Delhi Weekend Getaways: दिवाली पर घूमने की 10 जगहें
दिवाली आते ही दिल्ली की रफ्तार कुछ और तेज हो जाती है। बाजारों में खरीदारी की भीड़, सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें, घरों में साफ-सफाई और त्योहार की तैयारियाँ… चारों तरफ हलचल रहती है। दिवाली की रौनक अपनी जगह है, लेकिन कई बार इसी भागदौड़ के बीच मन करता है कि कुछ दिन शहर से दूर किसी शांत जगह पर बिताए जाएँ। ऐसी जगह, जहाँ सुबह गाड़ियों के हॉर्न की जगह पक्षियों की आवाज सुनाई दे और शाम बाजारों की भीड़ के बजाय पहाड़ों या झील के किनारे गुजरे।
अगर आप भी इस दिवाली दिल्ली से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके पास कई अच्छे विकल्प हैं। दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर पुराने किले, धार्मिक शहर, पक्षियों से भरे जंगल, पहाड़ी कस्बे और खूबसूरत झीलें मौजूद हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई जगहों पर दो से तीन दिन में घूमकर वापस आया जा सकता है। कुछ जगहों के लिए एक-दो दिन की अतिरिक्त छुट्टी लेकर चार दिन का ट्रिप भी बनाया जा सकता है। Weekend Getaways
इस गाइड में हम आपको दिल्ली से लगभग 120 से 400 किलोमीटर के दायरे में मौजूद 10 ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं, जहाँ आप अपनी पसंद के हिसाब से छुट्टियाँ बिता सकते हैं। चाहे आपको इतिहास पसंद हो, धार्मिक यात्रा करनी हो, जंगल में सफारी का अनुभव लेना हो या पहाड़ों में शांति चाहिए हो, ये Weekend Getaways आपकी दिवाली को खास बना सकते हैं।
नीमराना फोर्ट पैलेस: कम समय में शाही छुट्टियों का मजा
दिल्ली से लगभग 120 किलोमीटर दूर राजस्थान का नीमराना उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो बहुत लंबी ड्राइव किए बिना किसी अलग माहौल में छुट्टियाँ बिताना चाहते हैं। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित नीमराना फोर्ट पैलेस एक पुराने किले को हेरिटेज होटल में बदलकर बनाया गया है। यहाँ पहुँचते ही आपको पुराने राजस्थानी महल जैसा माहौल महसूस होता है। किले की बनावट, ऊँची दीवारें, खुले आँगन और आसपास की पहाड़ियाँ इसे आम होटल से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
नीमराना में आप किले के अंदर बने अलग-अलग हिस्सों में घूम सकते हैं, खुले प्रांगण में बैठकर आराम कर सकते हैं और पहाड़ियों के नज़ारे देखते हुए समय बिता सकते हैं। यहाँ ज़िप-लाइनिंग जैसी गतिविधियाँ भी उपलब्ध रहती हैं, लेकिन इनकी उपलब्धता और बुकिंग पहले से होटल से पूछ लेना बेहतर है। अगर आप सिर्फ एक रात के लिए बाहर जाना चाहते हैं, तो यह Weekend Getaways की लिस्ट में सबसे आसान विकल्पों में से एक है।
यह जगह खासकर कपल्स, परिवारों और उन लोगों के लिए अच्छी है, जो दिवाली की भागदौड़ के बाद आराम करना चाहते हैं। ध्यान रखें कि किले में ठहरने का खर्च सामान्य होटल से ज्यादा हो सकता है। इसलिए कमरे की कीमत, खाने और दूसरी गतिविधियों का खर्च पहले ही पता कर लें। Weekend Getaways
मथुरा-वृंदावन और गोवर्धन: त्योहार के दिनों में ब्रज की खास रौनक
अगर आप दिवाली की छुट्टियों में धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं, तो मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन अच्छे विकल्प हैं। दिल्ली से मथुरा की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, जबकि वृंदावन और गोवर्धन तक पहुँचने में भी कुछ घंटे लगते हैं। इस पूरे इलाके में भगवान कृष्ण से जुड़ी कई धार्मिक जगहें हैं, जहाँ सालभर श्रद्धालु आते रहते हैं।
