IRCTC Ticket Booking: यात्रियों को क्यों हो रही परेशानी?
टिकट बुक करते समय लॉगआउट से लेकर छिपे चार्ज तक, यात्रियों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? ट्रेन का सफर हमारे देश में सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का जरिया नहीं है। किसी के लिए ट्रेन से घर जाना मतलब परिवार से मिलना है, किसी के लिए नौकरी के सिलसिले में रोज का सफर और किसी के लिए छुट्टियों में घूमने का सबसे आसान तरीका।
लेकिन जब यही सफर शुरू होने से पहले टिकट बुक करने में परेशानी आने लगे, तो पूरा मूड खराब हो जाता है। खासकर तब, जब आप जरूरी टिकट बुक कर रहे हों और पेमेंट करने से ठीक पहले वेबसाइट आपको लॉगआउट कर दे या आपकी पसंद की सीट की जगह कुछ और मिल जाए। ऐसी ही परेशानियों को लेकर IRCTC की ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था पर एक बड़ा सर्वे सामने आया है। LocalCircles के सर्वे में 324 जिलों के 90,000 से अधिक IRCTC उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं शामिल थीं।
सर्वे में यात्रियों ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान कई तरह की परेशानियों का जिक्र किया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Dark Patterns की हुई। आसान भाषा में समझें तो Dark Patterns ऐसे डिजाइन या तरीके होते हैं, जिनकी वजह से उपयोगकर्ता से उसकी साफ सहमति के बिना कोई काम करवाया जाए या उसे किसी विकल्प की तरफ इस तरह से धकेला जाए कि उसे पूरी बात साफ-साफ समझ ही न आए।
यानी मामला सिर्फ वेबसाइट के धीमे चलने का नहीं है। बात इस बात की भी है कि IRCTC पर टिकट बुक करते समय यात्री को क्या दिखाया जा रहा है, किस चीज के लिए सहमति ली जा रही है और किस तरह से उसे कोई अतिरिक्त विकल्प चुनने की तरफ ले जाया जा रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि LocalCircles का सर्वे यात्रियों के अनुभवों पर आधारित है। इससे यह पता चलता है कि लोगों को कौन-कौन सी परेशानियां महसूस हो रही हैं, लेकिन हर शिकायत को बिना जांचे तकनीकी गलती या कानूनी उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
Dark Patterns आखिर क्या होते हैं?
Dark Patterns शब्द सुनकर शायद आपको लगे कि यह कोई बहुत तकनीकी चीज है, लेकिन असल में इसे समझना काफी आसान है। मान लीजिए आप टिकट बुक करने गए हैं। आपको टिकट की कीमत एक दिखाई गई, लेकिन पेमेंट के समय कुछ और शुल्क जुड़ गया। या आपने सिर्फ टिकट बुक करना चाहा, लेकिन साथ में कोई अतिरिक्त सेवा भी आपके बिल में जोड़ दी गई।
इसी तरह अगर आप टिकट बुक कर रहे हैं और वेबसाइट बार-बार आपको कोई ऐप डाउनलोड करने, नोटिफिकेशन चालू करने या दूसरी सेवा लेने के लिए कहती रहे, तो इसे भी Dark Patterns के दायरे में देखा जा सकता है।
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भारत में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने Dark Patterns से जुड़ी 13 प्रकार की अनुचित ऑनलाइन प्रक्रियाओं की पहचान की है। इनमें Basket Sneaking, Forced Action, Interface Interference, Confirm Shaming और दूसरे तरीके शामिल हैं। Dark Patterns का मूल सवाल यही है कि क्या उपयोगकर्ता को साफ जानकारी मिल रही है और क्या वह अपनी मर्जी से फैसला ले रहा है।
IRCTC पर किन Dark Patterns की शिकायतें आईं?
