Train Ticket: दिवाली-छठ में कन्फर्म सीट पाने का तरीका
दिवाली, छठ और दशहरा पर ट्रेन की सीट कैसे पाएं? जानिए एडवांस बुकिंग, तत्काल और रिफंड के आसान नियम। त्योहारों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा खुशी किस बात की होती है? घर जाने की। दिवाली पर घर की सजावट, दशहरे की रौनक, छठ की तैयारी और पूरे परिवार के साथ त्योहार मनाने का अपना ही मजा होता है।
लेकिन जैसे ही घर जाने का प्लान बनता है, एक सवाल सबसे पहले सामने आ जाता है—Train Ticket मिलेगी या नहीं? भारत में त्योहारों के दौरान ट्रेन से घर जाना किसी मिशन से कम नहीं होता। जैसे ही बुकिंग खुलती है, कुछ ही मिनटों में सीटें भर जाती हैं। कई लोगों को तो कन्फर्म सीट छोड़िए, वेटिंग लिस्ट में भी अच्छी पोजीशन नहीं मिलती।
खासकर Delhi, मुंबई, पंजाब और दूसरे बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर की तरफ जाने वाली ट्रेनों में त्योहारों के समय जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप भी इस बार दिवाली, छठ, दशहरा या नए साल पर घर जाने का सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके काफी काम आ सकती है। रेलवे के एडवांस रिजर्वेशन नियम बदल चुके हैं और अब पहले की तरह चार महीने पहले टिकट बुक नहीं होती।
सही तारीख पता होना, बुकिंग खुलने का समय जानना और तत्काल की तैयारी करना बहुत जरूरी हो गया है। तो आइए आसान भाषा में समझते हैं कि 2026 के त्योहारों में Train Ticket बुक करने का सही तरीका क्या है, 60 दिन वाला नियम कैसे काम करता है और अगर कन्फर्म सीट न मिले तो आपके पास कौन-कौन से विकल्प बचते हैं।
पहले जानिए 60 दिन पहले Train Ticket बुक करने का नया नियम
बहुत से लोग आज भी यही मानते हैं कि रेलवे टिकट 120 दिन यानी करीब चार महीने पहले बुक होती है। पहले ऐसा होता भी था, लेकिन अब नियम बदल चुका है। 1 नवंबर 2024 से भारतीय रेलवे ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड यानी ARP को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया। इसका सीधा मतलब है कि अब आप अपनी यात्रा से केवल 60 दिन पहले ही सामान्य Train Ticket बुक कर सकते हैं।
रेलवे ने यह बदलाव इसलिए किया क्योंकि पहले कई लोग महीनों पहले टिकट बुक कर लेते थे और बाद में यात्रा का प्लान बदलने पर उसे कैंसिल कर देते थे। इससे जरूरतमंद यात्रियों को सीट नहीं मिल पाती थी और काफी सीटें आखिरी समय तक ब्लॉक रहती थीं। अब 60 दिन की सीमा होने से उम्मीद है कि ज्यादातर वही लोग टिकट बुक करेंगे जिन्हें वास्तव में यात्रा करनी है।
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बुकिंग सुबह 8 बजे शुरू होती है। इसलिए अगर आपकी यात्रा किसी खास तारीख पर है और आपको त्योहारों के समय कन्फर्म Train Ticket चाहिए, तो बुकिंग की सही तारीख पहले से पता कर लेना बहुत जरूरी है।
60 दिन की गिनती में लोग सबसे ज्यादा गलती कहां करते हैं?