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, विश्राम घाट और आसपास के पुराने मंदिर देखे जा सकते हैं। वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। शाम के समय प्रेम मंदिर की रोशनी और मंदिर परिसर का माहौल देखने लायक होता है। वहीं गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का खास धार्मिक महत्व है। पूरी परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर की मानी जाती है, इसलिए अगर आप इसे करना चाहते हैं तो अपने समय और सेहत के हिसाब से तैयारी करें।
दिवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा के समय ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ सकती है। मंदिरों में दर्शन और स्थानीय यातायात के लिए अतिरिक्त समय रखें। यहाँ की कचौरी, पेड़ा, लस्सी और दूसरी स्थानीय मिठाइयों का स्वाद लेना भी न भूलें। धार्मिक माहौल और स्थानीय खानपान पसंद करने वालों के लिए ये Weekend Getaways एक अच्छा अनुभव हो सकते हैं।
भरतपुर और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान: पक्षियों की दुनिया को करीब से देखें
अगर आप शहर की भीड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो राजस्थान का भरतपुर आपके लिए अच्छा विकल्प है। दिल्ली से इसकी दूरी रास्ते के हिसाब से लगभग 190 से 220 किलोमीटर के बीच पड़ती है। यहाँ स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पक्षियों को देखने और उनकी तस्वीरें लेने के लिए देश की मशहूर जगहों में शामिल है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है। Weekend Getaways
अक्टूबर से फरवरी के बीच यहाँ कई प्रवासी पक्षी पहुँचते हैं। इसी वजह से सर्दियों की शुरुआत पक्षी देखने वालों के लिए अच्छा समय माना जाता है। पार्क के अंदर आप पैदल घूम सकते हैं या साइकिल और साइकिल-रिक्शा की मदद से अलग-अलग हिस्सों को देख सकते हैं। यहाँ के रजिस्टर्ड रिक्शा चालक और गाइड पक्षियों की पहचान और पार्क के बारे में जानकारी देने में मदद करते हैं।
सुबह का समय यहाँ घूमने के लिए अच्छा रहता है। शांत रास्ते, पेड़ों के बीच बने जलाशय और पक्षियों की आवाज इस जगह को खास बनाते हैं। पार्क में घूमने के लिए अपनी गाड़ी ले जाने के बजाय वहाँ उपलब्ध साइकिल, रिक्शा या दूसरे निर्धारित साधनों का इस्तेमाल करें। भरतपुर में केवलादेव के अलावा लोहागढ़ किला भी देखा जा सकता है। प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए ये Weekend Getaways की लिस्ट में जरूर शामिल होना चाहिए।
हरिद्वार और ऋषिकेश: गंगा किनारे सुकून और एडवेंचर
दिल्ली से लगभग 220 से 250 किलोमीटर की दूरी पर हरिद्वार और ऋषिकेश दो ऐसे शहर हैं, जहाँ धार्मिक यात्रा और घूमने-फिरने का अनुभव एक साथ मिल सकता है। दोनों जगहों की अपनी अलग पहचान है। हरिद्वार में हर की पौड़ी की गंगा आरती देखने के लिए शाम के समय बड़ी संख्या में लोग पहुँचते हैं। गंगा किनारे बैठना, घाटों पर घूमना और आसपास के मंदिरों में दर्शन करना यहाँ की यात्रा का हिस्सा हो सकता है। Weekend Getaways