LocalCircles के सर्वे में IRCTC पर छह तरह की परेशानियों का जिक्र हुआ। इनमें Forced Action, Nagging, Basket Sneaking, Bait and Switch, Drip Pricing और Interface Interference शामिल हैं। इन सभी शब्दों को समझना जरूरी है क्योंकि टिकट बुकिंग के दौरान कई यात्री इनके जैसा अनुभव होने की बात कह रहे हैं।
लेकिन यहां यह समझना भी जरूरी है कि किसी तकनीकी समस्या, सीट उपलब्धता में बदलाव या भुगतान के दौरान जुड़ने वाले वैध शुल्क को हर बार Dark Pattern नहीं कहा जा सकता। किसी चीज को Dark Pattern तभी माना जा सकता है जब उपयोगकर्ता को भ्रमित करने, दबाव डालने या बिना साफ सहमति के फैसला करवाने जैसा डिजाइन इस्तेमाल हो।
सबसे पहले आता है Forced Action
सर्वे के मुताबिक टिकट बुक या कैंसिल करते समय 70 प्रतिशत लोगों ने Forced Action जैसी परेशानी का अनुभव किया। इनमें 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह समस्या उन्हें बहुत बार होती है, जबकि 28 प्रतिशत ने कहा कि ऐसा कभी-कभी होता है। इसे एक आम उदाहरण से समझिए। आपने बड़ी मुश्किल से ट्रेन चुनी, यात्रियों की जानकारी भरी और अब पेमेंट करने वाले हैं। तभी अचानक आपका IRCTC अकाउंट लॉगआउट हो जाता है।
अब आपको फिर से लॉगिन करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। आम टिकट में भी यह परेशानी परेशान करने वाली है, लेकिन तत्काल टिकट के समय इसकी परेशानी और बढ़ जाती है। कुछ ही मिनटों में सीटें खत्म हो सकती हैं।
ऐसे में लॉगआउट होने का मतलब यह भी हो सकता है कि जिस सीट या ट्रेन को आप बुक करना चाहते थे, वह दोबारा प्रक्रिया शुरू करने तक उपलब्ध ही न रहे। हालांकि अचानक लॉगआउट होने के पीछे सुरक्षा कारण, सत्र की समय सीमा, इंटरनेट कनेक्शन या तकनीकी समस्या भी हो सकती है। लेकिन अगर ऐसा लगातार और बिना साफ सूचना के हो, तो यात्रियों के लिए यह गंभीर परेशानी बन सकता है।
बार-बार परेशान करना भी एक समस्या है
दूसरा मामला Nagging का है। इसका मतलब है कि वेबसाइट या ऐप पर आपको बार-बार किसी दूसरी चीज के लिए कहा जाता रहे। आप IRCTC पर टिकट बुक करने आए हैं, लेकिन स्क्रीन पर आपको ऐप डाउनलोड करने, नोटिफिकेशन चालू करने, अपनी जानकारी देने या किसी दूसरी सेवा का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार संदेश दिखाई देते हैं।
सर्वे में 46 प्रतिशत यात्रियों ने इस तरह की परेशानी की बात कही। जब किसी व्यक्ति को सिर्फ टिकट बुक करनी हो और बीच-बीच में अलग-अलग संदेश और विकल्प आते रहें, तो स्वाभाविक तौर पर उसका ध्यान भटकता है। खासकर उस समय जब टिकट की उपलब्धता तेजी से बदल रही हो, ऐसे पॉप-अप और संदेश यात्री के लिए और ज्यादा परेशान करने वाले हो सकते हैं। Dark Patterns की एक बड़ी समस्या यही है कि उपयोगकर्ता का मुख्य काम पीछे छूट जाता है और उसका ध्यान दूसरी चीजों पर चला जाता है।
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बिना साफ सहमति के चीजें जुड़ना
तीसरा मामला Basket Sneaking का है। यह सीधे आपकी जेब से जुड़ा मामला है। इसका मतलब है कि जब आप पेमेंट करने पहुंचते हैं तो आपके बिल में कोई अतिरिक्त सेवा पहले से जुड़ी हुई दिखाई देती है। सर्वे में 45 प्रतिशत यात्रियों ने ऐसे अनुभव की बात कही। इसमें यात्रा बीमा, भोजन या दूसरी भुगतान वाली सेवाओं का विकल्प शामिल बताया गया।
यात्री टिकट लेने आया है। उसका ध्यान किराये और यात्रा की जानकारी पर है। ऐसे में अगर पेमेंट के समय कोई अतिरिक्त सेवा पहले से चुनी हुई मिले और उसे खुद जाकर हटाना पड़े, तो यह परेशानी पैदा करता है। लेकिन यहां फर्क समझना जरूरी है। अगर कोई शुल्क पहले से साफ बताया गया है और टिकट प्रक्रिया के लिए जरूरी है, तो उसे Basket Sneaking नहीं कहा जा सकता।
