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Delhi-Amritsar-Katra Expressway: 6 घंटे में वैष्णो देवी सफर

Delhi-Amritsar-Katra Expressway

Delhi-Amritsar-Katra Expressway से बदलेगा उत्तर भारत का सफर, जानिए रूट, दूरी, टोल और पूरी जानकारी। सोचिए, सुबह-सुबह Delhi से अपनी गाड़ी लेकर निकलें और कुछ ही घंटों बाद माता वैष्णो देवी के दरबार के लिए कटरा पहुंच जाएं। पहले Delhi से कटरा तक का सफर लंबा, थकाने वाला और कई जगहों के ट्रैफिक से भरा होता था।

लोगों को घंटों सड़क पर बिताने पड़ते थे, लेकिन अब आने वाले समय में यह तस्वीर काफी बदलने वाली है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है Delhi-Amritsar-Katra Expressway। यह नया एक्सप्रेसवे Delhi को अमृतसर और कटरा जैसे उत्तर भारत के दो बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्रों से तेज कनेक्टिविटी देने वाला है। जिस सफर में पहले करीब 13 से 14 घंटे लगते थे, उसके पूरा होने के बाद समय काफी कम हो जाएगा।

यह सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway उन लोगों के लिए भी खास है जो रोड ट्रिप के शौकीन हैं, धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं या Delhi से पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक आसान सफर की योजना बना रहे हैं। 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में इस एक्सप्रेसवे के लगभग 157.92 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया।

इसके साथ जालंधर के पास एक और हिस्सा भी लोगों के लिए खोला गया। हालांकि पूरा एक्सप्रेसवे अभी तैयार नहीं हुआ है, लेकिन इसके कई हिस्सों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। तो अगर आप जानना चाहते हैं कि Delhi-Amritsar-Katra Expressway आखिर है क्या, यह किन राज्यों से होकर गुजरेगा, Delhi से कटरा पहुंचने में कितना समय लगेगा और पूरा बनने के बाद यह सफर कितना बदल जाएगा, तो चलिए आसान भाषा में समझते हैं

आखिर क्या है Delhi-Amritsar-Katra Expressway?

आसान शब्दों में कहें तो Delhi-Amritsar-Katra Expressway एक हाई-स्पीड और एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य Delhi, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सफर को तेज और आसान बनाना है। इस एक्सप्रेसवे को नेशनल एक्सप्रेसवे-5 यानी NE-5 और इसके अमृतसर वाले हिस्से को NE-5A के नाम से भी जाना जाता है।

अब आपके मन में सवाल होगा कि एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क आखिर होती क्या है? इसका मतलब है कि आप किसी भी जगह से अचानक एक्सप्रेसवे पर नहीं चढ़ सकते। एंट्री और एग्जिट के लिए खास इंटरचेंज बनाए जाते हैं। इससे लोकल ट्रैफिक, पैदल चलने वाले लोग और दूसरे वाहन सीधे हाईवे पर नहीं आते।

यही वजह है कि ऐसी सड़कों पर गाड़ियां बिना बार-बार रुकावट के चल सकती हैं और सफर का समय कम हो जाता है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway की कुल लंबाई लगभग 669 से 670 किलोमीटर के आसपास बताई गई है। इसे फिलहाल 4 लेन के रूप में बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।

इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात इसका कनेक्शन है। एक तरफ यह Delhi को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर तक पहुंचने में मदद करेगा और दूसरी तरफ माता वैष्णो देवी के दरबार वाले कटरा तक सफर आसान बनाएगा।

Delhi-Amritsar-Katra Expressway

Delhi से कटरा का सफर कितना छोटा हो जाएगा?

