव देखने में जमीन-आसमान का अंतर होता है।

Live Cultural Performances में आप सिर्फ कैमरे के एक एंगल से चीजों को नहीं देखते, बल्कि पूरे माहौल का हिस्सा बनते हैं। आप मंच की सजावट देखते हैं, संगीत को आसपास महसूस करते हैं और कलाकारों की मेहनत को सामने से देखते हैं।

इसलिए अगर आपको किसी आयोजन की जानकारी सोशल मीडिया से मिलती है, तो कभी-कभी उसे सिर्फ सेव करके छोड़ने की बजाय वहां जाकर अनुभव करना भी चाहिए।

नई पीढ़ी और पुरानी परंपराओं के बीच एक पुल

आज की युवा पीढ़ी तेज रफ्तार जिंदगी जी रही है। नए ट्रेंड्स आते हैं और कुछ ही दिनों में बदल जाते हैं। लेकिन संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरती यह है कि वे समय के साथ आगे बढ़ती रहती हैं। Cultural Performances नई पीढ़ी और पुरानी परंपराओं के बीच एक पुल की तरह काम करती हैं।

युवा कलाकार मंच पर पारंपरिक कला को नए आत्मविश्वास के साथ पेश करते हैं और युवा दर्शक उसे अपने तरीके से समझते हैं। यह जरूरी नहीं कि हर युवा पारंपरिक नृत्य सीखना शुरू कर दे। लेकिन अगर वह किसी कला के पीछे की कहानी जानने लगे, उसका सम्मान करने लगे और उसे आगे बढ़ाने वाले कलाकारों को पहचानने लगे, तो यह भी बहुत बड़ी बात है। Delhi

तीन दिन में बना सकते हैं एक अलग अनुभव

18, 19 और 20 सितंबर को होने वाले इस आयोजन की अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। तीन दिनों का समय लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार आने का मौका देता है। अगर किसी दिन आप व्यस्त हैं तो दूसरे दिन कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

हालांकि अलग-अलग दिन की प्रस्तुति और समय के बारे में जाने से पहले आयोजकों की आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए। क्योंकि सांस्कृतिक आयोजनों में कई बार हर दिन अलग कलाकार और अलग प्रस्तुतियां होती हैं। ऐसे में अगर पूरा शेड्यूल उपलब्ध हो, तो पहले से देखकर अपना दिन प्लान करना बेहतर रहेगा। Cultural Performances का पूरा आनंद लेने के लिए जल्दबाजी में पहुंचने की बजाय थोड़ा समय लेकर जाना अच्छा रहता है।

फोटोग्राफी और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी खास

अगर आप कैमरा लेकर अलग-अलग जगहों को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं, तो सांस्कृतिक कार्यक्रम विजुअल स्टोरीटेलिंग के लिए काफी अच्छे होते हैं। कलाकारों के रंग-बिरंगे कपड़े, पारंपरिक आभूषण, मंच की रोशनी और परफॉर्मेंस के दौरान बनने वाले अलग-अलग एक्सप्रेशन हर फ्रेम को खास बना सकते हैं। लेकिन फोटो और वीडियो बनाते समय एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि कलाकारों की प्रस्तुति में बाधा न आए। Delhi

फ्लैश, कैमरा और मोबाइल का इस्तेमाल आयोजन के नियमों के अनुसार ही करना चाहिए। Cultural Performances को सिर्फ कंटेंट बनाने के लिए नहीं, बल्कि कलाकारों की मेहनत को समझने के लिए भी देखना चाहिए। जब आप किसी कला की कहानी समझते हैं, तो आपका कंटेंट भी ज्यादा बेहतर और अर्थपूर्ण बनता है।

परिवार के साथ बिताने के लिए अलग तरह का समय

वीकेंड पर परिवार के साथ बाहर जाने के लिए अक्सर वही कुछ विकल्प सामने आते हैं—मॉल, मूवी या रेस्टोरेंट। लेकिन कभी-कभी इनसे अलग कुछ करना भी अच्छा लगता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम परिवार के अलग-अलग सदस्यों को एक साथ जोड़ सकते हैं।

बच्चों के लिए यह सीखने का अनुभव हो सकता है, युवाओं के लिए एक्सप्लोर करने का और बड़े लोगों के लिए अपनी पुरानी सांस्कृतिक यादों से जुड़ने का। Cultural Performances की सबसे अच्छी बात यही है कि यहां हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ होता है।

क्यों जरूरी है ऐसी कलाओं को सपोर्ट करना?