परेशानी तब होती है जब कोई वैकल्पिक भुगतान सेवा बिना स्पष्ट सहमति के जोड़ दी जाए या उसे हटाने का तरीका जानबूझकर मुश्किल बनाया जाए। इसलिए IRCTC पर पेमेंट करने से पहले पूरा बिल और चुनी हुई सेवाएं एक बार जरूर जांचें।
आपने कुछ चुना और मिला कुछ और
अब आते हैं Bait and Switch पर। यह यात्रियों के लिए बहुत परेशान करने वाली बात हो सकती है। सर्वे में 38 प्रतिशत यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जो टिकट, ट्रेन या सीट चुनी थी, आखिर में उन्हें उससे अलग सीट या टिकट मिली। सोचिए, आपने पूरी कोशिश करके लोअर बर्थ चुनी। यात्रा की अपनी जरूरत के हिसाब से सीट तय की। लेकिन टिकट बनकर आया और बर्थ कुछ और निकल गई।
ऐसी स्थिति में यात्री के लिए परेशानी होना स्वाभाविक है। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझनी चाहिए। IRCTC पर लोअर, मिडिल या अपर बर्थ का चयन अक्सर पसंद के रूप में लिया जाता है। इसका मतलब यह नहीं होता कि वही बर्थ निश्चित रूप से मिलेगी।
सीट उपलब्धता, कोच की व्यवस्था, यात्रियों की उम्र, लिंग, परिवार की बुकिंग और रेलवे के आरक्षण नियमों के आधार पर दूसरी बर्थ मिल सकती है। अगर प्लेटफॉर्म किसी चीज को पक्के चयन की तरह दिखाए और बाद में अलग चीज दे, तब यात्री को भ्रमित महसूस हो सकता है। इसलिए बर्थ पसंद और बर्थ गारंटी के अंतर को साफ दिखाना जरूरी है।
शुरुआत में किराया कम, अंत में ज्यादा
पांचवां बड़ा मामला Drip Pricing का है। आसान भाषा में कहें तो शुरुआत में आपको एक कीमत दिखाई जाती है, लेकिन पेमेंट के समय कुल कीमत बढ़ जाती है। सर्वे में 43 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ऐसे छिपे शुल्क का अनुभव होने की बात कही।
शुरुआत में यात्री को लगता है कि टिकट इतने रुपये की है, लेकिन जैसे-जैसे वह पेमेंट की आखिरी स्क्रीन तक पहुंचता है, सुविधा शुल्क, भुगतान माध्यम शुल्क या दूसरी राशि जुड़ती दिखाई देती है।
यहां परेशानी सिर्फ ज्यादा पैसे देने की नहीं है। असली परेशानी यह है कि यात्री को कुल खर्च की जानकारी शुरुआत में साफ तरीके से नहीं मिलती। कुछ शुल्क वैध और पहले से घोषित हो सकते हैं। लेकिन अगर अंतिम भुगतान से पहले कुल किराया स्पष्ट नहीं दिखे, तो यात्रियों को भ्रम हो सकता है। इसलिए IRCTC पर टिकट बुक करते समय सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला करना सही नहीं है। पेमेंट से पहले पूरा बिल देखना जरूरी है।
टिकट बुक कर रहे हैं और अचानक पॉप-अप आ गया
छठा मामला Interface Interference का है। सर्वे में 31 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि टिकट बुक करते समय उन्हें दूसरे प्रोडक्ट या सर्विस की तरफ ध्यान दिलाया गया। आपका मुख्य काम टिकट बुक करना है, लेकिन बीच में कोई दूसरी सेवा, प्रचार या भुगतान वाला विकल्प सामने आ जाता है। इससे आपकी बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
ऐसे Dark Patterns का असर खासतौर पर उन लोगों पर ज्यादा हो सकता है जो जल्दी में टिकट बुक कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कहीं कुछ जरूरी छूट न जाए, इसलिए वे स्क्रीन पर आने वाले विकल्पों को जल्दी-जल्दी आगे बढ़ाते हैं। यही वजह है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मुख्य काम से जुड़ी जानकारी और दूसरी प्रचार सामग्री को अलग रखना जरूरी है।
नई IRCTC वेबसाइट से क्या बदलेगा?