ऋषिकेश में आपको धार्मिक स्थलों के साथ एडवेंचर का भी विकल्प मिलता है। राम झूला, लक्ष्मण झूला क्षेत्र, त्रिवेणी घाट और बीटल्स आश्रम यहाँ के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। शहर के आसपास योग और ध्यान केंद्र भी हैं, जहाँ आप कुछ समय शांति से बिता सकते हैं। अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो मौसम और संचालन की अनुमति के हिसाब से रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
ध्यान रखें कि राफ्टिंग और दूसरी एडवेंचर गतिविधियाँ हर दिन या हर मौसम में उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। यात्रा से पहले संबंधित ऑपरेटर से उनकी उपलब्धता, सुरक्षा नियम और उम्र से जुड़ी शर्तें जरूर पूछें। दोस्तों के साथ घूमने, परिवार के साथ धार्मिक यात्रा करने या कुछ दिन शांति से बिताने के लिए ये Weekend Getaways अच्छे विकल्प हैं।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: जंगल और वन्यजीवों के बीच छुट्टियाँ
उत्तराखंड के रामनगर के पास स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क दिल्ली से लगभग 250 से 270 किलोमीटर दूर है। साल 1936 में स्थापित यह भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है। जंगल, नदी और वन्यजीवों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जगह खास है। यहाँ बाघ के अलावा हाथी, हिरण, मगरमच्छ और कई तरह के पक्षी भी पाए जाते हैं। Weekend Getaways
कॉर्बेट में अलग-अलग सफारी जोन हैं, जिनमें बिजरानी, ढिकाला और झिरना जैसे नाम शामिल हैं। हर जोन का अपना अलग अनुभव है और सफारी के लिए अलग परमिट लेना पड़ता है। नवंबर में यात्रा की योजना बनाते समय यह जरूर जाँच लें कि आप जिस जोन में जाना चाहते हैं, वहाँ सफारी शुरू हो चुकी है या नहीं। ढिकाला जोन की डे सफारी 15 नवंबर से 15 जून तक उपलब्ध होती है, जबकि बिजरानी जोन 15 अक्टूबर से 30 जून तक खुला रहता है। झिरना और ढेला जोन मौसम व रास्ते की स्थिति के अनुसार पूरे साल खुले रहते हैं।
कॉर्बेट जाने का मतलब यह नहीं है कि आपको बाघ जरूर दिखाई देगा। जंगल में वन्यजीवों को देखना किस्मत और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। सफारी के दौरान गाइड की बात मानें और जानवरों से दूरी बनाए रखें। अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ जंगल के पास किसी रिसॉर्ट में ठहरना चाहते हैं, तो यह Weekend Getaways का अच्छा विकल्प है। सफारी परमिट हमेशा अधिकृत माध्यम से पहले बुक करें।
आगरा: इतिहास, खूबसूरत इमारतें और मशहूर पेठा
दिल्ली से लगभग 230 किलोमीटर दूर आगरा उन लोगों के लिए शानदार जगह है, जो कम समय में ऐतिहासिक जगहें देखना चाहते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते यहाँ पहुँचना आसान है, हालांकि यात्रा का समय ट्रैफिक और आपके शुरुआती स्थान के हिसाब से बदल सकता है। आगरा की सबसे बड़ी पहचान ताजमहल है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। Weekend Getaways
अगर आप ताजमहल देखना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी पहुँचना बेहतर रहेगा। इसके अलावा आगरा किला, एत्माद-उद-दौला का मकबरा और महताब बाग भी घूमने लायक जगहें हैं। महताब बाग से ताजमहल का अलग नज़ारा दिखाई देता है। आगरा की यात्रा को थोड़ा और खास बनाने के लिए यहाँ के पुराने बाजारों में घूम सकते हैं और मशहूर पेठे का स्वाद ले सकते हैं।