किसी भी कला को जिंदा रखने के लिए सिर्फ कलाकार की मेहनत काफी नहीं होती। दर्शकों का साथ भी जरूरी होता है। जब लोग कार्यक्रमों में जाते हैं, कलाकारों की प्रस्तुति देखते हैं और उनके काम को सराहते हैं, तो इससे कला को आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिलता है। आज कई पारंपरिक कलाओं को नए दर्शकों तक पहुंचाने की जरूरत है।

अगर हम सिर्फ बड़ी फिल्मों और कॉन्सर्ट्स तक ही अपना मनोरंजन सीमित रखेंगे, तो कई छोटी लेकिन बेहद खूबसूरत कलाएं हमारी नजरों से दूर रह सकती हैं। इसलिए ऐसे Cultural Performances में जाना सिर्फ एक आउटिंग नहीं है। यह उन कलाकारों और परंपराओं को अपना समर्थन देने का भी एक तरीका है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान को जिंदा रखे हुए हैं।

जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

अगर आप इस तीन दिवसीय आयोजन में जाने की सोच रहे हैं, तो कुछ चीजों की जानकारी पहले से जरूर ले लें। सबसे पहले आयोजन का सही समय चेक करें, क्योंकि पोस्टर में तारीखें तो दी गई हैं, लेकिन कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल अलग से जारी हो सकता है। Venue की सही जानकारी और एंट्री से जुड़े नियम भी आयोजकों के आधिकारिक पेज से जरूर कन्फर्म करें। Delhi

अगर यह कार्यक्रम फ्री है, तब भी समय से पहुंचना अच्छा रहेगा। सांस्कृतिक आयोजनों में अच्छी सीट या सही जगह पाने के लिए पहले पहुंचना फायदेमंद हो सकता है। आरामदायक कपड़े पहनें और अगर आप लंबे समय तक कार्यक्रम देखने वाले हैं तो पानी जैसी जरूरी चीजें साथ रखें।

सबसे जरूरी बात, वहां सिर्फ वीडियो बनाने के लिए न जाएं। कुछ समय मोबाइल को नीचे रखकर प्रस्तुति को अपनी आंखों से भी देखिए। क्योंकि Live Cultural Performances की असली खूबसूरती स्क्रीन के पीछे नहीं, बल्कि उस पल को सामने बैठकर महसूस करने में होती है।

Delhi में संस्कृति को करीब से देखने का मौका

Delhi को समझना है तो सिर्फ इंडिया गेट, लाल किला और कुतुब मीनार देखना काफी नहीं है। Delhi की असली पहचान यहां के लोगों, बाजारों, खाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी छिपी है। शहर में होने वाले ऐसे कार्यक्रम आपको Delhi के एक अलग रंग से मिलवाते हैं।

यहां बैठकर आप सिर्फ किसी एक राज्य की संस्कृति नहीं, बल्कि भारत की विविधता का एक छोटा सा रूप देख सकते हैं। कभी किसी कलाकार की डांस प्रस्तुति, कभी लोक संगीत और कभी पारंपरिक पहनावे के जरिए।

Cultural Performances हमें याद दिलाती हैं कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी जड़ें कितनी मजबूत और खूबसूरत हैं। 18, 19 और 20 सितंबर को होने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन उन लोगों के लिए अच्छा मौका हो सकता है जो अपनी छुट्टी को सिर्फ घूमने-फिरने में नहीं, बल्कि कुछ नया देखने और समझने में बिताना चाहते हैं। Delhi

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आयोजन की जरूरी जानकारी

  • कार्यक्रम: Live Cultural Performances
  • तारीख: 18, 19 और 20 सितंबर 2026
  • क्या खास: लाइव सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक कला की झलक
  • लोकेशन: आयोजन स्थल की सही और अपडेटेड जानकारी आयोजकों के आधिकारिक पेज से कन्फर्म करें
  • किसके लिए: कला, संगीत, नृत्य, संस्कृति, फोटोग्राफी और Delhi के इवेंट्स पसंद करने वाले लोगों के लिए

Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव

  • लाइव कार्यक्रमों में अच्छी जगह पाने और पूरा माहौल आराम से देखने के लिए थोड़ा पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।
  • सिर्फ रील या स्टोरी बनाने में न लगे रहें, कुछ समय मोबाइल हटाकर कलाकारों की मेहनत को सामने से देखें।
  •  पारंपरिक पहनावे, संगीत और नृत्य के पीछे अक्सर एक दिलचस्प इतिहास छिपा होता है।
  • ऐसी जगहों पर साथ जाने से अनुभव और भी अच्छा बनता है, खासकर बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का मौका मिलता है।
  •  जाने से पहले समय, venue, एंट्री और कार्यक्रम से जुड़े अपडेट आयोजकों के आधिकारिक सोशल मीडिया या पेज से कन्फर्म कर लें।
Shivani Pal

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