IRCTC ने 15 जुलाई 2026 को अपनी वेबसाइट को नए रूप में पेश किया था। नई व्यवस्था में टिकट बुकिंग क्षमता बढ़ाने, भाषा सुविधा बेहतर करने और किराया कैलेंडर जैसी चीजों पर ध्यान देने की बात कही गई है। नई तकनीकी व्यवस्था का फायदा यह हो सकता है कि टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट तेजी से काम करे, सर्वर दबाव कम हो और भुगतान प्रक्रिया में परेशानी कम आए।
लेकिन यहां एक फर्क समझना जरूरी है। वेबसाइट तेज होना और Dark Patterns हटना दो अलग-अलग बातें हैं। अगर वेबसाइट पहले से ज्यादा तेजी से टिकट बुक करती है, लेकिन पेमेंट के समय कोई अतिरिक्त सेवा साफ जानकारी के बिना जुड़ती है या कीमत अंत में बदलती दिखाई देती है, तो यात्री की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसलिए IRCTC के नए रूप के साथ यह भी जरूरी है कि डिजाइन ऐसा हो जो यात्रियों को साफ जानकारी दे और उन्हें किसी अतिरिक्त सेवा के लिए मजबूर न करे।
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यात्रियों के अधिकार क्या हैं?
Dark Patterns को लेकर भारत में CCPA ने नियम बनाए हैं। इन नियमों का उद्देश्य यह है कि कोई भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को भ्रमित करके, डर दिखाकर या जानकारी छिपाकर फैसला न करवाए। यात्री चाहे किसी निजी कंपनी की वेबसाइट से टिकट खरीद रहा हो या IRCTC से, उसके लिए साफ जानकारी और अपनी पसंद से फैसला करने का अधिकार जरूरी है।
टिकट का पूरा किराया, अतिरिक्त शुल्क, बीमा, भोजन, बर्थ पसंद और रिफंड नियम जैसी चीजें स्पष्ट होनी चाहिए। यही बात Dark Patterns के पूरे मुद्दे को महत्वपूर्ण बनाती है। मामला सिर्फ एक वेबसाइट के डिजाइन का नहीं है, बल्कि उस आम व्यक्ति का है जो अपने पैसे से टिकट खरीद रहा है और चाहता है कि उसे बिना किसी भ्रम के पूरी जानकारी मिले।
कन्फर्म टिकट और सीट का मामला
कन्फर्म टिकट होने के बावजूद सीट न मिलने जैसी स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी हो सकती है। कन्फर्म टिकट का मतलब है कि यात्री को आरक्षण मिला है। अगर किसी तकनीकी गलती, गलत कोच व्यवस्था या दूसरी वजह से यात्री को सीट नहीं मिलती, तो यह सेवा में कमी का मामला बन सकता है।
ऐसी स्थिति में यात्री को टिकट, पीएनआर, कोच नंबर, सीट नंबर और यात्रा से जुड़ी हर जानकारी संभालकर रखनी चाहिए। अगर ट्रेन में समस्या हो, तो सबसे पहले टीटीई, कोच अटेंडेंट या ऑनबोर्ड स्टाफ को जानकारी दें। यात्रा के बाद भी समाधान न मिले, तो Rail Madad, IRCTC शिकायत व्यवस्था या उपभोक्ता शिकायत मंच का इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिकायत करनी हो तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि IRCTC पर टिकट बुक करते समय आपके साथ गलत हुआ है, तो सबसे पहले अपने पास सबूत रखें। बुकिंग की स्क्रीन, पेमेंट की जानकारी, टिकट, ईमेल, संदेश और किसी भी तरह के पॉप-अप या अतिरिक्त चार्ज का स्क्रीनशॉट आगे काम आ सकता है। सबसे पहले IRCTC की शिकायत व्यवस्था या Rail Madad के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकती है।
इसके अलावा National Consumer Helpline के टोल-फ्री नंबर 1915 पर भी शिकायत की जा सकती है। अगर मामला गंभीर है और समाधान नहीं मिलता, तो e-Daakhil के जरिए ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने का रास्ता भी मौजूद है। अगर आपकी स्पष्ट सहमति के बिना बैंक या कार्ड से कोई राशि काटी गई है, तो तुरंत बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से संपर्क करें।
लेकिन सामान्य टिकट भुगतान या वैध बुकिंग शुल्क को हर बार बैंक Chargeback के जरिए वापस नहीं लिया जा सकता। Chargeback का उपयोग मुख्य रूप से अनधिकृत या गलत लेनदेन की स्थिति में किया जाना चाहिए।
टिकट बुक करते समय आपको क्या सावधानी रखनी चाहिए?
