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Railway News: स्लीपर टिकट पर भी कर सकते हैं AC कोच में सफर! बस मानने होंगे TTE के ये 3 नियम, वरना लगेगा तगड़ा जुर्माना

Indian Railway Travel

Railway News नई दिल्ली | भारत में ट्रेन से सफर करना अपने आप में एक अनोखा और यादगार अनुभव होता है। देश के कोने-कोने को जोड़ने वाली भारतीय रेलवे को सैलानियों और आम मुसाफिरों की लाइफलाइन माना जाता है। लेकिन अक्सर वीकेंड, छुट्टियों या त्योहारों के सीजन में जब लोग घूमने का प्लान बनाते हैं, तो ट्रेन के एसी (AC) कोच में कंफर्म टिकट मिलना सबसे टेढ़ी खीर बन जाता है। ऐसे में कई बार ट्रेवलर्स को मजबूरी में स्लीपर क्लास (Sleeper Class) का ही टिकट लेकर अपना सफर शुरू करना पड़ता है।

लंबे सफर के दौरान जब गर्मी, उमस या भीड़ बढ़ जाती है, तो हर टूरिस्ट के मन में यही ख्याल आता है कि “काश! हमारे पास एसी का टिकट होता।” लेकिन क्या आप जानते हैं कि, रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप अपने स्लीपर टिकट को सफर के बीच में ही एसी कोच में बदलवा सकते हैं? हाल ही में एक टीटीई (TTE) ने ट्रेवलर्स के लिए इस नियम की पूरी जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि, एक स्मार्ट ट्रेवलर की तरह आप अपने सफर को कैसे आरामदायक बना सकते हैं। (TTE Seat Upgrade Rules)

ट्रेवल रूल 1: चलती ट्रेन में TTE से कहें- ‘सीट अपग्रेड कर दो’

टीटीई के अनुसार, अगर आप स्लीपर क्लास की कंफर्म टिकट पर यात्रा कर रहे हैं, और ट्रेन के किसी एसी कोच (जैसे AC 3 Tier या 2 Tier) में कोई बर्थ खाली रह गई है, तो आप कानूनी रूप से अपनी सीट बदलवा सकते हैं।

इसके लिए आपको अपने स्लीपर कोच से उठकर एसी कोच में जाना होगा और वहां ड्यूटी पर मौजूद टीटीई से संपर्क करना होगा। आप उनसे अपनी स्लीपर टिकट को एसी में अपग्रेड करने का अनुरोध कर सकते हैं। (Sleeper Ticket to AC Coach Rules)

किराए का अंतर (Fare Difference) कैसे चुकाएं?

अगर एसी कोच में कोई बर्थ उपलब्ध होगी, तो टीटीई वह सीट आपको अलॉट कर देगा। इसके लिए आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं, बल्कि सिर्फ दोनों क्लास के किराए का अंतर देना होगा।

ट्रेवल उदाहरण: मान लीजिए जिस रूट पर आप यात्रा कर रहे हैं, वहां का स्लीपर क्लास का किराया 500 रुपये है और एसी 3-टियर का किराया 1200 रुपये है। ऐसी स्थिति में आपको टीटीई को सिर्फ दोनों का अंतर यानी 700 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। टीटीई आपको इसकी पक्की रसीद (Excess Fare Ticket) बनाकर देगा, और आपकी यात्रा स्लीपर से एसी में बदल जाएगी।

ट्रेवलर नोट: यह सुविधा पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि एसी कोच में कोई सीट खाली है या नहीं। अगर ट्रेन पहले से ही पूरी तरह पैक है, तो टीटीई आपकी मदद नहीं कर पाएगा।