आगरा में एक से दो दिन का ट्रिप आसानी से बनाया जा सकता है। ताजमहल के खुलने के दिन और समय, टिकट तथा प्रवेश से जुड़े नियम यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाँच लें। इतिहास, फोटोग्राफी और परिवार के साथ छोटी छुट्टी के लिए ये Weekend Getaways की अच्छी पसंद है।
जयपुर: रोशनी, पुराने बाजार और राजस्थानी अंदाज़
राजस्थान की राजधानी जयपुर दिल्ली से लगभग 280 किलोमीटर दूर है। अगर आप दिवाली पर किसी ऐसे शहर में जाना चाहते हैं, जहाँ पुराने बाजार, ऐतिहासिक इमारतें और अच्छा खानपान मिले, तो जयपुर बढ़िया विकल्प है। गुलाबी शहर के नाम से मशहूर जयपुर में दिवाली के आसपास बाजारों और मुख्य सड़कों पर सजावट देखने को मिल सकती है। हालांकि हर साल सजावट और कार्यक्रमों का स्तर अलग हो सकता है, इसलिए खास आयोजन देखने जा रहे हैं तो पहले जानकारी ले लें।
जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और जल महल प्रमुख जगहें हैं। पुराने शहर में जौहरी बाजार, बापू बाजार और त्रिपोलिया बाजार में खरीदारी कर सकते हैं। यहाँ की रंगीन चूड़ियाँ, कपड़े, जूती और हस्तशिल्प भी काफी पसंद किए जाते हैं। खाने में प्याज कचौरी, दाल-बाटी-चूरमा और राजस्थानी थाली का स्वाद जरूर लें। Weekend Getaways
शाम को नाहरगढ़ किले से शहर का नज़ारा देखने का अपना अलग मजा है, लेकिन वहाँ जाने से पहले प्रवेश समय और वापसी के साधनों की जानकारी ले लें। दिवाली के आसपास बाजारों में भीड़ और पार्किंग की परेशानी हो सकती है। इसलिए पुराने शहर में अपनी गाड़ी ले जाने के बजाय निर्धारित पार्किंग और स्थानीय साधनों का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। दो से तीन दिन की छुट्टी में ये Weekend Getaways आपको घूमने और खरीदारी दोनों का मौका देते हैं।
लैंसडाउन: पहाड़ों में शांति से बिताएँ कुछ दिन
अगर दिवाली पर आपकी सबसे बड़ी जरूरत शांति है, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन आपकी पसंद बन सकता है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 250 से 270 किलोमीटर है और सड़क से पहुँचने में करीब छह से सात घंटे लग सकते हैं। गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह छोटा-सा पहाड़ी कस्बा गढ़वाल राइफल्स के छावनी क्षेत्र के लिए भी जाना जाता है।
लैंसडाउन में बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थल नहीं हैं। यहाँ आप भुल्ला ताल के आसपास समय बिता सकते हैं, टिप-इन-टॉप से पहाड़ियों के नज़ारे देख सकते हैं और सेंट मैरी चर्च जा सकते हैं। छावनी क्षेत्र की साफ-सुथरी सड़कों पर पैदल घूमना भी अच्छा अनुभव है। अगर मौसम साफ हो, तो आसपास की पहाड़ियों और दूर दिखाई देने वाली चोटियों के सुंदर नज़ारे मिल सकते हैं। Weekend Getaways
लैंसडाउन उन लोगों के लिए बेहतर है, जिन्हें हर समय घूमने की बजाय किसी शांत जगह पर बैठना, किताब पढ़ना या प्रकृति के बीच आराम करना पसंद है। यहाँ जाने से पहले होटल और खाने-पीने की सुविधाओं की जानकारी जरूर लें, क्योंकि यह बड़े हिल स्टेशन जितना व्यस्त बाजार वाला शहर नहीं है। शांत Weekend Getaways की तलाश कर रहे कपल्स और परिवारों के लिए यह अच्छी जगह है। Weekend Getaways
मसूरी और लैंडौर: पहाड़ों की सैर और पुराने कैफे
