भारत के पुराने Dak Bungalow जो आज भी इतिहास की खुशबू समेटे हैं
आज के दौर में जब लोग लग्ज़री होटल्स, बुटीक रिसॉर्ट्स और Instagram-worthy स्टे की तलाश में रहते हैं, तब भी भारत के कुछ पुराने Dak Bungalow अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। ये Bungalow सिर्फ ठहरने की जगह नहीं हैं, बल्कि बीते हुए दौर की ऐसी निशानियां हैं जिनकी दीवारों में आज भी इतिहास की खुशबू बसती है।
ब्रिटिश शासन के दौरान बनाए गए ये Bungalow कभी अफसरों, यात्रियों और डाक व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के आराम का ठिकाना हुआ करते थे। लंबे सफर के दौरान यही जगहें उनके लिए राहत और सुकून का सहारा बनती थीं। वक्त बदला, सड़कें बदलीं, सफर का तरीका बदला, लेकिन इन Bungalow की शान और उनसे जुड़ी दास्तानें आज भी ज़िंदा हैं।
अगर आपको Heritage Travel पसंद है, पुरानी इमारतों की कशिश महसूस करना अच्छा लगता है और इतिहास के पन्नों को करीब से देखना चाहते हैं, तो भारत के ये पुराने Dak Bungalow आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

1. राधानगरी Dak Bungalow, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के कोल्हापुर ज़िले में मौजूद राधानगरी Dak Bungalow हरियाली और सुकून से घिरा हुआ है। यह Bungalow ब्रिटिश दौर की वास्तुकला की खूबसूरत मिसाल माना जाता है। यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी पुराने ज़माने की कहानी का हिस्सा बन गए हों।
यहाँ क्या देखें?
- राधानगरी बांध
- राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य
- घने जंगल और दुर्लभ पक्षी
घूमने का सबसे अच्छा समय
मानसून और सर्दियों का मौसम यहां की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है।
कैसे पहुंचे?
कोल्हापुर सबसे नज़दीकी शहर है। वहां से टैक्सी या निजी वाहन के ज़रिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
2. वडोदरा Dak Bungalow, गुजरात
गुजरात का यह ऐतिहासिक Bungalow कभी अंग्रेज़ अधिकारियों के लिए आरामगाह हुआ करता था। इसकी पुरानी बनावट और शांत माहौल आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
यहाँ क्या देखें?
- लक्ष्मी विलास पैलेस
- सयाजी गार्डन
- शहर की ऐतिहासिक इमारतें
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से फरवरी के बीच का मौसम सबसे बेहतर माना जाता है।
कैसे पहुंचे?
वडोदरा रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट दोनों ही शहर को देश के बड़े शहरों से जोड़ते हैं।
3. पचमढ़ी Dak Bungalow, मध्य प्रदेश
सतपुड़ा की वादियों में बसा यह खूबसूरत Bungalow प्रकृति और इतिहास का शानदार मेल है। यहां का माहौल इतना दिलकश है कि कुछ पल के लिए दुनिया की भागदौड़ भूल जाती है।
यहाँ क्या देखें?
- बी फॉल्स
- जटाशंकर गुफा
- धूपगढ़ सनसेट पॉइंट
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा रहता है।
कैसे पहुंचे?
पिपरिया रेलवे स्टेशन यहां का सबसे नज़दीकी स्टेशन है।
4. कसौली Dak Bungalow, हिमाचल प्रदेश
पहाड़ों की गोद में बसा यह Bungalow आज भी पुराने दौर की शान और सादगी को संभाले हुए है। यहां की ठंडी हवाएं और शांत माहौल दिल को सुकून देते हैं।
यहाँ क्या देखें?
- मंकी पॉइंट
- क्राइस्ट चर्च
- मॉल रोड
घूमने का सबसे अच्छा समय
मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक।
कैसे पहुंचे?
चंडीगढ़ से सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
5. मसूरी Dak Bungalow, उत्तराखंड
पहाड़ों की रानी कही जाने वाली मसूरी का यह पुराना Bungalow कई दिलचस्प किस्सों और यादों का गवाह रहा है। यहां की फिज़ा में आज भी पुराने दौर की झलक महसूस की जा सकती है।
यहाँ क्या देखें?
- केम्प्टी फॉल्स
- गन हिल
- कैमल्स बैक रोड
घूमने का सबसे अच्छा समय
मार्च से जून और सितंबर से दिसंबर तक।
कैसे पहुंचे?
देहरादून से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
6. डलहौजी Dak Bungalow, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश का डलहौजी अपने औपनिवेशिक दौर की इमारतों और सुकून भरे माहौल के लिए जाना जाता है। यहां का पुराना Dak Bungalow आज भी उस दौर की यादों को संजोए हुए है। देवदार के ऊंचे पेड़ों के बीच बना यह Bungalow किसी फिल्मी लोकेशन से कम नहीं लगता।
यहाँ क्या देखें?
- खज्जियार
- पंचपुला
- सेंट जॉन चर्च
घूमने का सबसे अच्छा समय
अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर तक का मौसम सबसे शानदार रहता है।
कैसे पहुंचे?