सुनने में 60 दिन का नियम आसान लगता है, लेकिन असली परेशानी दिन गिनने में होती है। बहुत से लोग गलत तारीख निकाल लेते हैं और जब उन्हें सही तारीख का पता चलता है, तब तक ट्रेन की सारी सीटें भर चुकी होती हैं। सबसे पहले यह समझिए कि रेलवे की गिनती में आपकी यात्रा का दिन शामिल नहीं होता। यानी जिस दिन आपको यात्रा करनी है, उस दिन को छोड़कर 60 दिन पीछे गिनने होते हैं।
मान लीजिए आपको 8 नवंबर 2026 को यात्रा करनी है। ऐसे में उसकी बुकिंग 9 सितंबर 2026 को खुलेगी। यहीं पर लोग दूसरी गलती करते हैं। कई लोग 60 दिन को सीधे दो महीने मान लेते हैं। लेकिन हर महीने में बराबर दिन नहीं होते।
किसी महीने में 30 दिन होते हैं, किसी में 31 और फरवरी का हिसाब अलग होता है। इसलिए सिर्फ दो महीने पीछे जाकर तारीख तय करना सही तरीका नहीं है। त्योहारों के समय एक दिन की देरी का मतलब हो सकता है कि आपको कन्फर्म Train Ticket बिल्कुल न मिले।
ट्रेन के शुरुआती स्टेशन वाली तारीख को जरूर समझें
यह नियम शायद सबसे ज्यादा लोगों को परेशान करता है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में। रेलवे की एडवांस बुकिंग उस तारीख के हिसाब से खुलती है जिस दिन ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन यानी Origin Station से रवाना होती है। जरूरी नहीं कि आपके स्टेशन पर ट्रेन जिस दिन पहुंचे, उसी तारीख से 60 दिन गिने जाएं। मान लीजिए कोई ट्रेन जम्मू से 8 तारीख को चलती है और आपके स्टेशन पर 10 तारीख को पहुंचती है।
आपके टिकट पर यात्रा की तारीख 10 दिखाई दे सकती है, लेकिन उस ट्रेन की बुकिंग 8 तारीख के हिसाब से खुलेगी। अगर आपने अपने बोर्डिंग स्टेशन की तारीख से 60 दिन गिने, तो आप दो दिन देर से पहुंच सकते हैं। और त्योहारों के समय दो दिन तो छोड़िए, कई रूटों पर कुछ मिनट की देरी भी भारी पड़ सकती है। इसलिए Train Ticket बुक करने से पहले हमेशा ट्रेन का शुरुआती स्टेशन और वहां से चलने की तारीख जरूर चेक करें।
2026 के त्योहारों के लिए कब खुलेगी बुकिंग?
दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आपकी यात्रा की तारीख पहले से तय है, तो बुकिंग डेट को कैलेंडर में नोट कर लेना चाहिए। दशहरे के आसपास 16 अक्टूबर की यात्रा के लिए बुकिंग 17 अगस्त से खुल चुकी है। वहीं 20 अक्टूबर के आसपास यात्रा करने वालों के लिए भी बुकिंग शुरू हो चुकी है। दिवाली के लिए 2 नवंबर की यात्रा की बुकिंग 3 सितंबर से खुल चुकी है।
6 नवंबर की यात्रा के लिए बुकिंग 7 सितंबर से शुरू हुई है। अगर आपको दिवाली के मुख्य दिनों में यानी 8 नवंबर के आसपास यात्रा करनी है, तो उसके लिए Train Ticket बुकिंग 9 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे खुलेगी। इसके बाद छठ पूजा की यात्रा शुरू होगी।
9 नवंबर के आसपास यात्रा के लिए बुकिंग 10 सितंबर से खुलेगी, जबकि 14 नवंबर के आसपास यात्रा करने वालों को 15 सितंबर की तारीख पर नजर रखनी चाहिए। क्रिसमस और नए साल की यात्रा के लिए भी समय से पहले तैयारी करनी होगी। दिसंबर और जनवरी की यात्रा के लिए अक्टूबर और नवंबर में बुकिंग खुलेगी।
एक जरूरी बात यह भी है कि सिर्फ घर जाने वाली टिकट बुक करके आराम मत करिए। वापसी की Train Ticket भी अलग तारीख पर खुलेगी। इसलिए आउटवर्ड और रिटर्न जर्नी दोनों की बुकिंग डेट नोट करके रखें।
कन्फर्म सीट नहीं मिली? फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें भी हैं काम की
अगर आपकी पसंदीदा ट्रेन में सीट नहीं मिली है तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हर साल स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इन ट्रेनों की जानकारी पर नजर रखना काफी फायदेमंद हो सकता है क्योंकि कई बार मुख्य ट्रेनों की तुलना में स्पेशल ट्रेन में सीट मिलने की संभावना ज्यादा होती है।
2026 के त्योहारों के लिए वाराणसी और Delhi के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। वाराणसी-Delhi-वाराणसी स्पेशल ट्रेन कई अतिरिक्त फेरे लगाएगी और इसमें AC, Sleeper और General कोच की सुविधा रहेगी। अयोध्या कैंट और आनंद विहार टर्मिनल के बीच भी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
इसके अलावा चंडीगढ़-पटना, फिरोजपुर कैंट-पटना, मुंबई सेंट्रल-कटिहार और कानपुर सेंट्रल-गुवाहाटी जैसे रूटों पर भी अतिरिक्त ट्रेनें यात्रियों के लिए राहत लेकर आएंगी। अगर सामान्य ट्रेन में आपकी Train Ticket वेटिंग में है, तो स्पेशल ट्रेनों की घोषणा पर नजर रखना समझदारी होगी।
तत्काल Train Ticket कैसे बुक करें?