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दिल्ली से लगभग 280 से 300 किलोमीटर दूर मसूरी लंबे समय से घूमने वालों की पसंद रहा है। पहाड़ों के बीच बसा यह हिल स्टेशन अपने मौसम, मॉल रोड और खूबसूरत नज़ारों के लिए जाना जाता है। यहाँ आप गन हिल, कैमल्स बैक रोड और कैम्प्टी फॉल्स जैसी जगहें देख सकते हैं। मॉल रोड पर शाम की सैर और स्थानीय दुकानों में खरीदारी करना भी यात्रा का हिस्सा हो सकता है।
मसूरी के पास स्थित लैंडौर उन लोगों को पसंद आएगा, जो थोड़ी कम भीड़ में समय बिताना चाहते हैं। यहाँ की पुरानी सड़कें, छोटे कैफे और लाल टिब्बा से दिखाई देने वाले पहाड़ी नज़ारे इसे खास बनाते हैं। किसी कैफे में बैठकर चाय या कॉफी पीना और आसपास के शांत रास्तों पर टहलना आपकी छुट्टियों को आरामदायक बना सकता है।
दिवाली और उसके आसपास छुट्टियों के कारण मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। होटल पहले से बुक करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें। पहाड़ी रास्तों पर रात में गाड़ी चलाने से बचना बेहतर है। परिवार, दोस्तों और कपल्स के लिए ये Weekend Getaways एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
नैनीताल और भीमताल: झीलों के किनारे छुट्टियों का मजा
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित नैनीताल दिल्ली से लगभग 300 से 315 किलोमीटर दूर है। यहाँ की नैनी झील, पहाड़ों से घिरा शहर और ठंडा मौसम इसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाते हैं। झील में बोटिंग करना, मॉल रोड पर घूमना और स्नो व्यू पॉइंट तक केबल कार से जाना यहाँ के खास अनुभवों में शामिल हैं।
नैनीताल में पर्यटकों की भीड़ ज्यादा लगे, तो आप पास के भीमताल की तरफ जा सकते हैं। भीमताल झील के आसपास का माहौल अपेक्षाकृत शांत है और यहाँ कुछ समय आराम से बिताया जा सकता है। सर्दियों में यहाँ प्रवासी पक्षियों को देखने का भी अच्छा मौका मिलता है। अगर आपके पास एक-दो दिन अतिरिक्त हैं, तो मुक्तेश्वर की यात्रा भी प्लान कर सकते हैं। वहाँ से हिमालय की चोटियों के नज़ारे देखने को मिलते हैं, बशर्ते मौसम साफ हो। Weekend Getaways
नैनीताल में दिवाली के आसपास होटल और पार्किंग की मांग बढ़ सकती है। इसलिए ठहरने की जगह पहले तय करें और शहर में स्थानीय टैक्सी या पैदल घूमने की योजना रखें। परिवार के साथ छुट्टी बिताने और झीलों के आसपास समय गुजारने के लिए ये Weekend Getaways बढ़िया हैं।
चार दिन की छुट्टी मिले तो इन दो जगहों पर भी जाएँ
अगर आप दिवाली के आसपास एक-दो दिन की अतिरिक्त छुट्टी लेकर चार दिन का ट्रिप बना सकते हैं, तो चोपता और जिभी जैसी जगहों पर जाने के बारे में सोच सकते हैं। ये दोनों जगहें ऊपर बताई गई जगहों से ज्यादा दूर हैं, इसलिए इन्हें दो दिन की छोटी यात्रा में शामिल करने की जल्दबाजी न करें। Weekend Getaways
- चोपता और तुंगनाथ, उत्तराखंड: चोपता अपने हरे-भरे पहाड़ी मैदानों और आसपास के सुंदर नज़ारों के लिए जाना जाता है। यहाँ से तुंगनाथ मंदिर तक ट्रेक किया जाता है और आगे चंद्रशिला तक जाने का रास्ता भी है। लेकिन नवंबर में ऊँचाई पर ठंड, बर्फ और रास्तों की स्थिति बदल सकती है। तुंगनाथ मंदिर के कपाट सर्दियों में बंद रहते हैं, इसलिए दिवाली के आसपास जाने से पहले मंदिर के कपाट और ट्रेक की मौजूदा स्थिति जरूर जाँचें।