ट्रेवल रूल 2: बिना इजाजत एसी में घुसना पड़ेगा भारी, बिगड़ जाएगा पूरा टूर

कई बार कुछ यात्री या टूरिस्ट सोचते हैं कि, स्लीपर का टिकट तो है ही, चलो चुपचाप एसी कोच में जाकर किसी खाली सीट पर बैठ जाते हैं और जब टीटीई आएगा, तब पैसे दे देंगे। टीटीई ने सख्त चेतावनी दी है कि, बिना पूछे सीधे एसी कोच में जाकर बैठना रेलवे के नियमों का बड़ा उल्लंघन है। आप बिना टीटीई की अनुमति के एसी कोच में सफर करते पाए गए, तो आपका पूरा सफर और मूड दोनों खराब हो सकता है। टीटीई आपसे स्लीपर और एसी के किराए का अंतर तो लेगा ही। इसके साथ ही आप पर अतिरिक्त जुर्माना (Penalty) भी ठोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं, रेलवे नियमों के मुताबिक आपको अगले स्टेशन पर वापस आपके स्लीपर कोच में भेज दिया जाएगा। इसलिए बिना अनुमति के एसी कोच में जाना आपके बजट और सफर दोनों को बिगाड़ सकता है।

यह भी पढ़ें… Indian Railway Rules: ट्रेन में भूलकर भी न ले जाएं ये सामान!

ट्रेवल रूल 3: क्या खड़े होकर या एडजस्ट होकर यात्रा कर सकते हैं?

ट्रेवलिंग के दौरान कई बार ज्यादा भीड़ होने की वजह से मुसाफिर सोचते हैं कि, थोड़ी देर एसी कोच के गलियारे में खड़े हो जाते हैं या किसी की सीट पर थोड़ा एडजस्ट हो जाते हैं। टीटीई ने साफ किया कि, ऐसे मामलों में आखिरी फैसला पूरी तरह टीटीई का ही होता है। अगर ट्रेन में जगह है और टीटीई को लगता है कि, यात्री की परेशानी जायज है, तो वह अतिरिक्त किराया लेकर इसकी अनुमति दे सकता है। लेकिन अगर एसी कोच में जगह नहीं है, तो किसी भी यात्री को वहां खड़े रहने या जबरन एडजस्ट होने का कोई अधिकार नहीं है।

स्मार्ट ट्रेवलर्स के लिए ‘ऑटो अपग्रेड’ का ब्रह्मास्त्र

अगर आप टीटीई से बात करने की झंझट से बचना चाहते हैं, तो टिकट बुक करते समय ही एक छोटा सा काम करें। जब आप आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट से स्लीपर टिकट बुक करते हैं, तो वहां “Auto Upgradation” का एक ऑप्शन आता है। यदि आप उस पर टिक कर देते हैं, तो चार्ट बनने के समय अगर एसी कोच में कोई सीट खाली बचती है, तो रेलवे बिना एक भी पैसा लिए आपकी स्लीपर सीट को अपने आप एसी (AC) में अपग्रेड कर देता है। यह आज के समय में हर बजट ट्रेवलर के लिए सबसे बेहतरीन ट्रिक है।

ट्रेवलर्स की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस नियम के वायरल होने के बाद घूमने-फिरने के शौकीन लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई टूरिस्ट्स का कहना है कि, उन्हें इस नियम की जानकारी ही नहीं थी, वरना वे कई बार लंबे और थकाऊ सफर में इस सुविधा का लाभ उठा लेते। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि, रेलवे को इस नियम का प्रचार-प्रसार अधिक करना चाहिए ताकि अनजान यात्री जुर्माने से बच सकें।

रेलवे अधिकारियों और ट्रेवल एक्सपर्ट्स का यही कहना है कि, एक सुखद और आरामदायक यात्रा के लिए हमेशा सही टिकट लेकर ही सफर करें। अगर सफर के दौरान क्लास बदलनी भी है, तो चुपचाप बैठने की बजाय सीधे टीटीई से मिलकर नियमों के तहत अपनी सीट अपग्रेड करवाएं। इससे आप जुर्माने और विवाद दोनों से बचेंगे और आपका सफर शानदार रहेगा।

Ajay Raj

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