मान लीजिए आपने 60 दिन पहले बुकिंग करने की कोशिश की, लेकिन सीट नहीं मिली। अब आपके पास एक बड़ा विकल्प बचता है—तत्काल टिकट। तत्काल बुकिंग यात्रा से एक दिन पहले शुरू होती है। AC क्लास जैसे 2A, 3A और Chair Car के लिए बुकिंग सुबह 10 बजे खुलती है।
वहीं Sleeper और Second Sitting के लिए बुकिंग सुबह 11 बजे शुरू होती है। लेकिन तत्काल Train Ticket बुक करना आसान नहीं है। त्योहारों के समय हजारों लोग एक ही सेकंड में टिकट लेने की कोशिश करते हैं। इसलिए यहां तैयारी पहले से करनी पड़ती है।
सबसे पहले IRCTC अकाउंट में यात्रियों की Master List बना लें। नाम, उम्र और बाकी जरूरी जानकारी पहले से सेव रहने पर बुकिंग के समय आपको सब कुछ दोबारा टाइप नहीं करना पड़ेगा। पेमेंट की तैयारी भी पहले से रखें। तत्काल में सीट मिलने के बाद अगर पेमेंट करते समय आप OTP का इंतजार करते रह गए, तो सीट किसी और को मिल सकती है।
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IRCTC Wallet या तैयार UPI विकल्प समय बचाने में मदद कर सकता है। AC तत्काल के लिए 10 बजे से पहले लॉग-इन करके तैयार रहें। Sleeper के लिए यही तैयारी 11 बजे से पहले रखें। जैसे ही सीट उपलब्ध हो, जल्दी से पैसेंजर डिटेल चुनें और पेमेंट पूरा करें। लेकिन एक बात हमेशा याद रखें—जल्दबाजी में गलत ट्रेन, गलत तारीख या गलत स्टेशन चुनने से बचें। कन्फर्म Train Ticket मिलने की खुशी में गलत बुकिंग करना बाद में ज्यादा परेशानी दे सकता है।
टिकट कैंसिल करनी पड़ जाए तो क्या होगा?
कई बार टिकट तो कन्फर्म हो जाती है, लेकिन आखिरी समय पर यात्रा का प्लान बदल जाता है। ऐसे में कैंसिलेशन नियम जानना जरूरी है। 2026 के नए नियमों के अनुसार रिफंड इस बात पर निर्भर करेगा कि आप ट्रेन चलने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं।
अगर आप ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से ज्यादा पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो आपको सबसे ज्यादा रिफंड मिल सकता है और केवल तय कैंसिलेशन चार्ज काटा जाता है। 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल करने पर कुल किराए का 25 प्रतिशत काटा जा सकता है। अगर ट्रेन चलने में सिर्फ 24 से 8 घंटे का समय बचा है तो लगभग 50 प्रतिशत तक राशि कट सकती है।
सबसे जरूरी बदलाव यह है कि ट्रेन चलने से 8 घंटे से कम समय बचने पर रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह नो-रिफंड विंडो 4 घंटे की थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। इसलिए अगर आपका प्लान बदल जाए तो Train Ticket कैंसिल करने में देरी न करें।
वेटिंग टिकट वालों के लिए क्या नियम है?
वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए नियम थोड़ा अलग हो सकता है। अगर टिकट चार्ट बनने से पहले तय समय के अंदर कैंसिल कर दी जाए तो मामूली शुल्क काटा जाता है। अगर ई-टिकट चार्ट बनने तक पूरी तरह वेटिंग में ही रहता है, तो वह अपने आप कैंसिल हो सकता है और नियमों के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया होती है।
लेकिन त्योहारों के समय सिर्फ इस उम्मीद पर मत बैठिए कि आपकी वेटिंग टिकट आखिर में कन्फर्म हो जाएगी। त्योहारों में सीटों की मांग इतनी ज्यादा होती है कि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट काफी लंबी रहती है। इसलिए बेहतर है कि एक बैकअप प्लान जरूर रखें। दूसरी ट्रेन, स्पेशल ट्रेन या एक दिन पहले या बाद की यात्रा भी विकल्प हो सकती है।
त्योहारों के दौरान Train Ticket बुक करते समय ये बातें काम आएंगी
सबसे पहले अपनी यात्रा की तारीख फाइनल करें। कई बार लोग सोचते रहते हैं कि 7 नवंबर जाएं या 8 नवंबर, और इसी सोच-विचार में बुकिंग खुलने का दिन निकल जाता है। दूसरी बात, केवल एक ट्रेन पर निर्भर मत रहिए। उसी रूट की दूसरी ट्रेनें और आसपास के स्टेशन भी चेक करें। तीसरी बात, त्योहारों में सुबह के समय चलने वाली ट्रेन और रात की ट्रेन दोनों के विकल्प देखें।
कभी-कभी अलग टाइमिंग वाली ट्रेनों में सीट मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो सभी यात्रियों की जानकारी पहले से तैयार रखें। आखिरी समय में नाम, उम्र और ID से जुड़ी जानकारी ढूंढने में समय बर्बाद हो सकता है।
और सबसे जरूरी बात, IRCTC का पासवर्ड, लॉग-इन डिटेल और पेमेंट विकल्प पहले से चेक कर लें। त्योहार के दिन सुबह 8 बजे पासवर्ड भूल जाना शायद सबसे बड़ी ट्रैवल ट्रेजेडी साबित हो सकती है।
त्योहारों का सफर सिर्फ टिकट का नहीं, टाइमिंग का भी खेल है
सच कहें तो त्योहारों के दौरान घर पहुंचना केवल किस्मत का खेल नहीं है। थोड़ी सी पहले से तैयारी और सही जानकारी आपको काफी परेशानी से बचा सकती है। 60 दिन वाला नियम जानना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है सही तारीख पर सही समय पर तैयार रहना। खासकर उन लोगों के लिए जो हर साल आखिरी समय तक इंतजार करते हैं और फिर वेटिंग लिस्ट देखकर परेशान होते हैं।
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अगर आपकी यात्रा दिवाली, छठ या दशहरे के आसपास है तो अभी से कैलेंडर खोलिए, अपनी यात्रा की तारीख तय करिए और बुकिंग खुलने वाला दिन नोट कर लीजिए। एक सही समय पर बुक की गई Train Ticket आपके त्योहार का पूरा मजा बना सकती है, जबकि आखिरी समय की भागदौड़ पूरे सफर को तनाव भरा बना देती है।
घर पहुंचने की खुशी अलग होती है। स्टेशन पर उतरते ही परिवार का इंतजार, घर का खाना और अपनों के साथ त्योहार मनाने का एहसास किसी भी लंबी यात्रा की थकान मिटा देता है। इसलिए इस बार त्योहारों का प्लान आखिरी समय पर मत बनाइए। अपनी Train Ticket की तैयारी समय से कीजिए और बिना टेंशन घर जाने की प्लानिंग करिए।
Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव
- त्योहारों की Train Ticket के लिए बुकिंग डेट पहले से कैलेंडर में नोट कर लें।
- ट्रेन के Origin Station की तारीख जरूर चेक करें, सिर्फ अपने बोर्डिंग स्टेशन पर भरोसा न करें।
- तत्काल बुकिंग से पहले Master List और पेमेंट विकल्प तैयार रखें।
- मुख्य ट्रेन में सीट न मिले तो फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों पर नजर रखें।
- प्लान बदल जाए तो रिफंड बचाने के लिए टिकट समय रहते कैंसिल करें।
तो इस बार त्योहारों में घर जाने की प्लानिंग करते समय सिर्फ बैग पैक करने की तैयारी मत करिए, अपनी Train Ticket की तारीख भी पहले से तय कर लीजिए। सही समय पर की गई छोटी सी तैयारी आपको वेटिंग लिस्ट की टेंशन से बचा सकती है और आपका त्योहार सच में खुशियों भरा बना सकती है।