- जिभी और तीर्थन घाटी, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल की तीर्थन घाटी और जिभी उन लोगों को पसंद आ सकते हैं, जो लकड़ी के कॉटेज, नदी किनारे समय बिताना और देवदार के जंगलों में घूमना चाहते हैं। यहाँ जलोड़ी पास और सेरोलसर झील की तरफ भी जाया जा सकता है, लेकिन नवंबर में मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ें। दिल्ली से यह यात्रा लंबी है, इसलिए कम से कम तीन से चार दिन का समय रखें।
दिवाली Road Trip पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दिवाली के आसपास दिल्ली से बाहर जाने वाले रास्तों पर भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए सिर्फ मैप पर दिखाई देने वाले समय के हिसाब से यात्रा की योजना न बनाएँ। सुबह जल्दी निकलने से ट्रैफिक से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन त्योहार के दिनों में रास्ते की स्थिति बदल सकती है। निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक और सड़क से जुड़ी जानकारी जरूर देख लें।
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होटल, सफारी और लोकप्रिय गतिविधियों की बुकिंग पहले कर लें। खासकर जिम कॉर्बेट में सफारी के लिए जोन और तारीख के हिसाब से परमिट लेना पड़ता है। पहाड़ों में रात के समय ड्राइविंग से बचें और गाड़ी के ब्रेक, टायर, लाइट और जरूरी कागजात पहले जाँच लें।
नवंबर में पहाड़ी इलाकों में सुबह और रात को ठंड बढ़ सकती है। इसलिए जैकेट, गर्म कपड़े और आरामदायक जूते साथ रखें। यात्रा के दौरान थोड़ा कैश रखना भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि कुछ दूर-दराज के इलाकों में डिजिटल पेमेंट या मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता। अगर आपका मकसद प्रदूषण और शोर से ब्रेक लेना है, तो ऐसी जगह चुनें जहाँ बहुत ज्यादा भीड़ और पटाखों का शोर न हो। साथ ही, स्थानीय नियमों का पालन करें और जंगल या पहाड़ी इलाकों में कचरा बिल्कुल न फैलाएँ। Weekend Getaways
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- अपनी छुट्टी के हिसाब से जगह चुनें। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन हैं, तो नीमराना, मथुरा या आगरा जैसे विकल्प चुनें। पहाड़ों की लंबी यात्रा के लिए कम से कम तीन से चार दिन रखें।
- बुकिंग आखिरी समय पर न छोड़ें। दिवाली के आसपास नैनीताल, मसूरी, जयपुर और जिम कॉर्बेट में होटल जल्दी भर सकते हैं। कमरे और जरूरी गतिविधियाँ पहले बुक करें।
- सफारी और एडवेंचर की जानकारी पहले लें। कॉर्बेट में सफारी जोन की खुलने की तारीख जाँचें। ऋषिकेश में राफ्टिंग या बंजी जंपिंग के लिए अधिकृत ऑपरेटर और सुरक्षा नियमों की जानकारी लें।
- पहाड़ों में मौसम देखकर निकलें। चोपता, लैंसडाउन, मसूरी और नैनीताल जाने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जाँचें। रात में पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें।
- सफर को आरामदायक रखें। जरूरत से ज्यादा जगहें एक ही ट्रिप में शामिल न करें। रास्ते में आराम के लिए समय रखें, थोड़ा कैश साथ रखें और घूमने के दौरान स्थानीय जगहों को साफ रखने का ध्यान रखें।
दिवाली पर घूमने का असली मजा सिर्फ ज्यादा से ज्यादा जगहें देखने में नहीं, बल्कि अपनी रोज की भागदौड़ से थोड़ा समय निकालकर अपनों के साथ अच्छा वक्त बिताने में है। इसलिए अपनी पसंद और छुट्टी के हिसाब से कोई एक जगह चुनिए, सफर की तैयारी कीजिए और इस त्योहार को यादगार बनाइए। Weekend Getaways