बारिश के मौसम में बनाएं ट्रिप प्लान, ये हैं भारत के टॉप 10 मानसून डेस्टिनेशन, जानें दूरी, खर्च और पूरी जानकारी
मानसून में घूमने की जगहें हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। बारिश के मौसम में पहाड़, झरने, हरियाली और बादलों से घिरी वादियां बेहद खूबसूरत नजर आती हैं। अगर आप मानसून में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो भारत की 10 शानदार डेस्टिनेशन आपके सफर को यादगार बना सकती हैं। भारत में मानसून का मौसम प्रकृति प्रेमियों और घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए सबसे खास समय माना जाता है। बारिश की फुहारों के बीच पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं, झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं और कई पर्यटन स्थल अपनी वास्तविक खूबसूरती में नजर आते हैं। अगर आप भी मानसून में परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो भारत में ऐसी कई शानदार जगहें हैं जहां बारिश का मौसम सफर को और भी रोमांचक बना देता है। आइए जानते हैं मानसून में घूमने के लिए भारत की 10 सबसे खूबसूरत जगहों के बारे में, उनकी दिल्ली से दूरी, यात्रा खर्च, इतिहास, प्रमुख आकर्षण और वहां पहुंचने के आसान तरीके।
1. मुन्नार (केरल)
Munnar दिल्ली से लगभग 2700 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए दिल्ली से कोच्चि तक फ्लाइट या ट्रेन ली जा सकती है, फिर 130 किलोमीटर सड़क मार्ग से मुन्नार पहुंचा जाता है। तीन से पांच दिन की यात्रा में प्रति व्यक्ति 18 से 30 हजार रुपये तक खर्च आ सकता है। ब्रिटिश काल में विकसित यह हिल स्टेशन अपने चाय बागानों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। एराविकुलम नेशनल पार्क, अट्टुकल वाटरफॉल और मट्टूपेट्टी डैम प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून में यहां बादल पहाड़ियों को ढक लेते हैं और चारों ओर हरियाली का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।
2. फूलों की घाटी (उत्तराखंड)
Valley of Flowers National Park दिल्ली से करीब 520 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए ऋषिकेश, जोशीमठ और गोविंदघाट होते हुए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यात्रा पर 8 से 15 हजार रुपये खर्च हो सकते हैं। वर्ष 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोहियों ने इसकी खोज की थी। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल यह घाटी जुलाई और अगस्त में हजारों दुर्लभ फूलों से भर जाती है। मानसून के दौरान यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह देश की सबसे खास जगहों में गिनी जाती है।
3. कूर्ग (कर्नाटक)
Coorg दिल्ली से लगभग 2400 किलोमीटर दूर है। बेंगलुरु तक फ्लाइट और वहां से सड़क मार्ग द्वारा कूर्ग पहुंचा जा सकता है। यात्रा का खर्च 15 से 28 हजार रुपये तक आता है। इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यहां कॉफी बागान, एबी फॉल्स और दुबारे एलीफेंट कैंप प्रमुख आकर्षण हैं। कूर्ग का इतिहास कोडावा समुदाय की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा है। मानसून में यहां की पहाड़ियां, झरने और हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यह दक्षिण भारत के सबसे लोकप्रिय मानसून डेस्टिनेशन में शामिल है।
4. शिलांग (मेघालय)
Shillong दिल्ली से लगभग 2000 किलोमीटर दूर स्थित है। गुवाहाटी तक फ्लाइट या ट्रेन से पहुंचकर सड़क मार्ग से शिलांग जाया जा सकता है। यात्रा पर 15 से 25 हजार रुपये तक खर्च आता है। ब्रिटिश अधिकारियों ने इसकी सुंदरता के कारण इसे “स्कॉटलैंड ऑफ द ईस्ट” नाम दिया था। उमियम झील, एलीफेंट फॉल्स और शिलांग पीक यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून में बादलों से घिरी पहाड़ियां और झरने इसे और अधिक सुंदर बना देते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं।