Delhi से कटरा जाने वाले लोगों को अच्छी तरह पता है कि पुराने रूट पर सफर कितना लंबा हो सकता है। आमतौर पर NH-44 से जाते समय कई बड़े शहरों और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है। अंबाला, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों के आसपास ट्रैफिक मिलने पर यात्रा का समय और बढ़ जाता है।

पुराने रूट से Delhi से कटरा की दूरी लगभग 727 किलोमीटर तक पड़ती थी और सफर में करीब 13 से 14 घंटे लग सकते थे। लेकिन Delhi-Amritsar-Katra Expressway पूरा होने के बाद दूरी घटकर लगभग 588 किलोमीटर रहने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात यह है कि यात्रा का समय लगभग 6 घंटे तक पहुंच सकता है।

यानी करीब 139 किलोमीटर की दूरी कम और कई घंटे की बचत। रोड ट्रिप करने वालों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब Delhi से कटरा जाने का मतलब सिर्फ एक लंबी और थकाऊ ड्राइव नहीं होगा, बल्कि सही प्लानिंग के साथ यह एक आरामदायक सफर बन सकता है। वहीं Delhi से अमृतसर का सफर भी काफी तेज होने की उम्मीद है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway के अमृतसर स्पर के जरिए यह यात्रा लगभग 4 घंटे में पूरी हो सकती है।

किन राज्यों से होकर गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे?

Delhi-Amritsar-Katra Expressway का रूट चार प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इसमें Delhi, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। इसका शुरुआती हिस्सा Delhi के पास हरियाणा के झज्जर जिले से जुड़ता है। यहां से यह आगे बढ़ते हुए हरियाणा के कई जिलों को कनेक्ट करता है।

एक्सप्रेसवे की शुरुआत जसौर खेड़ी के पास से मानी जाती है, जो कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। भविष्य में इसे Delhi के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 से जोड़ने की भी योजना है, जिससे Delhi के अलग-अलग हिस्सों से इसकी कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकती है।

हरियाणा में कहां-कहां से निकलेगा रास्ता?

हरियाणा का हिस्सा इस परियोजना का काफी महत्वपूर्ण भाग है। यहां से गुजरते हुए एक्सप्रेसवे कई जिलों को कनेक्ट करता है। इसका रास्ता झज्जर से शुरू होकर रोहतक, सोनीपत, जींद और कैथल की तरफ बढ़ता है। आगे जाकर यह पंजाब की सीमा की ओर निकलता है।

हरियाणा का यह हिस्सा काफी तेजी से तैयार हुआ है और इसके कुछ सेक्शन अब चालू हो चुके हैं। 17 जुलाई 2026 को उद्घाटन के बाद लोगों को इस नए रूट का फायदा मिलना शुरू हो गया। Delhi-Amritsar-Katra Expressway के चालू हिस्से से हरियाणा के कई इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

पंजाब में दो हिस्सों में बंट जाएगा एक्सप्रेसवे

पंजाब पहुंचने के बाद इस एक्सप्रेसवे का रूट काफी दिलचस्प हो जाता है। यह पटियाला, संगरूर, मालेरकोटला, लुधियाना और जालंधर के आसपास के इलाकों को कनेक्ट करता है। पंजाब में नाकोदर के पास पहुंचकर इसका रास्ता दो अलग दिशाओं में बंट जाता है।

पहला मुख्य रूट सीधे जम्मू-कश्मीर की तरफ बढ़ता है और आगे कटरा तक जाता है। वहीं दूसरा हिस्सा अमृतसर की तरफ जाता है। यही अमृतसर वाला हिस्सा NE-5A के रूप में जाना जाता है। यह नाकोदर से निकलकर सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब और तरनतारन के रास्ते अमृतसर तक पहुंचता है।

यह रूट खासतौर पर धार्मिक यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी होने वाला है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway के जरिए Delhi से निकलकर लोग स्वर्ण मंदिर और कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों तक तेज यात्रा कर सकेंगे।

जम्मू-कश्मीर तक कैसे पहुंचेगा एक्सप्रेसवे?