पठानकोट रेलवे स्टेशन यहां का सबसे नज़दीकी स्टेशन है। वहां से टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
7. ऊटी Dak Bungalow, तमिलनाडु
नीलगिरी की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच मौजूद ऊटी का यह Dak Bungalow पुराने दौर की नफासत और शांति का शानदार नमूना है। यहां ठहरते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे वक्त कुछ देर के लिए ठहर गया हो।
यहाँ क्या देखें?
- ऊटी लेक
- बॉटनिकल गार्डन
- नीलगिरी माउंटेन रेलवे
घूमने का सबसे अच्छा समय
साल के किसी भी समय यहां जाया जा सकता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च तक का मौसम सबसे सुहाना रहता है।
कैसे पहुंचे?
कोयंबटूर एयरपोर्ट और मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीक हैं।
8. शिलांग Dak Bungalow, मेघालय

बादलों के शहर शिलांग में बना यह Dak Bungalow प्रकृति और इतिहास का बेहतरीन संगम है। यहां की ठंडी हवाएं, हरे-भरे नज़ारे और पुरानी इमारत की कशिश यात्रियों को खास अनुभव देती है।
यहाँ क्या देखें?
- उमियम लेक
- एलिफेंट फॉल्स
- पुलिस बाज़ार
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से अप्रैल तक का समय सबसे बेहतर माना जाता है।
कैसे पहुंचे?
गुवाहाटी एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा शिलांग आसानी से पहुंचा जा सकता है।
9. चिकलदरा Dak Bungalow, महाराष्ट्र
विदर्भ क्षेत्र की पहाड़ियों में बसा चिकलदरा Maharashtra का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां का पुराना Dak Bungalow प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास दोनों का अनोखा मेल पेश करता है।
यहाँ क्या देखें?
- भीमकुंड
- हरिकेन पॉइंट
- कॉफी के बागान
घूमने का सबसे अच्छा समय
सितंबर से मार्च तक का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा रहता है।
कैसे पहुंचे?
अमरावती सबसे नज़दीकी बड़ा शहर है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है।
10. माथेरान Dak Bungalow, महाराष्ट्र
माथेरान भारत के उन चुनिंदा हिल स्टेशनों में से एक है जहां आज भी वाहनों की एंट्री नहीं होती। यहां का पुराना Dak Bungalow शोर-शराबे से दूर एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है। अगर आप कुछ वक्त डिजिटल दुनिया से दूर बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है।
यहाँ क्या देखें?
- पैनोरमा पॉइंट
- शार्लोट लेक
- माथेरान टॉय ट्रेन
घूमने का सबसे अच्छा समय
मानसून और सर्दियों का मौसम यहां की खूबसूरती को चरम पर पहुंचा देता है।
कैसे पहुंचे?
नेरल रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से पहुंचें और वहां से टॉय ट्रेन या पैदल माथेरान जा सकते हैं।
Five कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ़ से कुछ सुझाव
- किसी भी Heritage Bungalow में जाने से पहले उसकी बुकिंग और उपलब्धता की जानकारी जरूर लें।
- पुराने Bungalow में ठहरते समय वहां की विरासत और माहौल का सम्मान करें। ऐसी जगहें सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं बल्कि इतिहास की अमानत हैं।
- सुबह जल्दी उठकर आसपास की सैर करें। पुराने Bungalow के आसपास का प्राकृतिक माहौल और सन्नाटा एक अलग ही अनुभव देता है।
- अगर Bungalow किसी दूर-दराज़ इलाके में है तो जरूरी दवाइयां, टॉर्च और जरूरी सामान अपने साथ रखें।
- सिर्फ तस्वीरें ही नहीं, वहां की कहानियां और यादें भी अपने साथ लेकर लौटें। यही चीज़ किसी भी सफर को खास बनाती है।
भारत के ये पुराने Dak Bungalow सिर्फ इमारतें नहीं बल्कि इतिहास के ऐसे खामोश गवाह हैं जिन्होंने सदियों के बदलते दौर को अपनी आंखों के सामने देखा है। इनके बरामदों, लकड़ी की पुरानी खिड़कियों और विशाल कमरों में आज भी बीते हुए वक्त की महक महसूस की जा सकती है।
अगर आप अपने अगले सफर में कुछ अलग, कुछ यादगार और कुछ दिल के करीब तलाश रहे हैं, तो इन ऐतिहासिक Dak Bungalow की सैर जरूर करें। यकीन मानिए, यह अनुभव आपको सिर्फ नई जगहें नहीं दिखाएगा, बल्कि आपको भारत के उस इतिहास से भी रूबरू कराएगा जो किताबों के पन्नों से निकलकर आज भी इन Bungalow की दीवारों में सांस ले रहा है।
एक बार इन Dak Bungalow में ठहरकर देखिए, शायद आपको भी महसूस हो जाए कि इतिहास सिर्फ पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि जीने का भी एक खूबसूरत एहसास है।