5. चेरापूंजी (मेघालय)
चेरापूंजी दिल्ली से करीब 2050 किलोमीटर दूर है। गुवाहाटी से सड़क मार्ग द्वारा यहां पहुंचा जाता है। यात्रा का खर्च 15 से 30 हजार रुपये तक हो सकता है। दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल चेरापूंजी अपने जीवित जड़ों से बने पुलों और विशाल झरनों के लिए प्रसिद्ध है। नोहकालिकाई फॉल्स यहां का प्रमुख आकर्षण है। मानसून के दौरान यहां बादल धरती को छूते हुए दिखाई देते हैं। प्रकृति और रोमांच पसंद लोगों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता।
6. महाबलेश्वर (महाराष्ट्र)
महाबलेश्वर दिल्ली से लगभग 1450 किलोमीटर दूर है। पुणे तक ट्रेन या फ्लाइट से पहुंचकर सड़क मार्ग से महाबलेश्वर जाया जाता है। यात्रा पर 12 से 22 हजार रुपये खर्च हो सकते हैं। ब्रिटिश काल में यह बॉम्बे प्रेसीडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी था। यहां वेन्ना झील, आर्थर सीट और लिंगमाला फॉल्स प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। मानसून में यहां के झरने और घाटियां जीवंत हो उठती हैं। स्ट्रॉबेरी उत्पादन के लिए भी यह स्थान पूरे देश में प्रसिद्ध है।
7. लोनावला (महाराष्ट्र)
लोनावला दिल्ली से लगभग 1500 किलोमीटर दूर है। मुंबई या पुणे से सड़क और रेल मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यात्रा पर 10 से 20 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। लोनावला का इतिहास मराठा साम्राज्य और ब्रिटिश शासन से जुड़ा है। यहां भुशी डैम, टाइगर्स पॉइंट और कार्ला गुफाएं प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून में पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं और झरने पूरे वेग से बहते हैं। यही कारण है कि बारिश के मौसम में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है।
8. उदयपुर (राजस्थान)
उदयपुर दिल्ली से लगभग 660 किलोमीटर दूर है। ट्रेन, बस और फ्लाइट के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। यात्रा का खर्च 6 से 15 हजार रुपये तक हो सकता है। वर्ष 1559 में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने इस शहर की स्थापना की थी। पिछोला झील, सिटी पैलेस और फतेहसागर झील इसकी पहचान हैं। मानसून में झीलें पानी से लबालब भर जाती हैं और आसपास की अरावली पहाड़ियां हरियाली से आच्छादित हो जाती हैं। यह राजस्थान के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
9. गोवा
गोवा दिल्ली से लगभग 1900 किलोमीटर दूर है। फ्लाइट और ट्रेन दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रा पर 12 से 25 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। गोवा लगभग 450 वर्षों तक पुर्तगाली शासन के अधीन रहा, जिसका प्रभाव आज भी यहां की संस्कृति और वास्तुकला में दिखाई देता है। बागा बीच, दूधसागर जलप्रपात और पुराने चर्च प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून में यहां की हरियाली और झरने पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। कम भीड़ होने के कारण यह मौसम घूमने के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है।
10. वायनाड (केरल)
वायनाड दिल्ली से लगभग 2600 किलोमीटर दूर स्थित है। कोझिकोड तक फ्लाइट या ट्रेन से पहुंचकर सड़क मार्ग से वायनाड जाया जा सकता है। यात्रा का खर्च 18 से 30 हजार रुपये तक हो सकता है। यह क्षेत्र प्राचीन जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध है। एडक्कल गुफाएं, सूचीपारा फॉल्स और वायनाड वन्यजीव अभयारण्य यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून के दौरान घने जंगल, झरने और ठंडा मौसम इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श पर्यटन स्थल बना देते हैं।