पंजाब के बाद यह एक्सप्रेसवे जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करता है। यहां का हिस्सा सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहाड़ी इलाकों में सड़क, पुल और दूसरी संरचनाएं बनाना आसान काम नहीं होता। रूट कठुआ और सांबा से होकर जम्मू की तरफ बढ़ता है। इसके बाद जम्मू रिंग रोड से जुड़ते हुए यह कटरा की दिशा में जाता है।

कटरा पहुंचना इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा उद्देश्य है क्योंकि यहां से माता वैष्णो देवी की यात्रा शुरू होती है। पूरा Delhi-Amritsar-Katra Expressway तैयार होने के बाद Delhi से कटरा की यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।

क्या पूरा एक्सप्रेसवे अभी खुल चुका है?

अगर आप यह सोच रहे हैं कि आज ही Delhi से इस एक्सप्रेसवे पर चढ़कर सीधे कटरा पहुंच सकते हैं, तो अभी ऐसा संभव नहीं है। फिलहाल इस परियोजना के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग चरणों में तैयार हो रहे हैं। हरियाणा के कई हिस्से तैयार हो चुके हैं और वहां गाड़ियां चलना शुरू हो चुकी हैं।

पंजाब में भी काम काफी आगे बढ़ चुका है, हालांकि जमीन अधिग्रहण और कुछ निर्माण संबंधी दिक्कतों की वजह से देरी हुई। कुछ पैकेजों के ठेके भी समाप्त कर दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। पंजाब के हिस्से को दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच पूरा करने की उम्मीद जताई गई है।

वहीं जम्मू-कश्मीर वाला हिस्सा सबसे कठिन है। यहां सुरंगों और बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। देवक ब्रिज जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं पर काम हो चुका है और पूरे जम्मू-कश्मीर सेक्शन को अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता रहा, तो 2027 में Delhi-Amritsar-Katra Expressway पूरी तरह चालू हो सकता है।

एक्सप्रेसवे पर कितनी होगी स्पीड?

इस नए एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक तय की गई है, जबकि बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए अलग स्पीड लिमिट होगी। हालांकि तेज सड़क का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप मनमानी रफ्तार से गाड़ी चलाएं।

जगह-जगह स्पीड कैमरे और निगरानी की व्यवस्था होगी। ओवरस्पीडिंग करने पर चालान की कार्रवाई हो सकती है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway का उद्देश्य सिर्फ तेज यात्रा नहीं बल्कि सुरक्षित यात्रा भी है।

जानवरों और यात्रियों की सुरक्षा का भी रखा गया ध्यान

एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ा खतरा अक्सर अचानक सड़क पर आने वाले जानवरों या लोकल ट्रैफिक से होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना में मजबूत फेंसिंग और एनिमल ओवरपास जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। एनिमल ओवरपास का मतलब ऐसे रास्ते जहां जंगली जानवर सड़क पार करने के लिए सुरक्षित तरीके से ऊपर से गुजर सकें।

इससे जानवर भी सुरक्षित रहेंगे और तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक आने का खतरा भी कम होगा। इसके अलावा यात्रियों की मदद के लिए SOS बूथ, एम्बुलेंस, मेडिकल सहायता और इमरजेंसी सुविधाओं की भी योजना बनाई गई है।

ब्यास नदी पर बनेगा खास ब्रिज

Delhi-Amritsar-Katra Expressway से जुड़ी सबसे दिलचस्प इंजीनियरिंग परियोजनाओं में पंजाब की ब्यास नदी पर बनने वाला बड़ा केबल-स्टेड ब्रिज भी शामिल है। यह पुल लगभग 1.3 किलोमीटर लंबा बताया गया है।

Delhi-Amritsar-Katra Expressway

इतने बड़े पुल का निर्माण इस एक्सप्रेसवे को तकनीकी रूप से भी खास बनाता है। नदी और आसपास के इलाके को पार करने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।

टोल देने के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा?