ऑनलाइन टिकट बुक करना आज हमारी जरूरत बन चुका है। ऐसे में IRCTC का इस्तेमाल करते समय थोड़ा सतर्क रहना ही सबसे अच्छा तरीका है। पेमेंट करने से पहले पूरे बिल को जरूर देखें। सिर्फ टिकट का बेस किराया देखकर आगे न बढ़ें। यह भी जांच लें कि कोई यात्रा बीमा, भोजन या दूसरी सेवा अपने आप तो नहीं जुड़ी है।
अगर आपको किसी स्क्रीन पर कोई ऐसा विकल्प दिखाई देता है जिसे आपने चुना ही नहीं, तो उसे ध्यान से पढ़ें और जरूरत न हो तो हटाएं। इसी तरह अगर टिकट बुकिंग के दौरान कोई पॉप-अप या दूसरी सेवा सामने आती है, तो उसे जल्दी में स्वीकार न करें। पहले यह समझें कि आपसे वास्तव में क्या पूछा जा रहा है। Dark Patterns से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि हर स्क्रीन को बिना पढ़े आगे न बढ़ें।
Dark Patterns से बचना क्यों जरूरी है?
आज ऑनलाइन बुकिंग इतनी आम हो गई है कि हम अक्सर वेबसाइट पर दिखाई देने वाली चीजों को बिना पढ़े आगे बढ़ा देते हैं। यही आदत कई बार परेशानी की वजह बन जाती है। IRCTC जैसी वेबसाइट पर टिकट बुक करते समय कुछ मिनट की सावधानी आपको अतिरिक्त पैसे खर्च करने, गलत विकल्प चुनने या बाद में शिकायत करने की परेशानी से बचा सकती है।
Dark Patterns का असर सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है। अगर कोई व्यक्ति तत्काल टिकट बुक कर रहा है और बीच में लॉगआउट हो जाता है, तो उसके लिए समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी तरह अगर कोई यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से सीट चुनता है और बाद में उसे अलग सीट मिलती है, तो उसके पूरे सफर की योजना बदल सकती है।
इसलिए IRCTC पर बुकिंग करते समय जागरूक रहना किसी अतिरिक्त मेहनत की बात नहीं है। यह आपकी अपनी यात्रा और अपने पैसे को लेकर जरूरी सावधानी है।
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Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव
- टिकट बुक करने के बाद पेमेंट से पहले पूरा बिल ध्यान से चेक करें। कोई अतिरिक्त चार्ज या सेवा जुड़ी हो तो उसे जरूर देखें।
- बुकिंग के दौरान अगर कोई अजीब पॉप-अप, लॉगआउट या अतिरिक्त चार्ज दिखाई दे तो उसका स्क्रीनशॉट ले लें। जरूरत पड़ने पर यही आपके काम आएगा।
- खासकर तत्काल टिकट के समय जल्दी जरूर होती है, लेकिन किसी अतिरिक्त सेवा या विकल्प पर क्लिक करने से पहले उसे पढ़ लेना बेहतर है।
- अगर आपकी जानकारी के बिना कोई भुगतान या ऑटो-डेबिट जैसी चीज दिखाई देती है, तो तुरंत बैंक या UPI ऐप में जाकर उसे जांचें।
- अगर आपको लगता है कि आपके साथ गलत हुआ है, तो चुप न रहें। Rail Madad, IRCTC शिकायत व्यवस्था और उपभोक्ता हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें।
IRCTC पर टिकट बुक करना करोड़ों भारतीयों की रोजमर्रा की जरूरत है। इसलिए इसकी वेबसाइट और ऐप का तेज, आसान और साफ-सुथरा होना बेहद जरूरी है। नई वेबसाइट से स्पीड और तकनीकी क्षमता में सुधार की उम्मीद जरूर है, लेकिन Dark Patterns का मुद्दा सिर्फ स्पीड से हल नहीं होगा।
यात्रियों को यह साफ दिखना चाहिए कि वे किस चीज के लिए पैसे दे रहे हैं, कौन सी सेवा उन्होंने चुनी है और टिकट बुक करने के बाद उन्हें क्या मिल रहा है। Dark Patterns से जुड़ी शिकायतों ने कम से कम इतना जरूर दिखाया है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में यात्री की सुविधा के साथ-साथ पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। इसलिए अगली बार जब आप IRCTC पर टिकट बुक करने बैठें, तो बस एक बात याद रखें—जल्दी में स्क्रीन पर दिखने वाली हर चीज को स्वीकार करने की जरूरत नहीं है। टिकट आपकी जरूरत है, इसलिए फैसला भी आपकी मर्जी और पूरी जानकारी के आधार पर होना चाहिए।