नए एक्सप्रेसवे की एक खास बात आधुनिक टोलिंग सिस्टम भी है। यहां FASTag और ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए टोल वसूली की व्यवस्था की जा रही है। यानी टोल प्लाजा पर लंबी लाइन में खड़े रहने का अनुभव कम करने की कोशिश की गई है। आप जितना एक्सप्रेसवे इस्तेमाल करेंगे, उसी हिसाब से टोल लिया जा सकता है।

फिलहाल चालू हो चुके हरियाणा के हिस्से पर टोल कलेक्शन शुरू हो चुका है। कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल लगभग ₹240 बताया गया है, जबकि आने-जाने का टोल करीब ₹360 हो सकता है। लाइट कमर्शियल वाहनों के लिए यह राशि अलग है और बस व ट्रक के लिए ज्यादा टोल तय किया गया है।

जब पूरा Delhi-Amritsar-Katra Expressway तैयार होगा, तब Delhi से कटरा तक कार से जाने का कुल टोल लगभग ₹800 से ₹1,100 के बीच होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि भविष्य में टोल दरों में बदलाव संभव है, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

रास्ते में खाने-पीने और आराम की सुविधा

लंबी रोड ट्रिप में सबसे बड़ी परेशानी होती है कि रास्ते में साफ टॉयलेट, अच्छा खाना या आराम करने की जगह मिलेगी या नहीं। इस एक्सप्रेसवे पर हर 25 से 50 किलोमीटर के आसपास वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने की योजना है। यहां फूड कोर्ट, साफ-सुथरे टॉयलेट, पेट्रोल पंप और EV चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।

लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक ड्राइवरों और दूसरे यात्रियों के लिए आराम करने की जगह भी बनाई जाएगी। इसका मतलब है कि Delhi-Amritsar-Katra Expressway सिर्फ तेज यात्रा का रास्ता नहीं बल्कि एक बेहतर रोड ट्रिप अनुभव देने की कोशिश भी है।

Delhi से अमृतसर का सफर भी होगा आसान

इस प्रोजेक्ट का अमृतसर स्पर पंजाब के धार्मिक पर्यटन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। नाकोदर से निकलने वाला NE-5A रूट अमृतसर की तरफ जाता है। इसके जरिए Delhi से अमृतसर पहुंचने का समय लगभग 4 घंटे तक कम हो सकता है। अमृतसर पहुंचकर लोग श्री हरमंदिर साहिब यानी स्वर्ण मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

इसके अलावा रास्ते में सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब और तरनतारन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी पड़ते हैं। इस तरह Delhi-Amritsar-Katra Expressway को सिर्फ एक सड़क कहना शायद कम होगा क्योंकि यह कई धार्मिक यात्राओं को एक ही बड़े नेटवर्क से जोड़ता है।

वैष्णो देवी जाने वालों के लिए क्यों खास है यह रूट?

हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचते हैं। Delhi और आसपास के राज्यों से आने वाले लोगों के लिए सड़क यात्रा अक्सर लंबी हो जाती है। खासतौर पर छुट्टियों और त्योहारों के समय ट्रैफिक यात्रा को और मुश्किल बना देता है। नया एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद Delhi से कटरा पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है।

इससे लोग अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान कर पाएंगे। जो लोग पहले ट्रेन या फ्लाइट का विकल्प चुनते थे, उनके पास अब रोड ट्रिप का भी एक तेज विकल्प होगा। Delhi-Amritsar-Katra Expressway धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

आसपास के शहरों को भी मिलेगा फायदा

बड़े एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं बनते। इनके बनने से आसपास के शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी भी बदलती है। हरियाणा में सोनीपत और रोहतक जैसे इलाकों को Delhi से बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। जींद और कैथल जैसे शहरों में भी कमर्शियल गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

पंजाब में लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े औद्योगिक शहरों को तेज कनेक्टिविटी का फायदा मिल सकता है। वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबार के लिए ऐसे रूट काफी उपयोगी साबित होते हैं। कटरा में भी पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का सीधा असर होटल, रिसॉर्ट और स्थानीय कारोबार पर पड़ सकता है।

रियल एस्टेट पर भी पड़ सकता है असर

भारत में कई जगह देखा गया है कि जहां नया एक्सप्रेसवे बनता है, वहां आसपास के इलाकों में जमीन और कमर्शियल गतिविधियों की मांग बढ़ जाती है। Delhi-Amritsar-Katra Expressway के आसपास भी भविष्य में ऐसा असर देखने को मिल सकता है। खासकर इंटरचेंज के आसपास के इलाकों पर लोगों की नजर रहेगी क्योंकि वहां कनेक्टिविटी बेहतर होती है।

सोनीपत और रोहतक जैसे Delhi के नजदीकी इलाके लॉजिस्टिक्स और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जींद और कैथल में कमर्शियल गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लुधियाना और जालंधर पहले से ही औद्योगिक शहर हैं, इसलिए बेहतर सड़क संपर्क कारोबार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

कटरा में पर्यटन के कारण होटल और अन्य सुविधाओं की मांग बढ़ने की संभावना है। लेकिन निवेश करने से पहले सिर्फ हाईवे के पास जमीन देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। कानूनी रास्ता, इंटरचेंज की दूरी और जमीन के दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है।

रोड ट्रिप का अनुभव अब होगा बिल्कुल अलग

पुराने समय में Delhi से जम्मू या कटरा की रोड ट्रिप का मतलब होता था सुबह जल्दी निकलना और दिनभर सड़क पर रहना। रास्ते में शहरों का ट्रैफिक, बार-बार रुकना और लंबी दूरी यात्रा को थकाने वाली बना देती थी। लेकिन Delhi-Amritsar-Katra Expressway पूरा होने के बाद तस्वीर बदल सकती है।

एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क, बेहतर इंटरचेंज, आधुनिक सुविधाएं और कम समय में ज्यादा दूरी तय करने की क्षमता इस सफर को आसान बनाएगी। हालांकि पहाड़ों की तरफ जाने वाले लोगों को यह हमेशा याद रखना चाहिए कि तेज सड़क पर पहुंचने के बाद भी सुरक्षित ड्राइविंग सबसे जरूरी है। स्पीड लिमिट का पालन करना और जरूरत पड़ने पर आराम करना किसी भी रोड ट्रिप का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Delhi-Amritsar-Katra Expressway

Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव

  1. निकलने से पहले गाड़ी के टायर और ब्रेक जरूर चेक करें।
  2. FASTag में पर्याप्त बैलेंस पहले से रखें।
  3. तेज रफ्तार में लगातार कई घंटे ड्राइव करने से बचें और जरूरत पड़ने पर आराम करें।
  4. गाड़ी सिर्फ तय किए गए वे-साइड स्टॉप या सुरक्षित जगह पर ही रोकें।
  5. एक्सप्रेसवे के नए हिस्से पर निकलने से पहले रूट और चालू सेक्शन की जानकारी जरूर चेक करें।

Delhi-Amritsar-Katra Expressway उत्तर भारत की यात्रा को बदलने वाली बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक है। इसके पूरा होने के बाद Delhi से कटरा और अमृतसर तक का सफर पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो सकता है। एक तरफ माता वैष्णो देवी का दरबार, दूसरी तरफ स्वर्ण मंदिर और पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे—यह एक्सप्रेसवे इन सभी जगहों तक पहुंचने के लिए एक नया रास्ता तैयार कर रहा है।

अभी इसका पूरा काम खत्म होने में समय है, लेकिन जो हिस्से तैयार हो चुके हैं, वे इस बात की झलक दिखाते हैं कि आने वाले वर्षों में उत्तर भारत की रोड ट्रिप कैसी हो सकती है। तो अगर आपको लॉन्ग ड्राइव पसंद है और धार्मिक यात्राओं के साथ सड़क के सफर का मजा लेना अच्छा लगता है, तो आने वाले समय में Delhi-Amritsar-Katra Expressway आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल हो सकता है। एक ऐसा रास्ता जो सिर्फ दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि Delhi से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सफर को एक नए अंदाज में जोड़ देगा।

Shivani Pal

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